शेयर मार्केट न्यूज
महिंद्रा और मारुति नहीं, ये कंपनी बन सकती है ऑटो सेक्टर का डार्क हार्स, जानिए क्यों बढ़ रही उम्मीदें
ऑटो सेक्टर में जहां महिंद्रा और मारुति के मजबूत नतीजों की चर्चा है, वहीं टाटा मोटर्स संभावित डार्क हार्स बनकर उभर सकता है. यूके स्थित जेएलआर यूनिट में आई साइबर घटना से कंपनी को झटका लगा, लेकिन भारत में बिक्री मजबूत रही.
कॉपर बूम की आहट… क्या तांबा बनने वाला है नया चांदी, अभी निवेश करना सही फैसला? जानें किन शेयरों पर रखें नजर
इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं और इन सभी में तांबे की भारी जरूरत होती है. ऐसे में तांबे की मांग लगातार बढ़ रही है. लेकिन दूसरी तरफ सप्लाई उतनी तेजी से नहीं बढ़ पा रही है. यही वजह है कि तांबे को अब स्ट्रेटेजिक मेटल माना जा रहा है.
AI सेक्टर की इन दो कंपनियों पर रखें नजर, न के बराबर कर्ज, 500% तक रिटर्न; IT सेक्टर में बिकवाली से जगी उम्मीद
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने शेयर बाजार में हलचल मचा दी है. आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट आई है और कुछ ही दिनों में लाखों करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू घट गई. AI से जुड़ी खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह तकनीक कई कंपनियों के बिजनेस मॉडल को तेजी से बदल रही है. इसी बीच एआई सेक्टर की कंपनियों में निवेशकों की रुचि बढ़ सकती है.
Q3 रिजल्ट के बाद सोमवार को एक बार फिर चर्चा में रहेगा स्टॉक, 1 साल में दिया 400% से ज्यादा रिटर्न; घाटे से मुनाफे में पहुंची कंपनी
बीएसई पर लिस्टेड स्मॉल कैप मल्टीबैगर स्टॉक Telecanor Global Limited Q3 रिजल्ट के बाद निवेशकों के बीच चर्चा में है. वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने घाटे से निकलकर मुनाफा दर्ज किया है. रेवेन्यू में तेज बढ़ोतरी और नेट प्रॉफिट में मजबूती ने स्टॉक को नया सपोर्ट दिया है. बीते एक साल में 418 फीसदी का शानदार रिटर्न देने वाला यह शेयर सोमवार को फोकस में रह सकता है.
सेमीकंडक्टर स्टॉक्स बन रहे निवेशकों की पसंद, 5 साल में दिए 850% से ज्यादा का रिटर्न; 2026 में रखें रडार पर
सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश की चर्चा इसलिए भी बढ़ रही है, क्योंकि यह सेक्टर लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी के तौर पर देखा जा रहा है. भारत में इकोसिस्टम धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और कई कंपनियां वैल्यू चेन में अपनी जगह बना रही हैं. ऐसे में आइए समझते हैं कि 2026 में किन सेमीकंडक्टर-लिंक्ड स्टॉक्स पर नजर रखी जा सकती है.
Coal India से Hindustan Copper तक, इन 10 स्टॉक्स में बढ़ा रिटेल निवेशकों का भरोसा, तीन महीने में जुड़े लाखों शेयरधारक
सितंबर से दिसंबर 2025 की तिमाही में कई बड़ी कंपनियों में रिटेल निवेशकों की संख्या में तेज उछाल दर्ज किया गया. Coal India, Hindustan Copper और Indiabulls जैसी कंपनियों में लाखों नए छोटे शेयरधारक जुड़े. यह ट्रेंड पावर, मेटल, बैंकिंग और एविएशन सेक्टर में बढ़ती रिटेल दिलचस्पी का संकेत देता है.
परफ्यूम इंडस्ट्री की बढ़ती मांग से चमका अरोमा केमिकल मार्केट, इन 3 कंपनियों पर रख सकते हैं नजर
भारत का अरोमा केमिकल मार्केट परफ्यूम इंडस्ट्री की बढ़ती मांग से तेजी में है. पर्सनल केयर, होम केयर और एफएमसीजी प्रोडक्ट में खपत लगातार बढ़ रही है. सिंथेटिक फ्रेग्रेंस मॉलिक्यूल्स, एसेंशियल ऑयल्स और अपस्ट्रीम इंटरमीडिएट्स की बढ़ती डिमांड निवेशकों का ध्यान खींच रही है.
IT Stocks में घबराहट या मौका? सोमवार को थम सकती है गिरावट, Morgan Stanley रिपोर्ट ने बदला नजरिया
शुक्रवार को IT शेयरों में आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों में AI को लेकर चिंता बढ़ गई है. हालांकि Morgan Stanley की ताजा रिपोर्ट का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारतीय IT कंपनियों के लिए खतरा नहीं, बल्कि लंबी अवधि में ग्रोथ का नया इंजन बन सकता है. गिरते वैल्यूएशन और बेहतर डिविडेंड यील्ड के बीच सोमवार को सेक्टर में स्थिरता के संकेत मिल सकते हैं. जानें क्या है रिपोर्ट में.
बाजार की गिरावट के बीच ये 3 शेयर भरेंगे निवेशकों का पॉकेट, कहीं स्टॉक स्प्लिट तो कहीं बोनस का तोहफा
कमजोर बाजार के बावजूद कुछ कंपनियों के स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर के ऐलानों ने निवेशकों का ध्यान खींचा है. Titan Biotech, Riddhi Steel & Tube और Bazel International ने रिकॉर्ड डेट तय कर दी है. ऐसे कॉरपोरेट एक्शन अक्सर शेयर को ज्यादा किफायती बनाने और निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने का संकेत माने जाते हैं.
16 फरवरी को इन 6 कंपनियों का लॉक-इन खत्म, बाजार में आएंगे ₹3653 करोड़ के 11.9 करोड़ शेयर; रखें नजर
सोमवार, 16 फरवरी को 6 कंपनियों का शेयरहोल्डर लॉक-इन पीरियड समाप्त हो रहा है. इसके बाद करीब 11.9 करोड़ शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो जाएंगे, जिनकी कुल अनुमानित वैल्यू 3,652.94 करोड़ रुपये है. हालांकि लॉक-इन खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि सभी शेयर बिकेंगे, बल्कि वे केवल बाजार में लेनदेन के लिए पात्र होंगे. इस घटनाक्रम से संबंधित शेयरों में वोलैटिलिटी बढ़ने की संभावना है.