TV9 NETWORK
User
Sign In

By signing in or creating an account, you agree with Associated Broadcasting Company's Terms & Conditions and Privacy Policy.

पर्सनल फाइनेंस

भारत में Bank Lockers की भारी डिमांड क्यों बढ़ रही है?जानें पूरा सच

भारत में बैंक लॉकर की मांग तेजी से बढ़ रही है और अब यह सिर्फ अमीर लोगों की सुविधा नहीं, बल्कि कई परिवारों की जरूरत बन चुकी है. मार्च 2025 तक देश में करीब 1.21 करोड़ बैंक लॉकर मौजूद थे, लेकिन कई शहरों में इनकी उपलब्धता कम पड़ रही है. इसकी मुख्य वजह लोगों की […]

रिटायरमेंट के बाद 50 लाख रुपये कहां लगाएं? FD, SCSS या म्यूचुअल फंड; जानें हर महीने कमाई का स्मार्ट प्लान

रिटायरमेंट के बाद 50 लाख रुपये का कॉर्पस कैसे निवेश करें, यह हर वरिष्ठ नागरिक के लिए महत्वपूर्ण सवाल है. केवल FD पर निर्भर रहने के बजाय SCSS, म्यूचुअल फंड, डेट फंड और लिक्विड फंड का सही मिश्रण बेहतर विकल्प हो सकता है. सही निवेश रणनीति अपनाकर नियमित मासिक आय के साथ महंगाई के प्रभाव को भी कम किया जा सकता है.

1.5 करोड़ Gig Workers को मिलेगी मिनिमम सैलरी, पेंशन की ताकत, सरकार का बड़ा फैसला!

ई-श्रम पंजीकरण के माध्यम से सरकार को गिग इकोनॉमी का सही डेटा मिलेगा, जिससे वर्कर्स को एक अद्वितीय पहचान आईडी मिलेगी और पोर्टेबिलिटी आसान होगी. कंपनियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने पोर्टल्स को ई-श्रम पोर्टल के साथ एकीकृत करें.

ATM Cash Shortage: अब कैश को लेकर होगी मारामारी? बैंकों से कहां जा रहा कैश? सरकार ने मांगी र‍िपोर्ट

देश में 42 लाख करोड़ रुपये से अधिक नकदी प्रचलन में होने के बावजूद एटीएम खाली पड़े हैं. इसका मुख्य कारण कैश को एटीएम तक पहुँचाने वाली कंपनियों की बढ़ती परिचालन लागत और इंटरचेंज फीस से कम कमाई है. डिजिटल भुगतान की बढ़ती लोकप्रियता ने भी एटीएम लेनदेन को कम कर दिया है, जिससे इस कारोबार का वित्तीय संतुलन बिगड़ गया है.

58 करोड़ जनधन खातों में बड़ी चूक! छूट तो नहीं गया 2 लाख का फायदा?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जनधन खातों पर महत्वपूर्ण अपडेट दिया है. 58 करोड़ से अधिक जनधन खाते खुल चुके हैं, जिनमें ₹3 लाख करोड़ से ज्यादा जमा हैं. हालांकि, करोड़ों खाते निष्क्रिय पड़े हैं, जिससे धारक ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा और ₹10,000 की ओवरड्राफ्ट सुविधा जैसे लाभों से वंचित हैं. जानकारी की कमी से लोग अपना ही फायदा गंवा रहे हैं.

ITR भरने से पहले जरूर चेक करें Form 26AS, नहीं तो आ सकता है नोटिस; जानें कैसे बचें

ITR फाइल करने से पहले Form 26AS की जांच करना बेहद जरूरी है. यह डॉक्यूमेंट टैक्सपेयर्स के PAN से जुड़े TDS, TCS, टैक्स पेमेंट, रिफंड और कुछ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जानकारी देता है. Form 26AS की मदद से टैक्स क्रेडिट का वेरिफाई किया जा सकता है और रिटर्न में होने वाली गलतियों से बचा जा सकता है.

RBI का नया नियम बदल देगा लोन का खेल! 730 से कम CIBIL वालों की बढ़ सकती है टेंशन, चेक करें डिटेल्स

अगर आपका स्कोर 730 से कम है तो आपको अभी से सावधान हो जाना चाहिए. भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI 1 अप्रैल 2027 से एक नया नियम लागू करने जा रहा है, जिसे Expected Credit Loss (ECL) Framework कहा जा रहा है. इसका असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है. नए नियम लागू होने के बाद बैंक लोन देने में पहले से ज्यादा सख्ती दिखा सकते हैं.

कितनी SIP में निवेश करना है सही? एक्सपर्ट ने बताया वेल्थ क्रिएशन का फॉर्मूला

अपने निवेश पोर्टफोलियो को संतुलित करना धन सृजन के लिए महत्वपूर्ण है. यह लेख एसआईपी रणनीतियों और एसेट एलोकेशन पर विशेषज्ञ सलाह प्रस्तुत करता है. इसमें दो निवेशकों के पोर्टफोलियो की समीक्षा की गई है, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि कैसे विभिन्न फंड श्रेणियों में निवेश कर लंबी अवधि के लिए मजबूत रिटर्न प्राप्त किया जा सकता है.

NRI ग्राहकों के लिए खुशखबरी! PNB और Ujjivan ने बढ़ाई FD की ब्याज दरें, अब मिलेगा ज्यादा रिटर्न

अब NRI ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विदेशी मुद्रा जमा यानी FCNR (B) डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज दे रहे हैं. इसी कड़ी में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हालिया कदम के बाद विदेशी मुद्रा जमा में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.

FD rates to fall: घटेगा FD पर ब्याज, अभी लगा दो पैसा, नहीं तो होगा नुकसान!

ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन (AICPDF) ने इस पर रोक लगाने की मांग की है, क्योंकि उनका मानना है कि यह छोटे किराना स्टोर और लाखों डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए खतरा पैदा करेगा. फेडरेशन का आरोप है कि घाटे में चल रही कंपनियां जनता के पैसे से डिस्काउंट वॉर को बढ़ावा देंगी, जिससे बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित होगी और रोजगार पर नकारात्मक असर पड़ेगा.