30/03/2026
Tejaswita Upadhyay
डिजिटल करेंसी के ₹5, ₹20 और ₹200 जैसे तमाम नोट पहली नजर में फिजिकल नोट जैसे लगते हैं, लेकिन ध्यान से देखने पर इनका डिजाइन थोड़ा अलग दिखता है. यह ज्यादा क्लीन, सिंपल और स्क्रीन-फ्रेंडली ग्राफिक्स के साथ आता है.
सबसे बड़ा अंतर यह है कि इन डिजिटल नोट्स में महात्मा गांधी की तस्वीर नहीं होती, जो आमतौर पर हर फिजिकल नोट पर दिखाई देती है. इससे यह तुरंत पहचान में आ जाता है कि यह डिजिटल करेंसी है.
फिजिकल नोट्स की तरह इसमें कोई यूनिक सीरियल नंबर नहीं दिखता. यानी हर डिजिटल नोट अलग-अलग नंबर के साथ ट्रैक नहीं होता, जिससे इसका फॉर्मेट ज्यादा सिंपल और टेक-आधारित हो जाता है.
₹5, ₹20 और ₹200 के डिजिटल नोट्स में डिजाइन लगभग एक जैसा होता है. फर्क सिर्फ रंग और वैल्यू (denomination) का होता है, जिससे यूजर को पहचानने में आसानी रहती है.
हर डिजिटल नोट पर एक खास लोगो दिखाई देता है, जिस पर लिखा होता है “Cash but Digital”. यह इस बात को दर्शाता है कि यह करेंसी कैश जैसी है, लेकिन पूरी तरह डिजिटल फॉर्म में मौजूद है.
हालांकि डिजाइन अलग है, लेकिन हर नोट पर Reserve Bank of India का नाम और गारंटी लाइन दी होती है. इससे यह साफ होता है कि यह करेंसी RBI द्वारा जारी की गई आधिकारिक मुद्रा है.
ये नोट सिर्फ मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देते हैं, जैसे आपने तस्वीर में देखा. यूजर अपने e₹ वॉलेट में इन्हें देख सकता है और बैलेंस भी वहीं दिखता है, जो फिजिकल पर्स जैसा अनुभव देता है. नोट के साथ आप सिक्के भी देख सकते हैं.
डिजिटल करेंसी का डिजाइन और इस्तेमाल इस तरह बनाया गया है कि यह बिल्कुल नकद जैसा लगे. इसमें तुरंत पेमेंट, छोटे अमाउंट का लेन-देन और आसान यूज जैसी सुविधाएं मिलती हैं, जो कैश के अनुभव को डिजिटल में बदल देती हैं.