CMR Green Technologies IPO को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है. 3 जून से 5 जून तक खुले इस IPO में सभी कैटेग्री के निवेशकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कंपनी 8 जून को शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल कर सकती है, जबकि शेयरों की लिस्टिंग 10 जून को BSE और NSE पर होने की संभावना है.
सरकार दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे बड़े शहरों में 50 से 100 विशेष एथेनॉल फ्यूल स्टेशन शुरू करने की तैयारी कर रही है. इतना ही नहीं, साल 2027 तक देशभर में 5,000 एथेनॉल स्टेशन खोलने का लक्ष्य रखा गया है. अब जब एथेनॉल आधारित वाहनों और फ्यूल स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ेगा, तो एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों को भी इसका बड़ा फायदा मिल सकता है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे माहौल में भारत सरकार भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद (Economic Advisory Council) के सदस्यों के साथ अहम बैठक की.
आने वाले वर्षों में देश में कई बड़े डेटा सेंटर बनने वाले हैं. ऐसे में ज्यादातर निवेशकों की नजर सीधे डेटा सेंटर कंपनियों पर होती है. लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि इस सेक्टर से कमाई का एक दूसरा और ज्यादा दिलचस्प तरीका भी है.डेटा सेंटर को चलाने के लिए बिजली, कूलिंग सिस्टम, ट्रांसफॉर्मर और एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाओं की जरूरत होती है.
आयोग देशभर में कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य पक्षों से सुझाव ले रहा है. इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है, क्योंकि इसी के आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय की जाएगी. कई कर्मचारी संगठनों ने आयोग से 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है.
शाखाओं की संख्या बढ़ रही है, वहीं कर्मचारियों की संख्या उसी रफ्तार से नहीं बढ़ रही. कई बड़े सरकारी बैंकों में पिछले चार सालो के दौरान शाखाएं बढ़ीं, लेकिन कर्मचारियों की संख्या या तो बहुत कम बढ़ी या फिर घट गई. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह तेजी से बढ़ती डिजिटल बैंकिंग और नई तकनीक को माना जा रहा है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार देश का विदेशी मुद्रा भंडार फिर बढ़ा है. पिछले कुछ महीनों में वैश्विक तनाव, डॉलर की मजबूती और रुपये पर दबाव के कारण विदेशी मुद्रा भंडार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था. हालांकि अब हालात कुछ बेहतर नजर आ रहे हैं.
Canara Bank पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जुर्माना लगाया है. RBI ने बैंक के कामकाज की जांच के दौरान कुछ नियमों का पालन नहीं करने की बात पाई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई. बैंकिंग क्षेत्र में KYC यानी ग्राहक की पहचान से जुड़े नियमों को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.
कई बड़ी और हाल ही में शेयर बाजार में लिस्टेड हुई कंपनियों के शेयरों पर लगा लॉक-इन पीरियड खत्म होने जा रहा है. जून से अगस्त 2026 के बीच करीब 35 अरब डॉलर (लगभग 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) मूल्य के शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो जाएंगे.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से एक महत्वपूर्ण नियम को लेकर दी गई स्पष्टता के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई. इसी वजह से BSE के शेयर में कारोबार के दौरान 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ गई. सिर्फ BSE ही नहीं, बल्कि ब्रोकिंग सेक्टर की कई कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला.