Aqylon Nexus Ltd ने 1:10 स्टॉक स्प्लिट का ऐलान किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 5 मार्च 2026 तय की गई है. इस कॉरपोरेट एक्शन के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू का 1 इक्विटी शेयर अब 1 रुपये फेस वैल्यू के 10 शेयरों में विभाजित होगा. एआई, स्पेस टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर डिजाइन जैसे उभरते क्षेत्रों में सक्रिय कंपनी का उद्देश्य शेयर की लिक्विडिटी बढ़ाना है.
ऑपरेटिंग कैश फ्लो किसी कंपनी की असली कमाई की ताकत को दिखाता है. हम ऐसे 5 स्टॉक्स पर नजर डाल रहे हैं, जिनका ऑपरेटिंग कैश फ्लो 1000 करोड़ रुपये से अधिक है. APL Apollo Tubes और Persistent Systems जैसी कंपनियां मजबूत कैश फ्लो के कारण निवेशकों के रडार पर हैं. मजबूत कैश फ्लो बेहतर बिजनेस मॉडल, कमाई की क्वालिटी और लॉन्गटर्म वित्तीय स्थिरता का संकेत देता है.
जियोपॉलिटिकल टेंशन और तेल कीमतों में संभावित तेजी के बीच एथेनॉल सेक्टर फिर चर्चा में है. Balrampur Chini Mills, EID Parry (India) Ltd और Dalmia Bharat Sugar and Industries Ltd जैसे प्रमुख शेयर अपने 52 वीक हाई से 20 से 30 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहे हैं. रिन्यूएबल एनर्जी डिमांड, सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी और इंटीग्रेटेड शुगर-एथेनॉल मॉडल इस इंडस्ट्री को लॉन्गटर्म सपोर्ट देते हैं.
गर्मी में कार AC की कूलिंग बेहतर बनाए रखने के लिए सही सर्विस प्रोसेस बेहद जरूरी है. पुरानी गैस पूरी तरह निकलवाना, 30 से 45 मिनट का वैक्यूम कराना और 50 एमएल कंप्रेसर ऑयल डलवाना तीन अहम स्टेप्स हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अधूरी सर्विस से गैस लीक, कम कूलिंग और कंप्रेसर खराब होने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र का मल्टीबैगर स्टॉक Hazoor Multi Projects Ltd एक बार फिर चर्चा में है. कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी Square Port Shipyard Private Limited में ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स के इक्विटी कन्वर्जन की टाइमलाइन मार्च 2026 तक बढ़ा दी है. 25 करोड़ रुपये के इक्विटी आवंटन के बावजूद कंपनी की 100 फीसदी हिस्सेदारी बरकरार है. साथ ही हजूर इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स को CRISIL Ratings से बीबीबी प्लस स्टेबल रेटिंग मिली है.
सरकारी स्वामित्व वाली इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी IIFCL को IPO लाने के लिए कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में 2165 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो 39 फीसदी की बढ़ोतरी को दिखा रहा है. यह IPO सरकार की डिसइनवेस्टमेंट और एसेट मॉनेटाइजेशन रणनीति का हिस्सा है.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में सप्लाई संकट गहरा सकता है. HSBC Global Investment Research की रिपोर्ट के अनुसार, यदि शिपिंग रूट बाधित होता है तो ब्रेंट क्रूड में तेज उछाल संभव है. होर्मुज से दुनिया की करीब 20 फीसदी पेट्रोलियम और एलएनजी सप्लाई गुजरती है, जबकि भारत का लगभग 50 फीसदी कच्चा तेल आयात इसी मार्ग से होता है.
इंफ्रा और पावर सेक्टर की कई मजबूत कंपनियां फिलहाल अपनी बुक वैल्यू से नीचे ट्रेड कर रही हैं, जिसे बाजार में अंडरवैल्यूएशन का संकेत माना जाता है. Reliance Infrastructure और KNR Constructions जैसे स्टॉक्स प्राइस टू बुक रेशियो के आधार पर आकर्षक स्तर पर नजर आ रहे हैं. बुक वैल्यू किसी कंपनी की नेट एसेट वैल्यू को दिखाता है और इससे नीचे ट्रेड करना निवेशकों के लिए संभावित अवसर हो सकता है.
GAIL (India) Ltd ने महाराष्ट्र में 178.2 मेगावॉट विंड पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए 1736.25 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है. यह कदम कंपनी के 2035 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य का हिस्सा है. नई क्षमता कंपनी के मौजूदा विंड पोर्टफोलियो में जुड़ जाएगी और प्रोजेक्ट 24 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है. GAIL 2035 तक 3.4 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता विकसित करना चाहती है.
LIC ने अपने पोर्टफोलियो में 20 रुपये से कम कीमत वाले कुछ लो-प्राइस्ड स्टॉक्स में भी हिस्सेदारी बना रखी है. अलग-अलग कंपनियों में LIC की हिस्सेदारी 1.31 फीसदी से 3.21 फीसदी तक है. हालिया तिमाही नतीजों और शेयर प्राइस मूवमेंट के चलते ये स्टॉक्स निवेशकों के रडार पर हैं. बड़े संस्थागत निवेशक की मौजूदगी अक्सर भरोसे का संकेत मानी जाती है.