Madhusudan Kela ने माइक्रोकैप कंपनी Aptech में 1.1 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है, जिससे निवेशकों का ध्यान इस स्टॉक पर गया है. कंपनी के हालिया नतीजे मजबूत रहे हैं, जहां रेवेन्यू और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. साथ ही FIIs ने भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जो इस स्टॉक में बढ़ती दिलचस्पी का संकेत है.
India और Switzerland के बीच रहने की लागत की तुलना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. एक चार्ट के अनुसार भारत में 40300 रुपये महीने में वही जीवन स्तर मिल सकता है जो स्विट्जरलैंड में 3 लाख रुपये से ज्यादा में मिलता है.
Google ने Windows यूजर्स के लिए Google app for desktop ग्लोबल लॉन्च किया है. इसमें AI Mode, system wide search और Google Lens जैसे फीचर दिए गए हैं. यूजर Alt और Space से वेब, फाइल और ऐप सर्च कर सकते हैं. स्क्रीन शेयरिंग से काम और आसान हो जाता है.
न्यू टैक्स रिजीम में 15.85 लाख रुपये सालाना सैलरी पर भी जीरो टैक्स संभव है, अगर सैलरी सही तरीके से स्ट्रक्चर की जाए. स्टैंडर्ड डिडक्शन, कंपनी के EPF और NPS योगदान, मील वाउचर और रिइम्बर्समेंट से टैक्सेबल इनकम 12 लाख से नीचे लाई जा सकती है. इस पर मिलने वाली रिबेट पूरी टैक्स देनदारी खत्म कर देती है.
पश्चिम एशिया तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और जल्द कम होने की उम्मीद नहीं है. भारत का सालाना तेल आयात बिल 70 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है. सप्लाई चेन बाधित होने, रिफाइनरी नुकसान और शिपिंग लागत बढ़ने से दबाव और बढ़ेगा. सरकार वैकल्पिक सोर्स से आयात बढ़ा सकती है, लेकिन महंगाई, मांग और मैन्युफैक्चरिंग पर असर पड़ना तय माना जा रहा है.
EPFO ने 1 अप्रैल 2026 से फॉर्म 15G और 15H को हटाकर नया फॉर्म 121 लागू किया है. यह एक यूनिफाइड सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म है, जिसे केवल वे टैक्सपेयर्स भरेंगे जिनकी कुल टैक्स देनदारी जीरो है. रेजिडेंट पर्सन और HUF इसके पात्र हैं, जबकि कंपनियां और नॉन रेजिडेंट इसमें शामिल नहीं हैं. फॉर्म जमा करने पर TDS नहीं कटेगा.
Nvidia ने भारत में अपने कर्मचारियों को खास स्टॉक ग्रांट दिया है, जिससे उन्हें लाखों से लेकर एक करोड़ रुपये तक का फायदा हो सकता है. Jensen Special Grant के तहत कर्मचारियों को अतिरिक्त RSU दिए जा रहे हैं, जो चार साल में मिलेंगे. टेक और AI सेक्टर में अब इक्विटी आधारित सैलरी तेजी से बढ़ रही है.
इस बार खरीफ सीजन पर कमजोर मानसून और पश्चिम एशिया तनाव का दोहरा असर पड़ सकता है. अल नीनो के कारण बारिश कम रहने की आशंका है, जिससे फसल प्रोडक्शन घट सकता है. वहीं कच्चे तेल और खाद की बढ़ती कीमतों से किसानों की लागत बढ़ेगी. इसका असर खाद्य महंगाई और ग्रामीण मांग पर पड़ सकता है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर भारत के ऑटो सेक्टर पर पड़ सकता है. कच्चे माल की कमी, बढ़ती लॉजिस्टिक्स कॉस्ट और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी से वाहन प्रोडक्शन और कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है. हालांकि अभी प्रोडक्शन प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन स्थिति नाजुक बनी हुई है.
Paytm अब बहुमत भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी बन गई है, जिसमें घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़कर 50.3 फीसदी हो गई है. म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों ने इसमें निवेश बढ़ाया है, जिससे कंपनी पर भरोसा मजबूत हुआ है. कंपनी ने लगातार तीसरी तिमाही में मुनाफा दर्ज किया और रेवेन्यू में भी 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.