मोबाइल बैंकिंग करते हैं? तो जानें NEFT, RTGS और IMPS में अंतर

15/02/2026

VIVEK SINGH

पहले बैंक जाकर लंबी लाइन में लगना पड़ता था. अब मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग से घर बैठे पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है. बड़े से बड़ा ट्रांजैक्शन कुछ ही मिनटों में हो जाता है और अकाउंट की पूरी जानकारी तुरंत मिल जाती है.

डिजिटल बैंकिंग ने बदली तस्वीर

NEFT का मतलब नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर है. इसके जरिए देश के किसी भी बैंक खाते में पैसा भेजा जा सकता है. यह बैच सिस्टम पर काम करता है, इसलिए रकम पहुंचने में थोड़ा समय लग सकता है.

NEFT क्या है

NEFT से आप एक रुपये से भी ट्रांसफर शुरू कर सकते हैं. अधिकतम सीमा बैंक और कस्टमर सेगमेंट पर निर्भर करती है. ऑनलाइन ट्रांसफर पर अधिकतर बैंक कोई चार्ज नहीं लेते, लेकिन ब्रांच से करने पर फीस लग सकती है.

NEFT की लिमिट और चार्ज

RTGS का मतलब रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट है. यह बड़ी रकम तुरंत ट्रांसफर करने का तरीका है. इसमें पैसा सीधे और रियल टाइम में बेनिफिशयरी के अकाउंट में पहुंचता है, इसलिए यह बड़े भुगतान के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है.

RTGS क्या है

RTGS के लिए न्यूनतम ट्रांसफर राशि दो लाख रुपये है. इसकी अधिकतम सीमा तय नहीं है. ऑनलाइन मोड में आमतौर पर कोई चार्ज नहीं लगता, लेकिन बैंक ब्रांच से करने पर कुछ फीस ली जा सकती है.

RTGS की लिमिट और चार्ज

IMPS यानी इमीडिएट पेमेंट सर्विस. यह 24 घंटे उपलब्ध सेवा है, जिससे तुरंत पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है. छोटी और मध्यम रकम भेजने के लिए यह सबसे तेज और सुविधाजनक विकल्प माना जाता है.

IMPS क्या है

IMPS में ट्रांसफर लिमिट बैंक पर निर्भर करती है, जो आमतौर पर पांच लाख रुपये तक हो सकती है. कई बैंक डिजिटल ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लेते, लेकिन कुछ मामलों में मामूली फीस लग सकती है.

IMPS की लिमिट और चार्ज पेरू