दिसंबर 2025 में न्यू एज टेक कंपनियों की वैल्यूएशन रिकॉर्ड ऊंचाई पर है. Zomato, Nykaa, Lenskart, Delhivery और Ixigo जैसी डिजिटल-बिजनेस आधारित कंपनियां बेहद हाई P/E रेशियो पर ट्रेड कर रही हैं, जबकि मौजूदा मुनाफे कम नजर आते हैं. इसके बावजूद निवेशक इन कंपनियों पर मजबूत भरोसा दिखा रहे हैं.
पिछले 5 वर्षों में 17115.07 फीसदी से अधिक रिटर्न देने वाली स्मॉल-कैप मल्टीबैगर कंपनी हज़ूर मल्टी प्रोजेक्ट्स सोमवार को बाजार में फोकस में रहने वाली है. कंपनी ने 13 लाख 20 हजार इक्विटी शेयर अलॉट करते हुए अपने वारंट कन्वर्जन प्रोसेस को मंजूरी दे दी है, जिससे कुल 2 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई. यह अलॉटमेंट नॉन-प्रमोटर निवेशकों को किया गया है जिन्होंने निर्धारित समय सीमा में वारंट कन्वर्जन पूरा किया है.
घर पर बिना वैक्स के भी कार को शोरूम जैसी चमक देना बिल्कुल आसान है. सही पीएच-बैलन्स्ड शैम्पू, माइक्रोफाइबर मिट और सिम्पल डीआईवाई क्विक-डिटेलर स्प्रे के इस्तेमाल से कार की शाइन आसानी से बरकरार रखी जा सकती है. इस आसान प्रक्रिया में स्क्रैच-फ्री सफाई, स्मूद फिनिश और बेहतर ग्लास क्लैरिटी शामिल है. साथ ही टायर क्लीनिंग से कार की ओवरऑल अपीयरेंस और भी निखर जाती है.
भारत का पावर सेक्टर तेजी से ग्रो कर रहा है और कई बड़ी ट्रांसमिशन कंपनियां रिकॉर्ड ऑर्डर बुक दर्ज कर रही हैं. सितंबर 2025 तक हिताची एनर्जी, स्किपर लिमिटेड और ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया जैसी कंपनियों का ऑर्डर बुक 29,000 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया है.
20000 रुपेया मासिक SIP से 1 करोड़ रुपेया का कॉर्पस बनने में कितना समय लगता है, इसका पूरा गणित दिया गया है. अलग-अलग वार्षिक रिटर्न 10 फीसदी, 12 फीसदी और 15 फीसदी पर निवेश की अवधि कैसे बदलती है, यह समझना हर नए निवेशक के लिए जरूरी है. कंपाउंडिंग का प्रभाव लम्बी अवधि में रिटर्न को तेज बनाता है, जिससे कॉर्पस तेजी से बढ़ता है.
पिछले 4 क्वार्टर में म्यूचुअल फंड्स ने 4 प्रमुख स्टॉक्स आईईएक्स और मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर में लगातार हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिससे इन कंपनियों के प्रति मजबूत इंस्टिट्यूशनल भरोसा दिखाई देता है. ऊर्जा, इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस, ट्रैवल टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर जैसे विविध सेक्टरों में फैला यह निवेश बाजार में डाइवर्सिफाइड एप्रोच को दिखा रहा है.
कर्ज पर तेजी से खड़ा हो रहा AI इन्फ्रास्ट्रक्चर अब OpenAI के पार्टनर्स की बैलेंस शीट पर भारी दबाव डाल रहा है. Financial Times की रिपोर्ट बताती है कि SoftBank, Oracle, CoreWeave, Blue Owl Capital और Crusoe जैसी कंपनियां मिलकर 96 बिलियन डॉलर की उधारी उठा चुकी हैं, ताकि OpenAI की बढ़ती कम्प्यूट और डाटा सेंटर जरूरतों को पूरा किया जा सके. हैरानी यह है कि OpenAI की अपनी बैलेंस शीट पर केवल 4 बिलियन डॉलर की क्रेडिट सुविधा है.
Lenskart ने Q2FY26 में मजबूत प्रदर्शन दिखाया, जहां रेवेन्यू 23.9 फीसदी बढ़कर 2146.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया और PAT 49.6 फीसदी की बढ़त के साथ 113 करोड़ रुपये रहा. कंपनी ने H1FY26 में भी शानदार ग्रोथ दर्ज की, जिसमें रेवेन्यू 4178.8 करोड़ रुपये और EBITDA 790.8 करोड़ रुपये रहा. इंडिया और इंटरनेशनल दोनों मार्केट्स में रेवेन्यू, SSSG और स्टोर एक्सपेंशन में तेज उछाल देखने को मिला है.
दिसंबर 2025 में Meesho IPO, Aequs IPO और Vidya Wires IPO एक साथ खुल रहे हैं और निवेशकों की नजर इनके ग्रे मार्केट प्रीमियम पर टिकी है. सब्सक्रिप्शन 3 से 5 दिसंबर के बीच होगा और तीनों की लिस्टिंग 8 से 10 दिसंबर तक तय है.
धुंध में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए हेडलाइट एडजेस्टमेंट बेहद जरूरी है. कई कारों में हेडलाइट के पीछे दिया गया एडजेस्टर स्क्रूड्राइवर से कुछ सेकंड में बीम का एंगल बदलने की सुविधा देता है. हाई बीम फॉग में रिफ्लेक्ट होकर विजिबिलिटी कम करता है.