30/11/2025
Satish Vishwakarma
पर्सनल लोन सिर्फ कैश की कमी दूर करने का तरीका नहीं है. बल्कि इसे सही तरह से इस्तेमाल करना भी है. जैसे हाई-इंटरेस्ट डेट को रिप्लेस करना, बेहतर रेट लेना या EMI को व्यवस्थित करना. क्योंकि यह हमारे कुल इंटरेस्ट खर्च घटा सकता है और मंथली बोझ भी कम कर सकता है.
अगर आपके पास कई लोन या क्रेडिट कार्ड का भारी ब्याज वाला बकाया है, तो कम ब्याज दर वाला पर्सनल लोन लेकर सबको एक जगह जोड़ सकते हैं. इससे EMI आसान हो जाती है और कुल ब्याज भी कम हो सकता है.
हाई-इंटरेस्ट डेट को कंसॉलिडेट करें
लंबी टेन्योर EMI तो कम करती है, लेकिन कुल ब्याज बढ़ाती है. छोटी टेन्योर में EMI थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन आपका इंटरेस्ट बहुत कम हो जाता है.
छोटी टेन्योर रखें, कम ब्याज दें
हर उधार बुरा नहीं होता. अगर आप ऐसा खर्च कर रहे हैं जो आपकी कमाई बढ़ाएगा—जैसे कोई ट्रेनिंग या प्रोफेशनल टूल्स तो यह निवेश जैसा है. भारत में कई लेंडर्स लगभग 9.99 फीसदी प्रति वर्ष से पर्सनल लोन दे रहे हैं.
लो-इंटरेस्ट
कम इंटरेस्ट रेट लेना ही बचत का सबसे आसान तरीका है. अच्छा क्रेडिट स्कोर, कम डेट-टू-इनकम रेशियो और स्थिर नौकरी—ये सब बेहतर रेट दिलाते हैं. कई लेंडर्स की तुलना करें और संभव हो तो नेगोशिएशन भी करें.
रेट पर निगोशिएट करें
प्रीपेमेंट से सीधे आपके प्रिंसिपल अमाउंट में कमी आती है, जिससे कुल ब्याज घट जाता है. बोनस, टैक्स रिफंड या किसी भी अतिरिक्त पैसे से थोड़ा-थोड़ा प्रीपेमेंट करने से टेन्योर कम होता है और काफी बचत होती है.
मौका मिले तो प्रीपेमेंट करें