कुछ दिग्गज कंपनियों के शेयर एक बड़े ब्रेकआउट की तैयारी कर रहे हैं. टेक्निकल एनालिसिस की एक खास थ्योरी, जिसे डार्वस बॉक्स थ्योरी कहा जाता है, इन संकेतों को समझने में मदद करती है. इस थ्योरी के मुताबिक, जब कोई शेयर लंबे समय तक एक दायरे में चलता है और फिर उस दायरे को तोड़ता है, तो उसमें तेज तेजी आ सकती है.
ज्यादातर निवेशक तेजी वाले सेक्टर की तरफ भागते हैं, तब कुछ बड़े निवेशक चुपचाप ऐसे स्टॉक्स चुनते हैं जो अभी सुर्खियों में नहीं होते लेकिन आगे चलकर बड़ा रिटर्न दे सकते हैं. चेन्नई की मशहूर निवेशक डॉली खन्ना को ऐसे ही निवेश के लिए जाना जाता है. उन्होंने करीब 370 करोड़ रुपये तीन ऐसी कंपनियों में लगाए हैं जो अभी रिकवरी या बदलाव के दौर में हैं.
Assembly Election Results 2026: चुनावों की असली कहानी सिर्फ सत्ता बदलने तक सीमित नहीं है. राज्यों की आर्थिक स्थिति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही तय करती है कि जनता के जीवन में कितना सुधार आएगा. पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी जैसे राज्य न केवल राजनीतिक रूप से अहम हैं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी इनकी अपनी भूमिका है.
एक छोटा शेयर इन दिनों चर्चा में है, जिसकी कीमत ₹30 से भी कम है लेकिन रफ्तार बड़ी कंपनियों जैसी दिख रही है. AVI Polymers का शेयर लगातार 12 दिन से अपर सर्किट पर पहुंच रहा है. यानी हर दिन इसमें इतनी तेजी आ रही है कि खरीदने वाले ज्यादा और बेचने वाले कम हैं. सिर्फ कुछ हफ्तों में इस शेयर ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है. सवाल यह है कि आखिर इस तेजी के पीछे वजह क्या है.
आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में बहुत बड़ी तेजी या गिरावट नहीं दिखेगी, बल्कि यह एक तय दायरे में ही घूमती रह सकती हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है अंतरराष्ट्रीय हालात और आर्थिक आंकड़े. ऐसे में निवेशकों और ट्रेडर्स की नजर हर छोटी-बड़ी खबर पर रहेगी.
सरकार के पर्यावरण से जुड़े नए नियम लागू होने के बाद कंपनियों को पुराने वाहनों के लिए भी खर्च का हिसाब रखना पड़ेगा. यह नियम देखने में छोटा लग सकता है, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा है. इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक, साल 2025-26 में ऑटो कंपनियों के मुनाफे पर करीब 25,000 करोड़ रुपये का झटका लग सकता है.
2026 तक आते-आते IPL की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. टीमों की कीमत आसमान छू रही है और बड़े-बड़े उद्योगपति इस लीग में निवेश कर रहे हैं. हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स की बिक्री ने इस ट्रेंड को और मजबूत किया है. अब IPL की लगभग हर टीम के पीछे देश और दुनिया के सबसे अमीर और ताकतवर कारोबारी खड़े हैं.
अगर आपने अपनी गाड़ी के शीशे पर FASTag नहीं लगाया है, तो अब सावधान हो जाइए. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस नियम को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. लेकिन कई लोग इसे हाथ में पकड़कर इस्तेमाल करते हैं, जिससे स्कैनिंग में दिक्कत आती है और ट्रैफिक जाम बढ़ता है. अब NHAI ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन नहीं करने पर FASTag को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है.
राजस्थान रॉयल्स को मित्तल परिवार ने खरीदा है. लक्ष्मी मित्तल और आदित्य मित्तल इस डील का हिस्सा हैं. अदार पूनावाला ने भी इसमें साझेदारी की है. यह टीम पहले मनोज बादले और उनके निवेशकों के पास थी. इस सौदे की कीमत करीब 15,660 करोड़ रुपए है.
एक तरफ है Triumph Speed 400, जो अपनी स्पोर्टी परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती है. दूसरी तरफ है Harley-Davidson X440, जो अपने क्लासिक लुक और मजबूत रोड प्रेजेंस के लिए पसंद की जाती है. ऐसे में अगर आप नई बाइक खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह समझना जरूरी है कि इनमें क्या अंतर है और कौन सी बाइक आपके लिए ज्यादा बेहतर होगी. आइए विस्तार से जानते हैं दोनों बाइक्स के बारे में.