पर्सनल फाइनेंस
FD पर 9.1% तक ब्याज! पक्की कमाई वाले निवेश में क्या चल रहा है बड़ा खेल?
कंपनियां 9.1% तक ब्याज पर एफडी और कॉर्पोरेट बॉन्ड जारी कर रही हैं. यह आकर्षक रिटर्न का अवसर देता है, लेकिन इसमें जोखिम भी शामिल है. निवेशकों को उच्च क्रेडिट रेटिंग, विविधीकरण और उचित सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बैंक एफडी की तुलना में कंपनी एफडी में जोखिम अधिक हो सकता है.
ITR भरने वालों के लिए अलर्ट! इस बार बदल गए ये 5 नियम, जान लें पूरी बात
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ITR फाइलिंग में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. अब अलग-अलग ITR फॉर्म में बैंक बैलेंस, कैपिटल गेन, ट्रेडिंग, दो हाउस प्रॉपर्टी और अतिरिक्त संपर्क जानकारी जैसी नई जानकारियां देनी होंगी. कुछ मामलों में रिपोर्टिंग आसान भी की गई है. इसलिए रिटर्न भरने से पहले सभी दस्तावेजों का मिलान करना जरूरी होगा.
8th Pay Commission: क्या National Compensation Authority बदलेगी सैलरी-पेंशन का पूरा सिस्टम?
आठवां वेतन आयोग सिर्फ कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने से कहीं अधिक है. यह भारत की दशकों पुरानी वेतन और पेंशन प्रणाली में व्यापक सुधार का एक अवसर है. मौजूदा जटिलताओं को दूर करने और वित्तीय बोझ को कम करने के लिए एक स्थायी राष्ट्रीय मुआवजा प्राधिकरण के गठन पर विचार हो रहा है, जिससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था स्थापित की जा सके.
Vedanta के नए शेयर बेचने से पहले जान लें यह नियम, कैसे लगेगा कैपिटल गेन टैक्स और कितना होगा फायदा
वेदांता डिमर्जर के बाद निवेशकों के लिए कैपिटल गेन टैक्स की कैलकुलेशन का तरीका स्पष्ट कर दिया गया है. कंपनी ने मूल निवेश लागत को पांच कंपनियों के बीच बांटने का फॉर्मूला जारी किया है. डिमर्जर के दौरान कोई टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन शेयर बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स देनदारी बनेगी.
ITR भरने वालों के लिए जरूरी खबर, टैक्स रिजीम बदलने से पहले इन बातों पर करें गौर
इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा नजदीक आने के साथ न्यू और ओल्ड टैक्स रिजीम को लेकर टैक्सपेयर्स के बीच भ्रम बना हुआ है. न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स राहत का लाभ मिलता है, जबकि पुरानी व्यवस्था में कई कटौतियां और छूट उपलब्ध हैं. साथ ही टैक्स देनदारी शून्य होने पर भी समय पर ITR दाखिल करना जरूरी है.
पोस्ट ऑफिस की इन स्कीम पर मिलता है सबसे ज्यादा ब्याज, सुरक्षित निवेश के साथ मिलेगा बेहतर रिटर्न
पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत स्कीम सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर रिटर्न का विकल्प प्रदान करती हैं. अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए सरकार ने इन स्कीम की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम और सुकन्या समृद्धि स्कीम पर सबसे ज्यादा 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है. वहीं एनएससी पर 7.7 फीसदी, मंथली इनकम स्कीम पर 7.4 फीसदी और पीपीएफ पर 7.1 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है.
भारत में Bank Lockers की भारी डिमांड क्यों बढ़ रही है?जानें पूरा सच
भारत में बैंक लॉकर की मांग तेजी से बढ़ रही है और अब यह सिर्फ अमीर लोगों की सुविधा नहीं, बल्कि कई परिवारों की जरूरत बन चुकी है. मार्च 2025 तक देश में करीब 1.21 करोड़ बैंक लॉकर मौजूद थे, लेकिन कई शहरों में इनकी उपलब्धता कम पड़ रही है. इसकी मुख्य वजह लोगों की […]
रिटायरमेंट के बाद 50 लाख रुपये कहां लगाएं? FD, SCSS या म्यूचुअल फंड; जानें हर महीने कमाई का स्मार्ट प्लान
रिटायरमेंट के बाद 50 लाख रुपये का कॉर्पस कैसे निवेश करें, यह हर वरिष्ठ नागरिक के लिए महत्वपूर्ण सवाल है. केवल FD पर निर्भर रहने के बजाय SCSS, म्यूचुअल फंड, डेट फंड और लिक्विड फंड का सही मिश्रण बेहतर विकल्प हो सकता है. सही निवेश रणनीति अपनाकर नियमित मासिक आय के साथ महंगाई के प्रभाव को भी कम किया जा सकता है.
1.5 करोड़ Gig Workers को मिलेगी मिनिमम सैलरी, पेंशन की ताकत, सरकार का बड़ा फैसला!
ई-श्रम पंजीकरण के माध्यम से सरकार को गिग इकोनॉमी का सही डेटा मिलेगा, जिससे वर्कर्स को एक अद्वितीय पहचान आईडी मिलेगी और पोर्टेबिलिटी आसान होगी. कंपनियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने पोर्टल्स को ई-श्रम पोर्टल के साथ एकीकृत करें.
ATM Cash Shortage: अब कैश को लेकर होगी मारामारी? बैंकों से कहां जा रहा कैश? सरकार ने मांगी रिपोर्ट
देश में 42 लाख करोड़ रुपये से अधिक नकदी प्रचलन में होने के बावजूद एटीएम खाली पड़े हैं. इसका मुख्य कारण कैश को एटीएम तक पहुँचाने वाली कंपनियों की बढ़ती परिचालन लागत और इंटरचेंज फीस से कम कमाई है. डिजिटल भुगतान की बढ़ती लोकप्रियता ने भी एटीएम लेनदेन को कम कर दिया है, जिससे इस कारोबार का वित्तीय संतुलन बिगड़ गया है.
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