30 August 2025
Satish Vishwakarma
हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद लोगों का सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि रिफंड कब मिलेगा. आइए जानते हैं रिफंड मिलने लेने का पूरा प्रोसेस क्या है.
ITR फाइल करने के बाद प्रोसेस तभी आगे बढ़ता है जब आप इसे ई-वेरिफाई करते हैं. ई-वेरिफिकेशन के बिना टैक्स डिपार्टमेंट आपकी रिटर्न प्रोसेस नहीं करेगा और रिफंड भी नहीं आएगा.
पहला कदम
IT डिपार्टमेंट आपके ITR को ई-वेरिफाई होने के बाद ही चेक करता है. इसमें आमतौर पर 7 से 21 वर्किगं डेज में प्रोसेस शुरू होता है. इसके बाद 4 से 5 हफ्ते में रिफंड हमारे बैंक अकाउंट में आ सकता है.
रिफंड कब तक प्रोसेस होता है
अगर आपका बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेटेड है, तो रिफंड जल्दी प्रोसेस होगा और गलत अकाउंट डिटेल या मिस्टेक की वजह से पेमेंट रुक सकता है.
बैंक अकाउंट का प्री-वैलिडेशन क्यों जरूरी
रिफंड में देरी होने के कई कारण हो सकते है, इनमें बैंक डिटेल्स या IFSC कोड में गलती. ई वेरिफिकेशन का न होना या फिर गलत जानकारी या डॉक्यूमेंट दे देना.
रिफंड में देरी के कारण
इसके तहत सबसे पहले ITR फाइल करना फिर ई-वेरिफिकेशन करना उसके बाद टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा रिटर्न प्रोसेस करना उसके बाद ई-वेरिफिकेशन करना तथा टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा रिटर्न प्रोसेस करना.
क्या है ITR रिफंड का पूरा प्रोसेस
सबसे पहले आप IT पोर्टल पर जाएं. जहां आप अपना यूजर ID और पासवर्ड से लॉगिन करें. उसके बाद ‘e-File’ → ‘Income Tax Returns’ → ‘View Filed Returns’ पर क्लिक पर करें. स्टेटस देखें और ‘View Details’ में रिफंड की जानकारी देखें.
रिफंड स्टेटस ऐसे चेक करें