बिज़नेस समाचार
चांदी ₹2200 उछली, सोने में भी लौटी तेजी; खरीदारी से पहले जान लें अपने शहर के ताजा भाव
सोने और चांदी की कीमतों में 25 जून को उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. कमोडिटी मार्केट में दोनों कीमती धातुएं गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की, लेकिन कुछ ही मिनट में बाउंस बैक हुआ. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं के वायदा भाव मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं.
Crude oil price: US-Iran युद्ध से पहले के स्तर पर लौटा कच्चा तेल, ब्रेंट $72 प्रति बैरल के करीब, सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से सप्लाई बाधित होने की आशंका घटी है, जिसका असर तेल के दामों पर पड़ा है. WTI और ब्रेंट दोनों लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं. ऐसे में सवाल है कि क्या कच्चे तेल की नरमी का फायदा भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी मिलेगा?
Swiggy इंस्टामार्ट में बड़ा फेरबदल, COO अंकित जैन और CBO हरि कुमार ने दिया इस्तीफा; जानें डिटेल
स्विगी की क्विक कॉमर्स यूनिट इंस्टामार्ट में शीर्ष स्तर पर बदलाव देखने को मिला है. कंपनी के सीओओ अंकित जैन और सीबीओ हरि कुमार ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. दोनों अधिकारियों ने निजी कारणों का हवाला दिया है.
IPL अब सिर्फ खेल नहीं, बड़ा बिजनेस भी! हुरुन इंडिया 500 में शामिल हुईं 5 ये टीमें; वैल्यूएशन ₹71,000 करोड़ पार
Hurun India 500 रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स इस लिस्ट में शामिल हुई हैं. Hurun India के संस्थापक और चीफ रिसर्चर अनस रहमान जुनैद ने कहा कि, क्रिकेट अब सिर्फ भारत का खेल नहीं, बल्कि भारत का बिजनेस बन चुका है.
सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए राहत, एक दिन में 1200 रुपये टूटा गोल्ड, चांदी में भी गिरावट
सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई. दिल्ली में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1200 रुपये टूटकर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी 4000 रुपये गिरकर 2.31 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई. मजबूत अमेरिकी डॉलर, सख्त मौद्रिक नीति की आशंका और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के कारण कीमती मेटल्स पर दबाव बना हुआ है.
7.7 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू, फिर भी CFO को 2020 से नहीं मिली सैलरी! Rajesh Exports पर ED के नए खुलासे
Rajesh Exports Limited एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है. ED ने FEMA जांच के दौरान दावा किया है कि कंपनी के CFO को वर्ष 2020 से कोई सैलरी नहीं मिली, जबकि मैनेजिंग डायरेक्टर का मासिक वेतन केवल 17,000 रुपये था. एजेंसी ने 600 करोड़ रुपये के कथित शेयर मैनिपुलेशन, 3,000 करोड़ रुपये के फॉरेन ट्रेड सेट-ऑफ, विदेशी लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की कमी को लेकर भी सवाल उठाए हैं.
Rajesh Exports पर ED का बड़ा एक्शन! 9 जगहों पर छापेमारी; FEMA जांच में 3000 करोड़ रुपये के सेट-ऑफ पर सवाल
Rajesh Exports Limited पर ED ने FEMA जांच के तहत बेंगलुरु और मुंबई में 9 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया है. जांच एजेंसी ने करीब 3,000 करोड़ रुपये के फॉरेन ट्रेड रिसीवेबल्स और देनदारियों के सेट-ऑफ, 40 फीसदी स्टॉक गड़बड़ी, 1,035 करोड़ रुपये के कथित विदेशी निवेश से जुड़े दस्तावेजों की कमी और संभावित शेयर मैनिपुलेशन जैसे गंभीर मुद्दों को चिन्हित किया है.
मजबूत हुआ रुपया, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से आई तेजी, डॉलर के मुकाबले 94.65 पर बंद
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और घरेलू शेयर बाजार में तेजी के बीच भारतीय रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे मजबूत होकर 94.65 पर बंद हुआ. विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भी रुपये को सहारा दिया. ब्रेंट क्रूड करीब 2 फीसदी गिरकर 75.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
भारत की विकास रफ्तार होगी धीमी? S&P ने GDP ग्रोथ को लेकर जताई बड़ी चिंता; जानें आप पर क्या होगा असर?
S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2026 27 में भारत की GDP ग्रोथ रेट घटकर 6.6 फीसदी रह सकती है. एजेंसी के अनुसार कमजोर मानसून, ऊर्जा संकट, पश्चिम एशिया तनाव और वैश्विक आर्थिक सुस्ती इसके प्रमुख कारण हैं. रिपोर्ट में महंगाई रेट 5.1 फीसदी तक पहुंचने और उर्वरक तथा ईंधन की कीमतों में ग्रोथ की आशंका जताई गई है.
4 महीने के निचले स्तर पर पहुंची कच्चे तेल की कीमत, US-Iran युद्ध के बाद पहली बार 75 डॉलर के नीचे फिसला ब्रेंट क्रूड
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा शांति वार्ता में प्रगति की खबरों के बीच ब्रेंट क्रूड 75 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है. US-Iran संघर्ष शुरू होने के बाद यह कच्चे तेल का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है. होर्मुज स्ट्रेट में गतिविधियां सामान्य होने और सप्लाई को लेकर चिंताएं कम होने से तेल बाजार पर दबाव बढ़ा है.