जब शेयर बाजार कांपा, तब सोने ने बनाया पैसा… 74% की छलांग के बाद भी नहीं थमी रफ्तार, ये 3 गोल्ड फंड हैं सेफ दांव

सोना हमेशा से अनिश्चित समय में सुरक्षित निवेश माना जाता है. साल 2020 में कोविड के दौरान सोना 28 प्रतिशत चढ़ा. 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद इसमें करीब 14 प्रतिशत की तेजी आई. 2023 में मिडिल ईस्ट तनाव से सोने ने 15 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दिया.

Gold Image Credit: AI/Money9 live

Gold Fund: पिछले कुछ सालों में सोने ने निवेशकों का ध्यान पूरी तरह अपनी ओर खींच लिया है. जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा, महंगाई का डर रहा और दुनिया में युद्ध जैसे हालात बने, तब सोना निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित सहारा बना. कोविड महामारी से लेकर रूस-यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट तनाव और भारत-पाकिस्तान टेंशन तक, हर बड़े संकट में सोने की चमक और तेज हुई.

साल 2025 में तो सोने ने करीब 74 प्रतिशत का शानदार रिटर्न देकर सभी को चौंका दिया. अब सवाल यह है कि 2026 में सोने में निवेश कैसे किया जाए. फिजिकल गोल्ड खरीदें या फिर गोल्ड फंड्स का रास्ता अपनाएं. विशेषज्ञ मानते हैं कि समझदारी से चुने गए गोल्ड फंड्स लंबी अवधि में बेहतर और आसान विकल्प हो सकते हैं.

क्यों लगातार मजबूत हो रहा है सोना

सोना हमेशा से अनिश्चित समय में सुरक्षित निवेश माना जाता है. साल 2020 में कोविड के दौरान सोना 28 प्रतिशत चढ़ा. 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद इसमें करीब 14 प्रतिशत की तेजी आई. 2023 में मिडिल ईस्ट तनाव से सोने ने 15 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दिया. 2024 में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और वैश्विक तनाव के चलते इसमें 20 प्रतिशत से ज्यादा उछाल आया. फिर 2025 में भारत-पाकिस्तान तनाव, ट्रंप की सख्त नीतियां, ऊंचा कर्ज और सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी ने सोने को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया.

डेटा 31 दिसंबर 2025 तक का है, Source: MCX स्पॉट सोने की कीमतें

सेंट्रल बैंक क्यों खरीद रहे हैं सोना

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, दुनिया के सेंट्रल बैंक पिछले पांच सालों में 5,000 टन से ज्यादा सोना खरीद चुके हैं. कमजोर डॉलर, कम ब्याज दरें और बढ़ता वैश्विक जोखिम सोने को सपोर्ट दे रहा है. यही वजह है कि 2026 में भी सोने को लेकर माहौल पॉजिटिव नजर आ रहा है.

गोल्ड ETF या गोल्ड सेविंग्स फंड

गोल्ड ETF सीधे फिजिकल गोल्ड की कीमत को ट्रैक करते हैं. इन्हें खरीदने के लिए डीमैट अकाउंट जरूरी होता है. SIP की सुविधा इनमें नहीं मिलती. वहीं गोल्ड सेविंग्स फंड, गोल्ड ETF में निवेश करते हैं और इनमें SIP की सुविधा मिलती है. बिना डीमैट अकाउंट के भी इनमें निवेश किया जा सकता है. कम रकम से शुरुआत करने वालों के लिए यह ज्यादा आसान विकल्प है.

टॉप 3 गोल्ड सेविंग्स फंड

SBI गोल्ड फंड

यह फंड 2011 में लॉन्च हुआ था. दिसंबर 2025 तक इसका AUM करीब 10805 करोड़ रुपये है. यह अपने ज्यादातर पैसे SBI गोल्ड ETF में लगाता है. लंबी अवधि में इसने करीब 17 प्रतिशत का सालाना रिटर्न दिया है.
HDFC गोल्ड ETF फंड ऑफ फंड

यह 2013 में शुरू हुआ. इसका AUM करीब 8,500 करोड़ रुपये है. यह HDFC गोल्ड ETF में निवेश करता है. 10 साल का औसत रिटर्न करीब 17 प्रतिशत रहा है.
निप्पॉन इंडिया गोल्ड सेविंग्स फंड

यह भारत का सबसे पुराना गोल्ड सेविंग्स फंड है. इसका AUM करीब 4800 करोड़ रुपये है. यह निप्पॉन इंडिया गोल्ड बीईएस में निवेश करता है. लंबे समय में इसने भी करीब 17 प्रतिशत का रिटर्न दिया है.

निवेशकों के लिए सही रणनीति

विशेषज्ञ मानते हैं कि पूरे पोर्टफोलियो में 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा सोने का होना चाहिए. एकमुश्त निवेश के बजाय SIP के जरिए निवेश करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. सोने में निवेश लंबी अवधि के लिए करना चाहिए और इसे सिर्फ सुरक्षा और संतुलन के लिए इस्तेमाल करना चाहिए. निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और लक्ष्य जरूर समझें.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.