मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, FII की हिस्सेदारी बढ़कर 14.55 प्रतिशत हो गई, जो दिसंबर 2025 तिमाही में 14.11 प्रतिशत थी. इसी दौरान प्रमोटरों की हिस्सेदारी भी मामूली बढ़कर 62.86 प्रतिशत हो गई, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की हिस्सेदारी 15.23 प्रतिशत से घटकर 14.13 प्रतिशत रह गई.
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, Fairfax ने पहले जो कीमत तय की थी, वह सरकार की अपेक्षा से कम थी. इसी वजह से उस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली थी. अब कंपनी ने अपने ऑफर में प्रति शेयर कुछ रुपये बढ़ाने की तैयारी की है. हालांकि नई कीमत का खुलासा अभी नहीं किया गया है.
एलारा कैपिटल के अनुसार, HCLTech ने जून तिमाही में रेवेन्यू और मार्जिन दोनों मोर्चों पर बाजार के अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया. हालांकि पहली तिमाही में रेवेन्यू में तिमाही आधार पर हल्की गिरावट रही, जिसका कारण बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स में पहले से तय प्रोडक्टिविटी कमिटमेंट रहा.
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही. दूसरी ओर, निवेशकों आईटी और फार्मा शेयरों में खरीदारी दिखाई. इसके अलावा मेटल सेक्टर के शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली.
बाजार की नजर इस समय पूरी तरह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव पर है. अमेरिका ने ईरान के खिलाफ फिर से समुद्री नाकाबंदी लागू कर दी है. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच होर्मुज स्ट्रेट के आसपास सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं. यही इलाका दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई रूट्स में शामिल है.
13 जुलाई को बाजार फ्लैट बंद होने के बाद 14 जुलाई के कारोबार में कई शेयर फोकस में रहेंगे. HCLTech के मजबूत तिमाही नतीजे, BEL को 572 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर, Grasim का 17,200 करोड़ रुपये का अधिग्रहण, ICICI Prudential के बेहतर नतीजे, SBI, Emcure, CONCOR और Poonawalla Fincorp के अहम कॉरपोरेट अपडेट निवेशकों की नजर में रहेंगे.
कुछ सप्ताह पहले RBI ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखा था. साथ ही उसने अपनी नीति का रुख न्यूट्रल रखा, ताकि एक तरफ महंगाई पर नजर रखी जा सके और दूसरी तरफ आर्थिक विकास को भी सहारा मिलता रहे.
मार्च 2026 की शेयरहोल्डिंग के अनुसार, दिग्गज निवेशक मुकुल महावीर अग्रवाल ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 7.25 प्रतिशत कर दी है, जो सितंबर 2025 में 2 प्रतिशत थी. यानी उन्होंने अपनी हिस्सेदारी में 5.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. पिछले 3 महीनों में इसमें 69 फीसदी की तेजी देखने को मिली है.
जून 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार, FII की हिस्सेदारी बढ़कर 3.25 प्रतिशत हो गई, जो मार्च 2026 तिमाही में 3.10 प्रतिशत थी. वहीं, प्रमोटर हिस्सेदारी 48.96 प्रतिशत पर स्थिर रही. दूसरी ओर, DII की हिस्सेदारी 1.05 प्रतिशत से घटकर 0.98 प्रतिशत रह गई.
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि दूसरी तिमाही की शुरुआत भी पॉजिटिव रही है. त्योहारी और शादी के सीजन से पहले ग्राहकों की मांग मजबूत बनी हुई है. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में बेहतर मांग और नए स्टोरों की वजह से कारोबार की रफ्तार बनी रहेगी.