05/02/2026
Kumar Saket
विदेश से भारत लौटने वाले यात्रियों, खासकर एनआरआई और भारतीय मूल के लोगों के लिए ज्वेलरी से जुड़े नियम अब पूरी तरह बदल दिए गए हैं. सरकार ने Baggage Rules 2026 के तहत ज्वेलरी पर चल रही पुरानी वैल्यू लिमिट को खत्म कर दिया है और उसकी जगह वजन आधारित छूट लागू कर दी है.
GoI ने नए नियम के तहत ज्वेलरी पर लंबे समय से चली आ रही वैल्यू कैप को पूरी तरह हटा दिया है और उसकी जगह साफ-सुथरा वजन आधारित सिस्टम लागू किया है. अब तक ज्वेलरी लाते समय यात्रियों को उसकी कीमत को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी होती थी. अक्सर एयरपोर्ट पर यह सवाल खड़ा हो जाता था कि ज्वेलरी की कीमत कितनी है.
क्या है नया नियम?
नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई यात्री एक साल से ज्यादा समय तक विदेश में रह चुका है और वह भारत लौट रहा है, तो उसके लिए ज्वेलरी पर ड्यूटी-फ्री छूट अब वजन के आधार पर तय होगी.
ड्यूटी-फ्री छूट
सरकार ने साफ किया है कि महिला यात्री 40 ग्राम तक की ज्वेलरी बिना कस्टम ड्यूटी के ला सकती हैं. अन्य यात्रियों के लिए यह सीमा 20 ग्राम तय की गई है. यानी अब ज्वेलरी की बाजार कीमत कितनी है, इस पर बहस नहीं होगी. सीधा नियम है कि तय वजन के भीतर लाई गई ज्वेलरी ड्यूटी-फ्री मानी जाएगी. पहले कई मामलों में महंगी ज्वेलरी होने के कारण ड्यूटी लग जाती थी, भले ही उसका वजन बहुत ज्यादा न हो.
कितना सोना लाने की है इजाजत
सरकार का मानना है कि यह नया सिस्टम यात्रियों और कस्टम अधिकारियों दोनों के लिए ज्यादा सरल और पारदर्शी रहेगा. वजन को मापना आसान होता है और इससे ज्वेलरी की वैल्यू को लेकर होने वाले विवाद भी कम होंगे. हालांकि, सरकार ने यह भी बिल्कुल साफ कर दिया है कि यह छूट सिर्फ पर्सनल ज्वेलरी तक सीमित है.
क्यों है इसकी जरूरत?
यानी अगर कोई यात्री सोने की ईंट, सिक्के या किसी और गैर-आभूषण रूप में कीमती धातु लेकर आता है, तो उसे ड्यूटी-फ्री ज्वेलरी का फायदा नहीं मिलेगा और उसे अनिवार्य रूप से कस्टम्स में घोषित करना होगा. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह नई व्यवस्था उन यात्रियों के लिए है, जिन्होंने कम से कम एक साल से ज्यादा समय विदेश में बिताया हो.
यह भी जानें
नए नियमों के तहत यात्रियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि अगर वे तय वजन से ज्यादा ज्वेलरी लेकर आते हैं, तो अतिरिक्त ज्वेलरी पर कस्टम ड्यूटी लगेगी और उसे सही तरीके से घोषित करना जरूरी होगा. ज्वेलरी से जुड़े इस बदलाव का मकसद सिर्फ सीमा बढ़ाना नहीं है, बल्कि यात्रियों के लिए प्रोसेस को ज्यादा आसान बनाना भी है.
ज्यादा वजन लाने पर क्या होगा?