सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में देश का औद्योगिक प्रोडक्शन 4.9 प्रतिशत बढ़ा. यह बढ़ोतरी पिछले साल अप्रैल में दर्ज 5.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी से कम है. एनर्जी सेक्टर में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर औद्योगिक गतिविधियों पर देखने को मिला है.
कई बार असली कमाई उन छोटी कंपनियों से आती है जो तेजी से अपने कारोबार का विस्तार कर रही होती हैं. माइक्रोकैप कंपनियां इसी श्रेणी में आती हैं. ये कंपनियां आकार में भले छोटी हों, लेकिन अगर इनके बिजनेस प्लान सफल हो जाएं तो निवेशकों को शानदार रिटर्न दे सकती हैं.
GST कलेक्शन मई महीने में थोड़ा धीमा पड़ता दिखा. हालांकि सरकार की कमाई अब भी मजबूत बनी हुई है, लेकिन अप्रैल के रिकॉर्ड स्तर की तुलना में मई में GST कलेक्शन कम रहा. अप्रैल 2026 में सरकार को GST से 2.42 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड आय हुई थी, जबकि मई में यह आंकड़ा घटकर 1.94 लाख करोड़ रुपये पर आ गया.
इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस सेक्टर से जुड़ी तेलंगाना की कंपनी Merritronix आज यानी 1 जून से अपना IPO लेकर आ रही है. पिछले कुछ सालों में भारत सरकार ने डिफेंस निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. इसका फायदा इस क्षेत्र की कंपनियों को मिल रहा है.
Cafe Coffee Day की कहानी अब बदलती नजर आ रही है. पिछले कुछ सालो में कंपनी ने कई मुश्किल दौर देखे. निवेशकों का भरोसा भी कमजोर पड़ा और शेयर लगातार दबाव में रहा. लेकिन अब तस्वीर बदलती दिखाई दे रही है. कर्नाटक में राजनीतिक बदलाव और नए नेतृत्व के आने के बाद राज्य के कारोबारी माहौल को लेकर सकारात्मक संकेत देखने को मिले हैं.
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निवेशकों का रुझान एक बार फिर हिलता दिखा. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता बढ़ा दी है, जिसका असर अब गोल्ड और सिल्वर की कीमतों पर भी साफ दिखने लगा है.
ITR भरने का समय आते ही ज्यादातर लोग इसे सिर्फ टैक्स जमा करने या कानूनी औपचारिकता पूरी करने का काम समझते हैं. कई लोग तो यह भी मानते हैं कि अगर उनका टैक्स पहले ही कट चुका है, तो ITR भरने की जरूरत नहीं है. लेकिन हकीकत इससे कहीं अलग है.
वर्तमान में सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.1 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है, जो कई अन्य छोटी बचत योजनाओं की तुलना में अधिक है. इसके अलावा इसमें निवेश करने पर टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है. यही वजह है कि लाखों परिवार अपनी बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए इस योजना में निवेश करते हैं.
Renewable energy, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहनों और नए औद्योगिक प्रोजेक्ट्स की वजह से पावर ट्रांसमिशन और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश हो रहा है. इसी ट्रेंड का फायदा कुछ चुनिंदा कंपनियों को मिल रहा है और उनमें सबसे चर्चित नाम है Hitachi Energy India.
चंद्रयान-3, आदित्य L1 और निजी स्पेस कंपनियों की बढ़ती भागीदारी के बाद अब निवेशकों की नजर उन कंपनियों पर है जो इस स्पेस इकोनॉमी का अहम हिस्सा हैं. सरकार भी अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी निवेश के लिए खोल रही है, जिससे आने वाले वर्षों में इस उद्योग में बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है.