EV और रिन्यूएबल एनर्जी बूम से चमक सकते हैं मेटल रीसाइक्लिंग स्टॉक्स, इन 4 शेयरों पर रखें नजर
भारत में मेटल रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री तेजी से ग्रोथ के नए दौर में प्रवेश कर रही है. EV, रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ती मांग से Gravita India और Eco Recycling जैसी कंपनियां फोकस में हैं. सरकार की नई रीसाइक्लिंग नीतियां और रीसाइकल्ड कंटेंट को बढ़ावा देने वाले नियम इस सेक्टर को मजबूत सपोर्ट दे रहे हैं. कॉपर, लेड, एल्यूमीनियम, लिथियम-आयन बैटरी और ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग कारोबार में विस्तार करने वाली कंपनियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है.
Metal Recycling Stocks: भारत में मेटल रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री अब तेजी से एक बड़े अवसर के रूप में उभर रही है. देश में मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के विस्तार के साथ कॉपर, एल्यूमीनियम और लेड जैसी नॉन-फेरस मेटल्स की मांग लगातार बढ़ रही है. इसी वजह से मेटल रीसाइक्लिंग कंपनियों को आने वाले वर्षों में मजबूत ग्रोथ का फायदा मिल सकता है. सरकार भी इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां लागू कर रही है, जिससे इंडस्ट्री की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं. रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री को सबसे बड़ा फायदा सरकार के नए नियमों से मिलने वाला है. सरकार ने नॉन-फेरस मेटल्स से बनने वाले प्रोडक्ट्स में न्यूनतम रीसाइकल्ड कंटेंट अनिवार्य करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. आने वाले वर्षों में कॉपर और एल्यूमीनियम में रीसाइकल्ड कंटेंट की सीमा धीरे-धीरे बढ़ाई जा सकती है.
Gravita India पर निवेशकों की नजर
Gravita India इस सेक्टर की सबसे तेजी से बढ़ती कंपनियों में शामिल है. कंपनी लेड, एल्यूमीनियम, प्लास्टिक और रबर रीसाइक्लिंग कारोबार में सक्रिय है. कंपनी का मुख्य कारोबार लेड रीसाइक्लिंग से आता है, जो कुल रेवेन्यू में लगभग 88 फीसदी योगदान देता है. कंपनी अब वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ा रही है, जिससे मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद है.
Equitymaster की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी एफवाई29 तक अपनी कुल रीसाइक्लिंग क्षमता को 8 लाख एमटीपीए से अधिक तक बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है. इसके अलावा कंपनी कॉपर और लिथियम-आयन बैटरी रीसाइक्लिंग कारोबार में भी विस्तार कर रही है. हाल ही में कंपनी ने राष्ट्रीय मेटल इंडस्ट्रीज में हिस्सेदारी खरीदी है, जिससे कॉपर बिजनेस में इसकी पकड़ मजबूत होगी. कंपनी का शेयर शुक्रवार को 0.25 फीसदी गिरकर 1639.70 रुपये पर पहुंच गया है.
Jain Resource Recycling का विस्तार
Jain Resource Recycling भी इस सेक्टर में तेजी से विस्तार कर रही है. कंपनी कॉपर, लेड और एल्यूमीनियम रीसाइक्लिंग कारोबार में सक्रिय है. कंपनी अब वैल्यू एडेड कॉपर प्रोडक्ट्स जैसे कॉपर कैथोड, वायर रॉड और इंजीनियरिंग प्रोफाइल पर फोकस बढ़ा रही है. इससे कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में सुधार की उम्मीद है.
कंपनी लेड-एंटिमनी प्रोसेसिंग प्लांट भी स्थापित कर रही है. इसके अलावा बैटरी रीसाइक्लिंग और प्लास्टिक रीसाइक्लिंग कारोबार में भी विस्तार किया जा रहा है. कंपनी 120 से अधिक देशों से स्क्रैप सोर्स करती है और इसका बड़ा हिस्सा एक्सपोर्ट मार्केट से आता है. अगर शेयर की बात करें, तो शुक्रवार को यह 0.25 फीसदी बढ़कर 384.85 रुपये पर पहुंच गया है.
Pondy Oxides & Chemicals पर भी नजर
Pondy Oxides & Chemicals ने भी अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया है. कंपनी लेड, कॉपर, प्लास्टिक और एल्यूमीनियम रीसाइक्लिंग कारोबार में काम करती है. कंपनी ने हाल ही में अपनी लेड क्षमता बढ़ाई है और कॉपर रीसाइक्लिंग क्षमता को दोगुना करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं.
कंपनी अब लिथियम-आयन बैटरी, ई-वेस्ट और रबर रीसाइक्लिंग में भी अवसर तलाश रही है. मैनेजमेंट ने 2030 तक मजबूत रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ का लक्ष्य रखा है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 2.33 फीसदी बढ़कर 1482.20 रुपये पर पहुंच गया है.
Eco Recycling पर भी फोकस
Eco Recycling यानी ईकोरेको भारत की प्रमुख ई-वेस्ट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल है. कंपनी गोल्ड, सिल्वर, कॉपर, लिथियम और कोबाल्ट जैसे कीमती मेटल्स को इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट से रिकवर करती है. कंपनी ने लिथियम-आयन बैटरी रीसाइक्लिंग और ब्लैक मास प्रोडक्शन में भी एंट्री कर ली है.
कंपनी पूरे भारत में डोर-टू-डोर ई-वेस्ट कलेक्शन नेटवर्क तैयार करने पर काम कर रही है. इससे आने वाले समय में कंपनी के बिजनेस वॉल्यूम में तेजी आने की उम्मीद है. शुक्रवार को इसका शेयर 4.22 फीसदी गिरकर 438.05 रुपये पर पहुंच गया है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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