11/01/2026
Kumar Saket
आज के दौर में किसी देश की सैन्य ताकत सैनिकों की संख्या या टैंकों की गिनती से नहीं मापी जाती. आधुनिक सैन्य शक्ति का मूल्यांकन तकनीक, अर्थव्यवस्था, संसाधन और कई कारकों के आधार पर किया जाता है. इसी सोच के तहत Global Firepower ने अपनी 2025 की मिलिट्री स्ट्रेंथ रैंकिंग जारी की है. हर एक देश को PowerIndex स्कोर दिया गया है. इस स्कोर में जितना कम अंक होता है, उस देश की सैन्य शक्ति उतनी ही ज्यादा मानी जाती है.
2025 की इस रैंकिंग में संयुक्त राज्य अमेरिका पहले स्थान पर है. अमेरिका का PowerIndex स्कोर 0.0744 है. अमेरिका के पास दुनिया की सबसे उन्नत और तकनीकी रूप से मजबूत सेना है. इसकी ताकत इसकी विशाल वायु शक्ति, दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना और वैश्विक सैन्य गठबंधनों व ठिकानों के नेटवर्क से आती है.
America
दूसरे स्थान पर रूस है जिसका PowerIndex स्कोर 0.0788 है. रूस के पास दुनिया के सबसे बड़े टैंक, तोपखाने और परमाणु हथियारों का भंडार है. इसकी रणनीतिक मिसाइल फोर्स और विशाल जमीनी सेना इसकी ताकत का मुख्य आधार हैं.
Russia
तीसरे स्थान पर चीन है जिसका स्कोर भी रूस के बराबर 0.0788 है. चीन ने अपनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का तेज़ी से आधुनिकीकरण किया है. अब उसके पास दुनिया का सबसे बड़ा नौसैनिक बेड़ा, उन्नत मिसाइल सिस्टम और नई पीढ़ी की सैन्य तकनीकों पर खास फोकस है.
China
भारत इस लिस्ट में चौथे स्थान पर है और उसका PowerIndex स्कोर 0.1184 है. भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी सक्रिय सेनाओं में से एक है. इसकी सैन्य ताकत मजबूत घरेलू रक्षा उद्योग, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और आयातित व स्वदेशी हथियारों के मिश्रण से बढ़ती है.
India
पांचवें स्थान पर दक्षिण कोरिया है जिसका स्कोर 0.1656 है. लगातार खतरे के बीच दक्षिण कोरिया ने अत्याधुनिक और अच्छी तरह सुसज्जित सेना विकसित की है. इसकी ताकत में तकनीकी क्षेत्र का रक्षा प्रणाली से जुड़ाव, बड़ा रिजर्व फोर्स और आधुनिक वायु व जमीनी सिस्टम शामिल हैं.
South Korea