कई छोटे और मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है. ऐसे समय में निवेशक अब सिर्फ शेयर प्राइस बढ़ने का इंतजार नहीं कर रहे, बल्कि उन कंपनियों की तलाश में हैं जो हर साल अच्छा डिविडेंड भी देती हों. खासकर ऐसे शेयर जिनका कारोबार मजबूत हो, कर्ज कम हो और मुनाफा लगातार बना रहे. इसी बीच दो छोटे शेयर निवेशकों के बीच चर्चा में आ रहे हैं.
Varun Beverages ने PepsiCo के साथ अपनी बड़ी साझेदारी को अब 2049 तक बढ़ा दिया है. इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली. निवेशकों को उम्मीद है कि यह समझौता आने वाले सालो में कंपनी की कमाई और कारोबार को नई मजबूती दे सकता है. Varun Beverages भारत में Pepsi, Mountain Dew, Sting, Mirinda, 7UP और Tropicana जैसे लोकप्रिय ब्रांड बनाती और बेचती है.
साल 2026 में अब तक कई डिफेंस शेयर 100 से 200 प्रतिशत तक चढ़ चुके हैं. भारी ऑर्डर बुक, मजबूत कमाई और लगातार मिल रहे सरकारी प्रोजेक्ट्स ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. लेकिन तेजी की इस दौड़ में कई शेयर इतने महंगे हो चुके हैं कि अब उनमें निवेश करना जोखिम भरा माना जा रहा है. इसके बावजूद कुछ ऐसी कंपनियां अब भी मौजूद हैं जिन्हें बाजार ने पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया, लेकिन उनकी असली ताकत अभी भी मजबूत बनी हुई है.
अमेरिकी सेना को भारी नुकसान होने की खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद से Iran ने अमेरिका के दो दर्जन से अधिक अत्याधुनिक MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराए हैं. इन ड्रोन की कुल कीमत करीब 1 अरब डॉलर से अधिक बताई जा रही है. इन्हें दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने, मिसाइल हमले करने और युद्ध के दौरान बिना पायलट के ऑपरेशन चलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
सुबह से ही GIFT Nifty के संकेत बता रहे थे कि बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है और ठीक वैसा ही हुआ. BSE Sensex और NSE Nifty दोनों ही इंडेक्स बढ़त के साथ खुले. हालांकि गुरुवार को भी बाजार ने अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया था और पूरे दिन बिकवाली देखने को मिली थी.
ऑटो सेक्टर ने पिछले एक साल में मजबूत प्रदर्शन दिखाया है. जहां Nifty 50 दबाव में रहा, वहीं Auto Index ने शानदार रिटर्न दिए. लेकिन बड़ी ऑटो कंपनियों के बीच एक ऐसा मिडकैप शेयर भी रहा जिसने निवेशकों को चौंका दिया. यह शेयर है Force Motors का.
सरकार लगातार “Make in India” और स्वदेशी रक्षा उपकरणों को बढ़ावा दे रही है. इसी बीच एक स्मॉलकैप डिफेंस कंपनी ने भारतीय सेना के लिए अपने ड्रोन का सफल परीक्षण करके बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. ड्रोन ट्रायल की खबर आते ही कंपनी के शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और शेयर 20 प्रतिशत के अपर सर्किट पर पहुंच गया.
BEL ने मार्च तिमाही के नतीजों में मजबूत प्रदर्शन दिखाया है. सरकारी रक्षा कंपनी ने न सिर्फ मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की, बल्कि निवेशकों के लिए डिविडेंड का भी ऐलान किया है. देश में रक्षा सेक्टर लगातार मजबूत हो रहा है और सरकार का फोकस भी “मेक इन इंडिया” डिफेंस प्रोडक्शन पर बढ़ता जा रहा है.
हाल के वर्षों में निवेशकों का फोकस उन कंपनियों पर बढ़ा है जिन्होंने लगातार अपना कर्ज घटाया है. कम कर्ज वाली कंपनियों को आमतौर पर ज्यादा मजबूत माना जाता है, क्योंकि उन पर ब्याज का दबाव कम होता है और वे भविष्य की ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान दे पाती हैं. पिछले चार से छह साल के दौरान कई भारतीय कंपनियों ने अपने कर्ज में बड़ी कटौती की है. कुछ कंपनियों ने तो 80 प्रतिशत से ज्यादा कर्ज कम कर लिया. इससे उनके बैलेंस शीट मजबूत हुए हैं और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है.
भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को देखते हुए लोग तेजी से SIP यानी Systematic Investment Plan की तरफ बढ़ रहे हैं. यही वजह है कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में SIP का ट्रेंड लगातार मजबूत हो रहा है. इन दिनों एक मिडकैप म्यूचुअल फंड काफी चर्चा में है. इसका नाम है HSBC Midcap Fund.