HDFC Bank के शेयर पिछले दो दिनों से गिर रहे हैं लेकिन म्यूचुअल फंड ने बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाई है. दिसंबर क्वार्टर में म्यूचुअल फंड का शेयरहोल्डिंग 26.66 फीसदी तक पहुंचा. वहीं रिटेल निवेशक लगातार हिस्सेदारी घटा रहे हैं. FPI का शेयर जून 2024 के बाद सबसे कम रहा.
Union Budget 2026 के पहले इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेशकों की नजर तीन undervalued स्टॉक्स पर है. NCC, HG Infra Engineering और IRB Infrastructure Developers मजबूत ऑर्डर बुक, कम PE और डिविडेंड ट्रैक रिकॉर्ड के साथ लंबी अवधि के लिए आकर्षक हैं. इन कंपनियों का diversified पोर्टफोलियो और execution क्षमता उन्हें लंबी अवधि के ग्रोथ स्टॉक्स बनाता है.
शेयर बाजार में रोजाना उतार चढ़ाव रहता है लेकिन लंबे समय में वही कंपनियां बेहतर रिटर्न देती हैं जिनका बिजनेस मजबूत होता है. Eicher Motors, SBFC Finance, Waaree Renewable Technologies और Tips Music ऐसी कंपनियां हैं जिनमें बीते तीन साल में अच्छी सेल्स और प्रॉफिट ग्रोथ दिखी है.
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बैंक आपकी वित्तीय स्थिति को देखकर तय करता है. इसमें आपका पेमेंट रिकॉर्ड, क्रेडिट स्कोर, इनकम और मौजूदा कर्ज अहम भूमिका निभाते हैं. समय पर पेमेंट और कम बकाया होने पर लिमिट बढ़ने की संभावना रहती है. लिमिट बढ़ाने के लिए सही समय चुनना जरूरी है ताकि क्रेडिट स्कोर पर निगेटिव असर न पड़े.
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) अपना IPO 9 जनवरी 2026 से लॉन्च कर रही है. कुल इश्यू साइज 1071.11 करोड़ रुपये है और इसमें 46.57 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रखे गए हैं. Coal India के शेयरधारकों के लिए विशेष शेयरहोल्डर कोटा रखा गया है.
भारतीय सेना के पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम को नया दम देने के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को ओवरहॉल और अपग्रेड का अहम ऑर्डर मिला है. यह काम सेना की 510 एडवांस बेस वर्कशॉप के साथ मिलकर किया जाएगा. इससे पिनाका सिस्टम की कार्यक्षमता और उपलब्धता बढ़ेगी.
8वें केंद्रीय वेतन आयोग से केंद्र कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने की उम्मीद है और अब राज्य कर्मचारियों की नजर भी इसी पर टिकी है. वेतन आयोग आमतौर पर हर 10 साल में लागू होता है और इसका असर 1 जनवरी 2026 से माना जा सकता है. हालांकि राज्य सरकारों पर इसे तुरंत लागू करने की बाध्यता नहीं है.
महंगाई और खर्च बढ़ने के बावजूद 10 साल में 3 करोड़ रुपये का फंड बनाना असंभव नहीं है. सही वित्तीय योजना और नियमित SIP निवेश से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. अगर औसतन 12% सालाना रिटर्न के हिसाब से हर महीने 1,29,000 रुपये निवेश किए जाएं तो कुल निवेश 1,55,00,000 रुपये बन जाएगा और अनुमानित रिटर्न 1,45,00,000 रुपये होगा.
पिछले दो वर्षों में सरकार का फोकस लगातार लोगों को ओल्ड टैक्स रिजीम से न्यू टैक्स रिजीम की ओर शिफ्ट करने पर रहा है. टैक्स स्लैब में बदलाव, ज्यादा टैक्स छूट और सरल नियमों के जरिए सरकार ने न्यू टैक्स रिजीम को ज्यादा आकर्षक बनाया. इसका असर भी दिखा है और बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स ने नया टैक्स सिस्टम अपनाया है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी वीडियो और मैसेज के जरिए लोगों को निवेश और सरकारी मदद के नाम पर ठगा जा रहा है. 22000 रुपये के निवेश पर हर महीने 10 लाख रुपये कमाने और 46715 रुपये की सरकारी सहायता के दावे पूरी तरह गलत हैं.