केंद्र सरकार अब हाईवे से कमाई का बड़ा प्लान तैयार कर रही है. सरकार FY27 में करीब 1800 किलोमीटर लंबे 28 National Highway Assets को Monetise करने की तैयारी में है. इस योजना के जरिए सरकार लगभग ₹35,000 करोड़ जुटाना चाहती है.
हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के एक न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास ड्रोन हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई. इस घटना ने वैश्विक बाजारों में डर बढ़ा दिया है. इसी बीच Iran ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता से इनकार कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली है.
Madhusudan Kela सिर्फ Multibagger शेयर चुनने के लिए ही नहीं, बल्कि Dividend Income कमाने के लिए भी जाने जाते हैं. FY26 में उनके पोर्टफोलियो की कई कंपनियों ने शानदार Dividend दिया, जिससे उन्हें करोड़ों रुपये की Passive Income हुई. ताजा शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक Madhusudan Kela के पास 19 कंपनियों में निवेश है.
सरकार लगातार ट्रांसमिशन नेटवर्क, सबस्टेशन और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर बड़ा खर्च कर रही है. इसी का फायदा अब पावर इक्विपमेंट कंपनियों को मिलने लगा है. ऐसी ही एक Smallcap कंपनी Danish Power Limited इन दिनों बाजार में चर्चा में है.
टॉप 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 9 कंपनियों का कुल Market Cap करीब ₹3.12 लाख करोड़ घट गया. इस गिरावट में सबसे बड़ा नुकसान Reliance Industries को हुआ. Middle East तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये में कमजोरी और महंगाई की चिंता की वजह से बाजार में दबाव बढ़ा. इसी कारण निवेशकों ने बड़े शेयरों में बिकवाली की. पिछले हफ्ते BSE Sensex करीब 2,090 अंक यानी 2.7 फीसदी गिर गया.
कई बड़ी कंपनियां अपने मार्च तिमाही यानी Q4 FY26 के नतीजे जारी करने जा रही हैं. निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर खास तौर पर उन कंपनियों पर रहेगी, जिनके रिजल्ट बाजार की दिशा तय कर सकते हैं. इन नतीजों से यह पता चलेगा कि कंपनियों ने पिछले तीन महीनों में कितना मुनाफा कमाया, बिक्री कैसी रही और कारोबार में कितनी ग्रोथ हुई.
PN Gadgil Jewellers ने FY26 में बेहतर ग्रोथ दर्ज की है. कंपनी की बिक्री, मुनाफा और EBITDA में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है. हालांकि दूसरी तरफ कंपनी के मार्जिन में गिरावट भी दर्ज हुई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी हुई है. शेयर में दबाव देखने को मिला और 15 मई 2026 को कंपनी का शेयर करीब 10 फीसदी तक टूट गया.
अब Metal और Commodity सेक्टर से जुड़े Mutual Funds निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आने वाले समय में मेटल, माइनिंग और एनर्जी सेक्टर में तेजी बनी रहती है, तो इन सेक्टर्स से जुड़े फंड्स अच्छा रिटर्न दे सकते हैं.
केंद्र सरकार समुद्र के नीचे छिपे तेल और गैस के भंडार खोजने के लिए देश का सबसे बड़ा Offshore Energy Survey शुरू करने की तैयारी में है. इसके तहत बंगाल की खाड़ी और पूर्वी तट के कई बड़े समुद्री इलाकों में खास जहाजों के जरिए जमीन के नीचे स्कैनिंग की जाएगी.
पावर सेक्टर की दो बड़ी कंपनियां Power Finance Corporation और REC Limited अब एक होने की दिशा में आगे बढ़ गई हैं. दोनों कंपनियों के बोर्ड ने मर्जर प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी मांगी जाएगी.