नौकरी बदली तो कई PF अकाउंट बन गए? ऐसे करें सबको एक में मर्ज

14 March 2026

Satish Vishwakarma 

PF अकाउंट?

जब कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है तो अक्सर उसके UAN के साथ नया PF अकाउंट बन जाता है. UAN वही रहता है, लेकिन हर नई कंपनी अलग PF अकाउंट बना सकती है.

अगर आपके पास कई PF अकाउंट हैं तो वे अपने-आप एक में मर्ज नहीं होते. कर्मचारी को खुद EPFO के पोर्टल पर जाकर पुराने PF अकाउंट का बैलेंस नए अकाउंट में ट्रांसफर करने का अनुरोध करना पड़ता है. 

नहीं होते अपने-आप मर्ज 

सभी PF अकाउंट को एक में जोड़ने से आपकी रिटायरमेंट सेविंग एक जगह रहती है. इससे इनएक्टिव अकाउंट, पैसे निकालने में देरी और योगदान ट्रैक करने में होने वाली दिक्कतें भी नहीं आतीं.

क्यों है जरूरी?

EPF एक सरकारी बचत योजना है जिसे Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) संचालित करता है. इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 12%-12% योगदान करते हैं.

EPF क्या है?

FY 2025-26 के लिए EPF की ब्याज दर 8.25 फीसदी प्रति वर्ष है. यह ब्याज हर महीने बैलेंस पर कैलकुलेट होता है, लेकिन वित्त वर्ष के अंत में खाते में जोड़ा जाता है. 

EPF पर कितना मिलता है ब्याज?

सबसे पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और अपने UAN और पासवर्ड से लॉग-इन करें. अगर पासवर्ड भूल गए हैं तो reset option का उपयोग करें.

 शुरुआत कैसे करें?

लॉग-इन करने के बाद Online Services टैब में ‘One Member One EPF Account’ लिंक चुनें. यहां आपकी पर्सनल जानकारी और मौजूदा नियोक्ता का EPF अकाउंट दिखाई देगा.

 यह विकल्प चुनें

अब जरूरी जानकारी भरें, जिसमें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और UAN नंबर शामिल है. इसके बाद जनरेट ओटीपी पर क्लिक करें और मोबाइल पर आए OTP से वेरिफिकेशन पूरा करें.

OTP से करें वेरिफिकेशन

नई विंडो में अपने पुराने EPF अकाउंट की जानकारी भरें जिन्हें मर्ज करना है. घोषणा बॉक्स पर टिक करने के बाद सबमिट करें. इसके बाद मौजूदा नियोक्ता अनुरोध को मंजूरी देगा और EPFO पुराने PF अकाउंट को नए अकाउंट में मर्ज कर देगा. 

पुराने PF अकाउंट जोड़कर सबमिट करें