11/04/2026
Satish Vishwakarma
हर किसी का सपना होता है अपना घर हो. मिडिल क्लास के लिए यह सपना अक्सर होम लोन से पूरा होता है. लेकिन ज्यादातर लोग सिर्फ EMI और ब्याज पर ध्यान देते हैं. असल खर्च तो इसके अलावा छिपा होता है.
प्रोसेसिंग फीस का झटका. जैसे ही आप लोन के लिए आवेदन करते हैं, बैंक प्रोसेसिंग फीस लेता है. यह आमतौर पर लोन का 0.5 फीसदी से 1 फीसदी तक होती है. मोटे तौर पर 50 लाख के लोन पर 25,000 से 50,000 रुपये तक होता है.
प्रोसेसिंग फीस
लीगल और टेक्निकल चार्ज. बैंक प्रॉपर्टी की जांच के लिए वकील और इंजीनियर लगाता है. इसके लिए अलग से 5,000 से 10,000 रुपये तक फीस ली जाती है. यह खर्च भी आपकी जेब से ही जाता है.
लीगल और टेक्निकल चार्ज
स्टाम्प ड्यूटी और मॉर्गेज शुल्क. होम लोन में घर बैंक के पास गिरवी रहता है. इस पर 0.1 फीसदी से 0.5 फीसदी तक स्टैंप ड्यूटी लगती है. बड़ी रकम पर यह हजारों का अतिरिक्त खर्च बन जाता है.
स्टाम्प ड्यूटी और मॉर्गेज चार्ज
अगर आप अंडर कंस्ट्रक्शन घर खरीदते हैं, तो पूरा EMI नहीं लगता, लेकिन जब तक घर नहीं मिलता, बैंक सिर्फ ब्याज वसूलता है. इसे Pre-EMI कहते हैं, जो अलग से खर्च बढ़ाता है.
प्री-ईएमआई का छुपा खर्च
अगर आप लोन जल्दी चुकाना चाहते हैं, तो पेनल्टी लग सकती है. फिक्स्ड रेट पर 2 से 3 फीसदी तक चार्ज देना पड़ सकता है. साथ ही बैंक इंश्योरेंस भी जोड़ देता है, जिससे EMI बढ़ जाती है.
प्रीपेमेंट पेनल्टी और इंश्योरेंस
घर खरीदने से पहले सिर्फ EMI मत देखें. इन हिडन चार्ज को समझना बेहद जरूरी है वरना आपका बजट आसानी से बिगड़ सकता है.
हिडन चार्ज