SEBI ने विदेशी निवेशकों के लिए कैश सेटलमेंट नियमों में ढील देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे भारतीय कैपिटल मार्केट में बड़ा ऑपरेशनल बदलाव संभव है. इस कदम का उद्देश्य FPI की फंडिंग लागत को कम करना और ट्रेडिंग प्रोसेस को अधिक एफिशिएंट बनाना है. SEBI ने इस प्रस्ताव पर पब्लिक कमेंट्स मांगे हैं और 6 फरवरी तक सुझाव आमंत्रित किए हैं.
Amagi Media Labs IPO ने भारतीय IPO मार्केट में मजबूत एंट्री दर्ज की है. 1,788.62 करोड़ रुपये के इस इश्यू को कुल 30.22 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है, जिसमें NII और QIB कैटेगरी से शानदार रिस्पॉन्स देखने को मिला. IPO का अलॉटमेंट 19 जनवरी 2026 को और लिस्टिंग 21 जनवरी 2026 को संभावित है.
SEBI ने म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए बड़ा रेगुलेटरी बदलाव करते हुए SEBI (Mutual Funds) Regulations, 2026 को नोटिफाई कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. नए नियमों का मकसद निवेशकों पर खर्च का बोझ कम करना, कॉस्ट ट्रांसपेरेंसी बढ़ाना और एसेट मैनेजमेंट कंपनी तथा ट्रस्टी की जवाबदेही तय करना है.
देश में अधिकतर कार मालिक अपनी कार की जरूरी तकनीकी जानकारी से अनजान हैं. ब्रेक पैड, सर्विस शेड्यूल, सस्पेंशन, इंजन लाइफ, गियर ऑयल, वार्निंग लाइट और क्लच जैसी अहम बातें नजरअंदाज की जाती हैं. सही समय पर मेंटेनेंस न होने से खर्च बढ़ता है और सेफ्टी रिस्क पैदा होता है. समय पर सर्विस, ऑयल चेंज और पार्ट्स की जांच से कार की परफॉर्मेंस और उम्र दोनों बढ़ती हैं.
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और ग्लोबल मार्केट में डॉलर की मजबूती के चलते भारतीय रुपया दबाव में रहा. शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 90.87 पर बंद हुआ और करीब दो महीनों की सबसे बड़ी सिंगल डे गिरावट दर्ज की गई. पिछले सत्रों में भी रुपये में कमजोरी बनी हुई थी.
चालू वित्त वर्ष में इंडिया के इंपोर्ट बिल में सिल्वर एक अहम ड्राइवर बनकर उभरा है. अप्रैल से दिसंबर की अवधि में सिल्वर इंपोर्ट 129 फीसदी बढ़कर 7.77 बिलियन डॉलर पहुंच गया है. ग्लोबल कीमतों में उछाल, सेफ हेवन बाइंग और चीन की सख्त एक्सपोर्ट पॉलिसी ने सप्लाई चिंताओं को बढ़ाया है. दिसंबर में सिल्वर इंपोर्ट में 79.7 फीसदी की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई.
15 जनवरी 2026 तक देश में चीनी उत्पादन में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. Indian Sugar Mills Association के अनुसार ऑल इंडिया चीनी उत्पादन सालाना आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 159.09 लाख टन पहुंच गया है. महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सबसे बड़े उत्पादक राज्य बने हुए हैं.
अगर आपकी सैलरी 40000 रुपये है तो भी आप SIP के जरिए 1 करोड़ रुपये का फंड बना सकते हैं. सही समय पर निवेश शुरू करना, कंपाउंडिंग की ताकत और अनुशासित बचत इस लक्ष्य को संभव बनाते हैं. इक्विटी म्युचुअल फंड SIP से हर महीने थोड़ी रकम निवेश कर लंबे समय में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है. जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, उतना ही ज्यादा फायदा मिलेगा.
Groww ने अपनी एसेट मैनेजमेंट कंपनी में 23 फीसदी हिस्सेदारी State Street को 580 करोड़ रुपये में बेचने का फैसला किया है, जिससे Groww Mutual Fund का वैल्यूएशन करीब 2500 करोड़ रुपये पहुंच गया है. इस डील से भारतीय म्युचुअल फंड बाजार में एक वैश्विक एसेट मैनेजमेंट दिग्गज की एंट्री हुई है. फ्रेश कैपिटल से Groww AMC की बैलेंस शीट मजबूत होगी और नए पैसिव फंड, ETF और रूल्स बेस्ड प्रोडक्ट लाने की क्षमता बढ़ेगी.
ईरान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है जहां महंगाई 44 फीसदी तक पहुंच चुकी है और बेरोजगारी भी बढ़ती जा रही है. ईरानी रियाल की कीमत डॉलर के मुकाबले लगभग शून्य हो चुकी है, जिससे आम लोगों की खरीदने की शक्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. बढ़ती महंगाई और गिरती करेंसी के कारण देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं.