Techno Electric पहली नजर में डेटा सेंटर कंपनी नहीं लगती. लेकिन पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत फाइनेंशियल्स और समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने का अनुभव इसे इस सेक्टर में एक अलग बढ़त देता है. डेटा सेंटर की रेस में यह कंपनी जल्दी उतर चुकी है, न कि देर से. यही बात इसे निवेशकों के लिए दिलचस्प बनाती है.
भारत में सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं है, यह आस्था जैसा है. लेकिन इस एक्टर को समझ आ गया कि स्टारडम जितना चमकदार दिखता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है. असली ताकत उस पैसे में है जो आपके बिना भी चलता रहे. यहीं से शुरू होती है उनकी “साइलेंट इनवेस्टमेंट” की कहानी. ऐसी निवेश रणनीति, जो दिखती कम है लेकिन असर बहुत बड़ा करती है. आज वही चिरंजीवी करीब 1650 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ भारत के चुनिंदा फिल्मी अरबपतियों में गिने जाते हैं.
इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड 2020 के तहत बनाए गए ड्राफ्ट नियमों में यह प्रस्ताव रखा गया है कि नौकरी से निकाले गए कर्मचारी को 45 दिनों के भीतर री-स्किलिंग के लिए पैसा दिया जाएगा. इस पैसे का मकसद यह है कि कर्मचारी नई स्किल सीख सके और जल्दी दोबारा रोजगार पा सके.
ओला का दावा है कि यह बाइक एक बार चार्ज करने पर 500 किलोमीटर तक चल सकती है. इससे उन लोगों को फायदा मिल सकता है, जो लंबी दूरी तय करते हैं और चार्जिंग की चिंता करते हैं. खासकर छोटे शहरों और कस्बों में यह बाइक इलेक्ट्रिक वाहनों को और लोकप्रिय बना सकती है.
अगर एडवेंचर और लंबी दूरी की राइडिंग का शौक है, तो BMW, KTM और Brixton जैसी कंपनियां नए मॉडल ला रही हैं. खास बात यह है कि ये सभी बाइक्स पावर, टेक्नोलॉजी और सेफ्टी फीचर्स के मामले में पहले से ज्यादा मजबूत होंगी. नए साल की शुरुआत में ये लॉन्च टू-व्हीलर मार्केट में अच्छी-खासी हलचल पैदा कर सकते हैं.
भारत की साइबर अपराध एजेंसियों ने इस नए फ्रॉड को लेकर अलर्ट जारी किया है. यह चेतावनी Indian Cyber Crime Coordination Centre के तहत काम करने वाली नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट की ओर से दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि ठग टेलीकॉम की सामान्य सुविधाओं का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.
E to E Transportation Infrastructure Ltd का आईपीओ 26 दिसंबर को खुला था और 30 दिसंबर को बंद हो रहा है. यह SME आईपीओ पहले ही दिन पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था. दूसरे दिन के अंत तक इस आईपीओ को 112 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिल चुका था.
डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने जिन रक्षा सौदों को मंजूरी दी है, उनमें रडार सिस्टम, मिसाइल, ड्रोन रोधी सिस्टम, रॉकेट गोला-बारूद और नौसैनिक उपकरण शामिल हैं. यह सभी प्रोडक्ट भारत में ही बनाए जाएंगे. इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा और डिफेंस कंपनियों की ऑर्डर बुक मजबूत होगी.
जियो, फ्लिपकार्ट, फोनपे और जेप्टो जैसे ब्रांड्स की संभावित लिस्टिंग से एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की वैल्यू अनलॉक हो सकती है. हालांकि अभी कई कंपनियों की तारीख और इश्यू साइज तय नहीं है, लेकिन संकेत साफ हैं कि 2026 निवेश के लिहाज से बेहद अहम साल हो सकता है.
GST Council की अगली बैठक में एयर और वाटर प्यूरीफायर पर जीएसटी घटाकर 5 फीसदी करने पर विचार हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो इनकी कीमतों में अच्छी खासी राहत मिल सकती है और ज्यादा लोग स्वच्छ हवा और साफ पानी का फायदा उठा सकेंगे.