Pradyumn Thakur

प्रद्युमन ठाकुर 'मनी 9 हिंदी' में बतौर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और साल 2024 से इस मंच के साथ जुड़े हुए हैं. स्टॉक मार्केट एनालिसिस और विशेषज्ञों की राय को सरल व सहज भाषा में प्रस्तुत करने में उनकी विशेषज्ञता है. इसके साथ ही पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, ऑटो और टेक जैसे विषयों पर भी उनकी समझ है. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में प्रशिक्षण प्राप्त किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.

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Pradyumn Thakur

Sierra EV, टाटा की नई acti.ev+ प्लेटफॉर्म पर बनाई गई है. यह वही एडवांस प्लेटफॉर्म है जिस पर Harrier EV भी तैयार हुई है. इस प्लेटफॉर्म की खास बात यह है कि इसमें मल्टी-लेयर स्केटबोर्ड डिजाइन दिया गया है, जिससे कार में बड़ा बैटरी पैक लगाया जा सकता है.

हाल ही में निवेशकों की नजर दमानी की पोर्टफोलियो में मौजूद दो ऐसे स्टॉक्स पर गई है, जिनमें जीरो डेट, हाई ROCE और मजबूत डिविडेंड का शानदार कॉम्बिनेशन है. दोनों स्टॉक्स अपने 52-वीक लो के पास हैं, यानी मौका अच्छा लग रहा है. लेकिन क्या वाकई ये मौका अच्छा है? आइए विस्तार से समझते हैं.

पिछले कुछ सालों में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने निवेशकों के लिए जबरदस्त कमाई का मौका बनाया है. Bandhan Small Cap Fund ने बाकी सबको पीछे छोड़ते हुए सबसे शानदार रिटर्न दिया. इसने 3 साल में 30.17% CAGR और 5 साल में 27.88% CAGR का मजबूत रिटर्न दिया है. HDFC Mid Cap Fund मिड-कैप कैटेगरी का सबसे बड़ा फंड (AUM के हिसाब से) है, उसने भी 3 साल में 25.90 फीसदी और 5 साल में 26.94 फीसदी CAGR दिया है.

V2 Retail के शेयर ने साल दर साल शानदार रिटर्न देकर निवेशकों की किस्मत बदल दी. V2 Retail भारत की सबसे तेजी से बढ़ती रिटेल कंपनियों में से एक है. यह कंपनी कपड़ों से लेकर लाइफस्टाइल प्रॉडक्ट्स तक कई तरह की चीजें बेचती है. कंपनी का बिजनेस लगातार बढ़ रहा है और इसका असर सीधे शेयर कीमतों पर दिखाई देता है.

पिछले 5 सालों में कुछ सरकारी सेक्टर और PSU बैंकों से जुड़े ETFs ने बहुत दमदार रिटर्न दिया है. BHARAT 22, CPSE और PSU Bank ETF तीनों ने 30 फीसदी से 41 फीसदी CAGR तक कमाया. लेकिन ETF का रिटर्न बाजार परिस्थिति पर निर्भर करता है. भविष्य में भी ऐसा प्रदर्शन दोहराया जाएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है.

अमरा राजा की “Amaron” बैटरी भारत में बेहद लोकप्रिय है. देशभर में 14 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स चलाती है. वहीं Exide 75 साल से बैटरी मार्केट की दिग्गज खिलाड़ी है. यह EV युग के लिए सबसे आक्रामक निवेश कर रही है. कंपनी के पास 11 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं और यह 60 देशों में एक्सपोर्ट करती है.

दिल्ली में ऐप-आधारित बाइक टैक्सी कंपनी Rapido से जुड़े एक साधारण ड्राइवर का नाम अचानक एक बड़े मनी-लॉन्ड्रिंग केस में सामने आया है. ED को शक है कि इस ड्राइवर का खाता “म्यूल अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल किया गया. यानी ऐसा बैंक खाता, जिसका इस्तेमाल गलत पैसे इधर-उधर भेजने के लिए किया जाता है, अक्सर नकली या फर्जी KYC दस्तावेजों के जरिए.

साल 1980 के दशक में छोटी-सी जगह में शुरू हुई यह कंपनी शुरुआत से ही मुश्किल और तकनीकी काम करती थी. बड़े कॉन्ट्रैक्ट के बजाय इसने वही इलेक्ट्रॉनिक पार्ट बनाने शुरू किए जिन्हें कोई हाथ नहीं लगाता था. इसमें मिसाइल कंट्रोल सिस्टम, रडार के डिजिटल हिस्से, फ्लाइट कंप्यूटर और सिग्नल प्रोसेसर शामिल था. ये सब वे चीजें थीं जिन्हें विदेशी कंपनियां भारत को आसानी से नहीं देती थीं.

अगर आप ऐसी कार की तलाश में हैं जिसमें पूरा परिवार आराम से बैठ सके, लंबी यात्राओं में भी दिक्कत न हो और वह आपके बजट में भी फिट बैठे तो रेनॉ ट्राइबर सबसे बेहतर ऑप्शन है. कम मेंटेनेंस और भरोसेमंद परफॉर्मेंस चाहिए, तो मारुति अर्टिगा सबसे उपयुक्त है. SUV लुक चाहिए तो सिट्रोन एयरक्रॉस, और ब्रांड वैल्यू पसंद है तो टोयोटा रुमियॉन लें. आधुनिक डिजाइन और फीचर्स के लिए किया क्लैविस एक शानदार चॉइस है.

पिछले दो साल भारतीय बाजार के लिए मल्टीबैगर स्टॉक्स से भरे रहे. पावर, फार्मा, शिपबिल्डिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और ऑटो एंसिलरी जैसे सेक्टर्स ने निवेशकों के पैसे को कई गुना बढ़ाया और BSE 500 को मजबूत बनाया. तंबाकू और सिगरेट बनाने वाली Godfrey Phillips India ने दो साल में 324 फीसदी की उछाल दर्ज की. कंपनी का मार्केट कैप 44821 करोड़ रुपये पहुंच गया और शेयर 2874 रुपये पर पहुंच गया.