सिम कार्ड बेचने वाला लड़का कैसे बना OYO का मालिक?खड़ा कर दिया 16000 करोड़ का साम्राज्य, IPO लाने की तैयारी में कंपनी

ओडिशा के एक छोटे से कस्बे से निकलकर सिर्फ 31 साल की उम्र में 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की नेटवर्थ बनाने वाला रितेश अग्रवाल आज भारत का सबसे युवा सेल्फ मेड अरबपति है. मात्र 19 साल की उम्र में शुरू की गई उनकी कंपनी OYO आज दुनिया की सबसे बड़ी होटल चेन में से एक है. यह कहानी है एक कॉलेज ड्रॉपआउट लड़के की, जिसने 82 लाख रुपये से एक ग्लोबल साम्राज्य खड़ा कर दिया.

16 नवंबर 1993 को ओडिशा के बिस्सम कटक में एक साधारण मारवाड़ी परिवार में जन्मे रितेश तितिलागढ़ में पले-बढ़े. उनके परिवार की रायगड़ा में छोटी सी दुकान थी. बचपन से ही कंप्यूटर और कोडिंग के दीवाने रितेश ने 13 साल की उम्र में कोडिंग शुरू कर दी थी, 16 साल में किताब लिखी और पॉकेट मनी के लिए सिम कार्ड बेचते थे. स्कूलिंग के बाद 2011 में दिल्ली कॉलेज आने के बाद उन्हें समझ आ गया कि किताबी पढ़ाई उनके लिए नहीं है.
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18 साल की उम्र में रितेश ने कॉलेज छोड़ दिया और Oravel Stays नाम से बजट होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म शुरू किया. इस स्टार्टअप को 30 लाख का ग्रांट मिला. फिर 2013 में सिर्फ 19 साल की उम्र में वह एशिया के पहले व्यक्ति बने जिन्हें पेपाल के को-फाउंडर पीटर थिएल की मशहूर Thiel Fellowship मिली. उन्हें 1 लाख डॉलर (लगभग 6.5 करोड़ रुपये तब) का ग्रांट मिला. इसी पैसे और आत्मविश्वास से उन्होंने Oravel को OYO Rooms में बदला.
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मई 2013 में मात्र 82 लाख रुपये लेकर रितेश ने गुरुग्राम में OYO Rooms लॉन्च किया, शुरुआत में सिर्फ 5 होटल थे. आइडिया बहुत साधारण मगर क्रांतिकारी था. लोगों को उनके बजट में होटल मुहैया कराने का प्लान चल गया. कुछ ही महीनों में OYO पूरे भारत में फैल गया.
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2018 तक OYO 80 से ज्यादा देशों में पहुंच चुका था और लाखों कमरे ऑपरेट कर रहा था. उसी साल सॉफ्टबैंक के नेतृत्व में 1 बिलियन डॉलर (लगभग 7,000 करोड़ रुपये) का फंडिंग राउंड हुआ. सिर्फ 24 साल की उम्र में रितेश दुनिया के दूसरे सबसे युवा सेल्फ मेड अरबपति (काइली जेनर के बाद) और भारत के सबसे युवा अरबपति बन गए. आज वह Unacademy, Cars24, Zingbus जैसे दर्जनों स्टार्टअप में निवेश करते हैं. उनकी कुल नेटवर्थ 16000 करोड़ रुपये का है.
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मार्च 2023 में रितेश ने लखनऊ की गीतांशा सूद से शादी की और हाल ही में उन्हें एक बेटा हुआ है. जिस लड़के ने कभी खुद बजट लॉज में रुक-रुक कर भारत घूमा और बाजार में कमी देखी, आज वही लड़का दुनिया की इतनी बड़ी होटल चेन चला रहा है. रितेश अग्रवाल की कहानी साबित करती है कि अगर सपना, हिम्मत और मेहनत हो तो उम्र सिर्फ एक नंबर है. उनकी कंपनी OYO आईपीओ लाने की तैयारी में है.
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