19/05/2026
Tejaswita Upadhyay
क्या आप रोज ट्रेन से सफर करते हैं? रेलवे स्टेशन की कुछ चीजे हमारे सामने रोज आती हैं, लेकिन हम उनके पीछे का असली मकसद नहीं जानते. आइए जानते हैं ऐसे ही 8 अनोखे और काम के फैक्ट्स.
ट्रेन के डिब्बों की छत पर गोल जालीदार ढक्कन होते हैं. ये डिब्बे के अंदर की गर्म हवा को बाहर निकालते हैं ताकि यात्रियों का दम न घुटे.
पटरी के किनारे लगे इस बोर्ड का मतलब 'ह्विसिल फॉर लेवल क्रॉसिंग' है. इसे देखकर ड्राइवर हॉर्न बजाता है ताकि आगे मानव रहित फाटक पर हादसा न हो.
पटरियों के बीच नुकीले पत्थर बिछे होते हैं. ये ट्रेन का वजन संभालते हैं, पटरियों को फैलने से रोकते हैं और झाड़ियों को उगने नहीं देते.
डिब्बे के बाहर लिखा 5 अंकों का नंबर उसकी उम्र बताता है. पहले दो अंक उसके बनने का साल और आखिरी तीन अंक उसकी क्लास दर्शाते हैं.
इन 5 अंकों को पढ़कर आप तुरंत समझ सकते हैं कि कोच कितना पुराना है, जिससे सफर के दौरान आपकी सुरक्षा और सुविधा का अंदाजा मिल जाता है.
स्टेशन के पीले बोर्ड पर 'जंक्शन' लिखे होने का मतलब है कि उस स्टेशन से ट्रेनों के आने-जाने के लिए कम से कम तीन अलग रास्ते निकलते हैं.
दो पटरियों के मिलने वाली जगह पर 'FM' लिखा पत्थर होता है. यह ट्रेन को सुरक्षित दूरी पर खड़ा करने का निशान है ताकि दूसरी ट्रेन न टकराए.
प्लेटफॉर्म पर ऊपर लगे छोटे डिस्प्ले बोर्ड यात्रियों को उनके डिब्बे (जैसे A1, S3) की सटीक लोकेशन बताते हैं ताकि स्टेशन पर भगदड़ न मचे.