अमेरिका ने खोला 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार, जानिए ट्रेड डील की 7 सबसे जरूरी बातें

07/02/2026

Kumar Saket

भारत और अमेरिका (USA) के बीच बड़ी अंतरिम ट्रेड डील (India US Interim Trade Agreement) हुई है. अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है. कई उत्पादों पर जीरो टैरिफ होगा और 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुलेगा. यह समझौता दोनों देशों के व्यापार को नई दिशा देगा.

India US Trade Deal

इस ट्रेड एग्रीमेंट के तहत कई अहम उत्पादों पर टैरिफ (Trump Tariff News) पूरी तरह जीरो (Zero Tariff Trade Deal) कर दिया जाएगा. इसमें जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, जेम्स और डायमंड्स और एयरक्राफ्ट पार्ट्स शामिल हैं. भारत को सेक्शन 232 के तहत एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर छूट मिलेगी. ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा लागू होगा और जेनेरिक दवाओं पर बातचीत के जरिए समाधान तय किया गया है.

क्या हैं मायने?

भारत ने इस समझौते में अपने संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है. इसमें मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, चीज, एथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस शामिल हैं. इन उत्पादों पर कोई समझौता नहीं किया गया है.

कृषि प्रोडक्ट्स का क्या हुआ?

भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक उत्पादों और कई अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म या कम करेगा. इसमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम जो पशु आहार में इस्तेमाल होता है, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं.

क्या-क्या शामिल है?

दोनों देश एक दूसरे को प्राथमिक बाजार पहुंच देने पर सहमत हुए हैं. इसके लिए रूल्स ऑफ ओरिजिन तय किए जाएंगे ताकि इस समझौते का फायदा मुख्य रूप से भारत और अमेरिका को ही मिले. भारत ने अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेज के व्यापार में आ रही पुरानी बाधाओं को दूर करने पर सहमति दी है. साथ ही सूचना और संचार प्रौद्योगिकी उत्पादों पर आयात लाइसेंस से जुड़ी पाबंदियों को खत्म किया जाएगा.

खत्म होगी पाबंदी

भारत और अमेरिका मानकों और जांच प्रक्रियाओं पर भी चर्चा करेंगे. अगर किसी देश ने भविष्य में टैरिफ बदले तो दूसरा देश अपने कमिटमेंट में बदलाव कर सकेगा. दोनों देश द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट के तहत आगे भी बातचीत जारी रखेंगे ताकि सप्लाई चेन मजबूत हो सके और इनोवेशन को बढ़ावा मिले.

Bilateral Trade Agreement

भारत अगले पांच सालों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स, कीमती धातुएं, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा रखता है. दोनों देश टेक्नोलॉजी ट्रेड को भी तेजी से बढ़ाएंगे जिसमें जीपीयू और डेटा सेंटर से जुड़े उत्पाद शामिल होंगे. डिजिटल ट्रेड में आने वाली बाधाओं को भी हटाने पर सहमति बनी है. इस फ्रेमवर्क को तुरंत लागू किया जाएगा और अंतिम ट्रेड डील की दिशा में काम किया जाएगा.

500 अरब डॉलर की खरीद