पश्चिम एशिया संकट से ड्राई फ्रूट्स के दाम में उबाल, 50 फीसदी तक बढ़ी कीमतें, जानें बाजार का हाल

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब भारतीय बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है. ड्राई फ्रूट्स से लेकर दवाओं के कच्चे माल तक कई चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो दिल्ली के व्यापार, उद्योग और छोटे कारोबारियों पर इसका बड़ा आर्थिक असर पड़ सकता है.

ड्राई फ्रूट्स के दाम में आया उछाल

पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत के बाजारों में भी साफ दिखाई देने लगा है. खासकर दिल्ली के ड्राई फ्रूट बाजार में कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है. व्यापारियों के मुताबिक आपूर्ति बाधित होने की वजह से कई ड्राई फ्रूट्स के दाम 20 से 50 फीसदी तक बढ़ गए हैं. दिल्ली के मशहूर खारी बावली बाजार में व्यापारी फिलहाल पुराने स्टॉक के सहारे काम चला रहे हैं और अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं.

20 से 50 फीसदी तक बढ़े ड्राई फ्रूट्स के दाम

खारी बावली मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव भाटिया के मुताबिक पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण कई जरूरी सामानों की सप्लाई प्रभावित हुई है. उन्होंने बताया कि ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 20 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है.

उन्होंने कहा कि काजू को छोड़कर ज्यादातर ड्राई फ्रूट्स पश्चिम एशियाई देशों से आयात किए जाते हैं. मौजूदा हालात में इनकी सप्लाई लगभग रुक गई है. इसी वजह से बाजार में स्टॉक सीमित रह गया है और कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं.

ईद से पहले खजूर की मांग बढ़ी, लेकिन स्टॉक कम

राजीव भाटिया ने बताया कि ईद का त्योहार नजदीक आने की वजह से खजूर की मांग तेजी से बढ़ रही है. हालांकि बाजार में इसका स्टॉक सीमित है क्योंकि नए माल की सप्लाई नहीं पहुंच रही है. इसके अलावा पश्चिम एशिया से आने वाली कई औषधीय जड़ी-बूटियों की सप्लाई भी प्रभावित हुई है, जिससे व्यापारियों की चिंता और बढ़ गई है.

खारी बावली बाजार में पुराने स्टॉक के सहारे कारोबार

पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक के पास स्थित खारी बावली एशिया का सबसे बड़ा थोक मसाला बाजार माना जाता है. यहां सदियों से मसाले, ड्राई फ्रूट्स, जड़ी-बूटियों और अन्य संबंधित उत्पादों का व्यापार होता रहा है. बाजार के एक दूसरे थोक व्यापारी उमेश जैन ने बताया कि फिलहाल व्यापारी पुराने स्टॉक के सहारे काम चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि बादाम, अंजीर, पाइन नट्स, खजूर और कई जड़ी-बूटियों की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है.

आने वाले हफ्तों में और बढ़ सकती हैं कीमतें

उमेश जैन के मुताबिक अगर मौजूदा स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो आने वाले हफ्तों में ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. सप्लाई चेन प्रभावित होने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ रही है. व्यापारियों का कहना है कि भारत से पश्चिम एशिया और यूरोप जाने वाला ज्यादातर व्यापार दुबई के रास्ते होता है. ऐसे में वहां सप्लाई प्रभावित होने से दिल्ली के कई बड़े व्यापारिक बाजारों में भी असर दिखाई दे रहा है. इनमें चांदनी चौक, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, कश्मीरी गेट और सदर बाजार जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं.

5000 करोड़ रुपये के कारोबार पर खतरा

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक अगर पश्चिम एशिया का संकट लंबे समय तक जारी रहा तो दिल्ली में करीब 5,000 करोड़ रुपये के व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि ईरान से आयात होने वाले पिस्ता, आलूबुखारा, किशमिश, अंजीर, खजूर और ममरा बादाम जैसे ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 30 से 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

दवाओं के कच्चे माल की कीमतें भी बढ़ीं

CTI के उपाध्यक्ष दीपक गर्ग के मुताबिक इस संकट का असर सिर्फ ड्राई फ्रूट्स तक सीमित नहीं है. केमिकल, प्लास्टिक और एल्युमिनियम जैसे जरूरी कच्चे माल की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं. उन्होंने बताया कि दवाओं में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के दाम भी हाल के दिनों में काफी बढ़ गए हैं. उदाहरण के तौर पर पैरासिटामोल की कीमत में करीब 47 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसके अलावा डाइक्लोफेनाक, डाइक्लोफेनाक पोटैशियम, एमोक्सिसिलिन ट्राइहाइड्रेट और सिप्रोफ्लॉक्सासिन के दामों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है.

स्ट्रीट फूड कारोबार पर भी संकट

CTI के अनुसार दिल्ली में लगभग 50,000 स्ट्रीट फूड विक्रेता काम करते हैं. कच्चे माल की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इनमें से करीब 20 से 30 फीसदी विक्रेताओं के कारोबार बंद होने का खतरा पैदा हो गया है.

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