होम लोन लेने वालों के लिए अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने का खतरा है. SBI Research ने RBI को रेपो रेटमें 25 bps बढ़ोतरी की सलाह दी है. अगर RBI रेपो रेट5.25 फीसदी से बढ़ाकर 5.50 फीसदी करता है, तो फ्लोटिंग रेट होम लोन की ब्याज दर बढ़ सकती है.
Tata ग्रुप देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल है. समूह की 26 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं और इनका कारोबार IT, स्टील, ऑटो, पावर, रिटेल, होटल और फाइनेंशियल सर्विसेज समेत कई सेक्टर में फैला है. मार्केट कैप के हिसाब से TCS ग्रुप की सबसे बड़ी कंपनी है, जिसकी वैल्यूएशन करीब 7.97 लाख करोड़ रुपये है.
Essar Group की रिटेल इकाई EET Retail ने ब्रिटेन की SGN Retail को करीब 400 मिलियन पाउंड में खरीदने का समझौता किया है. इस डील से EET Retail के नेटवर्क में 118 पेट्रोल स्टेशन जुडेंगे और कुल साइट की संख्या 235 हो जाएगी.
शेयर बाजार में तीन शेयरों पर खरीदारी की सलाह सामने आई है. Choice Broking के सचिन गुप्ता ने Kotak Mahindra Bank, PB Fintech और IRFC पर तेजी का नजरिया दिया है. Kotak Bank को 419 रुपये पर खरीदने की सलाह के साथ 460 रुपये का टारगेट और 403 रुपये का स्टॉप लॉस दिया गया है.
भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे गिरकर 95.57 रुपये पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान रुपया 95.79 के निचले स्तर तक पहुंचा, लेकिन बाद में आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से उसे राहत मिली. इसके साथ रुपया लगातार पांचवें सत्र में कमजोर हुआ.
8th Pay Commission से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है. कर्मचारी संगठनों ने DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग की है. उदाहरण के तौर पर 35,400 रुपये की मौजूदा बेसिक सैलरी 2.1 फिटमेंट फैक्टर से 74,340 रुपये हो सकती है. 7 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट और DA में औसतन 4 फीसदी बढ़ोतरी मानें तो 2033 तक बेसिक सैलरी 1,19,374 रुपये और DA समेत ग्रॉस सैलरी 1,52,798 रुपये तक पहुंच सकती है.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे हैं . भारत रूस संबंधों के बीच यूक्रेन युद्ध, रूस की चीन पर बढ़ती निर्भरता और भारत के अमेरिका से मजबूत होते रिश्तों के कारण कई चुनौतियां हैं. इसके बावजूद मोदी और पुतिन के बीच प्राइवेट बातचीत का सिलसिला लगातार मजबूत हुआ है. 2015 से दोनों नेताओं ने औपचारिक बैठकों के अलावा प्राइवेट डिनर, यात्रा और इनफॉर्मल मुलाकातों के जरिए रिश्तों को मजबूती दी है.
BSE के शेयर शुक्रवार को करीब 3 फीसदी गिर गए. NSE के IPO का प्राइस बैंड 1700 से 1785 रुपये तय होने के बाद BSE शेयर पर दबाव बढ़ा. एक्सपर्ट के मुताबिक, 3130 से 3100 रुपये का स्तर अहम सपोर्ट है. इसके टूटने पर शेयर 2970 रुपये तक जा सकता है. दूसरी ओर 3350 से 3370 रुपये रेजिस्टेंस है. NSE का FY26 मुनाफा BSE से चार गुना से ज्यादा रहा है. ऐसे में निवेशकों की नजर दोनों एक्सचेंज की वैल्यूएशन पर है.
BRICS देशों ने IMF और वर्ल्ड बैंक में उभरते बाजार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की मांग की है. समूह ने कोटा और मतदान हिस्सेदारी में बदलाव पर जोर दिया. BRICS ने एकतरफा टैरिफ और व्यापार से जुड़े कदमों पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे वैश्विक व्यापार प्रभावित होता है और विकासशील देशों पर ज्यादा दबाव पड़ता है.
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुआ. Sensex 121 अंक टूटकर 74781 के स्तर पर रहा, जबकि Nifty 79 अंक गिरकर 23398 पर बंद हुआ. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बॉन्ड यील्ड में तेजी से बाजार पर दबाव रहा. मेटल और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली. हालांकि IT और बैंकिंग शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया.