शेयर मार्केट न्यूज
Q3 नतीजों के बाद इन 3 कंपनियों का बड़ा ऐलान! कैपेक्स भी बढ़ाया, 5 साल में शेयरों ने दिया मल्टीबैगर रिटर्न
रिजल्ट के बाद फोकस में ये शेयर हैं. कंपनियों ने पूरे साल के लिए अपनी EBITDA मार्जिन गाइडेंस भी बढ़ा दी है. आमतौर पर मार्जिन गाइडेंस बढ़ाने का मतलब होता है कि कंपनी आने वाले समय में ज्यादा ऑपरेटिंग मुनाफे की उम्मीद कर रही है. इन कंपनी के शेयरों ने पिछले 5 साल में मल्टीबैगर रिटर्न दिया है.
रेखा झुनझुनवाला के 2 बड़े दांव धराशायी, कभी बाजार के चमकते सितारे थे, अब 48% तक सस्ते हो गए ये शेयर
कभी बाजार में चर्चा में रहने वाले दो दिग्गज शेयर अब दबाव में नजर आ रहे हैं. रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में शामिल ये दोनों स्टॉक पिछले पांच वर्षों में भारी गिरावट झेल चुके हैं. एक समय ऊंचे स्तर छूने वाले इन शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहने से निवेशकों के बीच फिर से इनकी चर्चा तेज हो गई है.
छुट्टी के दिन चमकी इन रेल कंपनियों की किस्मत! हाथ लगे करोड़ों के प्रोजेक्ट, सोमवार को शेयरों में हलचल तय
रेलवे सेक्टर की सरकारी कंपनियां RailTel Corporation of India और RITES Ltd को हाल ही में करोड़ों रुपये के नए प्रोजेक्ट मिले हैं. इन ऑर्डर्स से दोनों कंपनियों की ऑर्डर बुक मजबूत होने की उम्मीद है, जिसके चलते आने वाले ट्रेडिंग सेशन में इन स्टॉक्स पर निवेशकों की खास नजर रह सकती है.
अगले हफ्ते ये दो कंपनियां करने जा रही है स्टॉक स्प्लिट, 5 हिस्सों में बंटेगा शेयर, जानें क्या है रिकॉर्ड डेट
शेयर बाजार में अगले हफ्ते दो कंपनियां अपने शेयरों का स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है. इस कॉरपोरेट एक्शन का उद्देश्य शेयर की कीमत को किफायती बनाना और बाजार में इसकी ट्रेडिंग बढ़ाना है. कंपनी ने इसके लिए रिकॉर्ड डेट भी तय कर दी है, जिस दिन तक शेयर रखने वाले निवेशकों को इसका लाभ मिलेगा.
लिस्टिंग के बाद फिसले कई SME शेयर, 78% तक लुढ़के दाम, क्या आप ने भी इन IPOs में लगाया था दांव?
हाल के महीनों में कई SME कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है. कुछ कंपनियों के शेयर अपने लिस्टिंग प्राइस से 70 से 78 प्रतिशत तक टूट चुके हैं. बाजार में बढ़ती अस्थिरता और निवेशकों की सतर्कता के बीच इन छोटी कंपनियों के मार्केट वैल्यू में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.
US-Iran युद्ध से लेकर क्रूड ऑयल तक, इस हफ्ते शेयर मार्केट की चाल तय करेंगे ये 5 बड़े फैक्टर
आने वाले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की दिशा कई वैश्विक और घरेलू फैक्टर तय कर सकते हैं. मिडिल ईस्ट में बढ़ते US-Iran तनाव, क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. इसके अलावा सोना-चांदी की कीमतों की चाल और घरेलू महंगाई के आंकड़े भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित करेंगे.
रेवेन्यू से ज्यादा ऑर्डर बुक, 3 साल में 3300 फीसदी तक का रिटर्न, इन 3 शेयरों पर रखें नजर
शेयर बाजार में उन कंपनियों पर निवेशकों की खास नजर रहती है जिनकी ऑर्डर बुक उनके मौजूदा रेवेन्यू से काफी ज्यादा होती है. बड़ी ऑर्डर बुक यह संकेत देती है कि कंपनी के पास आने वाले समय में काम की मजबूत पाइपलाइन है. Engineers India, Ahluwalia Contracts और GE Vernova T&D India ऐसी ही कंपनियां हैं जिनके पास मजबूत ऑर्डर बुक मौजूद है.
ईरान-इसराइल तनाव ने बाजार पर ढाया कहर, टॉप कंपनियों ने गंवाए ₹2.81 लाख करोड़, बैंक स्टॉक सबसे ज्यादा टूटे
शेयर बाजार में पिछले सप्ताह आई तेज गिरावट का असर देश की सबसे बड़ी कंपनियों पर भी पड़ा. टॉप-10 में से आठ कंपनियों की कुल बाजार पूंजीकरण में करीब ₹2.81 लाख करोड़ की कमी आ गई. इस गिरावट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सबसे बड़ा नुकसान हुआ.
वेस्ट एशिया तनाव के डर से विदेशी निवेशक भागे, चार दिनों में ₹21,000 करोड़ की बिकवाली, गहरा रहा संकट
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से तेजी से पैसा निकालना शुरू कर दिया है. पिछले चार कारोबारी दिनों में FPI ने करीब 21,000 करोड़ रुपये की बिकवाली की है, जिससे बाजार में दबाव बढ़ा है, हालांकि घरेलू निवेशकों की खरीदारी से कुछ संतुलन बना हुआ है.
1 महीने में 5% गिरे ICICI Bank के शेयर, क्रूड ऑयल के साथ इन फैक्टर्स का असर, जानें आगे क्या है उम्मीद
हाल ही में ICICI Bank के शेयर में गिरावट देखने को मिली है. इसके पीछे मुख्य कारण बाजार में कमजोरी और बैंकिंग सेक्टर पर बढ़ता दबाव माना जा रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ी है, जिससे सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की आशंका भी बनी हुई है. इसी वजह से बैंकिंग सेक्टर के कई शेयर दबाव में हैं.