शेयर मार्केट न्यूज
4 दिन में 60% भागा ये शेयर, टाटा ग्रुप का है 5G स्टॉक, जानें गिरते बाजार में क्यों मचा रहा गदर?
कंपनी के शेयर आज, 2 मार्च के कारोबार में 15 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 483.80 रुपये पर ट्रेड करते दिखे. इंट्राडे में यह 503 रुपये तक पहुंच गया, जबकि प्रीवियस क्लोजिंग प्राइस 435.60 रुपये था. पिछले चार कारोबारी सत्र में शेयर 60 प्रतिशत तक उछल चुका है. हालांकि लंबी अवधि की बात करें तो एक साल में शेयर अभी भी 33 प्रतिशत नीचे है.
BEL ने बदली डिविडेंड रिकॉर्ड डेट, दौड़ पड़े शेयर; नए ऑर्डर और मजबूत Q3 नतीजों ने बढ़ाया भरोसा
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने FY26 के अंतरिम डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट बदलकर 6 मार्च 2026 कर दी है. 1.95 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा के बीच स्टॉक में तेजी देखी गई. कंपनी को 733 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं और Q3 में मुनाफा व रेवेन्यू में दो अंकों की मजबूत बढ़त दर्ज हुई है, जिससे डिफेंस PSU पर निवेशकों का भरोसा कायम है.
इन 3 शेयरों में अरबों रुपये की बल्क डील! दिग्गजों ने ₹1400 करोड़ तक के लगाए दांव, रडार पर रखें स्टॉक्स
इन तीनों शेयरों में बड़े संस्थागत निवेशकों की एंट्री या हिस्सेदारी में बदलाव यह दिखाता है कि बाजार के बड़े खिलाड़ी चुनिंदा स्टॉक्स में लंबी अवधि का दांव लगा रहे हैं. अक्सर देखा जाता है कि ऐसे शेयरों में हलचल देखने को मिलती है.
FII की बड़ी एंट्री: 320 शेयरों में बढ़ाई हिस्सेदारी, 14 कंपनियों में 50% से ज्यादा बढ़ा स्टेक; देखें पूरी लिस्ट
दिसंबर 2025 तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 3,000 करोड़ रुपये से अधिक मार्केट कैप वाली 320 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई. इनमें 14 कंपनियां ऐसी रहीं, जहां FII होल्डिंग 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ी और 6 में दोगुनी से अधिक हो गई. हालांकि, जनवरी 2026 के बाद इन शेयरों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला- कुछ में 30 फीसदी तक तेजी आई, तो कई में 25 फीसदी तक गिरावट दर्ज हुई,
Nifty Outlook 4 March: निफ्टी का अंडरलाइंग ट्रेंड अभी भी नीचे की तरफ, एक्सपर्ट ने बताया आगे की रणनीति!
निफ्टी के लिए 24,730 से 24,700 का जोन निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट है. अगर 24,700 के नीचे निर्णायक ब्रेकडाउन आता है तो अगला डाउनसाइड टारगेट 24,550 के पास दिख सकता है. वहीं ऊपर की तरफ 24,950 से 25,000 का जोन मजबूत रेजिस्टेंस रहेगा. 25,000 के ऊपर टिकाऊ मूव ही बाजार में दोबारा तेजी की धार ला सकता है.
ईरान-इजराइल तनाव: क्रूड 80 डॉलर पार, होर्मुज संकट से 30 से ज्यादा लिस्टेड भारतीय कंपनियों पर खतरा!
ब्रेंट क्रूड पहले ही 80 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जा चुका है. अगर होर्मुज में बाधा आती है तो कीमत 90 डॉलर से ऊपर और बड़े युद्ध की स्थिति में 100 डॉलर के पार जा सकती है. हर 1 डॉलर की तेजी से भारत का सालाना इंपोर्ट बिल करीब 2 अरब डॉलर बढ़ जाता है.
ऑल टाइम हाई से 86% टूटा OLA, स्टॉक में आज भी 16% की गिरावट; जानें निवेशकों का क्यों टूटा भरोसा
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में लगातार बिकवाली जारी है. स्टॉक अपने ऑल-टाइम हाई 157 रुपये से गिरकर 21 रुपये के करीब पहुंच गया है, यानी करीब 86 फीसदी की गिरावट. हाल ही में एक दिन में 16 फीसदी तक टूटने के बाद कंपनी का मार्केट कैप घटकर लगभग 10,568 करोड़ रुपये रह गया. कमजोर वित्तीय प्रदर्शन, घटती बिक्री, स्टोर नेटवर्क में कटौती और बढ़ते घाटे ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.
USA-ईरान युद्ध के बीच क्रैश हुए ड्रोन स्टॉक, 5% तक की बड़ी गिरावट
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच भारतीय बाजार में गिरावट का असर ड्रोन कंपनियों के शेयरों पर भी दिखा. Droneacharya, Drone Destination, Zen Technologies और RattanIndia Enterprises जैसे स्टॉक्स 1% से 5% तक टूट गए. युद्ध में ड्रोन तकनीक की अहम भूमिका के कारण इस सेक्टर के शेयर निवेशकों की नजर में बने हुए हैं.
Closing bell: बाजार के लिए ब्लैक मंडे, सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा टूटा, निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ स्वाहा!
गिरावट वाले टॉप शेयरों में Larsen & Toubro, InterGlobe Aviation, Adani Ports, Jio Financial Services और Adani Enterprises शामिल रहे. वहीं मजबूती दिखाने वाले शेयरों में Bharat Electronics Limited, Sun Pharmaceutical, ONGC और Bharti Airtel शामिल रहे. मेटल सेक्टर को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए. ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स करीब 3 फीसदी तक फिसले.
डूबा पाकिस्तान का शेयर बाजार, 5000 अंक टूटा, रुक गई ट्रेडिंग; ईरान पर हमले से KSE में भारी बिकवाली
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के बीच सोमवार को पाकिस्तान का शेयर बाजार बुरी तरह टूट गया. KSE-30 इंडेक्स करीब 9.6% गिर गया, जिससे ट्रेडिंग 45 मिनट के लिए रोकनी पड़ी. अफगानिस्तान सीमा तनाव और देश में विरोध प्रदर्शनों ने भी बाजार पर दबाव बढ़ा दिया.