दिवालिया होने के बाद भी नहीं मानी हार, कंपनी को बनाया यूनिकॉर्न, जानें शार्क टैंक के जज अमित जैन की कितनी है नेट वर्थ

अमित जैन भारत के एक सफल उद्यमी हैं, जिन्होंने अपने शहर जयपुर से शुरुआत करके एक बड़ा ऑटोमोटिव प्लेटफॉर्म खड़ा किया. 12 नवंबर 1976 को जयपुर में जन्मे अमित ने आईआईटी दिल्ली से 1999 में इंजीनियरिंग की डिग्री ली. अपने भाई अनुराग जैन के साथ मिलकर उन्होंने 2007 में गिरनारसॉफ्ट कंपनी शुरू की और 2008 में कारदेखो डॉट कॉम लॉन्च किया.

दिवालिया होने के बाद भी नहीं मानी हार, कंपनी को बनाया यूनिकॉर्न, जानें शार्क टैंक के जज अमित जैन की कितनी है नेट वर्थ
अमित जैन का जन्म 12 नवंबर 1976 को राजस्थान के जयपुर शहर में हुआ था. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा जयपुर के सेंट जेवियर्स स्कूल से पूरी की. इसके बाद वे आईआईटी दिल्ली से 1999 में कंप्यूटर साइंस की इंजीनियरिंग डिग्री हासिल की. अच्छी शिक्षा ने उन्हें तकनीक की मजबूत समझ दी, जो आगे चलकर उनके बिजनेस के लिए बहुत काम आई.
1 / 5
दिवालिया होने के बाद भी नहीं मानी हार, कंपनी को बनाया यूनिकॉर्न, जानें शार्क टैंक के जज अमित जैन की कितनी है नेट वर्थ
आईआईटी पास करने के बाद अमित ने 1999-2000 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम शुरू किया. उसके बाद वे ट्रिलॉजी कंपनी में करीब सात साल तक रहे, जहां उन्होंने सीनियर एसोसिएट, डिलीवरी मैनेजर और प्रोडक्ट मैनेजर जैसे पद संभाले. इस दौरान उन्हें सॉफ्टवेयर और बिजनेस की गहरी जानकारी मिली.
2 / 5
दिवालिया होने के बाद भी नहीं मानी हार, कंपनी को बनाया यूनिकॉर्न, जानें शार्क टैंक के जज अमित जैन की कितनी है नेट वर्थ
2007 में अमित ने अपने छोटे भाई अनुराग जैन के साथ जयपुर में ही गिरनारसॉफ्ट नाम की आईटी कंपनी शुरू की. उनका सपना था कि अपना बिजनेस अपने घर के शहर से चलाएं. शुरुआत में उन्होंने घर के गैरेज से काम शुरू किया और जल्द ही 20 लोगों की टीम बना ली. 2008 में उन्होंने कारदेखो वेबसाइट लॉन्च की, जो कारों की जानकारी, तुलना और रिव्यू देने वाला प्लेटफॉर्म था.
3 / 5
दिवालिया होने के बाद भी नहीं मानी हार, कंपनी को बनाया यूनिकॉर्न, जानें शार्क टैंक के जज अमित जैन की कितनी है नेट वर्थ
2009 में कंपनी दिवालिया हो गई. उस समय 70-80 कर्मचारी थे, लेकिन सैलरी देने तक के पैसे नहीं थे. अमित ने हार नहीं मानी. इसी मुश्किल समय में उन्होंने कारदेखो को पूरी तरह से मुख्य प्रोजेक्ट बना दिया. बिना कोई मार्केटिंग खर्च किए कारदेखो बहुत लोकप्रिय हो गया. आज इसके 35 मिलियन से ज्यादा मासिक यूजर्स हैं और हर महीने हजारों नई-पुरानी कारें बिकती हैं.
4 / 5
दिवालिया होने के बाद भी नहीं मानी हार, कंपनी को बनाया यूनिकॉर्न, जानें शार्क टैंक के जज अमित जैन की कितनी है नेट वर्थ
कारदेखो ने 2013 में सिकोया कैपिटल से बड़ा फंडिंग लिया. 2021 में 250 मिलियन डॉलर की फंडिंग के बाद यह यूनिकॉर्न स्टार्टअप बन गया, जिसकी वैल्यूएशन 1.2 बिलियन डॉलर हो गई. गिरनारसॉफ्ट के अन्य पोर्टल जैसे बाइकदेखो और प्राइसदेखो भी सफल हैं. अमित जैन शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 के जज भी हैं. 5पैसा की एक रिपोर्ट के अनुसार, इनकी अनुमानित नेट वर्थ 365 मिलियन डॉलर (3,266 करोड़) है.
5 / 5