शेयर मार्केट न्यूज

गूगल-माइक्रोसॉफ्ट को पछाड़कर यह बना पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड का सबसे पसंदीदा स्टॉक, ₹10000 करोड़ से ज्यादा का निवेश

पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड के पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. नवंबर 2025 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फंड ने ग्लोबल टेक शेयरों को पीछे छोड़ते हुए HDFC Bank को अपना सबसे बड़ा निवेश बनाया है. फंड की कुल एसेट्स का 8 फीसद से ज्यादा हिस्सा अब अकेले HDFC Bank में लगा हुआ है, जिसकी वैल्यू 10,000 करोड़ रुपये से अधिक है.

राधाकिशन दमानी वाले DMart पर सोमवार को रहेगी नजर, कंपनी ने दिया बड़ा अपडेट; निवेशक रखें रडार पर

राधाकिशन दमानी की रिटेल कंपनी डीमार्ट एक बार फिर शेयर बाजार में चर्चा का केंद्र बन गई है. कंपनी ने Q3 वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिजनेस अपडेट जारी किया है, जिसमें स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 13.15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. तिमाही के दौरान डीमार्ट ने 10 नए स्टोर जोड़े हैं, जिससे कुल स्टोरों की संख्या 442 हो गई है.

ऑटो सेक्टर पर PL Capital की रिपोर्ट, ग्रोथ में मजबूती; इन स्टॉक्स पर दी BUY और ACCUMULATE की राय, जानें TP

ब्रोकरेज फर्म PL Capital की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय ऑटो सेक्टर में 2026 तक ग्रोथ का ट्रेंड बरकरार रह सकता है. ग्रामीण मांग में सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, EV सेगमेंट में बढ़ती हिस्सेदारी और कमर्शियल व्हीकल रिकवरी से सेक्टर को सपोर्ट मिल रहा है. रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने M&M, Tata Motors, TVS Motor, Hero MotoCorp और Ashok Leyland समेत कई स्टॉक्स पर BUY और ACCUMULATE की रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस जारी किए हैं. देखें पूरी रिपोर्ट.

सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में लगातार दूसरे दिन भारी बिकवाली, ITC से लेकर Godfrey Phillips तक के स्टॉक्स इतने टूटे

सरकार द्वारा तंबाकू प्रोडक्ट पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने के फैसले के बाद शेयर बाजार में तंबाकू कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना हुआ है. लगातार दूसरे कारोबारी दिन ITC, Godfrey Phillips India और VST Industries जैसे प्रमुख स्टॉक्स में बिकवाली देखने को मिली. ITC का शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया.

क्या होती है मॉक ट्रेडिंग, जिसकी वजह से छुट्टी वाले दिन भी खुलेगा बाजार, शेयरों के भाव पर भी पड़ेगा असर?

मॉक ट्रेडिंग सेशन की वजह से 3 जनवरी को शेयर बाजार खुला रहेगा. इसमें कोई असली खरीद-बिक्री नहीं होती है. यह सेशन एक्सचेंज द्वारा सिस्टम, सॉफ्टवेयर और रिस्क मैनेजमेंट की जांच के लिए कराया जाता है. इस दौरान दिखने वाले भाव अस्थायी होते हैं और सेशन खत्म होते ही वास्तविक क्लोजिंग प्राइस अपडेट हो जाते हैं.

नए साल के पहले शनिवार को भी खुलेगा स्टॉक मार्केट, जारी हुआ शेड्यूल, देखें टाइमिंग

BSE के मुताबिक, यह मॉक ट्रेडिंग सेशन इक्विटी के साथ-साथ इक्विटी डेरिवेटिव्स, कमोडिटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGR) सेगमेंट में आयोजित किया जाएगा. इसका सीधा मतलब यह है कि शनिवार को भले ही निवेशक असली ट्रेड न करें, लेकिन एक्सचेंज और ब्रोकर्स अपने सिस्टम की पूरी तरह से टेस्टिंग कर सकेंगे.

Companynama: Suzlon में हुआ खेल, एक झटके में ₹90 पार जाएगा शेयर?

Companynama के इस एपिसोड में Suzlon Energy में हुए बड़े बदलाव, शेयर के 90 रुपये के पार जाने की अटकलें, Vodafone Idea की तेज गिरावट, Devyani–Sapphire मर्जर, ITC, Reliance Industries और HDB Financial समेत कई शेयरों में चल रही बड़ी हलचलों का विश्लेषण किया गया है.

Hindustan Copper की 60% रैली ने बढ़ाया जोश, HindZinc, NationalUM और Vedanta भी चमके, मेटल सेक्टर रिकॉर्ड हाई पर

हाल के दिनों में शेयर बाजार का एक सेक्टर निवेशकों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है. मजबूत ग्लोबल संकेत, घरेलू नीतिगत फैसले और इंडस्ट्रियल डिमांड से जुड़े ट्रेंड ने इस सेक्टर को नई ऊर्जा दी है. कई स्टॉक्स में आई तेज हलचल ने बाजार का फोकस इस दिशा में मोड़ दिया है.

इधर ITC का शेयर बुरी तरह टूटा, उधर LIC को हो गया 11468 करोड़ का नुकसान; जानें- कैसे लगा इंश्योरेंस कंपनी को झटका

2 जनवरी को ITC के शेयर 5 फीसदी गिरकर 345.25 रुपये प्रति शेयर के नए 52 वीक के निचले स्तर पर पहुंच गए. हालांकि, बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी देखने को मिली. 2026 में सिर्फ दो ट्रेडिंग दिनों में यह स्टॉक 14 फीसदी से ज्यादा गिर गया है. LIC के पास ITC में 15.86 फीसदी हिस्सेदारी थी.

KFC, Pizza Hut को चलाने वाली कंपनियों का मर्जर, QSR सेक्टर में कंसॉलिडेशन, DEVYANI, SAPPHIRE शेयरों में 8% तक तेजी

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट सेक्टर में एक बड़े कॉरपोरेट कदम ने बाजार का ध्यान खींचा है. दो प्रमुख ऑपरेटर्स के बीच हुए रणनीतिक फैसले से इंडस्ट्री की संरचना, प्रतिस्पर्धा और भविष्य की ग्रोथ को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं. निवेशक अब इस बदलाव के दीर्घकालिक असर को समझने की कोशिश कर रहे हैं.