शेयर मार्केट न्यूज

Nifty Outlook Jan 28: 200-DMA के ऊपर पहुंचा निफ्टी, बन रही बुलिश पियर्सिंग लाइन कैंडल, शॉर्ट टर्म में तेजी संभव!

27 जनवरी को मंथली एक्सपायरी के बाद निफ्टी ने निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी दिखाई है. हालांकि बजट से पहले बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक 24,800–25,000 अहम सपोर्ट है, जबकि 25,500 के ऊपर ब्रेकआउट मिलने तक रेजिस्टेंस का दबाव बना रहेगा.

Q3 नतीजे के बाद ब्रोकरेज ने इस ग्रीन एनर्जी शेयर पर टारगेट प्राइस 10% घटाया, फिर भी 68% तेजी का अनुमान

ब्रोकरेज हाउस ने अडानी ग्रीन एनर्जी पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 10% घटाकर ₹1,350 कर दिया है. Q3FY26 में कर्टेलमेंट और कमजोर विंड के चलते EBITDA और पावर सेल्स पर दबाव रहा है. ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि बैटरी स्टोरेज और ट्रांसमिशन विस्तार से आगे सुधार की उम्मीद है.

Closing Bell: सेंसेक्स 320 अंक चढ़ा और निफ्टी 25175 पर बंद, EU के साथ FTA के बाद बाजार में दिखी खरीदारी

Closing Bell: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की घोषणा के बाद मंगलवार 27 जनवरी को भारतीय शेयर मार्केट हरे निशान में बंद हुए. तेजी सभी सेक्टर्स में दिखी, मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट भी पॉजिटिव टेरिटरी में बंद हुए.

Axis vs Kotak vs IndusInd: कौन-सा बैंकिंग स्‍टॉक कराएगा सबसे ज्‍यादा कमाई, ब्रोकरेज फर्म ने बता दिया टारगेट

हाल ही में तमाम दिग्‍गज बैंकों ने अपने तिमाही नतीजे जारी किए हैं. इनमें से कौन-सा बैंकिंग स्‍टॉक कराएगा ज्‍यादा कमाई किसमें है दम, इस पर ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट दी है. उनके मुताबिक एक्सिस, कोटक और इंडस्‍इंड तीनों बैंकों में Kotak Mahindra Bank में सबसे ज्यादा 18% का अपसाइड दिख रहा है, जबकि Axis Bank और IndusInd Bank में सीमित बढ़त की संभावना जताई गई है.

70% बढ़ा नेट प्रॉफिट तो इस पेनी स्‍टॉक को खरीदने की मची लूट, दो दिन में 6% उछला, भाव 10 रुपये से भी कम

Jyoti Structures के Q3 नतीजे दमदार रहे, जहां नेट प्रॉफिट QoQ आधार पर 70% उछला. रेवेन्‍यू में भी बढ़ोतरी देखने को मिली. मजबूत नतीजों के बाद शेयर में खरीदारी बढ़ी, जिससे 10 रुपये से सस्‍ता ये शेयर उछल गया. यह दो दिनों में करीब 6 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ चुका है.

इन 5 स्‍टॉक्‍स पर बढ़ा प्रमोटरों का भरोसा, कम किया शेयर गिरवी रखना, ये फैक्‍टर्स दे रहे बूस्‍ट, रखें नजर

दिसंबर 2025 तिमाही में पांच शेयरों में प्रमोटरों ने गिरवी रखे शेयरों में कटौती की, जो मजबूत वित्तीय स्थिति और बढ़ते भरोसे का संकेत है. घटता प्रमोटर प्लेज, बेहतर कैश फ्लो और मजबूत फंडामेंटल्स इन शेयरों में लंबी अवधि के लिए निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा रहे हैं. तो कौन-से हैं वो शेयर जिनके प्रमोटर शेयर गिरवी रखना कम कर रहे हैं, आइए जानते हैं.

गिरकर खुला मार्केट, बाद में निफ्टी में 100 से ज्‍यादा अंकों की तेजी, ऑटो सेक्‍टर में दिखी बिकवाली

मंगलवार को शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव रहा, गिरावट के बाद निफ्टी ने वापसी करते हुए 100 अंकों से ज्यादा की तेजी दिखाई, जबकि निवेशकों की नजर भारत-EU FTA पर बनी रही. ऑटो सेक्टर में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे Hyundai Motor, M&M, Maruti Suzuki समेत कई दिग्गज शेयरों में 1–4% तक की गिरावट आई. एशियाई बाजारों के मिले-जुले संकेत देखने को मिले.

इन 2 छुटकू स्‍टॉक्‍स पर DII ने दिखाया भरोसा, 1% से ज्‍यादा बढ़ाई हिस्‍सेदारी, ग्रोथ दे रहा तगड़े रिटर्न का इशारा

घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने दो छुटकू शेयरों में भरोसा दिखाते हुए अपनी हिस्सेदारी 1% तक बढ़ाई है. एक ने जहां MSWIL ने इंडस्ट्री से बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि दूसरी कंपनी को सरकारी प्रोजेक्ट्स और मजबूत ऑर्डर बुक का सहारा मिल रहा है. इन दोनों कंपनियों में बढ़ती DII हिस्सेदारी, मजबूत फंडामेंटल्स और साफ ग्रोथ प्लान इन शेयरों में लॉन्ग टर्म बेहतर रिटर्न का संकेत दे रहे हैं.

साल 2032 तक बिजली सेक्टर में 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश संभव, Adani-Tata समेत चमकेंगे ये शेयर

भारत की कुल बिजली प्रोडक्शन क्षमता अब 500 गीगावॉट से ज्यादा हो चुकी है. सरकार ने संकेत दिया है कि साल 2032 तक इस सेक्टर में करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो सकता है. इससे NTPC, अडानी ग्रुप, टाटा पावर जैसी बड़ी कंपनियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.इसका बड़ा हिस्सा नए बिजली प्लांट लगाने, पुराने प्लांट को सुधारने और Renewable energy बढ़ाने में लगेगा.

10 साल में 500% रिटर्न देने वाला टाटा का ये शेयर अब फिसला, RSI 22 पर पहुंचा; फिर भी BUY रेटिंग क्यों दे रहे हैं ब्रोकरेज

हाल के दिनों में टाटा कम्युनिकेशंस के शेयर दबाव में नजर आ रहे हैं. शेयर में लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है और तकनीकी चार्ट पर यह ओवरसोल्ड जोन में पहुंच चुका है. यानी गिरावट इतनी तेज रही है कि अब कुछ निवेशक इसे खरीद के मौके के तौर पर भी देखने लगे हैं.