म्यूचुअल फंड समाचार
Gold-Silver ETFs में भारी बिकवाली, 4% तक फिसले, निवेशकों की बढ़ी चिंता; जानें क्यों मचा हड़कंप?
घरेलू बाजार में कमजोरी की बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट रही. अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड सात महीने में पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर से नीचे फिसल गया. अमेरिकी डॉलर में मजबूती और इस उम्मीद ने कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरें बढ़ा सकता है.
ले डूबेगी बैंक वाली SIP, बैंकिंग शेयरों से पैसा क्यों निकाल रहे विदेशी निवेशक
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) इस साल बैंकिंग शेयरों में लगातार बिकवाली कर रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर कमजोर हो गया है. विशेषज्ञों के अनुसार, बैंकिंग शेयरों में अधिक लिक्विडिटी होने के कारण एफआईआई बड़ी मात्रा में आसानी से अपने निवेश निकाल पा रहे हैं. इसके अलावा, अमेरिकी बॉन्ड […]
ग्लोबल मार्केट में निवेश करते हैं 4 म्यूचुअल फंड, एक साल में दे चुके 211% का रिटर्न, जानें लिस्ट का स्टार कौन?
अलग-अलग देशों की अर्थव्यवस्थाओं में निवेश का मौका देते हैं. ग्लोबल निवेश से पोर्टफोलियो में विविधता आती है. अगर आप अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों, ताइवान के सेमीकंडक्टर सेक्टर, चीन की बड़ी कंपनियों या एशियाई बाजारों की ग्रोथ में हिस्सा लेना चाहते हैं, तो ये 5 अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं.
SIF| Specialized Investment Fund| SIF vs SIP |AIF vs SIF|PMS vs SIF|रईस बनने का तरीका सीख लो!
शेयर बाजार में निवेश के नए विकल्प के रूप में स्पेशलाइज्ड इनवेस्टमेंट फंड यानी SIF तेजी से चर्चा में है. सेबी ने इसे म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस के बीच की खाई को भरने के लिए पेश किया है. SIF उन निवेशकों के लिए बनाया गया है जो म्यूचुअल फंड से अधिक लचीलापन चाहते हैं.
100 रुपये से शुरू कर सकते हैं निवेश! इस हफ्ते सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेंगे 3 नए NFO; जानें क्या है खास
म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए इस सप्ताह तीन नए NFO सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहे हैं. इनमें Tata Multi Sector Passive FoF, HDFC Nifty Auto Index Fund और JM Multi Asset Allocation Fund शामिल हैं. ये फंड अलग-अलग निवेश रणनीतियों और एसेट एलोकेशन विकल्पों के साथ बाजार में आ रहे हैं.
कहीं आपका म्यूचुअल फंड तो नहीं बन गया वेल्थ क्रिएशन में बाधा? ये 6 वार्निंग साइन बता देंगे पूरी सच्चाई; जानें डिटेल
शेयर बाजार में बढ़ती वोलैटिलिटी के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए अपने पोर्टफोलियो की नियमित समीक्षा करना बेहद जरूरी हो गया है. बेंचमार्क से लगातार कमजोर प्रदर्शन, ऊंचा एक्सपेंस रेशियो, फंड मैनेजर में बार-बार बदलाव और पोर्टफोलियो ओवरलैप जैसे कई संकेत यह बता सकते हैं कि आपका फंड सही परिणाम नहीं दे रहा है.
बैंकिंग से IT तक, ये हैं Parag Parikh Large Cap Fund के टॉप-10 पसंदीदा शेयर; लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल
Parag Parikh Large Cap Fund ने मई 2026 में HDFC Bank, ICICI Bank, Reliance Industries, Bharti Airtel, Infosys और ITC समेत कई दिग्गज कंपनियों में मजबूत निवेश बनाए रखा है. 739 करोड़ रुपये के AUM वाले इस फंड की सबसे बड़ी हिस्सेदारी बैंकिंग सेक्टर में रही है.
SEBI ने इंट्राडे बॉरोइंग के नियमों में किया बदलाव, म्यूचुअल फंड्स को मिली बड़ी छूट
यह कदम म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की उन चिंताओं के बाद उठाया गया है जो उन्होंने इस साल की शुरुआत में जारी नियमों को लेकर जताई थी. उनका कहना था कि मौजूदा पाबंदियों से फंड का सही तरीके से मैनेजमेंट करने में रुकावट आ सकती है.
SIP में ये 2 गलतियां पड़ सकती हैं भारी! एक्सपर्ट ने बताया कहां करें बदलाव
सद्दाम अली के एक साल पुराने एसआईपी पोर्टफोलियो की समीक्षा की गई है. विशेषज्ञ ने गोल्ड और सिल्वर में अत्यधिक आवंटन (₹12,000) और मिड कैप फंडों के ओवरलैप पर चिंता व्यक्त की है. इसे बेहतर बनाने के लिए बैलेंस्ड एडवांटेज फंड (बीएएफ) जोड़ने और गोल्ड-सिल्वर का आवंटन कम करने का सुझाव दिया गया है, साथ ही मिड कैप फंड को फ्लेक्सी कैप या लार्ज कैप से बदलने की सलाह दी गई है.
PSU बैंक शेयरों से MF ने बनाई दूरी! 8 महीने के निचले स्तर पर पहुंची स्टेक, निवेशकों के लिए चेतावनी या मौका?
मई 2026 में म्यूचुअल फंड्स ने PSU बैंक शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटा दी है. इससे निवेशकों के बीच सवाल उठने लगे हैं कि क्या फंड मैनेजर इस सेक्टर को लेकर सतर्क हो गए हैं या फिर यह सिर्फ मुनाफावसूली और पोर्टफोलियो में बदलाव का हिस्सा है. PSU बैंक शेयरों में आई यह गिरावट चिंता की बात है या फिर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए नया मौका बन सकती है.
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