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पर्सनल फाइनेंस

पति ने बताई ₹11 हजार आय, कोर्ट ने फिर भी लगाया ₹25 हजार भरण-पोषण

दिल्ली हाई कोर्ट ने ₹11,000 मासिक आय का दावा करने वाले पति को पत्नी और बच्चे के लिए ₹25,000 मासिक भरण-पोषण देने का आदेश बरकरार रखा. कोर्ट ने कमाई की क्षमता और योग्यता को ध्यान में रखते हुए हर साल 5% बढ़ोतरी भी मंजूर की.

8th Pay Commission: पेंशनर्स के लिए खुशखबरी? 8वें वेतन आयोग में बदल सकती है पेंशन

8वें वेतन आयोग को लेकर पेंशनर संगठनों ने सरकार से पेंशन और फैमिली पेंशन संशोधन को ToR में स्पष्ट रूप से शामिल करने की मांग की है. खासकर 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स को लेकर संगठन चिंतित हैं.

Small vs large Cap, जानें कहां बनेगा पैसा

Small Cap में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर है! July के AMFI आंकड़ों ने म्यूचुअल फंड निवेश का ट्रेंड बदलने के संकेत दिए हैं। एक तरफ Large Cap से निवेशकों का रुझान कम होता दिख रहा है, तो दूसरी तरफ Small Cap को लेकर दिलचस्पी बढ़ रही है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या Small Cap में कमाई का अगला बड़ा मौका बन रहा है या फिर इसमें जोखिम भी बढ़ गया है? और SIP करने वालों के लिए इस बदलाव का क्या मतलब है? इस वीडियो में जानेंगे AMFI के ताजा आंकड़े क्या बताते हैं और Small Cap, Large Cap और Mid Cap में निवेश को लेकर तस्वीर कैसी बन रही है।

Airtel का रिचार्ज हुआ महंगा, क्या अब लोगों का बिगडेगा बजट?

Airtel Users के लिए मोबाइल Recharge को लेकर बड़ा झटका है. कंपनी ने 12 अगस्त से कई लोकप्रिय Prepaid Plans बंद कर दिए हैं, जिनमें ₹299, ₹319, ₹579, ₹619 और ₹649 वाले Plans शामिल हैं. इतना ही नहीं, ₹859 वाला Plan भी अब ₹899 का हो गया है. सबसे ज्यादा असर उन Customers पर पड़ेगा, जो कम कीमत वाले ₹299 Recharge का इस्तेमाल करते थे. अब उन्हें ₹349 वाले Plan का विकल्प लेना पड़ सकता है. इस Price Hike को लेकर Traders ने भी चिंता जताई है और सरकार से Affordable Recharge Plans वापस लाने की मांग की है. ऐसे में सवाल है कि क्या Airtel के बाद Jio और Vi भी Recharge महंगा करेंगे? और क्या आने वाले समय में Mobile Bill और बढ़ सकता है? जानिए पूरी खबर.

EPS-95 से NPS में Switch का प्लान रुका! Pensioners के लिए राहत या बड़ा मौका अभी बाकी?

EPS-95 subscribers के लिए पेंशन सिस्टम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकार ने EPFO subscribers को EPS से NPS में स्विच करने की सुविधा देने के प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया है. Trade Unions के कड़े विरोध और EPFO के भीतर उठी चिंताओं के बाद यह फैसला सामने आया है. लेकिन सवाल है कि आखिर EPS से NPS switch के प्रस्ताव का विरोध क्यों हुआ? जानिए पूरी कहानी.

EPFO Higher Pension पर बड़ा अपडेट, कर्मचारियों को मिलेगा ज्यादा पेंशन का लाभ

EPFO हायर पेंशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है. पात्र कर्मचारियों को EPS के तहत अधिकतम लाभ देने की प्रक्रिया जारी है. साथ ही लंबित हायर पेंशन दावों को निपटाने पर भी काम चल रहा है.

₹54 लाख कैश जमा कर भूला टैक्स देना! ITAT ने क्यों माफ किया पूरा टैक्स?

प्रॉपर्टी डीलर ने बैंक खाते में 54 लाख रुपये कैश जमा किए, लेकिन ITR दाखिल नहीं किया और टैक्स नोटिस का जवाब भी नहीं दिया. ITAT ने दस्तावेजों के आधार पर माना कि रकम उसकी आय नहीं थी और टैक्स हटा दिया.

हर महीने सैलरी से कटता है टैक्स? Corporate NPS से ऐसे मिलेगी राहत

Corporate NPS नौकरीपेशा लोगों के लिए टैक्स बचाने और रिटायरमेंट फंड बनाने का बेहतर विकल्प हो सकता है. नियोक्ता के NPS योगदान पर धारा 80CCD(2) के तहत टैक्स छूट मिलती है. नई टैक्स व्यवस्था में निजी कर्मचारियों को 14% तक लाभ मिलता है.

पेंशनर्स के लिए बड़ा अपडेट! ₹7,500 वाली मांग पर सरकार का क्या है प्लान?

EPS-95 पेंशनर्स के लिए Higher Pension को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. EPFO को Higher Pension के लिए 15.24 लाख से ज्यादा applications मिल चुकी हैं, लेकिन इनमें से हजारों applications अभी भी pending हैं. 5 अगस्त 2026 तक 11,595 applications पर फैसला होना बाकी था. सरकार ने EPFO regional offices को इन मामलों को time-bound तरीके से process करने के निर्देश दिए हैं. लेकिन pensioners के सामने बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है कि Higher Pension का benefit आखिर किन लोगों को मिलेगा और क्या सभी EPS-95 pensioners इसके eligible होंगे? दूसरी ओर minimum pension को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने की मांग पर सरकार का क्या रुख है? जानिए पूरी जानकारी.

8th Pay Commission: सैलरी बढ़ाने को लेकर किस बात का इंतजार कर रही सरकार, संसद में मंत्री ने दिया जरूरी जवाब

8th Pay Commission: संसद में दिए गए हालिया जवाब में रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने की समय-सीमा के अलावा किसी खास तारीख का जिक्र नहीं किया गया है. सरकार का अनुमान है कि 1 मार्च 2026 तक लगभग 35.77 लाख केंद्र सरकार के सिविलियन कर्मचारी सेवा में थे.