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Pradyumn Thakur

प्रद्युमन ठाकुर 'मनी 9 हिंदी' में बतौर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और साल 2024 से इस मंच के साथ जुड़े हुए हैं. स्टॉक मार्केट एनालिसिस और विशेषज्ञों की राय को सरल व सहज भाषा में प्रस्तुत करने में उनकी विशेषज्ञता है. इसके साथ ही पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, ऑटो और टेक जैसे विषयों पर भी उनकी समझ है. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में प्रशिक्षण प्राप्त किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.

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Pradyumn Thakur

BEL ने मार्च तिमाही के नतीजों में मजबूत प्रदर्शन दिखाया है. सरकारी रक्षा कंपनी ने न सिर्फ मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की, बल्कि निवेशकों के लिए डिविडेंड का भी ऐलान किया है. देश में रक्षा सेक्टर लगातार मजबूत हो रहा है और सरकार का फोकस भी “मेक इन इंडिया” डिफेंस प्रोडक्शन पर बढ़ता जा रहा है.

हाल के वर्षों में निवेशकों का फोकस उन कंपनियों पर बढ़ा है जिन्होंने लगातार अपना कर्ज घटाया है. कम कर्ज वाली कंपनियों को आमतौर पर ज्यादा मजबूत माना जाता है, क्योंकि उन पर ब्याज का दबाव कम होता है और वे भविष्य की ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान दे पाती हैं. पिछले चार से छह साल के दौरान कई भारतीय कंपनियों ने अपने कर्ज में बड़ी कटौती की है. कुछ कंपनियों ने तो 80 प्रतिशत से ज्यादा कर्ज कम कर लिया. इससे उनके बैलेंस शीट मजबूत हुए हैं और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है.

भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को देखते हुए लोग तेजी से SIP यानी Systematic Investment Plan की तरफ बढ़ रहे हैं. यही वजह है कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में SIP का ट्रेंड लगातार मजबूत हो रहा है. इन दिनों एक मिडकैप म्यूचुअल फंड काफी चर्चा में है. इसका नाम है HSBC Midcap Fund.

बिना किसी तनाव के नियमित कमाई हो, यह लगभग हर व्यक्ति की इच्छा होती है. अगर कोई व्यक्ति RBI Floating Rate Savings Bonds यानी FRSB में ₹1.5 करोड़ निवेश करता है, तो उसे हर महीने करीब ₹1 लाख की टैक्स-फ्री इनकम मिल सकती है. यह दावा सुनने में काफी आकर्षक लगता है. ऐसे में आइए इस दावों की सच्चाई खंगालते है.

दिग्गज निवेशक Ashish Kacholia के निवेश वाली इस कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. सिर्फ दो कारोबारी सत्रों में कंपनी का शेयर करीब 34 प्रतिशत टूट गया. मंगलवार को शेयर BSE पर 19 प्रतिशत तक गिरकर 377 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंच गया.

अब इंटरनेट, क्लाउड कंप्यूटिंग, ऑनलाइन सर्विसेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल हर सेक्टर में बढ़ता जा रहा है. ऐसे में डेटा सेंटर की जरूरत भी तेजी से बढ़ रही है. अगले तीन साल में भारत की डेटा सेंटर क्षमता दोगुनी से ज्यादा हो सकती है. इसके लिए देश और विदेश की बड़ी कंपनियां अरबों रुपये का निवेश कर रही हैं.

PSU बैंकों को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है. खासतौर पर ऐसे सरकारी बैंक, जो मजबूत ग्रोथ दिखाने के बावजूद अभी भी कम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India यानी SBI के मुकाबले कुछ PSU बैंक लगभग आधी वैल्यूएशन पर मिल रहे हैं.

एक तरफ सोना सेफ निवेश के तौर पर फिर मजबूत होता दिख रहा है, वहीं चांदी पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है. वेस्ट एशिया तनाव, महंगाई की चिंता और ब्याज दरों को लेकर जारी असमंजस ने Bullion Market को बेहद संवेदनशील बना दिया है. मंगलवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई, जबकि चांदी कमजोर रही.

सोमवार को Vodafone Idea Limited का शेयर ₹12.96 के मुकाबले ₹12.81 पर खुला. कुछ ही देर में शेयर गिरकर ₹12.45 तक पहुंच गया. यानि शेयर में करीब 4 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई.कंपनी ने शनिवार को अपने Q4 FY26 नतीजे जारी किए थे. इस दौरान कंपनी ने ₹51,970 करोड़ का Consolidated Net Profit दिखाया.

दुनियाभर में नए Data Centre बन रहे हैं और बड़ी टेक कंपनियां AI Infrastructure पर भारी निवेश कर रही हैं. लेकिन इस पूरी दौड़ में एक चीज सबसे ज्यादा जरूरी बन गई है और वह है बिजली. बिना लगातार और भरोसेमंद बिजली सप्लाई के AI Data Centre काम नहीं कर सकते.