इन योजनाओं से बदल रही है महिलाओं की आर्थिक तस्वीर!

08 march 2026

Tejaswita Upadhyay

भारत में महिलाएं

भारत में महिलाएं तेजी से आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं. स्वयं सहायता समूहों, छोटे कारोबार और डिजिटल फाइनेंस के बढ़ते उपयोग ने महिलाओं को नए अवसर दिए हैं, जिससे वे अब अपने दम पर कमाई और कारोबार दोनों को आगे बढ़ा रही हैं.

सरकार से मदद

हाल के वर्षों में सरकारी योजनाओं, फिनटेक कंपनियों की पहल और डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल ने इस बदलाव को और गति दी है. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के मौके पर कई पहलें महिलाओं की आर्थिक आजादी को मजबूत कर रही हैं.

लखपति दीदी योजना 

ये योजना ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने पर केंद्रित है. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इस योजना का लक्ष्य 2029 तक दो करोड़ महिलाओं को सालाना कम से कम एक लाख रुपये कमाने में सक्षम बनाना है.

प्रधानमंत्री आवास योजना 

PMAY केवल घर देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को संपत्ति में मालिकाना हक देकर उन्हें आर्थिक सुरक्षा भी देती है. इससे महिलाओं को संपत्ति के आधार पर कर्ज लेने और दीर्घकालिक संपत्ति बनाने में मदद मिलती है.

उड़ान क्रॉनिकल्स

उड़ान क्रॉनिकल्स पहल छोटे कारोबारियों, खासकर ग्रामीण और टाउन की महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देती है. इसके जरिए महिलाओं को बिजनेस मैनेजमेंट, डिजिटल भुगतान और वित्तीय प्रणाली की जानकारी देकर उनके कारोबार को बढ़ाने में मदद मिलती है.

डिजिटल नारी प्रोग्राम

डिजिटल नारी प्रोग्राम महिलाओं को अपने समुदाय में बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने का मौका देता है. इस पहल से जुड़ी महिलाएं डिजिटल लेन-देन, बीमा, बैंकिंग और अन्य सेवाएं देकर खुद भी नियमित आय अर्जित कर रही हैं.

STEP

सपोर्ट टू ट्रेनिंग एंड एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम (STEP) महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता के लिए जरूरी कौशल सिखाने पर केंद्रित है. इस योजना के तहत कृषि, हस्तशिल्प, हॉस्पिटैलिटी और आईटी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है.

प्रोगशक्ति पहल

प्रोगशक्ति पहल महिला उद्यमियों को बिना गारंटी के कार्यशील कैपिटल लोन उपलब्ध कराने पर केंद्रित है. इसके जरिए महिलाओं को कारोबार शुरू करने और बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण दोनों मिलते हैं, जिससे उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ती है.