NTPC के बोर्ड ने घरेलू बाजार में प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) जारी करके 12,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दे दी है. यह राशि एक या उससे अधिक किस्तों में जुटाई जाएगी.
ऑटो एंसिलरी कंपनी Lumax Auto Technologies ने पिछले पांच साल में निवेशकों को करीब 1,000% का रिटर्न दिया है. जुलाई 2021 में करीब ₹130 पर कारोबार करने वाला शेयर अब ₹1,450 के आसपास पहुंच गया है. यानी ₹1 लाख का निवेश बढ़कर करीब ₹11 लाख हो गया.
AI इंडस्ट्री की मांग के कारण रैम और स्टोरेज की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे स्मार्टफोन महंगे हो गए हैं. हालांकि, एक लीक के अनुसार चीनी कंपनियां सीएक्सएमटी और वायएमटीसी अपना जमा स्टॉक बाजार में उतार सकती हैं, जिससे अगले साल मेमोरी और स्टोरेज चिप्स के दाम तेजी से गिर सकते हैं.
बॉन्ड SIP नियमित निवेश का एक नया विकल्प है, लेकिन यह इक्विटी SIP की तरह काम नहीं करता. इक्विटी SIP बाजार की तेजी और गिरावट का फायदा उठाता है, जबकि बॉन्ड SIP अलग-अलग ब्याज दरों पर निवेश कर यील्ड को संतुलित करने में मदद करता है. इसमें खरीदे गए बॉन्ड सीधे डीमैट खाते में आते हैं और ब्याज बैंक खाते में मिलता है.
भारत अपनी समुद्री सुरक्षा मजबूत करने के लिए अंडरवाटर डिफेंस क्षमताओं का तेजी से विस्तार कर रहा है. प्रोजेक्ट 75( i), सोनार सिस्टम, एंटी सबमरीन वारफेयर, अंडरवाटर ड्रोन और निगरानी तकनीकों पर बढ़ते निवेश से कई रक्षा कंपनियों को फायदा मिल सकता है.
दिग्गज निवेशकMukul Agarwal औरPorinju Veliyath ने हालिया तिमाही में Valor Estate और Aurum PropTech में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. दोनों कंपनियों ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से कर्ज घटाकर बैलेंस शीट मजबूत की है. हालांकि अभी दोनों का मुख्य कारोबार लगातार मजबूत मुनाफा नहीं कमा रहा है और अन्य इनकम पर निर्भरता बनी हुई है.
डेंटा वाटर एंड इंफ्रा सोल्यूशंस कर्ज मुक्त स्मॉलकैप कंपनी है, जिसके पास 727.78 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है. यह कंपनी की सालाना इनकम का करीब तीन गुना है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 23.17 फीसदी और मुनाफा 15 फीसदी बढ़ा, लेकिन चौथी तिमाही में मार्जिन पर दबाव दिखा.
देश के क्रूड ऑयल का बास्केट 20 दिन में 51.5 फीसदी बढ़कर 103.33 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. इससे सरकारी ऑयल कंपनियों पर फिर से वित्तीय दबाव बढ़ गया है. जून तिमाही में HPCL और BPCL को भारी नुकसान हुआ था, जबकि LPG पर अंडर रिकवरी भी बढ़ी है.
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. मनीला में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि समझौता लगभग पूरा हो चुका है.
भारतीय रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 34 पैसे गिरकर 96.59 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और घरेलू शेयर बाजार की कमजोरी से रुपये पर दबाव बना.