LPG सिलेंडर नियम में बड़ा बदलाव, ग्रामीण इलाकों में 25 दिन की जगह अब 45 दिन में होगी बुकिंग, बढ़ेगी लोगों की परेशानी

ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका असर भारत पर भी दिख रहा है. इसी बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है. अब ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग के लिए कम से कम 45 दिन इंतजार करना होगा.

एलपीजी सिलेंडर Image Credit: money9live

LPG cylinder: ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते टकराव की वजह से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है. इसका असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है. केंद्र सरकार एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग से जुड़े नियमों में लगातार बदलाव कर रही है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ग्रामीण इलाकों में भी सिलेंडर बुकिंग की अवधि बढ़ा दी है. उन्होंने संसद में बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए 45 दिन का अंतराल तय किया गया है यानी एक बार सिलेंडर लेने के बाद उपभोक्ताओं को अगली बुकिंग के लिए कम से कम 45 दिन तक इंतजार करना होगा.

वहीं शहरी इलाकों के लिए बुकिंग का समय 25 दिन रखा गया है. सरकार का कहना है कि यह फैसला पैनिक बुकिंग और जमाखोरी को रोकने के लिए लिया गया है, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति संतुलित तरीके से पहुंच सके.

शहरों में 21 दिन की जगह 25 दिन में बुकिंग

इससे 2 दिन पहले केंद्र सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के मकसद से एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियम में बदलाव किए थे. एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग का समय बढ़ाकर 21 दिन की जगह 25 दिन किया गया. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से यह फैसला इसलिए लिया गया था क्योंकि घरेलू ग्राहक महज 15 दिनों के अंतराल के बाद एलपीजी सिलेंडर बुक करा रहे थे. यह बात सामने आई कि जो लोग पहले 55 दिनों में सिलेंडर बुक कराते थे, उन्होंने अब 15 दिनों में सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया.

घरेलू उपयोग को दी जा रही प्राथमिकता

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य घरों तक ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है. भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60 फीसदी हिस्सा आयात करता है और इस आयात का करीब 90 फीसदी हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है. ऐसी स्थिति में अगर सप्लाई बाधित होती है तो घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया गया है. इसी वजह से औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को मिलने वाली एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति में कुछ कटौती की गई है, ताकि देश के 33 करोड़ से अधिक घरों तक रसोई गैस की नियमित सप्लाई बनी रह सके.

घबराहट में सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं

देश में गैस आपूर्ति के प्रभावित होने की खबरों के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुधवार को कहा था कि घरेलू रसोई गैस की जरूरतें पूरी करने के लिए हमारे पास पर्याप्त भंडार है. लोगों को घबराहट में आकर सिलेंडर बुक करने की कोई जरूरत नहीं है. साथ ही मंत्रालय ने कहा कि घरेलू रिफाइनरी कंपनियों ने भी एलपीजी उत्पादन 25 फीसदी तक बढ़ा दिया है. इसके अलावा भारत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आपूर्ति बाधित होने के बाद नए स्रोतों से कच्चा तेल लेने में भी सफल रहा है.

इसे भी पढे़ं- 3 महीने में बाजार में आएंगे 6.6 लाख करोड़ रुपये के शेयर, 88 IPO का लॉक-इन पीरियड होगा खत्म; निवेशक रखें नजर