ऐसे में सिर्फ तेजी देखकर पैसा लगाने के बजाय कंपनी की कमाई, वैल्यूएशन और भविष्य की ग्रोथ को देखना जरूरी है.
भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महत्वपूर्ण मांगें रखीं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को युवा-केंद्रित रणनीति अपनाने का निर्देश दिया है.
अमेरिका अपने ही लॉन्ग टर्म सरकारी बॉन्ड्स को वापस खरीद रहा है. बढ़ती ट्रेजरी यील्ड और 40 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के राष्ट्रीय कर्ज के कारण ऐसा करना आवश्यक हो गया है.
नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के बाद EPF खाते पर ब्याज तुरंत बंद नहीं होता. 55 साल से पहले रिटायर होने पर EPF खाते पर 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रह सकता है. वहीं, 55 साल या उसके बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों का खाता रिटायरमेंट के 36 महीने बाद निष्क्रिय होता है और फिर ब्याज मिलना बंद हो जाता है.
हाल ही में बाजार ने कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी-ईरान तनाव और बढ़ती वैश्विक बॉन्ड यील्ड के कारण गिरावट देखी है. निफ्टी ने 7 दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ा, लेकिन सावधानी बरकरार है.
मनी9 के साप्ताहिक कार्यक्रम कंपनीनामा में बीते कारोबारी सप्ताह (सोमवार से शुक्रवार) कॉर्पोरेट और स्टार्टअप जगत की कई महत्वपूर्ण खबरें सामने आईं.
Bharat Electronics, Dixon Technologies और Pidilite Industries तीन अलग-अलग सेक्टरों की ऐसी कंपनियां हैं, जिनकी लंबी अवधि की ग्रोथ कहानी मजबूत दिखती है. BEL को रक्षा क्षेत्र, Dixon को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और Pidilite को ब्रांड और कंस्ट्रक्शन केमिकल्स की मांग से फायदा मिल सकता है.
EPF और शेयर बाजार दोनों ही पैसा बढ़ाने के विकल्प हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य अलग है. EPFO के मुताबिक EPF नियमित बचत, नियोक्ता के योगदान, घोषित ब्याज दर, टैक्स लाभ, पेंशन और बीमा जैसी सुविधाएं देता है. वहीं, शेयर बाजार में ज्यादा रिटर्न की संभावना है, लेकिन कीमतों में उतार-चढ़ाव और नुकसान का जोखिम भी रहता है.
SEBI की ताजा स्टडी के मुताबिक FY26 में 88 फीसदी व्यक्तिगत F&O ट्रेडर्स को नुकसान हुआ. इन ट्रेडर्स को कुल मिलाकर 91685 करोड़ रुपये का नेट घाटा हुआ, जिसमें करीब 92% नुकसान ऑप्शन ट्रेडिंग से आया. एक्टिव ट्रेडर्स की संख्या घटने से कुल घाटा कम हुआ, लेकिन प्रति ट्रेडर औसत नुकसान बढ़कर करीब 1.17 लाख रुपये पहुंच गया.