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कृषि समाचार

KCC में बड़े बदलाव की तैयारी! लोन अवधि छह साल और पैसे निकालने की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव, RBI ने 6 मार्च तक मांगे सुझाव

खेती से जुड़े कर्ज को ज्यादा सरल और जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में अहम पहल की गई है. किसानों की बदलती जरूरतें, फसल चक्र और तकनीक से जुड़े खर्च अब नीति निर्माताओं के फोकस में हैं. आने वाले समय में किसान क्रेडिट से जुड़े नियमों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

India-USA डील पर व्हाइट हाउस ने जारी की फैक्ट शीट, दालों के इंपोर्ट पर बढ़ा कंफ्यूजन; अंतरिम डील में नहीं था जिक्र

हाल ही में White House ने एक फैक्ट शीट जारी की, जिसमें कहा गया कि भारत कुछ अमेरिकी दालों पर टैरिफ घटाएगा या खत्म करेगा. यह बात पहले जारी संयुक्त बयान में साफ तौर पर नहीं लिखी गई थी, इसलिए इस नए खुलासे ने बहस तेज कर दी है.

क्या होती है GM फसल, अमेरिका-भारत ट्रेड डील के बाद इसे लेकर क्यों छिड़ी बहस, जानें क्या है चिंता की वजह?

इंडिया-यूएस ट्रेड डील के बाद GM क्रॉप्स को लेकर बहस तेज हो गई है. कुछ अमेरिकी एग्री प्रोडक्ट्स को कम ड्यूटी एक्सेस मिलने से GM सप्लाई चेन पर चिंता बढ़ी है. सरकार का कहना है कि सेंसिटिव फार्म सेक्टर्स सुरक्षित हैं, लेकिन किसान संगठन बैकडोर एंट्री और घरेलू बाजार पर असर को लेकर चिंतित हैं.

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर किसान नाराज, 12 फरवरी को देशभर में प्रदर्शन का ऐलान

SKM ने पीटीआई को दिए अपने बयान में आरोप लगाया कि यह अंतरिम ट्रेड समझौता भारतीय कृषि को अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनियों के हवाले करने जैसा है. किसान संगठनों ने 12 फरवरी को देशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. SKM नेताओं ने कहा कि गांव-गांव में प्रदर्शन होंगे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाए जाएंगे.

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर किसान संगठनों ने जताया विरोध, 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसान संगठनों ने विरोध तेज कर दिया है. SKM, BKU और AIKS ने इसे भारतीय कृषि के लिए नुकसानदायक बताते हुए 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया है. किसान नेताओं ने कहा कि समझौते से बाजार खुलेंगे और किसानों की आय व डेयरी सेक्टर पर असर पड़ेगा.

परदा उठा लेकिन अभी सामने केवल अर्ध सत्य, अमेरिकी ट्रेड डील ऐसे बदलेगी किसानों का फ्यूचर, इन्हें सीधी चुनौती

वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत के किसान पहले से ही कमजोर स्थिति में हैं. ऐसे में जब पर्दा पूरी तरह उठेगा और समझौते की बारीकियां सामने आएंगी, तब यह और साफ होगा कि यह समझौता भारत के लिए अवसर है या भारतीय कृषि के लिए एक कठिन परीक्षा.

DDGS क्या है और क्यों खोले गए अमेरिका के लिए दरवाजे, जानें भारत पर इसका असर, सेब-सोयाबीन पर क्या बोली सरकार?

भारत-अमेरिका ज्वाइंट स्टेटमेंट के बाद वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि पोल्ट्री सेक्टर को राहत देने के लिए DDGS के आयात को सीमित रूप से अनुमति दी गई है, जबकि सेब और सोयाबीन जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों पर कोटा, न्यूनतम आयात मूल्य और ऊंची ड्यूटी के जरिए घरेलू किसानों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है.

इन अनाजों-मसालों का व्यापार करते हैं तो अमेरिकी टैरिफ से सुरक्षित है आपका बाजार, डेयरी पर भी नहीं आई आंच

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी सेक्टर के कुछ हिस्से को सुरक्षित रखा गया है. सरकार ने साफ किया है कि कुछ अनाज, मसाले, फल-सब्जियां और डेयरी उत्पादों को एंट्री नहीं दी गई, जिससे अमेरिकी टैरिफ का असर घरेलू किसानों और उनके बाजार पर नहीं पड़ेगा.

भारत ने अमेरिका के लिए कृषि क्षेत्र में क्या खोला, जानें किन प्रोडक्ट पर लगेगी जीरो ड्यूटी और किन पर नहीं मिलेगी टैरिफ छूट

भारत और अमेरिका के बीच हुए नए अंतरिम ट्रेड डील के तहत भारत ने कई अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों जैसे DDGs, रेड ज्वार समेत कुछ दूसरे प्रोडक्‍ट्स पर आयात शुल्क घटाने या खत्म करने का फैसला किया है, जबकि भारत ने गेहूं, चावल कुछ संवेदनशील फसलों को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए किसी तरह की ड्यूटी छूट नहीं दी गई है . टैरिफ कटौती से भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों को बेहतर दाम और कृषि क्षेत्र को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है.

कृषि योजनाओं को अंब्रेला स्कीम में लाने की तैयारी में सरकार, PM-RKVY और कृषोन्नति योजना के विलय पर मंथन

केंद्र सरकार की एक नई पहल पर कृषि और नीति से जुड़े हलकों में चर्चा तेज है. प्रस्ताव का मकसद राज्यों को ज्यादा निर्णय क्षमता देना और योजनाओं को जमीनी जरूरतों के करीब लाना बताया जा रहा है. आने वाले समय में इस कदम से खेती से जुड़ी नीतियों के काम करने के तरीके में बदलाव दिख सकता है.