Jio IPO के बाद क्या होगा RIL और Jio Financial के शेयरों का फ्यूचर, जानें क्या है एक्सपर्ट की राय
Jio के टेलीकॉम बिजनेस को आम तौर पर Reliance Industries (RIL) के प्रति शेयर 550–650 रुपये का कंजर्वेटिव वैल्यू दिया जाता है. इससे साफ है कि Jio, RIL के कुल वैल्यूएशन में सबसे बड़े वैल्यू क्रिएटर्स में से एक है. Jio IPO से वैल्यू अनलॉकिंग की जबरदस्त संभावना है, जिसे इसकी मार्केट लीडरशिप, स्केल इकोनॉमी और लॉन्ग-टर्म कैश फ्लो विजिबिलिटी सपोर्ट करती है.
Reliance Jio IPO Updates: भारतीय आईपीओ बाजार अब तक के सबसे बड़े इवेंट के लिए तैयार होता दिख रहा है. देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम और डिजिटल कंपनी रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स को लेकर आईपीओ की चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी को शेयर बाजार में लाने की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं. अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो यह आईपीओ भारतीय प्राइमरी मार्केट के इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है. अब इस पर निवेशकों के मन ये सवाल है कि इस आईपीओ के आने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो फाइनेंशियल के शेयरों का क्या होगा?
Jio IPO का संभावित वैल्यूएशन
इस पर मेहता इक्विटीज लिमिटेड के प्रशांत तापसे का कहना है कि Jio IPO का अनुमानित मूल्य काफी बड़ा माना जा रहा है, जो भारत के टेलीकॉम सेक्टर में Jio की मजबूत लीडरशिप और स्केल को दर्शाता है. Jio लगातार मजबूत नेट सब्सक्राइबर ऐडिशन कर रहा है, देशभर में व्यापक 4G नेटवर्क और तेजी से फैलता 5G कवरेज इसकी बड़ी ताकत है. Jio का मोबाइल सब्सक्राइबर बेस 50 करोड़ (500 मिलियन) के ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुका है, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई है.
Sum-of-the-Parts (SoTP) वैल्यूएशन के आधार पर, Jio के टेलीकॉम बिजनेस को आम तौर पर Reliance Industries (RIL) के प्रति शेयर 550–650 रुपये का कंजर्वेटिव वैल्यू दिया जाता है. इससे साफ है कि Jio, RIL के कुल वैल्यूएशन में सबसे बड़े वैल्यू क्रिएटर्स में से एक है. Jio IPO से वैल्यू अनलॉकिंग की जबरदस्त संभावना है, जिसे इसकी मार्केट लीडरशिप, स्केल इकोनॉमी और लॉन्ग-टर्म कैश फ्लो विजिबिलिटी सपोर्ट करती है.
Jio IPO के बाद RIL और Jio Financial Services के शेयरों पर असर
आगे बताते हुए प्रशांत तापसे का मानना है कि, फंडामेंटल्स के लिहाज से Jio IPO, Reliance Industries (RIL) के लिए स्ट्रक्चरल तौर पर पॉजिटिव माना जाता है. IPO से Jio के टेलीकॉम और डिजिटल बिज़नेस की स्पष्ट वैल्यू डिस्कवरी होगी, जो अभी तक RIL के कंजोलिडेटेड वैल्यूएशन में छिपी हुई है. IPO से पहले के फेज में RIL शेयर में आम तौर पर री-रेटिंग देखने को मिल सकती है, जो वैल्यू अनलॉकिंग स्टोरी, बेहतर ट्रांसपेरेंसी और मज़बूत SoTP फ्रेमवर्क से सपोर्टेड होगी.
वहीं, Jio Financial Services (JFS) पर Jio IPO का डायरेक्ट फंडामेंटल इम्पैक्ट सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि JFS एक अलग से लिस्टेड फाइनेंशियल एंटिटी है और इसके अपने स्वतंत्र बिज़नेस ड्राइवर्स हैं. हालांकि, ग्रुप लेवल पर बेहतर विजिबिलिटी और Jio इकोसिस्टम से जुड़ी संभावित सिनेर्जी के चलते सेंटिमेंट के आधार पर JFS शेयर में शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म में पॉजिटिव मूवमेंट को नकारा नहीं जा सकता.
एनवीडिया के साथ साझेदारी
आने वाले समय में जियो को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है. एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक भारत में इंटरनेट सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है. इसी बीच, रिलायंस जियो ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एनवीडिया के साथ साझेदारी की है. माना जा रहा है कि यह कदम कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्टोरी को और मजबूती देगा.
2019 में हुई थी पहली घोषणा
साल 2019 में मुकेश अंबानी ने पहली बार पांच साल के भीतर जियो को लिस्ट करने की योजना का खुलासा किया था. हालांकि पिछले साल आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने इस आईपीओ को 2025 के बाद तक टाल दिया ताकि अन्य प्रमुख डिजिटल बिजनेस में विस्तार कर वैल्यूएशन को और बढ़ाया जा सके.
इसे भी पढ़ें- अंडरवैल्यूड हैं ये 5 शेयर? भाव ₹200 से कम, एवरेज पीई 5 साल से नीचे; लिस्ट में Suzlon Energy जैसे स्टॉक्स
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
2100 फीसदी तक का रिटर्न, मजबूत फंडामेंटल और तेज ग्रोथ, EV से डिफेंस तक सरकारी योजनाओं से चमक रहे ये 4 स्टॉक्स
बुरी तरह टूटा टाटा ग्रुप का यह शेयर, तिमाही नतीजों ने तोड़ी कमर! एक साल के निचले स्तर पर आया स्टॉक
बाजार में गिरावट, निफ्टी 25600 के नीचे, मीडिया शेयरों में भारी बिकवाली; तिमाही नतीजों बाद चढ़ा DMart
