Pradyumn Thakur

प्रद्युमन ठाकुर 'मनी 9 हिंदी' में बतौर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और साल 2024 से इस मंच के साथ जुड़े हुए हैं. स्टॉक मार्केट एनालिसिस और विशेषज्ञों की राय को सरल व सहज भाषा में प्रस्तुत करने में उनकी विशेषज्ञता है. इसके साथ ही पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, ऑटो और टेक जैसे विषयों पर भी उनकी समझ है. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में प्रशिक्षण प्राप्त किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.

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Pradyumn Thakur

आज की कारों में छोटा-सा key fob सिर्फ लॉक और अनलॉक करने वाला रिमोट नहीं है. यह एक तरह का मिनी-कंप्यूटर बन चुका है. सर्दियों में कार को पहले से गर्म करने या गर्मियों में AC चलाने के लिए कई कारें फॉब से रिमोट स्टार्ट का फीचर देती हैं.

Morgan Stanley, Citigroup और Goldman Sachs जैसी संस्थाओं का मानना है कि कंपनियों की कमाई अब स्थिर हो रही है और सरकार की नीतियां भी समर्थन दे रही हैं. इसलिए आने वाले साल में हालात सुधर सकते हैं. इस साल MSCI इंडिया इंडेक्स में सिर्फ 8.2% की बढ़त हुई, जो उभरते बाजारों (EM) की तुलना में करीब 30 साल का सबसे बड़ा अंतर है.

मारुति सुजुकी पहली बार अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च कर रही है. इसका नाम है eVitara है. टाटा हैरियर और सफारी अभी सिर्फ 2.0L डीजल इंजन के साथ आती हैं. लेकिन टाटा ने नई सिएरा में जो 1.5L TGDi टर्बो पेट्रोल इंजन दिया है.किआ सेल्टोस भारत में कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है. इसका नया सेकंड-जेनरेशन मॉडल 10 दिसंबर को लॉन्च होगा. नए सेल्टोस की टेस्टिंग भारत में कई बार देखी गई है.

स्मॉल-कैप इंडेक्स में कुछ ऐसे शेयर रहे जिन्होंने लगातार 5 ट्रेडिंग सेशंस में हर दिन बढ़त हासिल की. यानी बाजार चाहे जैसा रहा हो, ये 10 स्मॉल-कैप स्टॉक्स बिना रुके चढ़ते गए. ऐसे लगातार बढ़ने वाले शेयर निवेशकों का ध्यान जल्दी खींचते हैं क्योंकि इनमें लगातार खरीदारी का संकेत नजर आता है.

SIP बड़े उत्साह से शुरू करते हैं, कुछ साल तक पूरी ईमानदारी से चलते भी हैं, लेकिन फिर किसी मोड़ पर रुक जाते हैं. निवेश किए पैसा हमारी नजरों से दूर किसी कोने में सालों तक पड़ा रहता है. असली सवाल यहीं से शुरू होता है. इस भूले-बिसरे निवेश के साथ होता क्या है? क्या ये पैसा बिना SIP के भी बढ़ता रहता है? या फिर यह धीरे-धीरे अपनी वैल्यू खो देता है?

Quant Small Cap और Nippon India Small Cap दोनों ही फंड 12 साल पुराने हैं और स्मॉल-कैप कैटेगरी में आते हैं. Quant Small Cap Fund का AUM करीब ₹30,500 करोड़ है, जबकि Nippon India Small Cap Fund इससे दोगुने साइज पर, करीब ₹69,000 करोड़ से भी ऊपर है. दोनों ही S&P BSE Smallcap TRI को बेंचमार्क मानते हैं.

Bank Nifty यानी बैंकिंग इंडेक्स का कुल मार्केट कैप पहली बार 50 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया. यह दिखाता है कि शेयर बाजार में बैंकों की ताकत लगातार बढ़ रही है. शेयर बाजार में बैंकिंग कंपनियों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है. पांच बड़े बैंक HDFC Bank, ICICI Bank, SBI, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank मिलकर Nifty50 में 30.3 फीसदी वजन रखते हैं.

साल 2025 तक LIC की इक्विटी पोर्टफोलियो की कुल वैल्यू 15 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गई है. यह पिछले 10 सालों में कंपनी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है. पिछले एक दशक की बात करें तो LIC की इक्विटी पोर्टफोलियो में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. साल 2015 में यह पोर्टफोलियो करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का था.

Sierra EV, टाटा की नई acti.ev+ प्लेटफॉर्म पर बनाई गई है. यह वही एडवांस प्लेटफॉर्म है जिस पर Harrier EV भी तैयार हुई है. इस प्लेटफॉर्म की खास बात यह है कि इसमें मल्टी-लेयर स्केटबोर्ड डिजाइन दिया गया है, जिससे कार में बड़ा बैटरी पैक लगाया जा सकता है.

हाल ही में निवेशकों की नजर दमानी की पोर्टफोलियो में मौजूद दो ऐसे स्टॉक्स पर गई है, जिनमें जीरो डेट, हाई ROCE और मजबूत डिविडेंड का शानदार कॉम्बिनेशन है. दोनों स्टॉक्स अपने 52-वीक लो के पास हैं, यानी मौका अच्छा लग रहा है. लेकिन क्या वाकई ये मौका अच्छा है? आइए विस्तार से समझते हैं.