शादी के बाद धुंधले हुए सपने लेकिन हालातों ने बनाया सफल एंटरप्रेन्योर, जानें दिशा ने कैसे बदली अपनी किस्मत

जिंदगी ने दिशा की कड़ी परीक्षा ली. साल 2020 में उनके ससुर का निधन हो गया. इसके बाद साल 2022 में उनके पति का भी देहांत हो गया. इन दो बड़े झटकों के बाद हालात पूरी तरह बदल गए. उस वक्त दिशा के पास पीछे हटने का कोई विकल्प नहीं था. उन्होंने हालात के सामने झुकने के बजाय खुद को और मजबूत किया.

दिशा गर्ग

कुछ सपने ऐसे होते हैं जो हालात के बोझ तले दब तो जाते हैं, लेकिन खत्म नहीं होते. दिशा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. NIFT से पढ़ाई पूरी कर उन्होंने फैशन की दुनिया में बड़ा नाम बनाने के सपने देखे थे. लेकिन शादी जल्दी हो गई और उसके साथ जिम्मेदारियों का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ कि उनके सपनों के लिए जगह ही नहीं बची. इसके बाद एक अच्छी पत्नी, अच्छी बहू और अच्छी मां बनने की कोशिश में उनकी फैशन डिग्री एक कोने में धूल खाती रही. बावजूद इसके, खुद का कुछ करने की चाह कभी खत्म नहीं हुई.

NIFT से डिजाइनर बनने का सपना, जो शादी के बाद रुक गया

शादी के बाद उन्होंने धीरे-धीरे खुद को पूरी तरह परिवार को समर्पित कर दिया. दिन निकलते गए और उनकी पहचान सिर्फ एक गृहिणी तक सीमित होती चली गई. वे बताती हैं कि मन के भीतर कहीं यह टीस हमेशा रही कि वे सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहना चाहती थीं. उन्होंने जब घर के बेसमेंट में एक छोटा सा बुटीक शुरू करने की इच्छा जताई तो परिवार से विरोध भी मिला. इतना छोटा सपना भी उस वक्त बड़ा लग रहा था.

दो दर्जी और सीमित साधनों से शुरू हुआ सफर

अपने ससुराल वालों को काफी समझाने और खुद पर भरोसा रखने के बाद दिशा ने चुपचाप अपने काम की शुरुआत की. सिर्फ दो दर्जी और बेहद सीमित संसाधनों के साथ उन्होंने एक टेलरिंग बुटीक शुरू किया. उन्‍होंने बताया कि दो लोगों की टीम के साथ शुरु किए इस सफर में आज उनकी टीम में 25 वर्कर हैं. कोई बड़ा सेटअप नहीं था, कोई मजबूत सपोर्ट सिस्टम नहीं था. था तो बस उनके हाथों का हुनर और खुद पर भरोसा. वह धीरे-धीरे आगे बढ़ती रहीं और अपने काम को निखारती रहीं.

जब जुनून से ज्यादा जरूरी बन गया सर्वाइवल

जिंदगी ने दिशा की कड़ी परीक्षा ली. साल 2020 में उनके ससुर का निधन हो गया. इसके बाद साल 2022 में उनके पति का भी देहांत हो गया. इन दो बड़े झटकों के बाद हालात पूरी तरह बदल गए. जो काम कभी शौक और पहचान था, वह अब जीने का जरिया बन गया. उस वक्त दिशा के पास पीछे हटने का कोई विकल्प नहीं था. उन्होंने हालात के सामने झुकने के बजाय खुद को और मजबूत किया.

ग्रीन पार्क के डिजाइनर बुटीक तक का सफर

आज दिशा दिल्ली के ग्रीन पार्क में अपना एक सफल डिजाइनर बुटीक चला रही हैं. उनके यहां करीब 25 लोग काम करते हैं. उनका बिजनेस आज न सिर्फ उनके परिवार का सहारा है बल्कि उनकी पहचान भी बन चुका है. दिशा बताती हैं कि आज वह हर महिला से यही कहती हैं कि अगर आप कमा रही हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि आज ही सब खर्च कर देना है. आज कमाने का मतलब है कल के लिए खुद को सुरक्षित बनाना, ताकि मुश्किल वक्त में मजबूती से खड़ा रहा जा सके.

फाइनेंशियल फ्रीडम क्यों है हर महिला के लिए जरूरी

दिशा की कहानी यह साबित करती है कि फाइनेंशियल फ्रीडम कोई लग्जरी नहीं बल्कि सुरक्षा है. यह सम्मान है और आत्मसम्मान है. जब जिंदगी अचानक सब कुछ छीन लेती है, तब आपकी आर्थिक आज़ादी ही आपको दोबारा खड़े होने की ताकत देती है. दिशा आज सिर्फ एक डिजाइनर नहीं हैं, बल्कि उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने सपनों को जिम्मेदारियों के पीछे छोड़ चुकी हैं.

इन्वेस्टमेंट से पहले इन बातों का जरूर रखें ध्यान

म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट से पहले एक बार KYC का प्रोसेस करना जरूरी होता है. याद रहे, KYC प्रोसेस हमेशा रजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड कंपनियों के साथ ही करना चाहिए, जिनके बारे में सेबी अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर जानकारी जारी करता है. इसके अलावा, अगर आपको किसी भी तरह की शिकायत करनी है, तो इसके लिए निवेशक एएमसी से संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही आप SCORES पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. अगर आपकी शिकायत का सही तरीके से समाधान नहीं होता है या फिर आप उस समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप Smart ODR पोर्टल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

एचडीएफसी एएमसी क्या है?

HDFC एएमसी यानी एसेट मैनेजमेंट कंपनी देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियों में से एक है. यह साल 1999 में बनी थी और साल 2000 में इसे SEBI से मंजूरी मिली. इसके बाद यह इक्विटी, फिक्स्ड इनकम और दूसरे इन्वेस्टमेंट ऑप्शनों का मैनेजमेंट करती है. फिलहाल यह देश भर में अपनी शाखाओं, बैंकों, स्वतंत्र फाइनेंशियल एडवाइजर और नेशनल डिस्ट्रीब्यूटर्स के जरिए अपनी सेवाएं देती है.