02 march 2026
pradyumn thakur
अगर आपने शेयर 12 महीने से पहले बेचकर मुनाफा कमाया है तो इसे शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन माना जाता है और इस पर 20% टैक्स लगता है साथ में सेस और सरचार्ज भी देना पड़ सकता है
यह 20% टैक्स तभी लागू होता है जब शेयर बेचते समय सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT दिया गया हो ऐसे ज्यादातर शेयर बाजार के ट्रेड में यह टैक्स पहले से शामिल रहता है
अगर आपकी कुल आय सिर्फ शेयर से हुई कमाई है और वह बेसिक छूट सीमा से कम है तो आपको कोई टैक्स नहीं देना पड़ सकता है इससे छोटे निवेशकों को राहत मिलती है
पुराने टैक्स सिस्टम में 2.5 लाख और नए सिस्टम में 4 लाख तक की आय पर टैक्स नहीं लगता इस छूट को आप अपने शॉर्ट टर्म गेन पर भी लागू कर सकते हैं
अगर आपकी कुल आय छूट सीमा से ज्यादा हो जाती है तो सिर्फ अतिरिक्त हिस्से पर ही 20% टैक्स लगेगा यानी पूरी रकम पर टैक्स नहीं लगता बल्कि बची हुई राशि पर टैक्स देना होता है.
शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर सेक्शन 87A की छूट नहीं मिलती है क्योंकि यह स्पेशल टैक्स रेट में आता है इसलिए इसमें अलग नियम लागू होते हैं और सामान्य रिबेट नहीं मिलती.
HUF यानी हिंदू अविभाजित परिवार एक अलग टैक्सपेयर माना जाता है इसमें निवेश करने पर उसकी आय अलग मानी जाती है और उसे भी अलग टैक्स स्लैब और छूट सीमा का फायदा मिलता है
अगर HUF अपने पैसे से निवेश करके ब्याज या कूपन कमाता है तो वह आय अन्य स्रोत में गिनी जाती है और उस पर उसी के स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है जिससे टैक्स प्लानिंग हो सकती है