आईटी सेक्टर में हलचल तेज है. टीसीएस ने पोर्शे की सब्सिडरी एमएचपी का अधिग्रहण किया है. वहीं, एच-1बी वीजा फीस में भारी बढ़ोतरी और ग्रेस पीरियड खत्म करने के प्रस्ताव ने चिंता बढ़ाई है.
शेयर बाजार विशेषज्ञ राजेश शर्मा ने आज के सत्र के लिए विभिन्न स्टॉक्स पर अपनी राय साझा की. उन्होंने हिंदुस्तान कॉपर, हिंदुस्तान जिंक, साइंट, फाइव स्टार बिजनेस फाइनेंस और टीटीके प्रेस्टीज जैसे शेयरों में निवेश की सलाह दी, जबकि वरुण बेवरेजेस और टाटा कम्युनिकेशन जैसे शेयरों से फिलहाल दूर रहने को कहा.
विशेषज्ञों ने SSWL, ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक और रिलायंस इंडस्ट्रीज़ (RIL) पर महत्वपूर्ण राय दी है. SSWL में करेक्शन पर खरीदारी, ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक को दो तिमाही तक होल्ड करने और RIL को दीर्घकालिक नज़रिए से देखने की सलाह दी गई है.
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद Prestige Estates Projects के शेयर में तकनीकी आधार पर तेजी की संभावना जताई गई है. सुमीत बगड़िया ने 1642 रुपये के आसपास खरीदारी और 1615 रुपये तक गिरावट आने पर और खरीदारी की सलाह दी है. शेयर के लिए 1810 और 1888 रुपये का टारगेट रखा गया है. हालांकि, तेजी का यह सेटअप बनाए रखने के लिए 1520 रुपये के सपोर्ट स्तर के ऊपर बने रहना अहम होगा.
8th पे कमीशन के सामने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स ने कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि घटाने की बड़ी मांग रखी है. संगठनों का कहना है कि मौजूदा 15 साल का नियम पुराने ब्याज दर और एक्ट्यूअरियल मानकों पर आधारित है. उनकी मांग है कि बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए पेंशन बहाली की अवधि 10 से 12 साल के बीच तय की जाए. अगर सरकार फ्यूचर में इस मांग को स्वीकार करती है तो कम्यूटेड पेंशन लेने वाले पेंशनर्स को पेंशन पहले बहाल होने का फायदा मिल सकता है.
बुधवार को शेयर बाजार में शुरुआती तेजी के बाद जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला. निफ्टी 24,378 के पार पहुंचने के बाद दिन के निचले स्तर 24207 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 183 अंक टूट गया. बैंक शेयरों ने मजबूती दिखाई, लेकिन IT, FMCG और ऑटो शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया.
Nifty 50 पिछले करीब 6 महीने से 25000 के नीचे बना हुआ है. इस साल अब तक 172 IPO के जरिए करीब 77400 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं. हालांकि, Nifty की कमजोरी के पीछे महंगा कच्चा तेल, वैश्विक तनाव, कमजोर कमाई और FII का रुख अब भी बड़े कारण हैं.
जून तिमाही में HNI निवेशकों की NSE लिस्टेड कंपनियों में कुल हिस्सेदारी की वैल्यू बढ़कर रिकॉर्ड 9.92 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई. सिर्फ 3 महीने में उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू 1.83 लाख करोड़ रुपये बढ़ी. HDFC Bank सबसे बड़ी होल्डिंग रहा, जबकि Infosys में सबसे ज्यादा खरीदारी हुई. दूसरी ओर, Waaree Energies में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी घटाई गई.
Hindustan Copper को कॉपर की बढ़ती कीमतों और मजबूत मांग का बड़ा फायदा मिल रहा है. पिछले एक साल में शेयर करीब 132% चढ़ चुका है और जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा 162.5% बढ़ा है. FY30 तक 7188.6 करोड़ रुपये के विस्तार प्लान से कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी है. हालांकि, सरकार के OFS के बाद शेयर में मंगलवार को 7.3% की गिरावट आई. सबसे बड़ी चिंता इसका Valuation है, क्योंकि कंपनी का P/E 42.7 गुना है, जो कई बड़ी ग्लोबल कॉपर कंपनियों से ज्यादा है.
नौकरी के साथ शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों के लिए ITR भरते समय नुकसान को सही तरीके से दिखाना जरूरी है. इंट्राडे ट्रेडिंग का नुकसान सिर्फ सट्टा कारोबार की आय के साथ एडजस्ट किया जा सकता है. F&O में हुआ नुकसान भी सैलरी की आय से एडजस्ट नहीं होगा. वहीं, निवेश के तौर पर शेयरों में हुआ नुकसान कैपिटल गेन से जुड़े नियमों के अनुसार ही एडजस्ट किया जा सकता है.