100 रुपये के रिचार्ज में चुकाने पड़ते हैं 103? जानें Platform Fees बचाने के 3 जबरदस्त ट्रिक

12/02/2026

Kumar Saket

आजकल सभी लोग अपने मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल, गैस सिलेंडर के बिल को भरने PhonePe, Google Pay, Paytm जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं . लेकिन इन प्लेटफॉर्म पर लोगों को 100 रुपये के रिचार्ज के लिए 102 या 103 रुपये चुकाने पड़ते हैं.

मोबाइल रिचार्ज

इसकी वजह होती है Platform Fees, Convenience Fees या Service Charges. भले ही रकम छोटी लगे, लेकिन बार-बार देने पर यह खर्च बढ़ जाता है. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान तरीकों से इस अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सकता है.

क्या है वजह?

 Bank या Telecom की ऑफिशियल ऐप का इस्तेमाल करें अक्सर थर्ड-पार्टी ऐप्स प्लेटफॉर्म फीस जोड़ देते हैं. वहीं, टेलीकॉम कंपनियों की अपनी ऐप या बैंक की ऑफिशियल ऐप पर कई बार कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता. रिचार्ज या बिल पेमेंट से पहले एक बार अलग-अलग ऐप पर अमाउंट जरूर चेक करें.

थर्ड-पार्टी ऐप्स

UPI या Zero-Fee ऑप्शन चुनें कई प्लेटफॉर्म कार्ड पेमेंट पर फीस लगाते हैं, लेकिन UPI से भुगतान करने पर चार्ज नहीं लेते. पेमेंट करते समय ऑप्शन बदलकर देखें. UPI, नेट बैंकिंग या किसी प्रमोशनल मोड से अक्सर पैसे बच जाते हैं.

UPI या Zero-Fee

Offer और Cashback का करें सही इस्तेमाल कुछ ऐप्स प्लेटफॉर्म फीस तो लगाते हैं, लेकिन बदले में Cashback या डिस्काउंट भी देते हैं. अगर कैशबैक फीस से ज्यादा है, तो नुकसान नहीं होता. पेमेंट से पहले ऑफर सेक्शन जरूर देखें और उसी ऐप का इस्तेमाल करें जहां फायदा ज्यादा हो.

Offer और Cashback

हर बार प्लेटफॉर्म फीस देना मजबूरी नहीं है. थोड़ी समझदारी और सही विकल्प चुनकर आप हर छोटे पेमेंट पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज से बच सकते हैं. अगली बार रिचार्ज या बिल भरते समय जल्दी न करें. एक मिनट का ज्यादा समय आपके पैसे बचा सकता है.

अतिरिक्त चार्ज से बचें