08 June 2026
Pradyumn Thakur
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी ताजा मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही बनाए रखने का फैसला किया है. रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने का मतलब है कि फिलहाल बैंकों की होम लोन ब्याज दरों में भी कोई बदलाव नहीं होगा. इससे नए और पुराने दोनों तरह के होम लोन ग्राहकों को राहत मिली है क्योंकि उनकी EMI में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी.
रेपो रेट वह ब्याज दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है. जब रेपो रेट बढ़ता है तो बैंकों के लिए पैसा महंगा हो जाता है और वे ग्राहकों के लिए लोन की ब्याज दरें बढ़ा देते हैं. वहीं रेपो रेट घटने पर होम लोन और अन्य कर्ज सस्ते हो जाते हैं. इस बार रेपो रेट स्थिर रहने से लोन दरें भी पहले जैसी बनी हुई हैं.
सरकारी बैंकों में फिलहाल सबसे सस्ता होम लोन Bank of India दे रहा है. बैंक की शुरुआती ब्याज दर 7.10 प्रतिशत है. इसके बाद Canara Bank 7.15 प्रतिशत, Punjab National Bank 7.20 प्रतिशत, Bank of Baroda 7.20 प्रतिशत और SBI 7.25 प्रतिशत की शुरुआती दर पर होम लोन दे रहे हैं. कम ब्याज दर की वजह से इन बैंकों की मांग बनी रह सकती है.
निजी बैंकों में Federal Bank सबसे कम 7.30 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन दे रहा है. इसके बाद Kotak Mahindra Bank 7.60 प्रतिशत, HDFC Bank और IDFC First Bank 7.75 प्रतिशत जबकि Axis Bank 8 प्रतिशत की शुरुआती दर पर होम लोन उपलब्ध करा रहा है. निजी बैंकों की दरें आमतौर पर सरकारी बैंकों से थोड़ी ज्यादा हैं.
हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में LIC Housing Finance सबसे कम 7.15 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन दे रही है. Bajaj Housing Finance 7.25 प्रतिशत, PNB Housing Finance 7.75 प्रतिशत और Aadhar Housing Finance 8.50 प्रतिशत की शुरुआती दर पर कर्ज दे रही हैं. ग्राहक अपनी जरूरत और पात्रता के अनुसार विकल्प चुन सकते हैं.
अगर केवल ब्याज दरों की बात करें तो Bank of India, LIC Housing Finance और Canara Bank सबसे सस्ते होम लोन देने वालों में शामिल हैं. इन संस्थानों की शुरुआती दरें 7.10 से 7.15 प्रतिशत के बीच हैं. ऐसे में नया घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए ये विकल्प ज्यादा आकर्षक साबित हो सकते हैं.
RBI का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कई तरह की अनिश्चितताएं बनी हुई हैं. मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और सप्लाई चेन की दिक्कतें महंगाई और आर्थिक विकास दोनों पर असर डाल सकती हैं. इसलिए केंद्रीय बैंक ने फिलहाल रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है.
RBI ने रुपये को मजबूती देने और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए कई कदमों की घोषणा की है. इनमें सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले कुछ विदेशी निवेशकों को टैक्स राहत देना और एनआरआई जमा पर विशेष सुविधाएं देना शामिल है. इससे विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है.
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में RBI महंगाई, वैश्विक हालात और आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखेगा. यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो भविष्य में ब्याज दरों पर फैसला लिया जा सकता है. फिलहाल होम लोन लेने वालों के लिए राहत की बात यह है कि ब्याज दरें स्थिर बनी हुई हैं.