लोन गारंटर बनने से पहले जान लें ये 8 जरूरी बातें

11/02/2026

Vivek Singh

लोन गारंटर वह व्यक्ति होता है जो बैंक को यह भरोसा देता है कि यदि उधार लेने वाला किस्त नहीं चुकाता तो वह खुद पूरी राशि चुकाएगा.  

  लोन गारंटर का  मतलब

गारंटर वही व्यक्ति बन सकता है जिसकी क्रेडिट प्रोफाइल अच्छी हो. उसके खिलाफ कोई कानूनी मामला न हो और बैंकिंग रिकॉर्ड साफ हो. बैंक उसकी इनकम, आईटीआर और बैंक स्टेटमेंट की जांच करने के बाद ही मंजूरी देता है.

  कौन बन सकता है गारंटर

भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872 की धारा 128 के अनुसार गारंटर की जिम्मेदारी मूल देनदार के समान होती है. इसका मतलब है कि बैंक सीधे गारंटर से भी पूरा कर्ज वसूल सकता है और कानूनी कार्रवाई कर सकता है.

कानूनी जिम्मेदारी कितनी भारी

अगर उधार लेने वाला किस्त नहीं देता तो बैंक पहले नोटिस भेजता है. इसके बाद गारंटर से वसूली की प्रक्रिया शुरू होती है. जरूरत पड़ने पर बैंक खाते से रकम काटी जा सकती है और कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं.

 डिफॉल्ट होने पर क्या होगा

बॉरोअर के डिफॉल्ट का सीधा असर गारंटर के क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है. इससे भविष्य में लोन या क्रेडिट कार्ड मिलना मुश्किल हो सकता है. बैंक नई लोन एप्लिकेशन को रिजेक्ट भी कर सकता है.

  क्रेडिट स्कोर पर असर

अगर कर्ज की वसूली नहीं हो पाती तो अदालत के आदेश पर गारंटर की संपत्ति जब्त की जा सकती है. बैंक खाता फ्रीज कर सकता है और उसमें जमा रकम से रिकवरी की जा सकती है.

  प्रॉपर्टी और खाते पर खतरा

गारंटर बनने से पहले उधार लेने वाले की विश्वसनीयता, आय और कर्ज चुकाने की क्षमता जरूर जांचें. लोन की शर्तें ध्यान से पढ़ें और उतनी ही राशि के लिए गारंटी दें जिसे जरूरत पड़ने पर आप खुद चुका सकें.

  गारंटर बनने से पहले क्या जांचें