कृषि समाचार
गेहूं की बुवाई लगभग पूरी… अच्छी है फसल की स्थिति, 73 फीसदी लगाई गईं बायो-फोर्टिफाइड बीज की किस्में
बोए गए क्षेत्र के 73 फीसदी से ज्यादा हिस्से में जलवायु-अनुकूल और बायो-फोर्टिफाइड बीज की किस्में लगाई गई हैं, जो मौसम की किसी भी गड़बड़ी का सामना करने में मदद करेंगी. इस रबी सीजन में अब तक दालों का रकबा 13.34 मिलियन हेक्टेयर तक पहुंच गया है.
देश में चीनी उत्पादन में बंपर उछाल, यूपी रहा टॉप पर, महाराष्ट्र ने भी दिखाई जबरदस्त तेजी
NFCSF के ताजा आंकडों के मुताबिक भारत में 2025-26 चीनी सीजन की शुरुआत मजबूत रही है. अक्टूबर से दिसंबर 2025 के दौरान देश का चीनी उत्पादन 23.43 फीसदी बढ़कर 11.83 मिलियन टन पहुंच गया है. इस वृद्धि में महाराष्ट्र की भूमिका सबसे अहम रही, जहां उत्पादन में 63 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया. उत्तर प्रदेश अब भी देश का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक राज्य बना हुआ है.
रबी फसल का रकबा मामूली बढ़ा, गेहूं की बुवाई स्थिर; 8.78 मिलियन हेक्टेयर में हुई रेपसीड-सरसों की खेती
डेटा के अनुसार, 2025-26 रबी सीजन में 26 दिसंबर तक धान की बुवाई पिछले साल की इसी अवधि के 1.30 मिलियन हेक्टेयर से बढ़कर 1.49 मिलियन हेक्टेयर हो गई है. पिछले रबी सीजन में चावल 4.47 मिलियन हेक्टेयर में बोया गया था. तिलहन का रकबा पिछले साल से ज्यादा रहा.
रिकॉर्ड फसल, अच्छी बारिश और GST में राहत, फिर भी क्यों परेशान हैं किसान; इस बीच सरकार ला रही है 2 कृषि कानून
साल 2025 में भारत का एग्रीकल्चर सेक्टर रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन की ओर बढ़ा है. बेहतर मानसून से खरीफ और रबी फसलों को मजबूती मिली है. सरकार के GST सुधारों से खेती की लागत घटी और किसानों को राहत मिली. हालांकि किसान इनकम और निर्यात को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं.
घर बैठे नकली घी कैसे पहचानें? ये है सबसे आसान तरीका, आयोडीन टेस्ट से खुल जाएगा राज
नकली घी की पहचान अब घर बैठे आसान है. Food Pharmer द्वारा बताए गए आयोडीन टेस्ट से कुछ मिनटों में पता लगाया जा सकता है कि देसी घी शुद्ध है या उसमें स्टार्च मिलाया गया है. यह तरीका FSSAI की गाइडलाइंस पर आधारित है.
भारत का चावल स्टॉक रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा, एक्सपोर्ट में आ सकता है 25 फीसदी का उछाल; जमकर हुई धान की खरीदारी
बढ़ते स्टॉक से दुनिया के सबसे बड़े चावल एक्सपोर्टर को शिपमेंट बढ़ाने में मदद मिल सकती है, जिससे थाईलैंड, वियतनाम और पाकिस्तान जैसे प्रतिद्वंद्वियों की सप्लाई पर दबाव पड़ेगा. राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन को उम्मीद है कि इस साल भारत से चावल का एक्सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले करीब 25 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 22.5 मिलियन टन हो जाएगा.
FPO मॉडल में बड़ा बदलाव! सरकार 5 साल और देगी सहारा, नई स्कीम में आएंगे अहम सुधार
कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नीति से संबंधित बड़ा अपडेट सामने आया है, जो आने वाले वर्षों में किसान समूहों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है. सरकार इस पहल से जुड़े कई ढांचागत और वित्तीय मुद्दों को नए तरीके से सुधारने की योजना बना रही है. सभी की निगाहें अब औपचारिक घोषणा पर टिकी हैं.
ऐसे करें अनार की खेती, 40–60% तक होगी पानी की बचत; जानें सही प्रक्रिया
अनार की खेती कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली सफल फसल मानी जाती है. सही किस्म जैसे Bhagwa, Super Bhagwa और वैज्ञानिक पद्धति से रोपाई करने पर किसान बेहतर फल गुणवत्ता और ज्यादा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. बाजार में अनार की कीमत 70 से 120 रुपये प्रति किलो तक मिल जाती है, जिससे किसानों को अच्छी कमाई होती है.
फिर सातवें आसमान पर पहुंचे टमाटर के भाव, एक महीने में 26% चढ़ा, इन फैक्टर्स ने बिगाड़ा खेल
टमाटर की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है. थाेक में भाव बढ़ने से रिटेल मार्केट में भी टमाटर की कीमतें सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं. इसके महंगे होने से आम आदमी का बजट गड़बड़ा गया है. तो क्या है टमाटर के महंगे होने की वजह, जानें डिटेल.
बदलती खेती के साथ बदली सिंचाई, ये हैं 5 प्रकार के इरिगेशन सिस्टम; जानें कौन सा है फायदेमंद
बदलती खेती के दौर में सही इरिगेशन सिस्टम का चयन किसानों के लिए बेहद जरूरी हो गया है. सर्फेस इरिगेशन सिस्टम जहां परंपरागत और कम लागत वाला विकल्प है, वहीं ड्रिप इरिगेशन सिस्टम कम पानी में अधिक उत्पादन देने में सहायक साबित होता है. स्प्रिंकलर इरिगेशन सिस्टम गैर समतल खेतों के लिए उपयोगी माना जाता है.
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