कृषि समाचार
खरीफ के लिए पर्याप्त खाद लेकिन रबी में बढ़ सकती है परेशानी, जारी रहेगी किसानों को सप्लाई, जानें डिटेल
भारत में अभी फर्टिलाइजर की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और किसानों को तुरंत किसी कमी की चिंता करने की जरूरत नहीं है. खरीफ सीजन के लिए यूरिया और अन्य फर्टिलाइजर का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. हालांकि अगर पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो भविष्य में सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है.
भूल जाइए तेल और गैस, उससे भी बड़ा संकट हो रहा खड़ा; जल्द नहीं खत्म हुआ ईरान-इजराइल युद्ध तो दुनिया में मचेगा हाहाकार
ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध और मिडिल ईस्ट में तनाव का असर केवल तेल और गैस बाजार तक सीमित नहीं रह सकता. अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो फर्टिलाइजर सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ सकता है. होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के बड़े हिस्से का फर्टिलाइजर गुजरता है, ऐसे में किसी भी रुकावट से यूरिया, अमोनिया और अन्य फर्टिलाइजर की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं. इसका असर वैश्विक खाद्य उत्पादन और कीमतों पर पड़ने की आशंका है. आने वाले समय में गेहूं, चावल और अन्य खाद्य पदार्थ महंगे हो सकते हैं.
PM किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त से पहले बड़ी छंटनी! ऐसे चेक करें आपका नाम लिस्ट में है या नहीं
PM Kisan की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह अहम समय है. पेमेंट से पहले सरकार ने लिस्ट की सख्त जांच की है. इसलिए किसान तुरंत अपना स्टेटस जांच लें और सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि 2,000 रुपये की अगली किस्त बिना रुकावट खाते में पहुंचे.
Israel-Iran तनाव का असर: खाद्य तेल और फर्टिलाइजर इंपोर्ट पर मंडराया खतरा, निर्यात पर भी बढ़ेगा दबाव
अमेरिका-ईरान के बढ़ते तनाव का असर भारत के कृषि और खाद्य सेक्टर पर दिखने लगा है. शिपिंग लागत में बढ़ोतरी, संभावित कंटेनर संकट और रेड सी मार्ग में जोखिम के कारण खाद्य तेल व उर्वरक कच्चे माल के आयात पर दबाव बन सकता है. साथ ही, मिडिल ईस्ट और यूरोप को होने वाले कृषि निर्यात पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है.
बिहार में पराली जलाने पर सख्ती, 1800 से ज्यादा किसानों की रोकी गईं सब्सिडी और DBT सुविधाएं
बिहार में पराली जलाने के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्यवाई की है. राज्य विधानसभा में पेश कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025-26 में पराली जलाने के कारण 1,807 किसानों का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किया गया है.
भारी बारिश के कारण भारत में चीनी का उत्पादन उम्मीद से कम रहने का अनुमान, क्या बढ़ेगी कीमत?
ट्रेडर्स ने कहा कि भारत को अपने तय एक्सपोर्ट कोटे का आधा भी भेजने में मुश्किल हो सकती है, जिससे ग्लोबल चीनी की कीमतों को सपोर्ट मिलेगा जो पांच साल के निचले स्तर के पास हैं, साथ ही घरेलू कीमतें भी बढ़ेंगी. महाराष्ट्र ने इस सीजन में अब तक 9 मिलियन टन चीनी का प्रोडक्शन किया है.
India-US ट्रेड डील इंपैक्ट: अमेरिका को 5000 टन बासमती चावल सप्लाई करेगा भारत, IREF ने की डील
इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के एक सदस्य ने अमेरिका के खरीदार के साथ 5,000 टन बासमती चावल सप्लाई करने का कॉमर्शियल समझौता किया है. फेडरेशन ने इसे अहम विकास बताया है, क्योंकि यह डील हालिया व्यापार समझौते के तुरंत बाद सामने आई है.
सरकार ला रही है Bharat-VISTAAR! जानिए एक क्लिक में कैसे किसानों को मिलेगी फसल, मौसम और योजनाओं की पूरी जानकारी
Bharat-VISTAAR के लॉन्च से खेती में डिजिटल बदलाव की नई शुरुआत हो रही है. यह AI-आधारित प्लेटफॉर्म किसानों को उनकी भाषा में फसल, मौसम, कीट और सरकारी योजनाओं की जानकारी देगा. फोन कॉल और मोबाइल के जरिए 24×7 मिलने वाली यह सुविधा किसानों के फैसले आसान बनाएगी और जोखिम घटाने में मदद करेगी.
Budget 2026 के बाद RBI की बड़ी सौगात, क्या किसानों मुश्किलें दूर होंगी?
ड्राफ्ट गाइडलाइंस में फसल सीजन की अवधि को मानकीकृत करने का प्रस्ताव है. इससे लोन स्वीकृति और भुगतान की समय-सीमा में समानता आएगी.
KCC में बड़े बदलाव की तैयारी! लोन अवधि छह साल और पैसे निकालने की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव, RBI ने 6 मार्च तक मांगे सुझाव
खेती से जुड़े कर्ज को ज्यादा सरल और जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में अहम पहल की गई है. किसानों की बदलती जरूरतें, फसल चक्र और तकनीक से जुड़े खर्च अब नीति निर्माताओं के फोकस में हैं. आने वाले समय में किसान क्रेडिट से जुड़े नियमों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं.