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Vinayak Singh

विनायक सिंह ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में स्नातक किया और भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा प्राप्त किया. Money9live के साथ एक प्रशिक्षु के रूप में कैरियर शुरू किया और फिलहाल सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले उन्होंने आजतक रेडियो में इंटर्नशिप किया है. वे बिजनेस की खबरों को सरल भाषा में समझाने की कोशिश करते रहते हैं.

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Vinayak Singh

Vidhi Specialty Food Ingredients एक ऐसा स्मॉल कैप स्टॉक है, जो तेजी से ग्रोथ की ओर बढ़ रहा है. Coca-Cola, Pepsi, Nestle और Unilever जैसी ग्लोबल कंपनियां इसकी कस्टमर हैं, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल को दिखा रहे हैं. 80 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट और मजबूत क्लाइंट बेस इसे खास बनाते हैं. ऐसे में यह स्टॉक आने वाले समय में निवेशकों के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है.

भारत ने करीब 4 साल बाद गेहूं निर्यात पर लगी पाबंदी हटाकर वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत वापसी दर्ज की है. मिस्र, इंडोनेशिया, म्यांमार और बांग्लादेश जैसे देशों ने भारतीय गेहूं खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. सरकार जल्द ही DGFT के जरिए निर्यात कोटा तय करने वाली है, जिससे इंटरनेशनल ट्रेड को गति मिलेगी. हालांकि, बेमौसम बारिश से क्वालिटी पर असर जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं.

रियल एस्टेट कंपनी Signature Global ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपना नेट डेट 77 फीसदी घटाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हुई है. मजबूत कैश पोजिशन और RMZ Group के साथ बड़े जॉइंट वेंचर के चलते निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. हालांकि प्री-सेल्स में गिरावट देखी गई, लेकिन प्राइस रियलाइजेशन में सुधार हुआ है. पिछले एक हफ्ते में कंपनी के शेयर में 9 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है.

Digital Gold और Gold ETF आज सोने में निवेश के दो लोकप्रिय विकल्प बन चुके हैं. Digital Gold में निवेशक ऑनलाइन सोना खरीद सकते हैं, जबकि Gold ETF शेयर बाजार के जरिए ट्रेड होता है और SEBI द्वारा रेगुलेटेड होता है. दोनों विकल्पों में निवेश का तरीका, जोखिम और टैक्स नियम अलग हैं. Digital Gold में फिजिकल डिलीवरी का विकल्प मिलता है, जबकि Gold ETF में बेहतर लिक्विडिटी और सुरक्षा मिलती है.

भारत के प्राइवेट बैंकों में FD एक बार फिर सुरक्षित निवेश के रूप में लोकप्रिय हो रहा है, जहां HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank, Kotak Mahindra Bank और IndusInd Bank 7.5 फीसद तक ब्याज दर ऑफर कर रहे हैं. बाजार की अनिश्चितता के बीच FD स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न का विकल्प बनकर उभरा है. निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार अवधि चुन सकते हैं और नियमित आय या मैच्योरिटी पर रिटर्न का लाभ ले सकते हैं.

UP-RERA के नए नियमों से उत्तर प्रदेश में होमबायर्स को बड़ी राहत मिली है. अब अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी, जिससे बिल्डर्स की मनमानी पर लगाम लगेगी. साथ ही प्रॉपर्टी ट्रांसफर प्रक्रिया को आसान और सस्ता बना दिया गया है, जहां फैमिली ट्रांसफर पर अधिकतम 1,000 रुपये और नॉन-फैमिली ट्रांसफर पर 25,000 रुपये की सीमा तय की गई है.

TCS ने FY27 में 25,000 फ्रेशर्स को जॉब ऑफर देकर आईटी सेक्टर में संतुलित रणनीति का संकेत दिया है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि आगे की हायरिंग पूरी तरह डिमांड पर निर्भर करेगी. FY26 में 40 बिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू हासिल करने के बाद TCS का डील पाइपलाइन मजबूत बना हुआ है. वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद कंपनी फ्रेशर्स पर भरोसा बनाए हुए है और भविष्य में हायरिंग बढ़ने की संभावना जताई है.

शेयर बाजार की हालिया तेजी के बीच इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने निवेशकों को चौंकाते हुए शानदार रिटर्न दिया है. 6 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 के बीच कई फंड्स ने करीब 13 फीसद तक का साप्ताहिक रिटर्न दर्ज किया. कुल 615 में से 608 स्कीम्स पॉजिटिव रिटर्न में रहीं. Nippon India Taiwan Equity Fund और Invesco Global Consumer Trends FoF जैसे फंड्स टॉप पर रहे. इंटरनेशनल और थीमैटिक फंड्स का भी मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला है.

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही अहम बातचीत के लिए इस्लामाबाद का सेरेना होटल चर्चा में है. यह लग्जरी होटल Serena Hotels चेन का हिस्सा है, जिसे Tourism Promotion Services Ltd मैनेज करती है. पाकिस्तान सरकार ने इस होटल को डिप्लोमैटिक बातचीत के लिए अपने नियंत्रण में लिया है. सुरक्षा, गोपनीयता और हाई-एंड फैसिलिटी के कारण यह हाई-प्रोफाइल मीटिंग्स के लिए आदर्श स्थान माना जाता है.

दिग्गज निवेशक डॉली खन्ना ने एक बार फिर Rain Industries में एंट्री लेकर बाजार का ध्यान खींचा है. मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने कंपनी में 1.05 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है. खास बात यह है कि यह उनकी री-एंट्री है, जबकि दूसरी ओर FPIs और म्यूचुअल फंड्स अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं. पिछले एक साल में स्टॉक में गिरावट देखने को मिली है, लेकिन अब यह फिर चर्चा में है.