ट्रंप ने कहा कि इस नीति का मकसद जेनेरिक दवाओं का उत्पादन दोबारा अमेरिका में लाना है. उन्होंने साफ कहा कि जिन कंपनियों ने तय समय के भीतर अमेरिका में अपने प्लांट और उत्पादन सुविधाएं नहीं लगाईं, उन्हें भारी टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. इस फैसले से भारतीय फार्मा कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है. भारत को दुनिया की 'फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड' कहा जाता है और अमेरिका भारतीय जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा बाजार है.