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रियल एस्टेट समाचार

यमुना एक्सप्रेसवे पर फ्लैटों की बंपर बिक्री, Gaurs Group का 1800 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट हुआ Sold Out

Gaurs Group ने यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर 22D में अपने नए हाउसिंग प्रोजेक्ट Gaur Alaris के सभी 1088 अपार्टमेंट 1800 करोड़ रुपये में बेच दिए हैं. 12 एकड में फैले इस प्रोजेक्ट को अगस्त की शुरुआत में लॉन्च किया गया था. कंपनी के मुताबिक ग्राहकों की प्रतिक्रिया से यमुना एक्सप्रेसवे में आवासीय मांग और खरीदारों के भरोसे का संकेत मिलता है. Gaurs Group ने करीब तीन दशक में 100 मिलियन वर्ग फुट से ज्यादा रियल एस्टेट डिलीवर किया है और 75000 से ज्यादा यूनिट विकसित की हैं.

दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदना हुआ महंगा, 12% तक उछले प्रॉपर्टी के दाम, ये है वजह

जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान दिल्ली-एनसीआर में घरों की कीमतों में सालाना 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. घरों की औसत कीमतें पिछले साल के 8900 रुपए प्रति sq ft से बढ़कर 9980 रुपए प्रति sq ft हो गईं है. आइए जानते हैं कि इसके पीछे की वजह क्या है?

क्या गाजियाबाद बन रहा तेजी से उभरता प्रीमियम हाउसिंग डेस्टिनेशन?

गाजियाबाद अब किफायती घरों के बाजार से आगे बढ़कर प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग डेस्टिनेशन बन रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी, बढ़ती आय, बड़े फ्लैटों की मांग और किराये से कमाई की संभावना ने यहां लग्जरी प्रॉपर्टी बाजार को रफ्तार दी है.

Agreement of Sale vs Sale Deed: प्रॉपर्टी खरीदते समय दोनों में क्या अंतर;घर खरीदने से पहले समझ लें

प्रॉपर्टी खरीदते समय Agreement of Sale और Sale Deed दो महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट होते हैं. Agreement of Sale में खरीदार और विक्रेता के बीच बिक्री की शर्तें दर्ज होती हैं, लेकिन इससे अपने आप मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं होता. वहीं Sale Deed के जरिए प्रॉपर्टी का मालिकाना हक खरीदार को ट्रांसफर किया जाता है. इसलिए घर, फ्लैट या प्लॉट खरीदने से पहले दोनों डॉक्यूमेंट का अंतर समझना जरूरी है.

पुराना घर खरीदने जा रहे हैं? होम लोन लेने से पहले ये डॉक्यूमेंट जरूर करें वेरीफाई; नहीं तो हो सकता है नुकसान

पुराना घर खरीदने की योजना बना रहे हैं और इसके लिए होम लोन लेने वाले हैं, तो सिर्फ प्रॉपर्टी की कीमत और EMI पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है. पुरानी प्रॉपर्टी की कंडीशन, टाइटल, डॉक्यूमेंटेशन, रजिस्ट्रेशन, कंस्ट्रक्शन अप्रूवल और लीगल स्टेटस की जांच करना जरूरी है. रिपेयर और रेनोवेशन कॉस्ट को भी कुल खर्च में शामिल करें.

मुंबई में बढ़ेगी ऑफिस स्पेस की डिमांड, GCC और टेक कंपनियां बनेंगी ग्रोथ ड्राइवर

मुंबई में ऑफिस स्पेस की मांग अगले चार साल में 12 से 15 फीसदी सालाना की दर से बढ़ सकती है. रियल एस्टेट कंसल्टेंट CBRE के मुताबिक 2022 से 2026 के बीच शहर में हर साल औसतन 11.8 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस की मांग रही.

बिल्डर ने तय तारीख तक नहीं दिया घर? RERA का ये नियम दिला सकता है आपका पैसा वापस

अगर बिल्डर ने बिक्री समझौते में तय तारीख तक घर का कब्जा नहीं दिया है, तो खरीदार के पास RERA के तहत कुछ परिस्थितियों में प्रोजेक्ट से बाहर निकलकर अपनी रकम वापस मांगने का अधिकार हो सकता है. इसके साथ लागू ब्याज और मुआवजे का दावा भी किया जा सकता है.

लैंड टोकनाइजेशन पर देश का पहला कानून लाएगी ये सरकार, ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क भी होगा तैयार

महाराष्ट्र सरकार देश का पहला लैंड टोकनाइजेशन लेजिस्लेटिव और ब्लॉकचेन-बेस्ड फ्रेमवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रही है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में इसकी घोषणा की. प्रस्तावित महाराष्ट्र डिजिटाइजेशन एंड एक्सचेंज ऑफ लैंड टोकनाइजेशन एक्ट के जरिए लैंड टोकनाइजेशन को कानूनी और तकनीकी आधार देने की योजना है.

सचिन तेंदुलकर ने लोनावला में खेला ₹70 करोड़ का बड़ा दांव, खरीदी इतनी बड़ी जमीन!

क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने लोनावला में करीब 3.86 एकड़ जमीन खरीदी है. इस प्रॉपर्टी डील पर उन्होंने लगभग ₹70 करोड़ खर्च किए. तीन अलग-अलग सौदों में हुई खरीद के बाद सचिन का रियल एस्टेट पोर्टफोलियो और बड़ा हो गया है.

वरिष्ठ नागरिकों की हाउसिंग डिमांड में आएगी बड़ी तेजी, 2030 तक 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचेगा मार्केट

भारत का सीनियर लिविंग मार्केट 2030 तक 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचने का अनुमान है. रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में करीब 18,000 करोड़ रुपये का यह मार्केट 2026 में 30,000 करोड़ और 2028 में करीब 70,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. वरिष्ठ नागरिकों की हाउसिंग डिमांड 2030 तक करीब 30 लाख यूनिट रहने का अनुमान है.