स्टार्टअप समाचार

आर्थिक मुश्किलों से लड़कर कुणाल शाह ने कैसे पलट दी जिंदगी! जानें CRED के फाउंडर के दिलचस्प किस्से

कुणाल शाह भारत के स्टार्टअप जगत के एक चमकते सितारे हैं, जिन्होंने गरीबी से लड़ते हुए अरबपति बनने का सफर तय किया. मुंबई में जन्मे कुणाल ने 15 साल की उम्र से काम शुरू किया और फिलॉसफी की डिग्री लेकर एमबीए बीच में छोड़ दिया. उन्होंने फ्रीचार्ज और क्रेड जैसी कंपनियां बनाकर करोड़ों लोगों की जिंदगी आसान की. उनकी कहानी बताती है कि जिज्ञासा, नई सोच और कड़ी मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है.

स्कूल जानें से लेकर Zomato बनाने तक कभी नहीं छोड़ा साथ, जानें कैसे बने दीपंदर गोयल अलबिंदर ढींडसा बेस्ट फ्रेंड

Zomato और Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal Ltd. ने अपने शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है. कंपनी ने अलबिंदर ढिंढसा को नया Group Chief Executive Officer (CEO) नियुक्त किया है. वह 1 फरवरी 2026 से यह जिम्मेदारी संभालेंगे. मौजूदा CEO और Zomato के संस्थापक दीपिंदर गोयल इस पद से हट जाएंगे. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि दोनों की दोस्ती बहुत पुरानी है. दोनों स्कूल टाइम से बेस्ट फ्रेंड हैं.

कार बेचने में हुई परेशानी तो इस लड़के ने बना दिया CARS24, दुबई तक फैला है बिजनेस, नेट वर्थ ₹1,790 करोड़

पुरानी कार बेचना पहले बहुत मुश्किल काम था. दलालों के चक्कर, कम कीमत और ढेर सारी परेशानियां. लेकिन CARS24 ने इसे आसान बना दिया. IIT से पढ़ाई करने वाले विक्रम चोपड़ा ने साल 2015 में यह कंपनी बनाई. कंपनी अब यूनिकॉर्न बन चुकी है और लाखों लोगों की जिंदगी आसान कर रही है.

IIT से की थी पढ़ाई, फिर छोड़ी Amazon की नौकरी, आज ये शख्स संभाल रहा करोड़ों का ज्वेलरी बिजनेस

भारत में ज्वेलरी का बाजार बहुत पुराना और पारंपरिक है, लेकिन गौरव सिंह कुशवाहा ने इसे पूरी तरह बदल दिया. आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई करने वाले गौरव ने अमेजन जैसी बड़ी कंपनी छोड़कर 2011 में ब्लूस्टोन शुरू किया. उन्होंने ऑनलाइन ज्वेलरी खरीदने को आसान, भरोसेमंद और आधुनिक बनाया. आज ब्लूस्टोन भारत की सबसे बड़ी ऑनलाइन ज्वेलरी कंपनियों में से एक है.

गुजरात के इस लड़के ने लाई EV सेक्टर में क्रांति, IIT से की पढ़ाई, दोस्त के साथ मिलकर बनाया Ather Energy

तरुण मेहता की सफलता की कहानी एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि सपने, मेहनत और लगन से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं. अहमदाबाद के एक साधारण मरवाड़ी परिवार में जन्मे तरुण ने इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भारत को नई दिशा दी. उन्होंने Ather Energy की स्थापना की, जो आज भारत की इलेक्ट्रिक स्कूटर इंडस्ट्री में अग्रणी कंपनी है.

Tata Group में करते थे नौकरी, शुरू की खुद की हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ACKO, अब नेट वर्थ ₹107 करोड़ पार

वरुण दुआ, एकको जनरल इंश्योरेंस कंपनी के संस्थापक और सीईओ, भारत की पहली डिजिटल इंश्योरेंस कंपनी को खड़ा करके एक यूनिकॉर्न बना चुके हैं. दिल्ली में जन्मे इस उद्यमी ने अपनी शिक्षा, अनुभव और चुनौतियों का सामना करते हुए कम समय में बड़ी सफलता हासिल की है. उनकी कंपनी की वैल्यूएशन आज 1.1 बिलियन डॉलर है और उन्होंने शार्क टैंक इंडिया में जज बनकर स्टार्टअप जगत को भी प्रभावित किया है.

शादी के बाद धुंधले हुए सपने लेकिन हालातों ने बनाया सफल एंटरप्रेन्योर, जानें दिशा ने कैसे बदली अपनी किस्मत

जिंदगी ने दिशा की कड़ी परीक्षा ली. साल 2020 में उनके ससुर का निधन हो गया. इसके बाद साल 2022 में उनके पति का भी देहांत हो गया. इन दो बड़े झटकों के बाद हालात पूरी तरह बदल गए. उस वक्त दिशा के पास पीछे हटने का कोई विकल्प नहीं था. उन्होंने हालात के सामने झुकने के बजाय खुद को और मजबूत किया.

जानें कौन हैं प्राची पोद्दार, जिनकी पढ़ाई के आड़े आई शादी, बाद में सीमेंट वेस्ट से खड़ा किया नया बिजनेस

प्राची पोद्दार को फाइनेंस में रुचि है. कॉलेज के दिनों में उनका झुकाव मैथ्स और अकाउंट्स की ओर था. जिस वजह से उन्होंने मैनेजमेंट की पढ़ाई चुनी. IIM Bangalore से पढ़ाई पूरी करने के बाद वे वापस लौटीं और शादी की. लेकिन इसके बाद भी उन्होंने खुद को सीमित नहीं किया.

बिना सपोर्ट सिस्टम से इंडस्ट्री में पहचान तक, ऐसे बनाई इंटीरियर डिजाइन की दुनिया में दीपा देवराजन ने अपनी अलग पहचान

Purple Dreams की फाउंडर दीपा का कहना है कि वह दिन की शुरुआत आसमान के पार शायद और कोई आसमान होगा के विचार से करती है. वह बताती हैं कि एक बार उनकी मां ने उनसे कहा था कि बेटा, हम साउथ के लोग हैं, बिजनेस तुमसे नहीं हो पाएगा. पहले तुम्हें पढ़ाई करनी होगी, फिर एक बढ़िया सी जॉब करनी होगी, जिससे पैसा इकट्ठा होने के बाद अपनी शादी करनी होगी.

घर के खर्च से बचाया 15000 रुपये और शुरू किया बिजनेस, महिलाओं के लिए बनाया खास फिटनेस सेंटर, जानें कौन है प्रतिभा शर्मा

साल 2017 में प्रतिभा शर्मा ने 11:11 स्लिमिंग एंड फिटनेस सेंटर की शुरुआत की. शुरुआत छोटी थी लेकिन सोच बड़ी थी. आज 7 साल बाद ये सेंटर 1000 से ज्यादा महिलाओं को सर्विस दे रही है. इनमें से 80 फीसदी महिलाएं वही हैं जिन्हें फिटनेस इंडस्ट्री ने पहले नजरअंदाज किया था.