Iran-Israel war: देश के पास पर्याप्त ऑयल रिजर्व, खाड़ी संकट का नहीं होगा असर, भारत सरकार ने जारी किया बयान
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने कहा है कि भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार है और शार्ट टर्म संकट से निपटने की तैयारी है. ईरान के ड्रोन हमले के बाद कतर की LNG सुविधा बंद होने से गैस सप्लाई प्रभावित हुई है. पेट्रोनेट LNG ने सप्लाई में कटौती की है, जिसका असर इंडस्ट्री पर दिख रहा है.
Oil Stocks: भारत सरकार ने कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बावजूद देश के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है और किसी भी शार्ट टर्म संकट से निपटने की तैयारी पूरी है. यह बयान उस समय आया जब ईरान के ड्रोन हमले के बाद कतर की एक LNG फैसिलिटी बंद करनी पड़ी. कतर भारत को गैस की सप्लाई करने वाला प्रमुख देश है. इस घटना के बाद सरकारी गैस कंपनियों ने कई इंडस्ट्री को गैस सप्लाई में कटौती शुरू कर दी है. साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगातार तीसरे दिन बाधित रहने से ग्लोबल मार्केट में तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल आया है.
तेल और गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट और एनर्जी ठिकानों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं. कच्चा तेल 84 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. यह शुक्रवार के मुकाबले लगभग 15 फीसदी ज्यादा है. यूरोप का गैस बेंचमार्क भी करीब 90 फीसदी उछल गया है. इससे आयात पर निर्भर देशों की चिंता और बढ़ गई है.
पेट्रोनेट ने घटाई गैस सप्लाई
भारत की सबसे बड़ी गैस आयात करने वाली कंपनी पेट्रोनेट LNG ने फोर्स मेजर घोषित कर दिया है. कंपनी ने सोमवार को 33 फीसदी और मंगलवार को 67 फीसदी तक गैस सप्लाई घटा दी. इसका असर गेल, BPCL और इंडियन ऑयल जैसी कंपनियों पर पड़ा है. इन कंपनियों ने आगे कई औद्योगिक ग्राहकों को गैस की सप्लाई 60 फीसदी तक कम कर दी है. हालात सामान्य होने तक यह कटौती जारी रह सकती है.
इंडस्ट्री पर दिखने लगा असर
गैस कटौती का असर बिजली प्रोडक्शन, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर और कई औद्योगिक इकाइयों पर पड़ रहा है. हालांकि फर्टिलाइजर कंपनियों और डोमेस्टिक कंज्यूमर को फिलहाल प्राथमिकता दी जा रही है. भारत अपनी जरूरत का करीब आधा नेचुरल गैस घरेलू उत्पादन से पूरा करता है. रिफाइनरी जरूरत पड़ने पर फ्यूल ऑयल जैसे वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल कर सकती हैं.
ये भी पढ़ें– F&O पर SEBI का साफ संदेश; फ्यूचर्स से दिक्कत नहीं, लेकिन शॉर्ट-डेटेड ऑप्शंस पर कड़ी नजर
आगे की स्थिति पर नजर
अगर सप्लाई में सुधार नहीं हुआ तो छोटे सिरेमिक यूनिट से लेकर बड़े स्टील और सीमेंट प्लांट तक सभी प्रभावित हो सकते हैं. होली त्योहार के कारण फिलहाल औद्योगिक मांग थोड़ी कम रहने की संभावना है. लेकिन त्योहार के बाद मांग बढ़ने पर दबाव और बढ़ सकता है. सरकार ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक कदम समय पर उठाए जाएंगे.
Latest Stories
अभी नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, सरकार ने लिया बड़ा फैसला; रूस से LNG खरीदने पर कर सकती है विचार
Crude Oil महंगा होने के बावजूद क्यों चढ़ रहा है US Dollar? समझिए पूरा मामला
खाड़ी क्षेत्र में 38 भारतीय जहाज फंसे, हफ्ते भर में 36% तक उछला क्रूड; स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तनाव ने बढ़ाई टेंशन
