जून 2026 के पहले 15 दिनों में FPI ने भारतीय शेयर बाजार से 63,450 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं. सबसे ज्यादा बिकवाली फाइनेंशियल सर्विसेज और ऑयल एंड गैस सेक्टर में दर्ज की गई, जबकि ऑटोमोबाइल, आईटी, एफएमसीजी, हेल्थकेयर और मेटल्स सेक्टर भी दबाव में रहे. दूसरी ओर, टेलीकम्युनिकेशन, सर्विसेज और यूटिलिटीज सेक्टर में सीमित विदेशी निवेश देखने को मिला है.
भारत में डेटा सेंटर उद्योग के तेज विस्तार से DG Set बनाने वाली कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बन रहा है. AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सर्विसेज और डेटा लोकलाइजेशन की बढ़ती मांग के चलते 2030 तक भारत का डीजल जनरेटर बाजार 23,803 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. इस ग्रोथ से Powerica और Kirloskar Oil Engines जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है.
भारत में AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सर्विसेज और डेटा लोकलाइजेशन की बढ़ती मांग के चलते डेटा सेंटर सेक्टर में बड़ा विस्तार देखने को मिल सकता है. उद्योग अनुमानों के अनुसार, देश की डेटा सेंटर क्षमता 1.7 गीगावाट से बढ़कर 8 गीगावाट तक पहुंच सकती है, जिससे 53 अरब डॉलर तक के निवेश अवसर पैदा होने की संभावना है.
Rajesh Exports Limited एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है. ED ने FEMA जांच के दौरान दावा किया है कि कंपनी के CFO को वर्ष 2020 से कोई सैलरी नहीं मिली, जबकि मैनेजिंग डायरेक्टर का मासिक वेतन केवल 17,000 रुपये था. एजेंसी ने 600 करोड़ रुपये के कथित शेयर मैनिपुलेशन, 3,000 करोड़ रुपये के फॉरेन ट्रेड सेट-ऑफ, विदेशी लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की कमी को लेकर भी सवाल उठाए हैं.
Advit Jewels IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. इश्यू दूसरे दिन 44.07 गुना सब्सक्राइब हो चुका है, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स कैटेगरी में 121 गुना से अधिक बोलियां प्राप्त हुई हैं. ग्रे मार्केट में भी शेयर मजबूत स्थिति में है और GMP करीब 50 रुपये पर बना हुआ है, जिससे 36 फीसदी तक संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत मिल रहा है.
Rajesh Exports Limited पर ED ने FEMA जांच के तहत बेंगलुरु और मुंबई में 9 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया है. जांच एजेंसी ने करीब 3,000 करोड़ रुपये के फॉरेन ट्रेड रिसीवेबल्स और देनदारियों के सेट-ऑफ, 40 फीसदी स्टॉक गड़बड़ी, 1,035 करोड़ रुपये के कथित विदेशी निवेश से जुड़े दस्तावेजों की कमी और संभावित शेयर मैनिपुलेशन जैसे गंभीर मुद्दों को चिन्हित किया है.
Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने Bharat Dynamics Limited (BDL) को 1,347.71 करोड़ रुपये का बड़ा डिफेंस ऑर्डर दिया है. इस ऑर्डर में हेलिना लॉन्चर्स, लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स और काउंटर मेजर्स डिस्पेंसिंग सिस्टम से जुड़े उपकरण शामिल हैं. कंपनी को यह प्रोजेक्ट 24 से 60 महीनों के भीतर पूरा करना है.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा शांति वार्ता में प्रगति की खबरों के बीच ब्रेंट क्रूड 75 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है. US-Iran संघर्ष शुरू होने के बाद यह कच्चे तेल का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है. होर्मुज स्ट्रेट में गतिविधियां सामान्य होने और सप्लाई को लेकर चिंताएं कम होने से तेल बाजार पर दबाव बढ़ा है.
जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक सप्लाई संकट आने वाले समय में हवाई यात्रियों की जेब पर भारी पड़ सकते हैं. मैकिन्से की रिपोर्ट के अनुसार, जेट फ्यूल क्रैक स्प्रेड 2026 में 50 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकता है, जिससे एयरलाइंस की लागत में तेज बढ़ोतरी होगी. ईंधन लागत बढ़ने का असर एयरफेयर पर पड़ सकता है और विमान टिकट 20 से 25 फीसदी तक महंगे हो सकते हैं.
भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2030 तक 103.4 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. सरकार के 76,000 करोड़ रुपये के सेमिकॉन इंडिया प्रोग्राम, एआई, 5जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के बीच सीजी पावर और आरआईआर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियां निवेशकों के रडार पर हैं. ये कंपनियां चिप डिजाइन, ओसैट फैसिलिटी, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और सिलिकॉन कार्बाइड टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही हैं.