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शेयर मार्केट न्यूज

डॉलर के मुकाबले 3 पैसे मजबूत हुआ रुपया, 95.70 पर बंद, महंगा क्रूड ऑयल बना दबाव

भारतीय रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे मजबूत होकर 95.70 पर बंद हुआ. कमजोर डॉलर इंडेक्स से रुपये को सहारा मिला, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने तेजी सीमित कर दी. ब्रेंट क्रूड 2.22 फीसदी बढ़कर 93.65 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया.

108% तक ROCE और 82% तक ROE, इन 3 FMCG स्टॉक ने दिखाया दम; फोकस में रखें शेयर

FMCG सेक्टर की तीन प्रमुख कंपनियों Colgate Palmolive India, Nestle India और Britannia Industries के ROE और ROCE मजबूत हैं. Colgate Palmolive India का ROCE 108 फीसदी और ROE 82.7 फीसदी है. Nestle India का ROCE 84.1 फीसदी और ROE 73.2 फीसदी है. वहीं Britannia Industries का ROCE 56 फीसदी और ROE 53.5 फीसदी है.

Closing Bell: 7 दिन की गिरावट का सिलसिला थमा, सेंसेक्स 628 और निफ्टी 153 की अंक की बढ़त के साथ बंद

Closing Bell: लगातार सात दिनों की गिरावट के बाद, गुरुवार 20 अगस्त को दलाल स्ट्रीट पर आखिरकार 'बुल्स' की वापसी हुई. दोनों बेंचमार्क इंडेक्स में अच्छी बढ़त देखी गई, जिससे बाजार में जरूरी उम्मीद जगी.

Swiggy के शेयरों आएगा 60 फीसदी का उछाल, ब्रोकरेज ने दी खरीदने की सलाह; जानें- टारगेट प्राइस

Swiggy Share Target Price: NSE पर कंपनी के शेयर 4.78 फीसदी बढ़कर 285.40 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए. बाद में, प्रॉफिट बुकिंग के कारण स्टॉक की बढ़त थोड़ी गिरावट आई और दोपहर करीब 02:26 बजे यह 3 फीसदी की बढ़त के साथ 280.55 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.

6 साल के निचले स्तर पर Nifty का P/B Ratio, बैंकिंग स्टॉक्स की कमजोरी बड़ी वजह; निवेशकों के लिए क्या है मतलब?

Nifty का P/B Ratio 6 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है. 1-Year Forward P/B Ratio 2.96 गुना से नीचे आ गया है. बैंकिंग स्टॉक्स और फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों की कमजोरी इसके पीछे बड़ी वजह है. हालांकि, कम P/B Ratio को देखकर बाजार के सस्ता होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता. निवेशकों को अर्निंग्स ग्रोथ, प्रॉफिटेबिलिटी और वैल्यूएशन मेथडोलॉजी में हुए बदलाव को भी समझना जरूरी है.

Suzlon या Vi, जानें कहां बनेगा पैसा?

Suzlon, Vodafone Idea, Inox Wind, NTPC Green, IFCI और BlackBuck में से किस शेयर में कमाई का बेहतर मौका नजर आ रहा है? कौन से शेयर आगे बढ़ सकते हैं और किन शेयरों में अभी सावधानी बरतने की जरूरत है? इस वीडियो में हम इन सभी शेयरों को समझेंगे और जानेंगे कि इनमें से किन शेयरों पर नजर रखी जा सकती है. साथ ही बात करेंगे कि इन शेयरों को लेकर बाजार में क्या उम्मीदें हैं, आगे इनमें कितना फायदा हो सकता है और किन शेयरों से दूरी बनाना बेहतर हो सकता है. अगर आप इन शेयरों में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि हर तेजी वाला शेयर निवेश के लिए सही नहीं होता.

BSE शेयर में क्यों आई गिरावट? CAS ने बिगाड़ा पूरा खेल?

BSE के शेयर को कुछ ही महीनों पहले शेयर बाजार की शानदार growth stories में गिना जा रहा था, लेकिन अब तस्वीर कुछ बदली हुई नजर आ रही है. अगस्त में BSE के शेयर में 9% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है और इसकी वजह कंपनी के नतीजे नहीं, बल्कि शेयर बाजार में लागू हुआ नया नियम है. CAS यानी Closing Auction Session लागू होने के बाद BSE के कारोबार और options volumes पर असर देखने को मिला है. इसी के चलते बाजार में BSE की आगे की growth को लेकर चिंता बढ़ी है. सवाल ये है कि क्या ये गिरावट और दबाव सिर्फ कुछ समय के लिए है, या फिर BSE के कारोबार पर इसका लंबा असर पड़ सकता है. निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि मौजूदा गिरावट के बाद BSE में आगे कमाई का मौका है या अभी सावधानी बरतने की जरूरत है. पूरी कहानी समझिए इस वीडियो में.

मैरीटाइम सेक्टर में 80 लाख करोड़ रुपये का दांव, इस स्टॉक की बदल सकती है किस्मत; रखें नजर

भारत के मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के तहत समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब 80 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना है. इसका फायदा ड्रेजिंग और शिपबिल्डिंग से जुड़ी कंपनियों को मिल सकता है. Knowledge Marine and Engineering Works इसी थीम पर तेजी से अपना कारोबार बदल रही है. कंपनी के पास करीब 1400 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है और ग्रीन टग जैसे लंबे कॉन्ट्रैक्ट मौजूद हैं.

छोटा शेयर, बड़ा सपना! समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर बूम से मालामाल हो सकते हैं निवेशक?

भारत के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की उम्मीद के बीच KMEW चर्चा में है. कंपनी का ऑर्डर बुक करीब ₹1,400 करोड़ है. ₹650 करोड़ के ग्रीन टग कॉन्ट्रैक्ट और विस्तार योजना इसे खास बनाते हैं, लेकिन ऊंचा वैल्यूएशन जोखिम बढ़ाता है.

चीनी की कीमतों ने बढ़ाई शुगर कंपनियों की चमक, करीब 14 फीसदी तक आई तेजी; Dwarikesh से Balrampur Chini तक उछले

चीनी की रिकॉर्ड कीमतों और सरकार की सख्त स्टॉकहोल्डिंग लिमिट के बीच 20 अगस्त को शुगर स्टॉक्स में जोरदार तेजी देखने को मिली. Dwarikesh Sugar Industries का शेयर इंट्रा डे में करीब 13.82 फीसदी चढ़ा, जबकि Balrampur Chini Mills में 10.23 फीसदी और Bajaj Hindusthan Sugar में करीब 10 फीसदी की तेजी रही. Dhampur Sugar और Shree Renuka Sugars के शेयर भी करीब 7 फीसदी चढ़े.