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ईरान यु्द्ध से इन 10 भारतीयों के बिजनेस पर संकट, कहलाते हैं UAE के सबसे अमीर इंडियन, दुबई से लेकर अबू धाबी तक है जलवा
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध से मिडिल ईस्ट में अस्थिरता गहरा गई है. इस तनाव का असर UAE में बड़े कारोबार करने वाले भारतीय उद्योगपतियों पर भी पड़ रहा है. रिटेल, रियल एस्टेट, हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर से जुड़े यूसुफ अली, मिक्की जगतियानी, पीएनसी मेनन और दूसरे दिग्गजों के बिजनेस पर अनिश्चितता का खतरा मंडरा रहा है.
ईरान ने बंद कर दिया होर्मुज स्ट्रेट, खाड़ी देशों के पास अब केवल 25 दिन; तेल की कीमतों का टूट जाएगा 17 साल का रिकॉर्ड!
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी दी है जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा संकट पैदा हो सकता है. JPMorgan के अनुसार आपूर्ति बाधित रहने पर ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है. इस मार्ग से गुजरने वाला तेल भारत के कुल आयात का लगभग आधा हिस्सा है.
कितनी मजबूत है बुर्ज खलीफा, हर रोज इतनी कमाई, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसा हुआ हाल तो लगेगा अरबों का झटका
दुबई का बुर्ज खलीफा सिर्फ दुनिया की सबसे ऊंची इमारत नहीं, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था और वैश्विक पहचान का मजबूत स्तंभ है. पर्यटन, रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और कॉर्पोरेट गतिविधियों का बड़ा केंद्र होने के कारण इसका महत्व बेहद बड़ा है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अगर इस इमारत पर किसी बड़े हमले जैसी स्थिति बनती है तो उसका असर सिर्फ एक बिल्डिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुबई की आर्थिक गतिविधियों, निवेश माहौल और अंतरराष्ट्रीय छवि पर गहरा झटका लग सकता है.
अगर दुबई पर हुआ बड़ा हमला तो क्या होगा? हर दिन इतने हजार करोड़ का नुकसान, हर मिनट दिखेगी ग्लोबल तबाही
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से दुबई के एयरपोर्ट, पोर्ट और आर्थिक गतिविधियों पर खतरा बढ़ गया है. रिपोर्ट के अनुसार एयरपोर्ट बंद होने पर रोज 1 अरब डॉलर से अधिक नुकसान हो सकता है. एविएशन, रियल एस्टेट, पर्यटन और वित्तीय सेवाओं जैसे प्रमुख सेक्टरों पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता है.
Gold-Silver Price Today 03-03-2026: मिडिल-ईस्ट टेंशन के बीच चमका सोना, 5300 डॉलर के पार, चांदी भी 2% उछली
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोना और चांदी में फिर से जोरदार तेजी देखने को मिली है. वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय वायदा बाजार में भी कीमती धातुओं में मजबूत उछाल दर्ज हुआ, हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली. अमेरिका-ईरान तनाव, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने सोने-चांदी को सपोर्ट दिया है.
होर्मुज संकट से पेट्रोल-डीजल निर्यात और LPG सप्लाई की बढ़ी टेंशन, रूस से तेल आयात बढ़ाने की तैयारी में सरकार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज मार्ग को लेकर तनाव को देखते हुए भारत सरकार ईंधन आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए सतर्क मोड में आ गई है. हालात बिगड़ने पर पेट्रोल-डीजल निर्यात पर अस्थायी रोक, रूस से तेल आयात बढ़ाने और LPG की मांग प्रबंधन जैसे कदमों पर विचार किया जा रहा है. सरकारी रिफाइनरियों ने उत्पादन बढ़ाना शुरू कर दिया है.
कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर तक पहुंचने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नहीं होगी तत्काल वृद्धि: रिपोर्ट
मिडिल ईस्ट तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, लेकिन भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की संभावना नहीं है. पीटीआई के अनुसार, सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और तेल कंपनियां कीमतों में उतार-चढ़ाव को फिलहाल अपने मार्जिन से संभाल रही हैं.
मिडिल ईस्ट तनाव का असर: कतर में LNG उत्पादन रुका, यूरोप में गैस के दाम 45% तक उछले, जानें क्या होगा असर
कतर यूरोप को सीधे तौर पर पूरी गैस सप्लाई नहीं करता, लेकिन वह यूरोप के LNG आयात का लगभग 12 से 14 प्रतिशत हिस्सा देता है. अगर एशिया को जाने वाली सप्लाई प्रभावित होती है, तो वहां के खरीदार दूसरी जगह से गैस खरीदेंगे. इससे दुनिया भर में LNG की मांग बढ़ेगी और दाम और ऊपर जा सकते हैं.
Gold-Silver Price Today 02-03-2026: फिर ₹3 लाख के पार पहुंची चांदी, सोना भी ₹8100 महंगा; क्या करें निवेशक?
Gold Silver Rate Today 02-03-2026 Latest News Updates: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सोना और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला. 2 मार्च को दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 1,72,800 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया. जियो पॉलिटिकल अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने तेजी से सुरक्षित एसेट्स का रुख किया, जिससे बुलियन बाजार में जोरदार खरीदारी दर्ज हुई.
Israel-Iran तनाव का असर: खाद्य तेल और फर्टिलाइजर इंपोर्ट पर मंडराया खतरा, निर्यात पर भी बढ़ेगा दबाव
अमेरिका-ईरान के बढ़ते तनाव का असर भारत के कृषि और खाद्य सेक्टर पर दिखने लगा है. शिपिंग लागत में बढ़ोतरी, संभावित कंटेनर संकट और रेड सी मार्ग में जोखिम के कारण खाद्य तेल व उर्वरक कच्चे माल के आयात पर दबाव बन सकता है. साथ ही, मिडिल ईस्ट और यूरोप को होने वाले कृषि निर्यात पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है.
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