13 साल की उम्र में शुरू किया कारोबार, अब कंपनी 2000 करोड़ के पार, ऐसे अमित मजीठिया बना रहे ग्लोबल पहचान
अमित मजीठिया और उनकी CBTF फाउंडेशन असम में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए मसीहा बन गए हैं.असम में आई बाढ़ ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डाला है. ऐसे में अमित मजीठिया ने एक पूरे गांव को फिर से बनाने में मदद करने का फैसला किया.

बिजनेस में सफलता पाने के बाद समाज को कुछ वापस देने की सोच कई एंटरप्रेन्योर्स को अलग बनाती है. ऐसी ही एक पहल एंटरप्रेन्योर Amit Majithia ने शुरू की है. ताशन क्लब चेन और ताशन बॉली स्टूडियो के फाउंडर अमित मजीठिया अब असम में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास में मदद कर रहे हैं. उनकी संस्था CBTF फाउंडेशन का लक्ष्य गांव में 124 घर बनाना है.
अमित मजीठिया और उनके 20 दोस्तों ने इस काम के लिए 1.66 करोड़ जमा किए हैं. इस प्लान का मकसद 90 दिनों के अंदर प्रभावित परिवारों के लिए घर बनाना है. यह पहल सिर्फ पैसे की मदद देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि परिवारों को नॉर्मल जिंदगी फिर से शुरू करने में मदद करने के लिए जरूरी सुविधाएं देने पर भी फोकस करती है.
बिजनेस के साथ-साथ समाज सेवा पर भी है ध्यान
असम में बाढ़ से लोगों के घरों और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ा है, अमित मजीठिया ने एक पूरे गांव को फिर से बनाने में मदद करने का फैसला किया है. इस प्रोजेक्ट के तहत प्रोजाबस्ती गांव, वार्ड नंबर 5, पार्ट 1, बिहुभोर में प्रभावित परिवारों के लिए घर बनाया जा रहा है.
13 की उम्र में शुरू किया था बिजनेस
अमित मजीठिया के बिजनेस का सफर काफी अनोखा रहा है, उन्होंने 9वीं क्लास के बाद स्कूल छोड़ दिया और 13 साल की उम्र में बिजनेस की दुनिया में कदम रखा. उन्होंने एंटरटेनमेंट, डिजिटल मीडिया, हॉस्पिटैलिटी और टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर में अपने बिजनेस को बढ़ाया है.
वह ताशन क्लब चेन के फाउंडर हैं, ताशन बॉली स्टूडियोज के जरिए म्यूजिक और एंटरटेनमेंट सेक्टर में भी उनकी मौजूदगी है. वह वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म CBTFmytube डॉट कॉम से भी जुड़े हुए हैं. अमित मजीठिया के मुताबिक, उनके बिजनेस ग्रुप की अनुमानित वैल्यूएशन लगभग 2000 करोड़ है. हालांकि, इस वैल्यूएशन की इंडिपेंडेंट कन्फर्मेशन मौजूद नहीं है.
समाज में निवेश की एक पहल
अमित मजीठिया की यह पहल बिजनेस की सफलता के एक और पहलू पर रोशनी डालती है. एक एंटरप्रेन्योर की पहचान सिर्फ उसके बिज़नेस, कमाई या कंपनी की वैल्यूएशन से नहीं होती, बल्कि उसके काम का समाज पर क्या असर पड़ता है, इससे भी होती है.
CBTF फाउंडेशन के जरिए असम में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट का मकसद बाढ़ से प्रभावित परिवारों के घरों को फिर से बनाना और जरूरी सुविधाएं देना है. यह ऑर्गनाइज़ेशन 2018 से काम कर रहा है और अमित मजीठिया के मुताबिक, यह अपने खुद के रिसोर्स चलाता है.
सोशल मीडिया पर करोड़ों फॉलोअर्स
अमित मजीठिया सोशल मीडिया पर भी पॉपुलर हैं. उनके मुताबिक, इंस्टाग्राम पर उनके 31 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. इस बड़ी पहुंच का इस्तेमाल सोशल कामों को हाइलाइट करने और लोगों को मदद करने के लिए इंस्पायर करने के लिए किया जा सकता है.
क्यों अहम है ये पहल?
अमित मजीठिया की कहानी तीन जरूरी बातों पर रोशनी डालती है.
- एंटरप्रेन्योरशिप: कम उम्र में शुरुआत करना और अलग-अलग सेक्टर में बिजनेस बनाना.
- सोशल इन्वेस्टमेंट: बाढ़ से प्रभावित परिवारों को घर और बेसिक सुविधाएं देने के लिए फाइनेंशियल रिसोर्स में इन्वेस्ट करना.
- सोशल पहचान: बिजनेस के अलावा सोशल वर्क के जरिए बिजनेस की पहचान बनाना.
इस प्रोजेक्ट की असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि 124 घर तय समय में बनते हैं या नहीं और प्रभावित परिवारों को जरूरी सुविधाएं कितने अच्छे से मिलती हैं. हर परिवार को घर के साथ जरूरी चीजें भी देने का प्लान है, जिसमें बिस्तर, गद्दे, पंखे, LED लाइट, खाना पकाने का स्टोव, डाइनिंग टेबल, कुर्सियां, बर्तन, प्रेशर कुकर और वॉटर प्यूरीफायर शामिल है. बच्चों को साइकिल, स्कूल बैग और पढ़ाई का दूसरा सामान भी मिलेगा. गांव में टॉयलेट, वॉशरूम और पीने के पानी के लिए हैंड पंप जैसी सुविधाएं बनाने का भी काम चल रहा है.
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