TV9 NETWORK
User
Sign In

By signing in or creating an account, you agree with Associated Broadcasting Company's Terms & Conditions and Privacy Policy.

पर्सनल फाइनेंस

अगर देर से लागू हुआ 8वां वेतन आयोग, तो इन कर्मचारी को हो सकता है 3.45 लाख रुपये तक का नुकसान

8वें वेतन आयोग के लागू होने में देरी से केंद्रीय कर्मचारियों को बडा असर पड़ सकता है. अनुमान है कि एरियर मुख्य रूप से बेसिक सैलरी पर मिल सकता है, जबकि DA, HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर एरियर नहीं मिल सकता. 2.1 के अनुमानित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर अगर आयोग दिसंबर 2027 में लागू होता है तो Level 3 से Level 6 कर्मचारियों को HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस में 2.66 लाख रुपये से 3.45 लाख रुपये तक का संभावित अंतर हो सकता है.

FD या लिक्विड फंड: गारंटीड रिटर्न चाहिए या पैसे निकालने की आजादी? ऐसे चुनें सही विकल्प

FD और लिक्विड फंड दोनों ही अतिरिक्त पैसे को रखने के विकल्प हैं, लेकिन दोनों की खासियत अलग है. FD में तय ब्याज मिलता है, जबकि लिक्विड फंड ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देते हैं. निवेश से पहले रिटर्न, जोखिम, टैक्स और जरूरत समझें.

EPF Calculator: 50 हजार बेसिक सैलरी पर 2.23 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड कैसे बनेगा?

50,000 रुपये बेसिक सैलरी वाला कर्मचारी लंबे समय तक EPF में निवेश करके बड़ा रिटायरमेंट फंड बना सकता है. 8.25% ब्याज और नियमित योगदान के आधार पर 2.23 करोड़ रुपये तक का कॉर्पस बनने का अनुमान है. हालांकि, वास्तविक रकम ब्याज दर और योगदान पर निर्भर करेगी.

Cyient, Jindal Saw या MOIL, जानें किन स्टॉक्स में होगी बम्पर कमाई?

शेयर बाजार में आज कुछ चुनिंदा शेयरों पर खास नजर है. Cyient, Jindal Saw और MOIL में आगे क्या रणनीति होनी चाहिए, यह जानना निवेशकों के लिए जरूरी है. क्या इन शेयरों में अभी कमाई का मौका बन रहा है या सावधानी बरतनी चाहिए? किस शेयर में तेजी की उम्मीद है और किन स्तरों पर खरीदारी या मुनाफावसूली की रणनीति बनाई जा सकती है? इस वीडियो में आसान भाषा में समझेंगे इन शेयरों से जुड़ी अहम बातें और जानेंगे एक्सपर्ट की राय. साथ ही यह भी जानेंगे कि इन शेयरों को लेकर आगे की रणनीति क्या हो सकती है.

8th Pay Commission: पेंशनर्स की बड़ी मांग; 15 साल नहीं 11 साल में बहाल हो कम्यूटेड पेंशन

8th Pay Commission को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स संगठनों ने कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि घटाने की मांग की है. मौजूदा नियम के तहत कम्यूट की गई पेंशन 15 साल बाद बहाल होती है. कई संगठनों ने इसे 10 से 12 साल करने का सुझाव दिया है. NC JCM समेत कुछ संगठनों ने 11 साल में बहाली की मांग की है. उनका कहना है कि पुराने वित्तीय और एक्ट्यूअरियल आंकडों के आधार पर बने नियम की समीक्षा जरूरी है.

ITR-3 और ITR-4 की डेडलाइन नजदीक, चूके तो लगेगी ₹5,000 तक लेट फीस, जानें पूरे नियम

ITR-3 और ITR- 4 फाइल करने वाले पात्र नॉन ऑडिट टैक्सपेयर्स के लिए 31 अगस्त 2026 अहम डेडलाइन है. इस तारीख तक रिटर्न नहीं भरने पर 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जा सकता है. देर से रिटर्न दाखिल करने पर 1000 से 5000 रुपये तक लेट फीस और बकाया टैक्स पर ब्याज लग सकता है. साथ ही कुछ बिजनेस और कैपिटल लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का लाभ भी नहीं मिल सकता है.

TCS-Infosys या Coforge-Mphasis? H-1B Visa की टेंशन के बीच IT शेयरों में कहां बनेगा पैसा?

आईटी सेक्टर में हलचल तेज है. टीसीएस ने पोर्शे की सब्सिडरी एमएचपी का अधिग्रहण किया है. वहीं, एच-1बी वीजा फीस में भारी बढ़ोतरी और ग्रेस पीरियड खत्म करने के प्रस्ताव ने चिंता बढ़ाई है.

8th Pay Commission में पेंशनर्स की बड़ी मांग! 15 साल नहीं, अब 11 साल में बहाल हो कम्यूटेड पेंशन; ₹6.72 लाख तक का फायदा?

8th पे कमीशन के सामने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स ने कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि घटाने की बड़ी मांग रखी है. संगठनों का कहना है कि मौजूदा 15 साल का नियम पुराने ब्याज दर और एक्ट्यूअरियल मानकों पर आधारित है. उनकी मांग है कि बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए पेंशन बहाली की अवधि 10 से 12 साल के बीच तय की जाए. अगर सरकार फ्यूचर में इस मांग को स्वीकार करती है तो कम्यूटेड पेंशन लेने वाले पेंशनर्स को पेंशन पहले बहाल होने का फायदा मिल सकता है.

Car और Bike Loan का बढ़ता ट्रेंड! क्या खतरे में हैं कर्ज लेने वाले?

भारत में Car, SUV और Two-Wheeler खरीदने वालों की संख्या बढ़ रही है. इसके साथ Vehicle Loan लेने का चलन भी बढ़ रहा है. कई लोग एक से ज्यादा Vehicle Loan ले रहे हैं, वहीं महंगी गाड़ियों की खरीद बढ़ने से Loan की रकम भी बढ़ रही है. Two-Wheeler खरीदने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग Loan का सहारा ले रहे हैं. अब सवाल है कि बढ़ते Vehicle Loan से लोगों पर कर्ज का बोझ कितना बढ़ रहा है? क्या आगे चलकर Loan चुकाने में परेशानी हो सकती है? और इसका Banks और NBFCs पर क्या असर पड़ सकता है? इस वीडियो में जानिए Vehicle Loan से जुड़ी पूरी कहानी और बढ़ते कर्ज को लेकर क्यों चिंता बढ़ रही है.

शेयर बाजार में हुआ नुकसान, क्या सैलरी से घटाकर बचा सकते हैं टैक्स? ITR भरने से पहले जानें नियम

नौकरी के साथ शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों के लिए ITR भरते समय नुकसान को सही तरीके से दिखाना जरूरी है. इंट्राडे ट्रेडिंग का नुकसान सिर्फ सट्टा कारोबार की आय के साथ एडजस्ट किया जा सकता है. F&O में हुआ नुकसान भी सैलरी की आय से एडजस्ट नहीं होगा. वहीं, निवेश के तौर पर शेयरों में हुआ नुकसान कैपिटल गेन से जुड़े नियमों के अनुसार ही एडजस्ट किया जा सकता है.