04/01/2026
VIVEK SINGH
NOC या No Objection Certificate लोन पूरी होने के बाद सबसे पहला कदम है. यह दस्तावेज प्रमाण है कि आपकी EMI पूरी हो गई है और बैंक का गाड़ी पर कोई हक नहीं है.
गाड़ी की RC पर बैंक का नाम दर्ज होता है जिसे हाइपोथेकेशन कहते हैं. लोन खत्म होने के बाद फॉर्म 35 जमा कर RTO से बैंक का नाम हटवाएं. तभी आप कानूनी रूप से गाड़ी के मालिक बनेंगे.
नई RC और NOC दिखाकर बीमा कंपनी को अपडेट करें. यदि यह स्टेप नजरअंदाज करेंगे तो दुर्घटना या चोरी होने पर क्लेम का पैसा बैंक के नाम जाएगा.
अगर गाड़ी चोरी हो जाती है या दुर्घटना में टोटल लॉस होती है, तो बीमा कंपनी क्लेम आपके नाम की बजाय बैंक को दे सकती है. NOC और फॉर्म 35 के बिना क्लेम अटक सकता है.
लोन बंद होने के बाद क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL) में अपना क्रेडिट स्कोर जरूर चेक करें. अगर लोन ‘Closed’ नहीं दिखा रहा तो बैंक को शिकायत दर्ज कराएं. इससे भविष्य में लोन लेने में दिक्कत नहीं होगी.
NOC के अलावा फॉर्म 35 की दो प्रतियां और लोन क्लोजर स्टेटमेंट बैंक से लें. ये दस्तावेज भविष्य में किसी भी कानूनी या इंश्योरेंस समस्या में काम आएंगे.
अखिरी EMI भरने का मतलब यह नहीं कि आप गाड़ी के पूर्ण मालिक बन गए हैं. फाइनेंस कंपनी से NOC लेने और RC अपडेट करने के बाद ही कानूनी रूप से मालिक बनेंगे.
गाड़ी पर इंश्योरेंस क्लेम सुरक्षित करने के लिए बैंक और RTO से सभी अपडेट पूरा करें. केवल तभी दुर्घटना या चोरी की स्थिति में क्लेम सीधे आपके नाम पर मिलेगा.