सरकार लगातार ट्रांसमिशन नेटवर्क, सबस्टेशन और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर बड़ा खर्च कर रही है. इसी का फायदा अब पावर इक्विपमेंट कंपनियों को मिलने लगा है. ऐसी ही एक Smallcap कंपनी Danish Power Limited इन दिनों बाजार में चर्चा में है.
टॉप 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 9 कंपनियों का कुल Market Cap करीब ₹3.12 लाख करोड़ घट गया. इस गिरावट में सबसे बड़ा नुकसान Reliance Industries को हुआ. Middle East तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये में कमजोरी और महंगाई की चिंता की वजह से बाजार में दबाव बढ़ा. इसी कारण निवेशकों ने बड़े शेयरों में बिकवाली की. पिछले हफ्ते BSE Sensex करीब 2,090 अंक यानी 2.7 फीसदी गिर गया.
कई बड़ी कंपनियां अपने मार्च तिमाही यानी Q4 FY26 के नतीजे जारी करने जा रही हैं. निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर खास तौर पर उन कंपनियों पर रहेगी, जिनके रिजल्ट बाजार की दिशा तय कर सकते हैं. इन नतीजों से यह पता चलेगा कि कंपनियों ने पिछले तीन महीनों में कितना मुनाफा कमाया, बिक्री कैसी रही और कारोबार में कितनी ग्रोथ हुई.
PN Gadgil Jewellers ने FY26 में बेहतर ग्रोथ दर्ज की है. कंपनी की बिक्री, मुनाफा और EBITDA में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है. हालांकि दूसरी तरफ कंपनी के मार्जिन में गिरावट भी दर्ज हुई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी हुई है. शेयर में दबाव देखने को मिला और 15 मई 2026 को कंपनी का शेयर करीब 10 फीसदी तक टूट गया.
अब Metal और Commodity सेक्टर से जुड़े Mutual Funds निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आने वाले समय में मेटल, माइनिंग और एनर्जी सेक्टर में तेजी बनी रहती है, तो इन सेक्टर्स से जुड़े फंड्स अच्छा रिटर्न दे सकते हैं.
केंद्र सरकार समुद्र के नीचे छिपे तेल और गैस के भंडार खोजने के लिए देश का सबसे बड़ा Offshore Energy Survey शुरू करने की तैयारी में है. इसके तहत बंगाल की खाड़ी और पूर्वी तट के कई बड़े समुद्री इलाकों में खास जहाजों के जरिए जमीन के नीचे स्कैनिंग की जाएगी.
पावर सेक्टर की दो बड़ी कंपनियां Power Finance Corporation और REC Limited अब एक होने की दिशा में आगे बढ़ गई हैं. दोनों कंपनियों के बोर्ड ने मर्जर प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी मांगी जाएगी.
देश की बड़ी IT कंपनियां Tata Consultancy Services, Infosys और HCL Technologies अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर के आसपास ट्रेड कर रही हैं. Nifty IT Index भी इस साल अब तक करीब 26 फीसदी टूट चुका है. ऐसे में अब निवेशकों के बीच बड़ा सवाल है कि क्या यह गिरावट डर की वजह से आई है या फिर लंबे समय के निवेशकों के लिए बड़ा मौका बन रही है.
Smallcap सेक्टर में कमजोरी के बीच देश के दो बड़े निवेशकों ने कुछ चुनिंदा छोटी कंपनियों में निवेश करके बाजार का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है. दिग्गज निवेशक Mukul Agrawal और Ashish Kacholia ने हाल ही में इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर से जुड़ी Smallcap कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी है. इसके बाद इन शेयरों पर निवेशकों की नजर और बढ़ गई है.
नौकरीपेशा लोगों के सामने नया सवाल खड़ा हो गया है. क्या ऑफिस के पास महंगा किराया देकर रहना ज्यादा सही है या फिर दूर सस्ते घर में रहकर रोज लंबा सफर करना बेहतर है. हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जबकि दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में CNG भी महंगी हो गई है.