ना कोई सेटअप, ना इंटरनेट, बिना नेटवर्क भी चलेगा आपका पुराना स्मार्टफोन, कहीं से भी लगेगी कॉल

30/01/2026

Kumar Saket

एलन मस्क की कंपनी Starlink एक नई और  टेक्नोलॉजी “Direct to Cell” को शुरू कर रही है. इस तकनीक की मदद से मौजूदा LTE स्मार्टफोन सीधे सैटेलाइट से कनेक्ट हो सकेंगे. खास बात यह है कि इसके लिए न तो नए मोबाइल फोन की जरूरत होगी और न ही किसी अतिरिक्त हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर अपडेट की.

Direct to Cell

यह सेवा असल में स्पेस में सेल टावर की तरह काम करेगी. उदाहरण के तौर पर अमेरिका में T-Mobile के यूजर्स नेटवर्क न होने वाले इलाकों (डेड जोन) में भी सैटेलाइट के जरिए कनेक्ट हो पाएंगे. इससे दूरदराज, ग्रामीण और अब तक नेटवर्क से वंचित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी.

सेल टावर

Starlink की यह तकनीक मौजूदा LTE फोन्स के साथ ही काम करेगी. इसके लिए किसी स्पेशल ऐप, फर्मवेयर चेंज या नए हार्डवेयर की जरूरत नहीं होगी. यूजर का फोन खुद-ब-खुद सैटेलाइट से कनेक्ट होकर नेटवर्क कवरेज उपलब्ध कराएगा.

LTE Phones

फिलहाल इस सर्विस के तहत टेक्स्ट मैसेजिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. कंपनी की योजना 2025-26 के दौरान वॉयस कॉल और डेटा सर्विस भी शुरू करने की है, जिसमें X जैसे ऐप्स का इस्तेमाल भी संभव होगा.

Voice Call

यह सेवा तेजी से पांच महाद्वीपों में विस्तार कर रही है, जिससे यह डेड-जोन कनेक्टिविटी के लिए एक वाकई ग्लोबल सॉल्यूशन बनती जा रही है. Elon Musk पहले संकेत दे चुके हैं कि भविष्य में एक अलग और खास “Starlink फोन” भी लाया जा सकता है, जो हाई-परफॉर्मेंस और AI टास्क्स पर फोकस करेगा. हालांकि फिलहाल कंपनी का मुख्य फोकस मौजूदा स्मार्टफोन्स के लिए Direct-to-Cell सर्विस पर ही है.

Starlink फोन