डैशबोर्ड पर जली ये 3 लाइटें? तुरंत रोकें गाड़ी, वरना लाखों का हो सकता है नुकसान; जानें सही तरीका
ड्राइविंग के दौरान डैशबोर्ड पर जलने वाली कुछ वार्निंग लाइट्स बड़ी खराबी का संकेत हो सकती हैं. इंजन ओवरहीट लाइट, इंजन ऑयल लेवल लो लाइट और ब्रेक सिस्टम वार्निंग लाइट को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. समय पर गाड़ी रोककर जांच करने से इंजन सीज, ब्रेक फेल और महंगी मरम्मत से बचा जा सकता है.
Car warning lights: ड्राइविंग के दौरान डैशबोर्ड पर जलने वाली चेतावनी लाइटें केवल संकेत नहीं होतीं, बल्कि वे आपकी गाड़ी की सेहत का अलार्म होती हैं. कई बार लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं और छोटी समस्या कुछ ही मिनटों में बड़ी खराबी में बदल जाती है. ऑटो एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसी तीन लाइटें हैं, जिन्हें देखते ही गाड़ी तुरंत रोक देनी चाहिए, वरना मरम्मत का खर्च हजारों नहीं बल्कि लाखों रुपये तक पहुंच सकता है.
इंजन ओवरहीट लाइट
इंजन ओवरहीट लाइट तब जलती है, जब कूलिंग सिस्टम में गड़बड़ी हो जाती है. इसका कारण कूलेंट का खत्म हो जाना, रेडिएटर में लीकेज, थर्मोस्टेट की खराबी या कूलिंग फैन का बंद हो जाना हो सकता है. कई ड्राइवर सोचते हैं कि थोड़ी देर और गाड़ी चलाने से कुछ नहीं होगा, लेकिन यही लापरवाही भारी पड़ती है. अगर ओवरहीट लाइट जलने के बाद भी गाड़ी चलाई जाए, तो इंजन का हेड गैस्केट खराब हो सकता है, सिलेंडर हेड टेढ़ा हो सकता है और पिस्टन जाम हो सकते हैं.
गंभीर स्थिति में इंजन सीज भी हो सकता है, जिसके बाद पूरा इंजन खोलना पड़ता है. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि जैसे ही यह लाइट दिखे, गाड़ी तुरंत सुरक्षित स्थान पर रोकें. बोनट खोलकर जांच करें, लेकिन गरम रेडिएटर का ढक्कन तुरंत न खोलें, क्योंकि दबाव में भाप निकलकर जलन पैदा कर सकती है.
इंजन ऑयल लेवल लो लाइट
इंजन ऑयल इंजन के लिए जीवनरेखा की तरह होता है. यह अंदरूनी हिस्सों के बीच घर्षण कम करता है और उन्हें ठंडा रखने में मदद करता है. जब ऑयल का स्तर कम हो जाता है या ऑयल पंप ठीक से काम नहीं करता, तब यह चेतावनी लाइट जलती है. यदि इस संकेत को नजरअंदाज किया जाए, तो इंजन के अंदर धातु के हिस्से आपस में रगड़ खाकर तेजी से घिसने लगते हैं.
इससे क्रैंकशाफ्ट, पिस्टन और अन्य पार्ट्स को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. मामूली ऑयल की कमी भारी मरम्मत में बदल सकती है. सलाह यही है कि इस लाइट के जलते ही इंजन तुरंत बंद करें. डिपस्टिक से ऑयल लेवल जांचें. यदि ऑयल कम है, तो सही ग्रेड का ऑयल डालें. समस्या बनी रहे, तो गाड़ी चलाने के बजाय टो करके वर्कशॉप तक ले जाएं.
ब्रेक सिस्टम वार्निंग लाइट
ब्रेक सिस्टम वार्निंग लाइट सुरक्षा से सीधे जुड़ी होती है. यह लाइट तब जलती है, जब हैंडब्रेक लगा रह जाए या ब्रेक फ्लूइड का स्तर कम हो जाए. कभी-कभी ब्रेक पैड के अत्यधिक घिस जाने या हाइड्रोलिक सिस्टम में लीकेज के कारण भी यह संकेत मिलता है. ब्रेक सिस्टम में खराबी का मतलब है कि गाड़ी की रुकने की क्षमता प्रभावित हो सकती है.
तेज रफ्तार या ढलान पर यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है और दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है. ड्राइवर को सबसे पहले जांचना चाहिए कि हैंडब्रेक पूरी तरह नीचे है या नहीं. यदि सब कुछ सामान्य है और फिर भी लाइट जल रही है, तो गाड़ी चलाने का जोखिम न लें. तुरंत मैकेनिक से ब्रेक सिस्टम की पूरी जांच करवाएं.
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