कृषि समाचार
गेहूं एक्सपोर्ट पर सरकार का बड़ा फैसला! 25 लाख टन अतिरिक्त निर्यात को मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने गेहूं निर्यात पर बड़ा फैसला लेते हुए 25 लाख टन अतिरिक्त गेहूं एक्सपोर्ट की मंजूरी दे दी है. DGFT की अधिसूचना के बाद अब कुल 50 लाख टन गेहूं और 10 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को अनुमति मिल चुकी है. रिकॉर्ड उत्पादन और मजबूत स्टॉक के बीच यह फैसला किसानों, व्यापारियों और निर्यातकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है.
UP के किसानों को बड़ी राहत, अब बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी MSP पर बेच सकेंगे गेहूं; जानें कारण
उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता खत्म कर दी है. अब किसान सीधे सरकारी केंद्रों पर MSP पर फसल बेच सकेंगे. जानें सरकार ने आखिर ये फैसला क्यों लिया.
₹50 हजार लगाकर ₹1.5 लाख तक कमाएं! अश्वगंधा की फसल बना रही किसानों को मालामाल; जानें खेती का पूरा तरीका
अगर आप कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो अश्वगंधा की खेती एक बेहतरीन विकल्प है. सही तकनीक और अच्छी क्वालिटी के बीज के साथ यह फसल किसानों की आमदनी बढ़ाने का मजबूत जरिया बन सकती है.
किसानों के लिए बड़ा तोहफा! यूपी में 20 लाख टन आलू खरीदेगी सरकार; इन राज्यों को भी मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. उत्तर प्रदेश में 20 लाख टन आलू खरीदने, आंध्र प्रदेश में चना खरीद सीमा बढ़ाने और कर्नाटक में तुअर खरीद की समयसीमा बढ़ाने को मंजूरी दी गई है. इस कदम का मकसद किसानों को MSP के करीब उचित दाम दिलाना और मजबूरी में फसल बेचने से बचाना है.
मंडी में अब रिजेक्ट नहीं होगा टूटे और सिकुड़े दानों वाला गेहूं! पंजाब के किसानों को मिली राहत, नियमों में बड़ी छूट
बेमौसम बारिश की वजह से पंजाब और चंडीगढ़ में गेहूं की फसल की क्वालिटी खराब हो गई है. ऐसे में अगर पुराने नियम लागू रहते, तो किसानों की फसल मंडियों में रिजेक्ट हो सकती थी. इसी वजह से राज्य सरकार ने केंद्र से नियमों में ढील देने की मांग की थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है.
पॉपलर या यूकेलिप्टस? 5000 लगाकर 5 साल में मिलेंगे 24 लाख, जानें 100 पेड़ों का पूरा कैलकुलेशन, समझें पूरा बाजार
पॉपलर एक तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है, जो 5 से 6 साल में अच्छी कमाई का मौका देता है और इसकी मांग देश ही नहीं, विदेशों में भी लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि किसान अब एग्रोफॉरेस्ट्री की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं. अगर 100 पेड़ों की तुलना करें तो पॉपलर भले ही थोड़ा महंगा लगता है, लेकिन कम समय में ज्यादा रिटर्न देता है. वहीं यूकेलिप्टस में लागत कम होती है, लेकिन कमाई और समय दोनों ज्यादा लगते हैं.
चीनी उत्पादन में आया 7 फीसदी का बंपर उछाल, 27.39 मिलियन टन हुआ पार; महाराष्ट्र-कर्नाटक ने बढ़ाया ग्राफ
साल 2025-26 का चीनी सीजन भारत के लिए सकारात्मक नजर आ रहा है. नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र और कर्नाटक की मजबूत परफॉर्मेंस ने गिरावट वाले राज्यों की भरपाई कर दी है, जिससे कुल उत्पादन में अच्छी बढ़त देखने को मिली है.
खरीफ फसलों पर संकट के संकेत, कमजोर मानसून और महंगाई से बढ़ेगी चिंता; किसानों के लिए अलर्ट
इस बार खरीफ सीजन पर कमजोर मानसून और पश्चिम एशिया तनाव का दोहरा असर पड़ सकता है. अल नीनो के कारण बारिश कम रहने की आशंका है, जिससे फसल प्रोडक्शन घट सकता है. वहीं कच्चे तेल और खाद की बढ़ती कीमतों से किसानों की लागत बढ़ेगी. इसका असर खाद्य महंगाई और ग्रामीण मांग पर पड़ सकता है.
IMD ने 2026 में सामान्य से कम मॉनसून का दिया संकेत, 92 फीसदी बारिश का अनुमान; इन फसलों पर पड़ेगा असर
Monsoon Forecast: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून, जो आम तौर पर 1 जून के आस-पास केरल में शुरू होता है और सितंबर के मध्य तक लौट जाता है. 2026 में मॉनसून का सामान्य से कम रहना, पिछले तीन साल में ऐसा पहला मौका होगा.
4 साल बाद खुला गेहूं निर्यात का रास्ता, कई देशों ने भारत से खरीदने में दिखाई दिलचस्पी
भारत ने करीब 4 साल बाद गेहूं निर्यात पर लगी पाबंदी हटाकर वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत वापसी दर्ज की है. मिस्र, इंडोनेशिया, म्यांमार और बांग्लादेश जैसे देशों ने भारतीय गेहूं खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. सरकार जल्द ही DGFT के जरिए निर्यात कोटा तय करने वाली है, जिससे इंटरनेशनल ट्रेड को गति मिलेगी. हालांकि, बेमौसम बारिश से क्वालिटी पर असर जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं.
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