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बिज़नेस समाचार

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा टैरिफ पर संशय: 18%, 10% या 3% आखिर भारतीय सामानों पर कितना रहेगा शुल्क?

अमेरिका की बदलती टैरिफ नीति ने भारतीय निर्यातकों की चिंता फिर बढ़ा दी है. अगस्त में 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका शुल्क अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गया है. लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित 10 प्रतिशत के नए वैश्विक टैरिफ से व्यापार जगत में फिर अनिश्चितता का माहौल बन गया है.

सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद ट्रंप का 10% ग्लोबल टैरिफ के साथ पलटवार, बोले- भारत के साथ बरकरार रहेगी डील

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपातकालीन कानून के तहत लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी मौजूदा शुल्क जारी रखने और अतिरिक्त 10 फीसदी वैश्विक टैरिफ लगाने का संकेत दिया है. इस कदम से वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ने और नए टैरिफ युद्ध की आशंका तेज हो गई है.

ट्रंप टैरिफ गैरकानूनी करार, भारत को बड़ी राहत? GTRI बोला- 55% निर्यात पर खत्म हो सकता है 18% शुल्क

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की दिशा बदल सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रिसिप्रोकल टैरिफ हटते हैं तो भारत के अमेरिका को होने वाले 55 फीसदी निर्यात पर लगने वाला 18 फीसदी शुल्क समाप्त हो सकता है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, बोले – ‘यह शर्मनाक’, टैरिफ बहाल करने के लिए बैकअप प्लान है तैयार

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है. एक तरफ ट्रंप इसे “शर्मनाक” बताते हुए बैकअप प्लान की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह मामला अमेरिकी व्यापार नीति और कार्यकारी शक्तियों की सीमाओं पर नई बहस छेड़ चुका है. ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि प्रशासन किस कानूनी रास्ते से अपने टैरिफ एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करता है.

अगर दुनिया भर से हटा ट्रंप टैरिफ, तो जानें कितना पैसा करना होगा वापस; अभी तक अमेरिका ने इतने वसूले

6-3 के वोट से यह फैसला उन टैरिफ पर केंद्रित है, जो ट्रंप ने इमरजेंसी शक्तियों के तहत एकतरफा तौर पर लगाए थे, जिसमें लगभग हर दूसरे देश पर लगाए गए बड़े पैमाने पर रेसिप्रोकल टैरिफ भी शामिल हैं. अब इसके बाद सवाल है कि क्या ट्रंप प्रशासन को अब तक टैरिफ के जरिए वसूली गई राशि को वापस करना होगा?

क्या दुनिया भर से खत्म हो जाएगा ट्रंप का टैरिफ, अमेरिकी कोर्ट ने बता दिया गैरकानूनी; जानें राष्ट्रपति के पास क्या विकल्प ?

US सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के बड़े ग्लोबल टैरिफ को गैर कानूनी कह दिया है. यूनाइटेड स्टेट्स के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ के खिलाफ फैसला सुनाया, जिन्हें नेशनल इमरजेंसी के लिए बनाए गए एक फेडरल कानून के तहत लागू किया गया था. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दुनिया भर से खत्म हो जाएगा ट्रंप का टैरिफ.

ट्रंप ने भारत सहित किन देशों पर कितना लगाया है टैरिफ? अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ठहराया अवैध

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप की ओर से राष्ट्रीय आपातकाल के नाम पर लगाए गए वैश्विक टैरिफ को अवैध करार दिया है. भारत समेत 70 से अधिक देशों पर 10 फीसदी से 41 फीसदी तक लगाए गए शुल्क पर यह फैसला बड़ा असर डाल सकता है, जबकि भारत पर पहले 50 फीसदी तक पहुंचा टैरिफ अब 18 फीसदी पर है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने ग्लोबल टैरिफ को किया रद्द

US सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के बड़े ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने बड़े ट्रेड उपायों को सही ठहराने के लिए इमरजेंसी पावर के इस्तेमाल को खारिज कर दिया. इन टैरिफ को ड्यूटी से प्रभावित बिजनेस और 12 US राज्यों ने चुनौती दी थी.

US शिपमेंट में गिरावट, ट्रेड डेफिसिट बढ़ा; लेकिन डबल डिजिट में चीन को होने वाला एक्सपोर्ट

बाहरी मुश्किलों के बावजूद, RBI ने कहा कि घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं. इस दौरान इन्वेस्टर सेंटीमेंट बेहतर हुआ और फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट में रिकवरी हुई. भले ही ग्लोबल अनिश्चितता बनी हुई है, सेंट्रल बैंक का आकलन बताता है कि घरेलू ग्रोथ के ड्राइवर बने हुए हैं.

Gold-Silver Price Today 20-02-2026: ₹850 महंगा हुआ गोल्ड, चांदी ₹2.64 लाख पर स्थिर; जानें 10 ग्राम सोने का भाव

Gold Silver Rate Today 20-02-2026 Latest News Updates: मजबूत अंतरराष्ट्रीय रुझानों और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के बीच दिल्ली में सोने की कीमतें 850 रुपये बढ़कर 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुंच गईं. वहीं चांदी की कीमतें स्थिर रहीं, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि जियो पॉलिटिकल टेंशन और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा से कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.