29 March2026
Tejaswita Upadhyay
Bitcoin हालिया सत्रों में गिरकर करीब 66,000 डॉलर के आसपास आ गया और इस दौरान इसने अपना 200-day moving average और साल का औसत स्तर भी तोड़ दिया, जो ट्रेडर्स के लिए ट्रेंड का अहम संकेत माना जाता है.
इन अहम तकनीकी स्तर के टूटने से बाजार में शॉर्ट टर्म दबाव बढ़ा है. यह गिरावट बड़े पैमाने पर मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितता और लिक्विडिटी टाइट होने के कारण देखी जा रही है.
हालांकि गिरावट आई है, लेकिन बाजार में पैनिक सेलिंग नहीं दिखी. कीमतें धीरे-धीरे गिरी हैं और अब 60,000 डॉलर के मिड रेंज में स्थिर होती नजर आ रही हैं, जो मजबूत सपोर्ट का संकेत है.
विश्लेषकों के मुताबिक, Bitcoin इस समय एक अहम मोड़ पर खड़ा है. तकनीकी कमजोरी के बावजूद अगले हफ्ते 68,000 डॉलर तक रिकवरी की उम्मीद बताती है कि डिमांड अभी भी बनी हुई है.
Bitcoin का ट्रेंड अब काफी हद तक ग्लोबल संकेतों पर निर्भर है. निवेशकों का जोखिम लेने का मूड और दुनिया भर की आर्थिक स्थिति इसकी दिशा तय कर रही है.
पिछले हफ्ते क्रिप्टो बाजार में पहले स्थिरता थी, फिर अचानक गिरावट आई और बाद में रिकवरी दिखी. यह उतार-चढ़ाव ग्लोबल मार्केट की कमजोरी, खासकर एशियाई इक्विटी बाजारों से जुड़ा रहा.
बड़े निवेशकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है. BlackRock और MicroStrategy जैसे दिग्गज Bitcoin में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं, जो लॉन्ग टर्म सपोर्ट देता है.
विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल बाजार कंसोलिडेशन फेज में है, जहां 50,000 से 70,000 डॉलर के बीच ट्रेडिंग हो रही है. ऐसे में तेज उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए छोटे निवेशकों को लीवरेज से बचना चाहिए.