16 Feb 2026
Pradyumn
Senior Citizens Savings Scheme यानी SCSS एक सरकारी योजना है, जो खास तौर पर बुजुर्ग लोगों के लिए बनाई गई है. ताकि रिटायरमेंट के बाद उन्हें हर महीने या हर तिमाही में नियमित आय मिलती रहे और उनकी बचत सुरक्षित रहे क्योंकि इसमें सरकार की गारंटी होती है. इसलिए इसमें पैसा डूबने का खतरा बहुत कम होता है और यह योजना बैंक या पोस्ट ऑफिस दोनों जगह आसानी से खुल जाती है.
इस योजना में 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोग खाता खोल सकते हैं. लेकिन जो लोग 55 से 60 साल के बीच VRS या रिटायरमेंट ले चुके हैं वे भी कुछ शर्तों के साथ इसमें निवेश कर सकते हैं. वहीं डिफेंस से रिटायर लोग 50 साल के बाद भी इसमें खाता खोल सकते हैं और पति पत्नी मिलकर जॉइंट अकाउंट भी बना सकते हैं, जिससे परिवार की इनकम सेफ रहती है.
SCSS में निवेश करने के लिए कम से कम 1000 रुपये से शुरुआत की जा सकती है और इसके बाद 1000 के गुणा में पैसा जमा किया जा सकता है वहीं अधिकतम निवेश सीमा 30 लाख रुपये तक है जिससे रिटायर व्यक्ति अपने पूरे फंड को सुरक्षित जगह रख सकता है और इस योजना से नियमित ब्याज कमाकर खर्च चला सकता है.
इस योजना में सरकार समय समय पर ब्याज दर तय करती है और अभी के समय में SCSS पर लगभग 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है, जो अन्य सुरक्षित योजनाओं से ज्यादा माना जाता है और यह ब्याज हर तीन महीने यानी तिमाही में आपके खाते में आता है जिससे बुजुर्गों को नियमित आय मिलती रहती है और उन्हें पैसे की कमी नहीं होती है.
SCSS में आपको ब्याज हर साल नहीं बल्कि हर तीन महीने में मिलता है, यानी अप्रैल जुलाई अक्टूबर और जनवरी में आपके खाते में ब्याज जमा किया जाता है इससे आपको बार बार पैसा मिलता रहता है और इसे आप मासिक खर्च के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं इसलिए यह योजना उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जिन्हें नियमित आय की जरूरत होती है.
अगर आप SCSS में 30 लाख रुपये निवेश करते हैं और ब्याज दर 8.2 प्रतिशत है तो आपको साल भर में लगभग 2 लाख 46 हजार रुपये ब्याज मिलेगा जिसे अगर महीने में बांटें तो करीब 20500 रुपये हर महीने की आय बनती है. इस तरह आप बिना जोखिम के आराम से हर महीने 20000 रुपये से ज्यादा कमा सकते हैं और अपना खर्च चला सकते हैं.
SCSS खाते की अवधि 5 साल होती है यानी 5 साल बाद आप अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं. लेकिन अगर आप चाहें तो इसे 3 साल के लिए और बढ़ा सकते हैं. इससे आपको लंबे समय तक नियमित आय मिलती रहती है और आपको बार बार निवेश करने की जरूरत नहीं पड़ती है. इसलिए यह रिटायर लोगों के लिए आसान और सुरक्षित विकल्प बन जाता है.
SCSS में निवेश करने पर आपको आयकर में छूट भी मिलती है, क्योंकि इसमें जमा किया गया पैसा धारा 80C के तहत आता है और आप 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट ले सकते हैं. इससे आपकी टैक्स बचत होती है और आपकी कुल इनकम पर कम टैक्स देना पड़ता है. इसलिए यह योजना निवेश और टैक्स दोनों के लिए फायदेमंद होती है.
इस योजना में मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री नहीं होता है, बल्कि इसे आपकी कुल आय में जोड़कर टैक्स लगाया जाता है. अगर आपका कुल इनकम ज्यादा है तो आपको उस हिसाब से टैक्स देना होगा लेकिन अगर आपकी आय बेसिक छूट सीमा से कम है तो आपको ब्याज पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है, जिससे यह और फायदेमंद बन जाता है.
अगर SCSS से मिलने वाला ब्याज साल में 1 लाख रुपये से ज्यादा होता है, तो बैंक या पोस्ट ऑफिस 10 प्रतिशत TDS काट लेते हैं. लेकिन अगर आपकी कुल आय टैक्स सीमा से कम है. तो आप फॉर्म 15H जमा करके TDS कटने से बच सकते हैं. इससे आपका पूरा ब्याज आपके खाते में आता है और आपको बाद में रिफंड के लिए परेशान नहीं होना पड़ता.