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AI से बदलेगी खेती की तस्वीर, बजट 2026 में Bharat-VISTAAR का हुआ ऐलान; किसानों के लिए साबित होगा गेमचेंजर

बजट 2026-27 में सरकार ने खेती और ग्रामीण आजीविका को नई दिशा देते हुए Bharat-VISTAAR का ऐलान किया है. यह प्लेटफॉर्म AI आधारित रियल-टाइम और कस्टमाइज्ड सलाह के जरिए किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगा. बजट दस्तावेजों के अनुसार Bharat-VISTAAR को कृषि के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अहम हिस्सा बनाया जाएगा.

बजट 2026 में UPI–RuPay इंसेंटिव पर चली कैंची, 10 फीसदी घटा अलॉटमेंट

बजट 2026 में सरकार ने UPI और RuPay इंसेंटिव स्कीम के लिए अलॉटमेंट घटाकर 2,000 करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले वर्ष के रिवाइज्ड अनुमान से करीब 10 फीसदी कम है. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम लगातार रिकॉर्ड बना रहा है.

जिस STT ने मचाई बवाल और तोड़ा मार्केट, अब निर्मला सीतारमण ने खोला राज; बताया क्यों जरूरी था यह फैसला

बजट 2026–27 में डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर STT बढ़ाने के ऐलान के बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली. निफ्टी और सेंसेक्स दोनों दबाव में आ गए. सरकार का कहना है कि यह फैसला सट्टेबाजी रोकने, टैक्स कलेक्शन बढ़ाने और रिटेल निवेशकों को ज्यादा सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ने के लिए लिया गया है.

ट्रंप टैरिफ को फुस्स करेंगे ये 3 बड़े फैसले, बजट में निकला तोड़! SEZ से लेकर टेक्सटाइल को बनाया अभेद्य

यूनियन बजट 2026–27 में सरकार ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त टैरिफ नीति से जूझ रहे भारतीय एक्सपोर्ट सेक्टर्स को राहत देने की कोशिश की है. SEZ को रियायत, टेक्सटाइल क्लस्टर्स का आधुनिकीकरण, लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्री के लिए ड्यूटी स्ट्रक्चर में ढील और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग जैसी घोषणाएं बताती हैं कि यह बजट ग्लोबल ट्रेड दबाव से निपटने की एक रणनीतिक कोशिश है.

Union Budget 2026: सेमीकंडक्टर सेक्टर की क्षमता बढ़ाने और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने पर खास ध्यान

इन कॉरिडोर के बनने से कच्चे माल की उपलब्धता आसान होगी, आयात पर निर्भरता घटेगी और देश में वैल्यू एडिशन बढ़ेगा. कुल मिलाकर बजट 2026 भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में मजबूत खिलाड़ी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

Budget 2026: बजट में सीफूड और लेदर से जुड़े कारोबारियों के लिए खुशखबरी, बढ़ी ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की सीमा

अमेरिका में बढ़े टैरिफ के झटके के बीच केंद्र सरकार ने सीफूड, लेदर और टेक्सटाइल सेक्टर को राहत देने के लिए बड़े फैसले लिए हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में इन श्रम-प्रधान उद्योगों के लिए ड्यूटी में छूट और समयसीमा बढ़ाने का ऐलान किया है, जिससे निर्यातकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.

बजट के ये 8 आंकड़े बता देंगे इकोनॉमी की सेहत, जानें- सरकार पर कितना है कर्ज और कितनी होगी कमाई

Budget 2026: बजट पेश करते समय वित्त मंत्री ने कहा कि 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' अपने रास्ते पर है और सरकार इस गति को बनाए रखेगी. उन्होंने कहा कि हमारा कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और सेक्टर को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच मिले.बजट पेश करते समय वित्त मंत्री ने कहा कि 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' अपने रास्ते पर है और सरकार इस गति को बनाए रखेगी. उन्होंने कहा कि हमारा कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और सेक्टर को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच मिले.

Budget 2026 में मिला 12.2 लाख करोड़ का बूस्टर डोज, रॉकेट हुए इंफ्रा स्‍टॉक्‍स, एक दिन में 9% तक उछले

Union Budget 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के कैपेक्स का ऐलान किया, जो पिछले साल से करीब 9 फीसदी ज्यादा है. इस बूस्टर डोज से इंफ्रा शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली स्टॉक्स एक दिन में 6 से 9 फीसदी तक उछल गए.

Budget के दिन कमोडिटी बाजार में हाहाकार, MCX पर सोना-चांदी धड़ाम, गोल्‍ड ₹7000 तो सिल्‍वर ₹26000 से ज्‍यादा सस्‍ता

Budget 2026 के दिन स्पेशल ट्रेडिंग सेशन आयोजित की गई. इस दौरान MCX पर सोना और चांदी में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली, जहां सोना करीब ₹7,000 और चांदी ₹26,000 से ज्यादा टूट गई. मजबूत डॉलर, ग्लोबल मार्केट में भारी गिरावट और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते बुलियन बाजार में हाहाकार मच गया. घरेलू भारतीय बाजार के अलावा इंटरनेशनल मार्केट में भी गोल्‍ड-सिल्‍वर में दबाव दिखा.

Budget 2026 Highlights: F&O पर STT बढ़ा, 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर का ऐलान; महिला उद्यमियों के लिए ‘शी मार्ट्स’

केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने गरीब-केंद्रित विकास, आर्थिक मजबूती और समान अवसरों को प्राथमिकता दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेयर अर्थ माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई-स्पीड रेल, टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास, खेती में विविधीकरण और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं. इस बजट का मकसद भारत की दीर्घकालिक ग्रोथ और आत्मनिर्भरता को नई रफ्तार देना है.