16/02/2026
VIVEK SINGH
आज लोग डिजिटल बैंकिंग और कैशलेस ट्रांजैक्शन को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. सेविंग अकाउंट के साथ डेबिट कार्ड मिल जाता है और अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री पर क्रेडिट कार्ड भी आसानी से मिल जाता है.
डेबिट और क्रेडिट कार्ड ने जिंदगी आसान की है, लेकिन स्कैम के मामले भी तेजी से बढ़े हैं. कई बार ATM से पैसे निकालते समय या बाद में अकाउंट से अनजान ट्रांजैक्शन हो जाते हैं.
ATM फ्रॉड के मामले बढ़े
कुछ लोग हर ट्रांजैक्शन के बाद कैंसल बटन दबाते हैं और मानते हैं कि इससे PIN सुरक्षित रहता है. असल में कैंसल बटन का PIN सुरक्षा से सीधा संबंध नहीं होता.
कैंसल बटन को लेकर भ्रम
ATM मशीन में एन्क्रिप्शन सिस्टम होता है. PIN डालते ही वह कोड में बदलकर बैंक सर्वर तक जाता है. ट्रांजैक्शन पूरा होते ही डेटा सिस्टम से हट जाता है, इसलिए PIN सीधे चोरी नहीं होता.
ATM में PIN कैसे सुरक्षित रहता है
कैंसल बटन का उपयोग ट्रांजैक्शन को बीच में रोकने के लिए होता है. अगर आपने गलत विकल्प चुन लिया है या आगे बढ़ना नहीं चाहते, तो इसे दबाकर प्रक्रिया रोक सकते हैं.
कैंसल बटन का असली काम
कुछ ATM में तकनीकी खराबी या पुराना सॉफ्टवेयर हो सकता है. कई बार कार्ड निकालने के बाद भी सेशन एक्टिव रह सकता है. कैंसल दबाने से सेशन तुरंत बंद हो जाता है.
फिर भी क्यों दबाएं कैंसल प
ठग ATM में स्कीमर डिवाइस या हिडन कैमरा लगाकर कार्ड डेटा और PIN रिकॉर्ड करते हैं. नकली कीपैड भी लगाया जा सकता है. इसलिए PIN डालते समय कीपैड को हाथ से कवर करें.
स्कीमर और हिडन कैमरा से सावधान
कुछ अपराधी कैश डिस्पेंसर में चिपचिपी पट्टी लगाकर नोट फंसा देते हैं. आपको लगता है मशीन खराब है और आप चले जाते हैं. अगर कैश न निकले तो मशीन को ध्यान से जांचें और बैंक को सूचना दें.
कैश ट्रैपिंग से बचें