मनी9 के साथ बातचीत में शेयर बाजार विशेषज्ञ राकेश अरोड़ा ने भारतीय इक्विटी बाजार के विभिन्न शेयरों पर अपनी विशेषज्ञ राय और निवेश संबंधी मार्गदर्शन साझा किया.
डीमर्जर के बाद वेदांता लिमिटेड ने निवेशकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत की है. जून 2026 तिमाही में कंपनी ने 4.9 लाख नए रिटेल शेयरधारकों को आकर्षित किया, जो HDFC बैंक और RIL जैसी दिग्गज कंपनियों से भी अधिक है.
आईपीओ बाजार में कई नई पेशकशों पर विस्तार से चर्चा की गई है, जिनमें आरडी इंडस्ट्रीज, टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स, लीप इंडिया, मोलबियो डायग्नोस्टिक्स और धूत ट्रांसमिशन शामिल हैं.
सतीश कुमार ने 16 साल की उम्र में स्कूल छोड़कर 10 किलो पनीर से अपना सफर शुरू किया. आज उनकी कंपनी Milky Mist 10000 करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यू पर IPO लाने जा रही है. पनीर से शुरू हुआ यह बिजनेस अब डेयरी प्रोडक्ट्स के बड़े ब्रांड में बदल चुका है और तेजी से ग्रोथ कर रहा है.
भारतीय शेयर बाजार 10 अगस्त को सुस्ती के साथ बंद हुआ. निफ्टी 24,583 और सेंसेक्स 78,542 पर बंद हुए. टाइटन, बजाज फाइनेंस और ICICI बैंक जैसे शेयरों में तेजी रही, जबकि SBI और रिलायंस में गिरावट ने बाजार की बढ़त सीमित कर दी. IT सेक्टर मजबूत रहा, जबकि बैंकिंग और PSU बैंक में दबाव दिखा.
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच Nifty50 के कुछ शेयर मजबूत नजर आ रहे हैं. इन स्टॉक्स में बेहतर फंडामेंटल, अर्निंग्स और पॉजिटिव मोमेंटम देखने को मिल रहा है. ऐसे में ये शेयर निवेशकों के लिए इस हफ्ते अच्छे मौके पेश कर सकते हैं.
ग्लोबल AI स्टॉक्स में गिरावट के बावजूद भारतीय IT सेक्टर मजबूत बना हुआ है. अब AI को खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखा जा रहा है. एंटरप्राइज लेवल पर AI अपनाने की धीमी रफ्तार और सर्विसेज की बढ़ती जरूरत IT कंपनियों के लिए नए मौके बना रही है.
Cupid का शेयर Q1FY27 के दमदार नतीजों के बाद रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया. कंपनी का मुनाफा करीब 3 गुना बढ़ा है और रेवेन्यू में भी तेज उछाल आया है. पिछले 5 साल में इस शेयर ने 10648% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, जिससे निवेशकों को शानदार फायदा हुआ है.
वेदांता अपने रियल एस्टेट बिज़नेस को वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (VPPL) में डिमर्ज कर रही है. भले ही VPPL की वर्तमान आय कम हो, लेकिन असली मूल्य इसके 2200 एकड़ से अधिक की औद्योगिक भूमि और अन्य प्रॉपर्टी एसेट्स में निहित है.
EMI मिस होने पर अब बैंकों और रिकवरी एजेंट की मनमानी पर लगाम लगेगी. RBI ने नए नियम जारी कर दिए हैं, जो 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे. इन नियमों के तहत बिना कारण डिवाइस लॉक नहीं किया जा सकेगा और रिकवरी एजेंट ग्राहकों को परेशान या धमका नहीं सकेंगे. हालांकि, लोन चुकाने की जिम्मेदारी पूरी तरह बनी रहेगी.