अंतर्राष्ट्रीय समाचार

US Federal Debt रिकॉर्ड स्तर पर! ट्रंप की नीतियों ने अमेरिकी परिवारों पर बढ़ाया कर्ज का बोझ

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लाख प्रयासों के बावजूद देश का कर्ज बढ़ता जा रहा है. अमेरिका की फेडरल गवर्नमेंट का कर्ज 38.5 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुका है. पिछले साल इसमें 2.3 ट्रिलियन डॉलर की तेजी आई. यानी रोजाना देश का कर्ज 6.3 अरब डॉलर बढ़ा.

‘पीएम मोदी मुझसे खुश नहीं हैं’- रूसी तेल खरीद पर ट्रंप का बयान, टैरिफ बढ़ाने की दी चेतावनी!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर नाराजगी जताते हुए टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी है. हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ भी की. भारत ने साफ किया है कि ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हित उसके लिए सर्वोपरि हैं.

वेनेजुएला में चीन का 2.1 अरब डॉलर फंसा! मादुरो के हटते ही तेल से लेकर टेलीकॉम सेक्टर तक मंडराया संकट

वेनेजुएला में सत्ता बदलाव के बाद चीन के निवेश पर अनिश्चितता बढ़ गई है. चीन ने तेल सेक्टर में 2.1 अरब डॉलर का दांव लगा रखा हैं और रोज 4.7 लाख बैरल तेल खरीदता है. राष्ट्रपति मादुरो के हटने से चीनी समझौतों, कर्ज व टेलीकॉम निवेश की समीक्षा संभव है. अब अमेरिका के अगले मूव पर दुनिया की नजर बनी हुई है.

ट्रंप का बड़ा दावा, टैरिफ पॉलिसी से अमेरिका को 54 लाख करोड़ की होगी कमाई; राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बताया जरूरी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी टैरिफ नीति से अमेरिका को 600 अरब डॉलर यानी करीब 54 लाख करोड़ रुपये की कमाई होगी. ट्रंप का कहना है कि यह पैसा सीधे सरकार के खजाने में जाएगा. उन्होंने मीडिया पर इस खबर को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया.

पाकिस्तान जैसी गलती कर बैठा वेनेजुएला, चीन ने दिया धोखा, अमेरिका ने ऑपरेशन सिंदूर जैसे कर दिए हालात

वेनेजुएला को दक्षिण अमेरिका की सबसे मजबूत एयर डिफेंस रखने वाला देश माना जाता था. इस घटना ने न सिर्फ चीन के हथियारों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि उन देशों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है जो भविष्य में ऐसी तकनीक खरीदने की योजना बना रहे हैं.

ड्रग्स, दबदबा और चीन के वर्चस्व का खेल! वेनेजुएला के बाद क्यूबा और कोलंबिया को आंखें क्यों तरेर रहा अमेरिका

लैटिन अमेरिका में हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर महाशक्तियों की राजनीति को केंद्र में ला दिया है. इतिहास, सुरक्षा, ड्रग तस्करी और वैश्विक ध्रुवीकरण के बीच कुछ देशों पर बढ़ता दबाव कई बड़े संकेत देता है. सवाल यह है कि यह सिर्फ चेतावनी है या आने वाले बदलावों की आहट.

तेल नहीं चीन है वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की वजह, जानें रॉबर्ट कियोसाकी ने क्यों इराक से की तुलना

अमेरिका ने 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला पर बड़ा सैन्य हमला किया और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले गया. ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका वेनेजुएला को चलाएगा और उसके विशाल तेल भंडार को ऑपरेट करेगा. दुनिया भर में इसकी निंदा हो रही है. रॉबर्ट कियोसाकी ने इसे तेल से ज्यादा आर्थिक ताकत और चीन के नियंत्रण तोड़ने की जंग बताया.

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, कहा- अभी अमेरिका ही चलाएगा वेनेजुएला, जरूरत पड़ी तो फिर होगा हमला

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि जब तक वहां स्थिर सत्ता परिवर्तन नहीं हो जाता, अमेरिका ही देश की जिम्मेदारी संभालेगा. मादुरो की गिरफ्तारी, तेल संसाधनों पर नजर और दोबारा हमले की चेतावनी ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.

कहां पर है वेनेजुएला, पास में कितना तेल भंडार, अमेरिकी हमले के बाद क्या आएगा भूचाल

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव अब सैन्य कार्रवाई तक पहुंच गया है. कराकास में हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को लेकर ट्रंप के दावों ने वैश्विक राजनीति को झकझोर दिया है. दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाला वेनेजुएला अमेरिकी प्रतिबंधों, ड्रग तस्करी के आरोप और तेल राजनीति के चलते गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है.

जब-जब अमेरिका करता है हमला, रॉकेट बनते हैं तेल के दाम, वेनेजुएला के पास सबसे ज्यादा ऑयल रिजर्व, क्या दुनिया में बढ़ेगी महंगाई?

दुनिया के ऊर्जा बाजार में एक बार फिर बेचैनी दिख रही है. अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के बीच तेल की आपूर्ति, कीमतों और महंगाई को लेकर नए सवाल खड़े हो रहे हैं. निवेशकों से लेकर आम उपभोक्ता तक की नजरें अब कच्चे तेल से जुड़े वैश्विक संकेतों पर टिकी हैं.