मानसून ने बढ़ाई टेंशन, देश के 197 जिलों में बढ़ा अल नीनो का खतरा; किसानों के लिए तैयार हुआ एक्शन प्लान

El Nino की संभावित चुनौती को देखते हुए केंद्र सरकार पहले से तैयारी में जुट गई है. 197 संवेदनशील जिलों की पहचान, राज्यवार कंटीजेंसी प्लान और "खेत बचाओ अभियान" जैसे कदम इस बात का संकेत हैं कि सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से रणनीति तैयार कर रही है. हालांकि आने वाले हफ्तों में मानसून और El Nino की स्थिति पर सबकी नजर बनी रहेगी.

किसानों के लिए योजना

El Nino Impact on Monsoon 2026: देश में मानसून के मौसम के बीच El Nino को लेकर सरकार सतर्क हो गई है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने देश के 197 ऐसे जिलों की पहचान की है, जो El Nino के असर के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं. उन्होंने कहा कि संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए राज्यों के अनुसार अलग-अलग कंटीजेंसी योजनाएं तैयार कर ली गई हैं.

कृषि मंत्री ने कहा कि El Nino की स्थिति पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है. इसके लिए कृषि मंत्रालय हर सप्ताह समीक्षा बैठक कर रहा है ताकि मौसम में होने वाले बदलावों का समय रहते आकलन किया जा सके और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाए जा सकें.

किसानों तक पहुंचने के लिए शुरू हुआ ‘खेत बचाओ अभियान’

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि किसानों को जागरूक करने और संभावित जोखिमों से बचाने के लिए देशभर में “खेत बचाओ अभियान” चलाया जा रहा है. इस अभियान के जरिए किसानों को मौसम से जुड़ी जानकारी और फसल बचाने के उपायों के बारे में बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने बीज समेत जरूरी कृषि सामग्री का पर्याप्त भंडारण भी कर लिया है, ताकि हालात बिगड़ने पर किसानों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके.

आखिर क्या है El Nino?

El Nino एक जलवायु संबंधी घटना है, जिसका असर दुनिया भर के मौसम पर पड़ता है. भारत में यह आमतौर पर कमजोर मानसून, कम बारिश और वर्षा के असमान वितरण से जुड़ा माना जाता है. यही वजह है कि किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए El Nino हमेशा चिंता का विषय रहता है.

मौसम विभाग ने जताई सामान्य से कम बारिश की संभावना

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान सामान्य औसत से करीब 90 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान लगाया है. यह संकेत देता है कि इस बार मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है. अगर मानसून के दूसरे हिस्से में El Nino का प्रभाव और मजबूत होता है, तो फसलों पर जोखिम बढ़ सकता है. खासतौर पर उन इलाकों में जहां खेती बारिश पर अधिक निर्भर है.

मानसून की प्रगति पर भी नजर

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को केरल में दस्तक दी और अब यह धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है. फिलहाल देश के लगभग 20 से 30 प्रतिशत हिस्से में मानसून पहुंच चुका है. मौसम विभाग को उम्मीद है कि 15 जुलाई के आसपास मानसून पूरे देश को कवर कर लेगा.

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