बिज़नेस समाचार
लाल किला धमाके में अल-कायदा की शाखा का हाथ, 11 लोगों की हुई थी मौत; UN की रिपोर्ट में खुलासा
इस हमले को वैश्विक आतंकवादी संगठन अल-कायदा की एक शाखा ने अंजाम दिया था. इस हमले को वैश्विक आतंकवादी संगठन अल-कायदा की एक शाखा ने अंजाम दिया था. रिपोर्ट में इस संगठन के बढ़ते क्षेत्रीय नेटवर्क के बारे में भी चेतावनी दी गई है.
Today Gold Price : सोना 380 रुपये सस्ता, चांदी भी 1550 रुपये फिसली;MCX पर भी गिरा रेट
भारत में आज 13 अगस्त को सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज हुई. 24 कैरेट सोना 380 रुपये टूटकर 1,54,720 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. वहीं, चांदी 1550 रुपये गिरकर 237180 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है. MCX पर भी सोना और चांदी कमजोर रहे.
IAF के लिए 60 नए एयरक्राफ्ट खरीदेगी डिफेंस मिनिस्ट्री, 1 लाख करोड़ रुपये का टेंडर जारी; Tata-Mahindra-HAL के बीच लगी रेस
IAF के लिए 60 नए मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने की तैयारी है. Defence Ministry ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है. इस बड़े Defence Deal में Tata, Mahindra Defence और HAL समेत कई भारतीय कंपनियां शामिल हैं. Mahindra Defence ने Embraer के साथ C-390 और Tata ने Lockheed Martin के साथ C-130 एयरक्राफ्ट की पेशकश की है.
Jio Credit में Bank of America की एंट्री, 18268 करोड़ रुपये का लगाया दांव; खरीदेगा 49.9% तक हिस्सेदारी
Bank of America ने Jio Financial Services की सब्सिडियरी Jio Credit में 49.9% तक हिस्सेदारी खरीदने के लिए 18,268 करोड़ रुपये की डील की है. BofA शुरुआत में 26.5% हिस्सेदारी के लिए 6,613 करोड़ रुपये लगाएगा, जबकि वारंट्स के जरिए हिस्सेदारी 49.9% तक बढ़ाई जा सकेगी. Jio Credit का AUM 30 जून 2026 तक 30,667 करोड़ रुपये पहुंच चुका है.
Gold Price: सोना 12000 रुपये महंगा हुआ, चांदी के भाव में भी इजाफा; जानें- अब कितना है 10 ग्राम गोल्ड का भाव
Gold Price Today: जुलाई में US में कंज्यूमर प्राइस ग्रोथ जून के 3.5% से थोड़ी घटकर 3.4% हो गई, जो निवेशकों के अनुमान के मुताबिक है. इससे फेडरल रिजर्व के लिए मॉनेटरी पॉलिसी में ढील देने की गुंजाइश कम हो गई है. कीमती धातुओं के कारोबारियों के लिए महंगाई की स्थिति अभी भी नाजुक संतुलन में है.
डॉलर के मुकाबले 3 पैसे मजबूत हुआ रुपया, 95.33 पर बंद, अब इन फैक्टर पर रहेगी नजर
रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे मजबूत होकर 95.33 पर बंद हुआ. हालांकि कच्चे तेल की बढती कीमतों और वैश्विक बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति ने रुपये पर दबाव बनाए रखा. ब्रेंट क्रूड 88.97 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है. अब बाजार की नजर अमेरिकी CPI आंकडों पर है. ज्यादा महंगाई से सितंबर में फेड रेट कट की उम्मीद कमजोर हो सकती है.
July CPI Data: जुलाई में 4.45% पहुंची खुदरा महंगाई, खाने पीने की चीजों के दाम बढे़
जुलाई में देश की खुदरा महंगाई मामूली बढ़ोतरी के साथ 4.45 फीसदी पर पहुंच गई. जून में यह दर 4.38 फीसदी थी. सरकारी आंकड़ों के अनुसार महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह खाद्य कीमतों में तेजी रही. जुलाई में खाद्य महंगाई 5.52 फीसदी रही, जबकि जून में यह 5.32 फीसदी थी.
नई छोड़ पुरानी कार खरीद रहे हैं लोग, इन वजहों से कर रहे किनारा, जानें डिटेल
भारतीय कार बाजार में खरीदारों की सोच बदल रही है. लोग अब सिर्फ माइलेज और ईएमआई के बारे में नहीं सोचते, बल्कि मेंटेनेंस, इंश्योरेंस और रीसेल वैल्यू मिलाकर पूरी ओनरशिप कॉस्ट का हिसाब लगाते हैं. पेट्रोल, सीएनजी, हाइब्रिड और ईवी में से अपनी जरूरत के हिसाब से सही विकल्प चुनना अब ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है. पुरानी कारों की मांग भी तेजी से बढ़ी है. इसी बदलती मांग को ध्यान में रखते हुए मारुति सुजुकी अगले कुछ वर्षों में 7 नई एसयूवी मॉडल लॉन्च करने की बड़ी तैयारी कर रही है. यह वीडियो भारतीय ऑटो बाजार के इस बदलाव को समझाता है.
रोजमर्रा का सामान फिर होगा महंगा? साबुन-तेल से बिस्किट तक बढ़ सकती है कीमत
इस वीडियो में रोजमर्रा के सामानों की बढ़ती कीमतों और महंगाई पर चर्चा की गई है. बिस्किट, साबुन, तेल और चाय जैसे FMCG प्रोडक्ट्स आने वाले दिनों में फिर महंगे हो सकते हैं. कंपनियों का कहना है कि कच्चा तेल, पाम ऑयल और पैकेजिंग की लागत बढ़ने से उन पर दबाव बन रहा है. कंपनियां सीधे दाम बढ़ाने की जगह श्रिंक्फ्लेशन अपना सकती हैं, जिसमें सामान की मात्रा घटा दी जाती है. इसके अलावा मानसूनी बारिश, बुवाई के आंकड़े और बाजार में बढ़ती मांग के असर को भी विस्तार से समझाया गया है. इस पूरे मुद्दे पर HUL, Britannia, Godrej Consumer, और Tata Consumer जैसी कंपनियों का क्या कहना है, यह भी बताया गया है. ग्राहकों को उम्मीद करके चलना चाहिए कि आने वाले समय में इन सभी रोजमर्रा की चीजों के दाम में अभी और भी इजाफा हो सकता है.
इंटर्न से टाटा संस के चेयरमैन तक पहुंचे थे चंद्रशेखरन, इस्तीफे की चिट्ठी में खोला राज, कहा- एक सदस्य ने नहीं किया सपोर्ट
एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है. करीब 6 महीने तक इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं होने के बाद उन्होंने फरवरी 2027 में कार्यकाल खत्म होने पर पुनर्नियुक्ति के लिए खुद को पेश नहीं करने का निर्णय लिया. सरकारी स्कूल से पढ़ाई और टीसीएस में इंटर्नशिप से शुरू हुआ उनका सफर टाटा संस के चेयरमैन पद तक पहुंचा.
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