HAL-BEL नहीं, ₹2.2 लाख करोड़ के एयरोस्‍पेस बूम से चमकेंगे ये 3 इंजीनियरिंग स्टॉक्स, रखें नजर

एयरोस्पेस इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है और इसका साइज 2023 के ₹1.2 लाख करोड़ से बढ़कर 2029 तक ₹2.2 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. इस उछाल का फायदा सिर्फ HAL और BEL जैसी बड़ी कंपनियों को ही नहीं, बल्कि Raymond, Sansera Engineering और Azad Engineering जैसी इंजीनियरिंग कंपनियों को भी मिल सकता है.

यरोस्पेस इंडस्ट्री का साइज 2029 तक ₹2.2 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. Image Credit: money9live

Aerospace Boom: ग्लोबल एयरोस्पेस इंडस्ट्री तेजी से विस्तार कर रही है और आने वाले वर्षों में इसमें बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है. अनुमान है कि यह बाजार 2023 में करीब ₹1.2 लाख करोड़ से बढ़कर 2029 तक ₹2.2 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है. बढ़ती एयर ट्रैफिक, डिफेंस मॉडर्नाइजेशन और नए विमान ऑर्डर की वजह से इस सेक्टर में भारी मांग पैदा हो रही है. आमतौर पर निवेशक इस सेक्टर में HAL और BEL जैसे बड़े नामों पर ध्यान देते हैं, लेकिन कुछ इंजीनियरिंग कंपनियां भी हैं जो इस उछाल से बड़ा फायदा उठा सकती हैं. इनमें Raymond, Sansera Engineering और Azad Engineering जैसे नाम शामिल हैं.

Raymond

Raymond ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी JK Maini Global Aerospace (JKMGAL) के जरिए ऑपरेट होती हैं. यह कंपनी Airbus और Boeing जैसे ग्लोबल एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए मिशन-क्रिटिकल एयरोस्पेस पार्ट्स सप्लाई करती है.

कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत रहा है. 9MFY26 में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 34% बढ़कर ₹273 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि EBITDA भी सालाना आधार पर 34% बढ़कर ₹57 करोड़ हो गया. कंपनी का EBITDA मार्जिन लगभग 20.9% रहा. कंपनी के शेयर 11 मार्च को 1 फीसदी की तेजी के साथ 379 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.

Sansera Engineering

Sansera Engineering ट्रेडिशनल रूप से ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी रही है, लेकिन अब यह तेजी से Aerospace, Defence और Semiconductor (ADS) सेगमेंट में विस्तार कर रही है. Sansera को Airbus Defence and Space के साथ लगभग ₹160 करोड़ का लंबी अवधि का कॉन्ट्रैक्ट मिला है.

कंपनी की ADS डिवीजन तेजी से बढ़ रही है. 9MFY26 में इस सेगमेंट से रेवेन्यू ₹215 करोड़ से ज्यादा रहा. कंपनी FY26 में ₹300-320 करोड़ और FY27 में ₹500-600 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य रखती है. इसके अलावा कंपनी के पास लगभग ₹3,800 करोड़ का लाइफटाइम ऑर्डर बैकलॉग है. कंपनी के शेयर 11 मार्च को मामली तेजी के 2185 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसने अपने निवेशकों को पिछले 5 साल में 170 फीसदी का रिटर्न दिया है.

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Azad Engineering

Azad Engineering भी एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में तेजी से उभरती कंपनी है. यह फ्लाइट कंट्रोल और लैंडिंग गियर सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले एक्टुएटर असेंबली और हाइड्रोलिक कंपोनेंट्स बनाती है. Azad Engineering का ऑर्डर बुक ₹6,500 करोड़ से अधिक है, जो आने वाले वर्षों में मजबूत ग्रोथ का संकेत देता है. कंपनी ने FY26 के लिए लगभग 30% सालाना आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस दिया है और लंबी अवधि में 33-35% EBITDA मार्जिन का लक्ष्य रखा है.

वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत रहा है. 9MFY26 में कंपनी का रेवेन्यू 31.8% बढ़कर ₹433 करोड़ पहुंच गया, जबकि नेट प्रॉफिट 55% बढ़कर ₹97 करोड़ हो गया. कंपनी के कुल रेवेन्यू का लगभग 93% एक्सपोर्ट से आता है. कंपनी के शेयर 11 मार्च को 1 फीसदी की तेजी के साथ 1683 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसने अपने निवेशकों को पिछले 5 साल में 131 फीसदी का रिटर्न दिया है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.