चांदी के दाम तेजी से ऊपर गए और रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए. लेकिन अचानक तस्वीर बदल गई. रिकॉर्ड हाई बनाने के बाद चांदी में ऐसी गिरावट आई कि निवेशक हैरान रह गए. इस तेज गिरावट ने पुराने दिनों की याद दिला दी. इतिहास में कई बार ऐसा हो चुका है, जब चांदी ने पहले ऊंचाई छुई और फिर जोरदार तरीके से फिसल गई.
EU की GSP यानी जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंस के तहत Developing countries को कम टैक्स पर यूरोप में सामान बेचने की इजाजत मिलती है. भारत को भी इसका फायदा मिलता था. लेकिन EU के नियमों के अनुसार जब किसी देश का किसी खास प्रोडक्ट में Exports बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो कुछ समय के लिए यह सुविधा हटा ली जाती है.
भारत में इस समय दो सिल्वर ETF काफी चर्चा में हैं. टाटा सिल्वर ETF और आदित्य बीएसएल सिल्वर ETF. दोनों ने अलग अलग समय में शानदार रिटर्न दिए हैं. निवेशक जानना चाहते हैं कि इन दोनों में से किसने ज्यादा कमाई कराई और किसका आकार बड़ा है.
भारत में भी नेचुरल गैस सेक्टर पर निवेशकों की नजर बढ़ रही है. सरकार कम कार्बन उत्सर्जन, ऊर्जा सुरक्षा और नए गैस भंडारों पर जोर दे रही है. इससे लंबे समय के लिए इस सेक्टर की तस्वीर मजबूत होती दिख रही है. ऐसे माहौल में एक्सपर्ट्स कुछ बड़ी भारतीय कंपनियों को वॉचलिस्ट में रखने की सलाह दे रहे हैं.
रमेश दमानी और आशीष कचोलिया उन्हीं दिग्गज निवेशकों में गिने जाते हैं. दमानी को वैल्यू इनवेस्टिंग का माहिर माना जाता है, जबकि कचोलिया को निवेशक प्यार से “बिग व्हेल” कहते हैं. जब ये दोनों किसी छोटे यानी माइक्रोकैप शेयर में पैसा लगाते हैं, तो बाजार में चर्चा तेज हो जाती है.
Honda ने एक प्रोटोटाइप को तैयार किया. जिसे नाम दिया गया है “होंडा बेस स्टेशन”. यह आम बड़े कैंपर की तरह भारी नहीं है. इसे छोटी SUV और इलेक्ट्रिक कारें भी आसानी से खींच सकती हैं. इसका वजन 680 kg से कम है.
टेक्नोलॉजी की दुनिया में स्पीड और सटीकता सबसे अहम हो गई है. लोग अब लंबा इंतजार नहीं करना चाहते, चाहे वह मैसेज हो, सर्च हो या AI से बातचीत. इसी जरूरत को समझते हुए गूगल ने जेमिनी में नया फीचर जोड़ा है जिसे “Answer Now” यानी “अभी जवाब दें” कहा गया है.
लोग अब इलेक्ट्रिक कारों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. सरकार भी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सब्सिडी के जरिए ईवी को बढ़ावा दे रही है. इसी कड़ी में टोयोटा ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में बड़ी एंट्री कर ली है. Toyota ने इसे स्टाइलिश लुक, आरामदायक केबिन और एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ पेश किया है.
सूरत गुजरात का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और भारत का आठवां सबसे बड़ा शहरी केंद्र है. यह ताप्ती नदी के किनारे बसा है और अरब सागर के करीब स्थित है. कभी यह एक बड़ा बंदरगाह हुआ करता था, लेकिन आज यह कपड़ा और हीरा उद्योग का वैश्विक केंद्र बन चुका है. साल 2016 में सूरत दुनिया का चौथा सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर माना गया.
ग्रामीण परिवार सिर्फ खाने-पीने पर ही नहीं, बल्कि गाड़ियों, घर सुधार और रोजमर्रा की गैर-जरूरी चीजों पर भी ज्यादा खर्च कर रहे हैं. इस बदले माहौल में कई कंपनियों को सीधा फायदा मिल रहा है. मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर बिक्री और साफ वित्तीय स्थिति वाली चुनिंदा कंपनियां इस ट्रेंड का लाभ उठा रही हैं.