जब हम बजट से जुड़ी खबरें पढ़ते हैं, तो अक्सर अटक जाते हैं, क्योंकि उसमें ऐसे कठिन और भारी शब्द होते हैं जो रोजमर्रा की बातचीत में इस्तेमाल नहीं होते. लेकिन अगर इन शब्दों का मतलब ठीक से समझ आ जाए, तो पूरा बजट अपने-आप आसान लगने लगता है. इसलिए बजट 2026 से पहले चलिए, इन्हीं जरूरी शब्दों को बिल्कुल सरल और आम बोलचाल की भाषा में समझते हैं.
उत्तर भारत में एक के बाद एक तीन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से मौसम एक्टिव रहने वाला है. पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी, जबकि मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. इस दौरान रात का तापमान बढ़ेगा और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. कोहरा और ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है.
1 फरवरी से नई कार और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी. यही नहीं, जिन गाड़ियों पर पहले से FASTag लगा हुआ है, उनके मालिकों को भी अब रुटीन KYV कराने से छूट मिलेगी. इससे वाहन मालिकों को वैध दस्तावेज होने के बावजूद लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
Jio-BP का ‘Active’ टेक्नोलॉजी पेट्रोल उन वाहन चालकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जो बिना एक्स्ट्रा खर्च इंजन की बेहतर सेहत, स्मूद ड्राइव और माइलेज में सुधार चाहते हैं. कंपनी का दावा है कि यह टेक्नोलॉजी रोजमर्रा की ड्राइविंग में धीरे-धीरे असर दिखाती है और लंबे समय में लाभ देगी है.
1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट के चलते NSE और BSE रविवार को खुले रहेंगे. बाजार सुबह 9.15 से 3.30 बजे तक सामान्य समय में चलेगा. सभी सेगमेंट में ट्रेडिंग होगी. बजट डे पर आमतौर पर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.
मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख जैसे पहाड़ी राज्यों में 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच बारिश और बर्फबारी के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है. इन इलाकों में हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जो झोंकों के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसके अलावा 1 फरवरी को हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ जबकि उत्तराखंड में 1 से 3 फरवरी तक मौसम खराब रहने की संभावना है.
2025-26 में भारत में चीनी का उत्पादन मजबूत रहने वाला है. इससे घरेलू जरूरतें आसानी से पूरी होंगी, लेकिन एक्सपोर्ट पर अब भी सतर्क रुख बना रह सकता है. AISTA की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025-26 में चीनी का एक्सपोर्ट करीब 8 लाख टन तक सीमित रह सकता है, जबकि सरकार ने 15 लाख टन एक्सपोर्ट की इजाजत दी है.
आज के समय में भारत की चुनावी राजनीति में कैश ट्रांसफर जीत का बड़ा हथियार बनता जा रहा है. मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार और दिल्ली इसके ताजा उदाहरण हैं. अलग-अलग राजनीतिक दल चुनाव से पहले महिलाओं और अन्य वर्गों को सीधे पैसे ट्रांसफर करने वाली योजनाएं ला रहे हैं. लेकिन अब इस बढ़ते ट्रेंड पर आर्थिक सर्वेक्षण ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं. सर्वे ने इस तेजी से बढ़ते चलन को लेकर साफ चेतावनी दी है.
जनवरी के आखिरी और फरवरी की शुरुआत में मौसम राहत और परेशानी दोनों लेकर आ सकता है. जहां कुछ इलाकों में ठंड से राहत मिलेगी, वहीं बारिश, बर्फबारी और कोहरे की वजह से मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं.
UPI से गलत अकाउंट या गलत UPI ID पर पैसा भेज देना आज के समय की सबसे आम डिजिटल गलतियों में से एक है. एक बार ट्रांजैक्शन सफल हो जाने के बाद पैसा तुरंत रिसीवर के बैंक अकाउंट में चला जाता है और उसे अपने आप वापस लाने का कोई सीधा तरीका नहीं होता. ऐसे में आइए जानते हैं पैसा वापस लाने के क्या उपाय है.