India–EU FTA पर साइन होने के बाद यूरोप में मजबूत मौजूदगी वाली भारतीय कंपनियां निवेशकों के फोकस में हैं. इस समझौते के तहत करीब 90 फीसदी से ज्यादा EU वस्तुओं पर शुल्क में कटौती की उम्मीद है. केमिकल, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, FMCG, समुद्री प्रोडक्ट, टेक्सटाइल और IT सेक्टर को सीधा फायदा मिल सकता है.
Synthiko Foils ने शेयर बाजार की उथल पुथल, ट्रंप टैरिफ, ट्रेड वॉर और जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न देकर चौंका दिया है. पिछले 1 साल में शेयर ने 676 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया, जबकि 5 साल में करीब 3733 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. इस दौरान 1 लाख रुपये का निवेश बढ़कर करीब 38.64 लाख रुपये हो गया.
शेयर बाजार में बल्क डील के जरिए Morgan Stanley और Goldman Sachs समेत बड़े संस्थागत निवेशकों ने कई स्टॉक्स में अपनी पोजिशन बदली है. Sunteck Realty, Manappuram Finance समेत 4 शेयर में हुई खरीद और बिकवाली से बाजार में हलचल देखने को मिली. इन सौदों में 0.77 फीसदी से लेकर 4.88 फीसदी तक हिस्सेदारी में बदलाव हुआ.
देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच माइलेज हर वाहन मालिक की बड़ी चिंता है. बेहतर एवरेज के लिए लोग सर्विस सेंटर जाते हैं, लेकिन असली समाधान गाड़ी के बोनट के नीचे छुपा होता है. सही समय पर फ्यूल भरवाना फ्यूल फिल्टर साफ रखना और सही गियर शिफ्टिंग माइलेज बढ़ा सकती है. आसान टिप्स को अपनाकर माइलेज सुधारा जा सकता है.
Atlanta Electricals Ltd के शेयर फोकस में रहे क्योंकि कंपनी को KPTCL और NTPC से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए 288 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले है. इन ऑर्डर्स से कंपनी की ऑर्डर बुक बढ़कर 2,787 करोड़ रुपये पहुंच गई है, जिससे पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में उसकी स्थिति और मजबूत हुई है.
शुक्रवार को विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये की चाल सुर्खियों में रही. कारोबार के दौरान रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.02 के ऐतिहासिक निचले स्तर तक फिसल गया, हालांकि बाद में इसमें मामूली सुधार देखने को मिला. डॉलर की मजबूती, वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने रुपये पर दबाव बनाए रखा.
Adani Group अपनी फंडिंग स्ट्रैटेजी में डायवर्सिफिकेशन लाने के लिए जापान से येन में कर्ज जुटाने की योजना पर काम कर रहा है. ग्रुप अगले 12 से 18 महीनों में 1 बिलियन से 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर येन में कर्ज जुटा सकता है. इसका मकसद डॉलर पर निर्भरता कम करना और क्रेडिट मिक्स को मजबूत करना है.
भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर आने वाले वर्षों में तेज ग्रोथ के दौर में प्रवेश करने जा रहा है. IMARC Group के अनुमान के अनुसार, भारतीय सेमीकंडक्टर बाजार का साइज 2034 तक करीब 177 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है और 2026 से 2034 के बीच इसमें 12.18 फीसद CAGR रहने की उम्मीद है. मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के मजबूत होने से इस सेक्टर में निवेश के नए अवसर बन रहे हैं.
इंश्योरटेक सेक्टर की तेजी से बढ़ती कंपनी टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस लिमिटेड ने Turtlemint IPO के लिए Sebi के पास अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर दिए हैं. इस आईपीओ के जरिए कंपनी करीब 2000 रुपये करोड़ जुटाने की योजना बना रही है. UDRHP के अनुसार, इश्यू में फ्रेश इश्यू और OFS दोनों शामिल होंगे.
कीलेस एंट्री और पुश स्टार्ट वाली कारों में रिले अटैक के जरिए साइलेंट चोरी का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. इस तरीके में न दरवाजा टूटता है, न अलार्म बजता है और कार बिना किसी नुकसान के अनलॉक हो जाती है. चोर की-फोब से निकलने वाले सिग्नल को रिले डिवाइस के जरिए पकड़कर कार तक पहुंचा देते हैं, जिससे कार को लगता है कि चाबी पास ही है.