GSP Crop Science Ltd. का IPO 16 मार्च 2026 को खुलेगा और 18 मार्च को बंद होगा. इसका प्राइस बैंड 304 से 320 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. SBI सिक्योरिटीज ने इस इश्यू को न्यूट्रल रेटिंग दी है. कंपनी एग्रोकेमिकल सेक्टर में काम करती है और IPO से जुटाई राशि का उपयोग कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों में किया जाएगा.
ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका और इजराइल को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि होमुर्ज स्ट्रेट बंद रहेगा और हर मौत का बदला लिया जाएगा. उन्होंने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी. साथ ही शहीदों के खून का बदला लेने और रेजिस्टेंस फ्रंट के समर्थन की बात भी कही.
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका असर भारत पर भी दिख रहा है. इसी बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है. अब ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग के लिए कम से कम 45 दिन इंतजार करना होगा.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान मुताबिक, मार्च के दूसरे हफ्ते में ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. गुजरात और मध्य प्रदेश में हीटवेव की स्थिति बन सकती है, जबकि उत्तर प्रदेश में अगले सात दिनों तक तापमान सामान्य से ज्यादा बना रह सकता है. वहीं दिल्ली में 15 मार्च को हल्की बारिश की संभावना के चलते थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
देश के कई हिस्सों से एलपीजी की कमी की खबरें भी सामने आ रही हैं. ऐसे में आम लोग खाना बनाने के लिए गैस के अलावा दूसरे विकल्प तलाशने लगे हैं. इन्हीं विकल्पों में एक सरकारी स्टोव इन दिनों काफी चर्चा में है. इसका नाम सूर्य नूतन सोलर स्टोव है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एलपीजी गैस की जरूरत नहीं पड़ती.
कई लोग इंडक्शन चूल्हे की तरफ रुख कर रहे हैं. लेकिन लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल ये भी है कि क्या इंडक्शन पर खाना बनाने से बिजली का बिल बहुत ज्यादा आता है या फिर यह LPG से सस्ता पड़ता है. आइए जानते हैं अगर 1 घंटा इंडक्शन चूल्हा पर खाना बनाया जाए तो कितना बिजली का बिल आएगा.
मार्च की शुरुआत में ही देश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ती दिख रही है. गुजरात में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है, जबकि उत्तर भारत में तापमान सामान्य से काफी ऊपर चल रहा है. हालांकि 14 मार्च के बाद आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ राज्यों में बारिश और तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है.
कृषि मंत्रालय के मुताबिक 2025-26 फसल वर्ष में देश का गेहूं उत्पादन करीब 120.21 मिलियन टन रहने का अनुमान है. यह पिछले साल के 117.94 मिलियन टन से लगभग 2 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं सरकार के अनुमान के मुताबिक रबी सीजन में दालों का उत्पादन 16.24 मिलियन टन तक पहुंच सकता है.
दुनिया की ऊर्जा राजनीति को समझने के लिए सिर्फ तेल की मात्रा नहीं, बल्कि उसकी क्वालिटी को समझना भी जरूरी है. हल्का तेल ज्यादा कीमती होता है क्योंकि उसे रिफाइन करना आसान होता है. वहीं मीडियम ग्रेड तेल कई रिफाइनरियों के लिए संतुलित विकल्प होता है.
समय के साथ तकनीक बदलती गई और LPG सिलेंडर ने लगभग हर घर में जगह बना ली. लेकिन 80 और 90 के दशक की पीढ़ी के लिए केरोसिन का वह छोटा सा स्टोव सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा था. पुराने लोगों को तो इसका इस्तेमाल अच्छी तरह याद है, लेकिन आज की Gen-Z को शायद ही पता हो कि यह स्टोव कैसे जलता था.