भारत में भी IT, टेलीकॉम, फाइनेंशियल सर्विसेज, डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियां AI पर तेजी से निवेश कर रही हैं. यही वजह है कि AI से जुड़ी कंपनियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है. हालांकि AI के नाम पर हर कंपनी मजबूत नहीं होती. इसलिए निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि कौन सी कंपनियां वास्तव में AI तकनीक पर काम कर रही हैं.
हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं और लाखों टन सामान रेल नेटवर्क के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पहुंचता है. यही वजह है कि सरकार लगातार रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही है. नई रेल लाइनें, स्टेशन आधुनिकीकरण, इलेक्ट्रिफिकेशन, माल ढुलाई कॉरिडोर और सुरक्षा परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है.
एक तरफ डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की खबरें चर्चा में हैं, तो दूसरी तरफ Coffee Day के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. पिछले तीन कारोबारी दिनों से कंपनी के शेयर लगातार दौड़ लगा रहे हैं और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं. मंगलवार को Coffee Day का शेयर करीब 2 प्रतिशत तक उछल गया और 40 रुपये के आसपास पहुंच गया.
Coca-Cola ने भारत को लेकर एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है. कंपनी अपनी सबसे बड़ी भारतीय बॉटलिंग इकाई Hindustan Coca-Cola Holdings (HCCH) को शेयर बाजार में लिस्ट करने की तैयारी कर रही है. अगर यह योजना सफल होती है तो साल 2027 में कंपनी का IPO आ सकता है. Coca-Cola का मानना है कि इससे भारतीय कारोबार को नई पहचान मिलेगी और कंपनी को देश में बढ़ती मांग का फायदा उठाने में मदद मिलेगी.
2 जून 2026 को देशभर के सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. हालांकि कुछ शहरों में हल्का उतार-चढ़ाव जरूर रहा. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिकी डॉलर से जुड़े मिले-जुले संकेतों के चलते कीमती धातुओं में तेज उछाल आया.
सोमवार को ITC का शेयर गिरकर अपने 52 हफ्तों के नए निचले स्तर पर पहुंच गया. सिर्फ छह महीनों में शेयर करीब 31 प्रतिशत टूट चुका है. इसके पीछे कई वजहें हैं. तंबाकू उत्पादों पर GST बढ़ना, कमजोर मानसून की आशंका और FMCG सेक्टर में बिकवाली जैसे कारण निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं. यही वजह है कि ITC के साथ-साथ कई दूसरी FMCG कंपनियों के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला.
AI चैटबॉट Claude बनाने वाली कंपनी Anthropic ने अमेरिका में IPO लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने अमेरिकी IPO के लिए आवेदन दाखिल किया है. अगर यह IPO सफल रहता है, तो यह हाल के वर्षों के सबसे बड़े और चर्चित शेयर बाजार लिस्टिंग में से एक बन सकता है.
AI चिप बनाने वाली यह कंपनी न सिर्फ तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है, बल्कि दुनिया भर से बेहतरीन टैलेंट को आकर्षित करने के लिए भी बड़ा निवेश कर रही है. ऐसे समय में जब कई बड़ी टेक कंपनियां विदेशी कर्मचारियों की भर्ती कम कर रही हैं, NVIDIA ने इसके उलट अपनी H-1B वीजा भर्ती बढ़ा दी है.
सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में देश का औद्योगिक प्रोडक्शन 4.9 प्रतिशत बढ़ा. यह बढ़ोतरी पिछले साल अप्रैल में दर्ज 5.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी से कम है. एनर्जी सेक्टर में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर औद्योगिक गतिविधियों पर देखने को मिला है.
कई बार असली कमाई उन छोटी कंपनियों से आती है जो तेजी से अपने कारोबार का विस्तार कर रही होती हैं. माइक्रोकैप कंपनियां इसी श्रेणी में आती हैं. ये कंपनियां आकार में भले छोटी हों, लेकिन अगर इनके बिजनेस प्लान सफल हो जाएं तो निवेशकों को शानदार रिटर्न दे सकती हैं.