FY26 में कुल 109 IPO लिस्ट हुए. इनमें से सिर्फ 32 IPO ही ऐसे रहे जिन्होंने लिस्टिंग के बाद निवेशकों को फायदा दिया. यानी हर 3 में से सिर्फ 1 IPO ही मुनाफे में रहा. इस साल कुछ कंपनियों ने शानदार रिटर्न दिया. अगर लिस्टिंग प्राइस की जगह ऑफर प्राइस से तुलना करें तो स्थिति थोड़ी बेहतर दिखती है. इस हिसाब से 37 IPO में मुनाफा हुआ और 31 IPO ने डबल डिजिट रिटर्न दिया.
Gold Price Today in India (सोना का भाव आज का, Sone Ka Bhav Aaj Ka) 2 April 2026: मार्च में जहां सोने में भारी गिरावट आई, वहीं अप्रैल की शुरुआत में भी कीमतों में कमजोरी जारी रही. वैश्विक तनाव, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर सीधे सोने पर पड़ा है. इसके बावजूद घरेलू बाजार में मांग बनी हुई है. फिर भी सोना 6 अप्रैल को ₹1.5 लाख के नीचे आया है.
मार्च 2026 तिमाही के दौरान FIIs ने HDFC बैंक के करीब 35,000 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. इस दौरान बैंक के शेयर में करीब 26.2 प्रतिशत की गिरावट आई, जो मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है. शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, FIIs ने अपनी हिस्सेदारी करीब 3.6 प्रतिशत घटा दी.
इटारसी से बैतूल के बीच स्थित 22 किलोमीटर लंबा ‘टाइगर कॉरिडोर’ अब चार लेन हाईवे में बदला जाएगा. इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने 758 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. यह सड़क सिर्फ यात्रा को आसान नहीं बनाएगी, बल्कि पूरे इलाके के विकास को भी नई गति देगी.
Hindustan Copper Ltd ने अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाते हुए अब ‘नवरत्न’ दर्जा हासिल करने का लक्ष्य तय किया है. यह दर्जा किसी भी सरकारी कंपनी के लिए बहुत अहम माना जाता है, क्योंकि इससे उसे ज्यादा आजादी और बड़े निवेश करने की ताकत मिलती है.
इस हफ्ते OTT प्लेटफॉर्म्स पर आपके लिए भरपूर कंटेंट तैयार है. इस बार Netflix, Amazon Prime Video, SonyLIV, ZEE5 और JioHotstar जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कई नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हुई हैं. खास बात यह है कि इस बार हर तरह के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ मौजूद है.
पिछले हफ्ते बाजार में लगातार बिकवाली देखने को मिली, जिससे निफ्टी अपने अहम स्तरों से नीचे फिसल गया. ऐसे माहौल में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बाजार और गिरेगा या यहां से संभलेगा. फिलहाल बाजार का मूड कमजोर बना हुआ है और आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
सरकार ISM 2.0 के तहत पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करना चाहती है. इसमें चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग और पैकेजिंग जैसे सभी हिस्सों पर काम होगा. इसका मकसद भारत को चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाना है. सेमीकंडक्टर आज हर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का अहम हिस्सा है, इसलिए इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.
स्पेशियलिटी केमिकल सेक्टर में गिरावट की मुख्य वजह ग्लोबल मांग में कमी और कीमतों पर दबाव रहा है. इसके अलावा कच्चे माल की लागत बढ़ने और ऑर्डर कम मिलने से कंपनियों की कमाई पर असर पड़ा है. कई मजबूत कंपनियां अब अपने ऊपरी स्तर से काफी नीचे आ चुकी हैं. ऐसे में निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि कौन से शेयर आगे मौका दे सकते हैं और किन पर नजर रखनी चाहिए.
अक्सर बड़ी कमाई के मौके तब ही मिलते हैं जब बाजार में डर सबसे ज्यादा होता है. इसी बीच कुछ मिडकैप शेयर ऐसे सामने आए हैं, जो इस गिरावट में काफी टूट चुके हैं और अब ओवरसोल्ड जोन में पहुंच गए हैं. ऐसे में इन शेयरों में आगे रिकवरी की संभावना बन सकती है, लेकिन निवेश से पहले समझदारी जरूरी है.