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बिज़नेस समाचार

ईरान-इजरायल युद्ध ने बढ़ाई सोने-चांदी की चमक, क्या जारी रहेगी रैली? जानें एक्सपर्ट्स ने क्या कहा

जियो पॉलिटिकल टेंशन और शेयर बाजार की गिरावट के बीच सोना-चांदी में तेज उछाल देखा जा रहा है. सेफ-हेवन डिमांड बढ़ने से कीमतें मजबूत हुई हैं, लेकिन क्या यह तेजी टिकाऊ है? क्या चांदी फिर 4 लाख के स्तर पर पहुंचेगी? जानें एक्सपर्ट्स की राय.

ईरान के साथ युद्ध में हर दिन कितना पैसा जला रहा है अमेरिका? मिसाइल से तेल तक, US पर बढ़ता खर्च का मीटर

ईरान के साथ बढ़ते सैन्य संघर्ष में अमेरिका का रोजाना खर्च सैकड़ों मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. मिसाइलों, फाइटर जेट्स, एयरक्राफ्ट कैरियर तैनाती और संभावित तेल संकट ने युद्ध की लागत को तेजी से बढ़ा दिया है. अगर टकराव लंबा खिंचा तो यह बिल लाखों करोड़ रुपये तक जा सकता है.

ईरान के ये 5 अमीर शख्स जो अमेरिका में पीट रहे जमकर पैसा, जंग से नहीं है कोई टेंशन

ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बावजूद ईरानी मूल के कई अरबपति अमेरिका में टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, स्पेस और रिटेल सेक्टर में अरबों की संपत्ति बना चुके हैं. इनकी वैश्विक कमाई और विविध निवेश मॉडल इन्हें क्षेत्रीय टकराव के सीधे असर से काफी हद तक बचाए रखते हैं.

इस बैंक ने डेबिट कार्ड, ECS और कैश ट्रांजैक्शन पर चार्ज बढ़ाया, अप्रैल से होगा लागू, जानें कैसे पड़ेगा आपकी जेब पर असर

कोटक महिंद्रा बैंक ने सेविंग्स और कॉर्पोरेट सैलरी अकाउंट के लिए चार्ज में बदलाव किया है. 1 अप्रैल 2026 से ECS/NACH फेलियर पर पहला चार्ज 500 रुपये और बाद में 550 रुपये होगा. Pay Shop More डेबिट कार्ड की फीस 285 रुपये सालाना होगी. मासिक कैश लिमिट 3 ट्रांजैक्शन और 1 लाख रुपये तय की गई है. थर्ड पार्टी कैश ट्रांजैक्शन पर भी नया शुल्क लागू होगा.

डाटा सेंटर पर क्यों हमले कर रहा ईरान, क्या है छिपा? जानें कैसे गल्फ में टूट सकती है अमेरिका की कमर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच डेटा सेंटर्स अब रणनीतिक निशाने के रूप में उभर रहे हैं. UAE और बहरीन में अमेरिकी कंपनी AWS सुविधाओं को नुकसान की घटनाओं ने दिखा दिया है कि क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सिर्फ तकनीकी ढांचा नहीं, बल्कि आर्थिक और सैन्य शक्ति का अहम आधार बन चुका है. एक डेटा सेंटर पर हमला हजारों कंपनियों, बैंकिंग सिस्टम और सरकारी सेवाओं को एक साथ प्रभावित कर सकता है.

ईरान यु्द्ध से इन 10 भारतीयों के बिजनेस पर संकट, कहलाते हैं UAE के सबसे अमीर इंडियन, दुबई से लेकर अबू धाबी तक है जलवा

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध से मिडिल ईस्ट में अस्थिरता गहरा गई है. इस तनाव का असर UAE में बड़े कारोबार करने वाले भारतीय उद्योगपतियों पर भी पड़ रहा है. रिटेल, रियल एस्टेट, हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर से जुड़े यूसुफ अली, मिक्की जगतियानी, पीएनसी मेनन और दूसरे दिग्गजों के बिजनेस पर अनिश्चितता का खतरा मंडरा रहा है.

ईरान ने बंद कर दिया होर्मुज स्ट्रेट, खाड़ी देशों के पास अब केवल 25 दिन; तेल की कीमतों का टूट जाएगा 17 साल का रिकॉर्ड!

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी दी है जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा संकट पैदा हो सकता है. JPMorgan के अनुसार आपूर्ति बाधित रहने पर ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है. इस मार्ग से गुजरने वाला तेल भारत के कुल आयात का लगभग आधा हिस्सा है.

कितनी मजबूत है बुर्ज खलीफा, हर रोज इतनी कमाई, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसा हुआ हाल तो लगेगा अरबों का झटका

दुबई का बुर्ज खलीफा सिर्फ दुनिया की सबसे ऊंची इमारत नहीं, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था और वैश्विक पहचान का मजबूत स्तंभ है. पर्यटन, रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और कॉर्पोरेट गतिविधियों का बड़ा केंद्र होने के कारण इसका महत्व बेहद बड़ा है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अगर इस इमारत पर किसी बड़े हमले जैसी स्थिति बनती है तो उसका असर सिर्फ एक बिल्डिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुबई की आर्थिक गतिविधियों, निवेश माहौल और अंतरराष्ट्रीय छवि पर गहरा झटका लग सकता है.

अगर दुबई पर हुआ बड़ा हमला तो क्या होगा? हर दिन इतने हजार करोड़ का नुकसान, हर मिनट दिखेगी ग्लोबल तबाही

ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से दुबई के एयरपोर्ट, पोर्ट और आर्थिक गतिविधियों पर खतरा बढ़ गया है. रिपोर्ट के अनुसार एयरपोर्ट बंद होने पर रोज 1 अरब डॉलर से अधिक नुकसान हो सकता है. एविएशन, रियल एस्टेट, पर्यटन और वित्तीय सेवाओं जैसे प्रमुख सेक्टरों पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता है.

Gold-Silver Price Today 03-03-2026: मिडिल-ईस्‍ट टेंशन के बीच चमका सोना, 5300 डॉलर के पार, चांदी भी 2% उछली

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोना और चांदी में फिर से जोरदार तेजी देखने को मिली है. वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय वायदा बाजार में भी कीमती धातुओं में मजबूत उछाल दर्ज हुआ, हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली. अमेरिका-ईरान तनाव, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने सोने-चांदी को सपोर्ट दिया है.