रुपये में गिरावट का दौर लगातार सातवें कारोबारी सत्र में जारी रहा. बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर होकर 95.95 के स्तर पर बंद हुआ. मजबूत डॉलर, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगे कच्चे तेल ने रुपये पर दबाव बनाया. हालांकि घरेलू शेयर बाजार में तेजी से गिरावट कुछ सीमित रही.
NSE का 22562 करोड़ रुपये का IPO ऐसे समय बाजार में आ रहा है जब करीब 10 अन्य पब्लिक इश्यू भी खुल रहे हैं. इसके बावजूद जानकारों का मानना है कि NSE IPO की मांग पर दूसरे इश्यू का बड़ा असर नहीं होगा. NSE का यह इश्यू भारत के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा IPO है.
सोने की ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए हॉलमार्किंग फीस में बदलाव हुआ है. BIS ने गोल्ड आर्टिकल की हॉलमार्किंग फीस 45 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये प्रति आर्टिकल कर दी है. नई फीस 14 सितंबर 2026 से लागू हो गई है. हालांकि ग्राहकों को हर ज्वेलरी पर सीधे 30 रुपये ज्यादा देने जरूरी नहीं हैं.
शेयर बाजार में उतार चढ़ाव के बीच चॉइस ब्रोकिंग ने तीन शेयरों में खरीदारी की सलाह दी है. इनमें एलेम्बिक फार्मास्युटिकल्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज और पेट्रोनेट एलएनजी शामिल है. एलेम्बिक फार्मा में 900 रुपये का टारगेट दिया गया है, जबकि 920 रुपये के ऊपरी लक्ष्य तक करीब 11.65 फीसदी तेजी की संभावना है.
CCPA ने Rapido की ऑपरेटर कंपनी Roppen Transportation Services पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई भ्रामक विज्ञापन, अनुचित व्यापारिक तरीकों, अनुचित कॉन्ट्रैक्ट और Dark Patterns के इस्तेमाल को लेकर हुई है. CCPA के मुताबिक, Rapido पर Ride Confirm होने से पहले ग्राहकों को ज्यादा Payment करने के लिए प्रेरित करने का आरोप है. Consumer Watchdog ने इसे ग्राहक हितों के खिलाफ माना है. CCPA की कमान Chief Commissioner Nidhi Khare के पास है.
15 अक्टूबर से चुनिंदा P2M UPI पेमेंट पर MDR लागू होगा. 2000 रुपये तक के पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, जबकि इससे ज्यादा के पेमेंट पर Merchant को 0.4 फीसदी MDR देना होगा. 75000 रुपये या उससे ज्यादा के पेमेंट पर यह चार्ज अधिकतम 300 रुपये रहेगा. ग्राहक से कोई अलग फीस नहीं ली जाएगी.
भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट जुलाई 2026 में बढ़कर 7 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल इसी महीने 3.2 अरब डॉलर था. RBI के मुताबिक, मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट बढ़कर 31.7 अरब डॉलर पहुंच गया. जुलाई में इंपोर्ट 76.8 अरब डॉलर और एक्सपोर्ट 45.1 अरब डॉलर रहा. हालांकि, सर्विसेज सरप्लस बढ़कर 17.6 अरब डॉलर हुआ.
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मंगलवार को 38 पैसे कमजोर होकर 95.92 के स्तर पर बंद हुआ. रुपये पर दबाव की बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमत रही. ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. महंगे तेल से आयातकों की डॉलर मांग बढ़ी है, जिससे महंगाई और भारत के विदेशी व्यापार संतुलन को लेकर चिंता बढ़ी.
देश के एक्सपोर्ट में अगस्त में मजबूत बढ़त दर्ज हुई है. देश का एक्सपोर्ट 26.12 फीसदी बढ़कर 43.81 अरब डॉलर पहुंच गया. वहीं इंपोर्ट 14.1 फीसदी बढ़कर 70.76 अरब डॉलर रहा. इससे ट्रेड डेफिसिट घटकर 26.86 अरब डॉलर हो गया. अप्रैल से अगस्त के दौरान एक्सपोर्ट 17.85 फीसदी बढ़कर 215.91 अरब डॉलर रहा.
शेयर मार्केट में मंगलवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ. सेंसेक्स 777.94 अंक गिरकर 74003.82 पर और निफ्टी 279.50 अंक टूटकर 23118.60 पर बंद हुआ. बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह बढ़ती बॉन्ड यील्ड, महंगा कच्चा तेल, अमेरिकी ब्याज दरों की चिंता और ईरान अमेरिका तनाव रही.