शेयर मार्केट न्यूज

अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ घटाने से इन सेक्टर्स को सीधा फायदा, शेयरों पर रखें नजर

अमेरिका और भारत के बीच हुए नए ट्रेड डील के तहत रेसिप्रोकल टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है. इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है. टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग गुड्स और एग्री सेक्टर को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है, जिससे कई एक्सपोर्ट-फोकस्ड शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है.

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से GIFT Nifty 791 अंक उछला, क्या अब FIIs करेंगे वापसी, मंगलवार के बाजार से बढ़ी उम्मीदें

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बनी सहमति के बाद शेयर बाजार में मजबूती के संकेत मिले हैं. GIFT Nifty में करीब 791 अंकों की तेजी दर्ज की गई है, जिससे दलाल स्ट्रीट में मजबूत शुरुआत की उम्मीद बढ़ी है. टैरिफ कटौती और ट्रेड अनिश्चितता के कम होने से निवेशकों का भरोसा लौटता दिख रहा है.

बजट के बाद खरीदारी के लिए ये 4 स्टॉक हैं एनालिस्ट की मजबूत पसंद, बन रहा धांसू स्ट्रक्चर, जानें टारगेट और स्टॉप लॉस

बजट के बाद Choice Equity Broking के रिसर्च एनालिस्ट सचिन गुप्ता ने चार स्टॉक्स VBL, PFC, Data Patterns और L&T पर buy कॉल दी है. उनका कहना है कि मजबूत सपोर्ट, मूविंग एवरेज के ऊपर टिकाव और पॉजिटिव मोमेंटम के चलते इनमें शॉर्ट से मीडियम टर्म में 5% से 13% तक का अपसाइड मूव आ सकता है.

हफ्ते भर में कमाना है मुनाफा! इन 3 शेयरों में आ सकती है 12% तक की तेजी, रिसर्च एनालिस्ट ने बताए नाम

Choice Equity Broking के रिसर्च एनालिस्ट सचिन गुप्ता ने 3 शेयरों पर बुलिश रुख जताया है. उन्होंने बताया है कि इनके टेक्निकल चार्ट्स मजबूत हैं और बाय-ऑन-डिप्स की रणनीति सुझाई है. एनालिस्ट के मुताबिक, तय स्टॉप लॉस के साथ इन स्टॉक्स में शॉर्ट टर्म में 4% से 12% तक का अपसाइड दिख सकता है.

104% मुनाफा बढ़ने के बाद मुकुल अग्रवाल वाले इस स्टॉक में लगा अपर सर्किट, आई 20% की रैली

शानदार Q3 नतीजों के बाद पंप और पंपिंग सिस्टम्स वाली इस कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. 104 फीसदी मुनाफा बढ़ने और दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल की बढ़ती हिस्सेदारी के चलते शेयर एक ही दिन में 20 फीसदी उछलकर अपर सर्किट पर पहुंच गया. जानें कैसी है रिटर्न हिस्ट्री.

सरकार नवरत्न कंपनियों PFC और REC के मर्जर पर कर रही विचार, दो दिन में इतना उछल गए शेयर

सोमवार को सूत्रों ने संकेत दिया कि रीस्ट्रक्चरिंग के हिस्से के रूप में PFC और REC के बीच मर्जर हो सकता है, लेकिन अंतिम फैसला उच्चतम स्तर पर लिया जाएगा. PFC और REC दोनों नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम हैं और यह अधिग्रहण एक ही क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के कंसोलिडेशन की दिशा में एक कदम था.

Nifty Outlook Feb 3: शॉर्ट टर्म में इस लेवल तक बढ़ सकती है पुलबैक रैली, ब्रॉडर ट्रेंड कमजोर, 200-DMA तय करेगा नेक्स्ट मूव

बजट के दिन आई भारी गिरावट से उबरते हुए निफ्टी में सोमवार को तेज बाउंस दिखा लेकिन एक्सपर्ट्स इसे शॉर्ट-टर्म पुलबैक मान रहे हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि 25,200 का स्तर बड़ी बाधा है जबकि 24,900 अहम सपोर्ट बना हुआ है. निवेशकों को फिलहाल सावधानी के साथ ट्रेडिंग की सलाह दी गई है.

ट्रेडिंग के शोर से दूर कैपिटल मार्केट बूम में चुपचाप पैसा बना रहे ये 3 ‘डार्क हॉर्स’ स्टॉक, जानें क्या करती हैं ये कंपनियां

भारत के कैपिटल मार्केट बूम में असली कमाई उन कंपनियों में हो रही है, जो ट्रेडिंग नॉइज से दूर एडवाइजरी, एसेट मैनेजमेंट और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर पर टिके मॉडल अपनाती हैं. Nuvama, IIFL Capital और CAMS जैसे ‘डार्क हॉर्स’ स्टॉक्स डेटा, रिटर्न रेशियो और स्थिर बिजनेस से लॉन्ग-टर्म ग्रोथ दिखाते हैं.

Closing Bell: सेंसेक्स 900 अंक उछलकर और निफ्टी 25000 के ऊपर बंद, एनर्जी, इंफ्रा, रियल्टी के शेयर चमके; निवेशकों ने कमाए 5 लाख करोड़

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क, सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने सोमवार 2 फरवरी को जबरदस्त बढ़त हासिल की, जिससे दो दिन से चली आ रही गिरावट का सिलसिला खत्म हो गया. सभी बड़े सेक्टरों, खासकर ऑटो और मेटल शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार में फिर से उम्मीद जगी.

STT का झटका: 1 अप्रैल से फ्यूचर्स ट्रेडिंग हो जाएगा महंगा, जेब पर सीधा असर, हर ट्रेड पर कितना देना होगा टैक्स

सरकार का कहना है कि STT बढ़ाने का मकसद डेरिवेटिव ट्रेडिंग में बढ़ती सट्टेबाजी पर लगाम लगाना और टैक्स कलेक्शन को मजबूत करना है. पिछले कुछ सालों में ऑप्शंस ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है, जिससे बाजार में उतार चढ़ाव भी ज्यादा देखने को मिला है. अब जब 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू होंगी, तो ट्रेडर्स को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ेगा. ज्यादा बार ट्रेड करने की जगह क्वालिटी ट्रेड और लॉन्ग टर्म पोजिशन पर फोकस बढ़ सकता है.