कंपनी के शेयर 13 अप्रैल को 0.05 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 204.97 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. पिछले एक हफ्ते में इसमें 4.95 प्रतिशत की तेजी आई है. तिमाही आधार पर स्टॉक 26.9 प्रतिशत चढ़ा है, हालांकि एक साल में इसमें 17.05 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 13,108 करोड़ रुपये है.
कंपनी के शेयरों में सोमवार को दबाव में नजर आया. कारोबार के दौरान यह करीब 2.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 424.75 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. पिछले एक हफ्ते में शेयर में 2.67 प्रतिशत की तेजी आई है, जबकि तीन महीनों में यह 18.64 प्रतिशत गिरा है. एक साल में स्टॉक में करीब 7.92 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है.
अगर पूरे पोर्टफोलियो को देखें, तो सम्राट चौधरी ने सबसे ज्यादा पैसा इंश्योरेंस सेक्टर में लगाया है, जहां कुल निवेश करीब 55.66 लाख रुपये है. इसके बाद दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा ज्वेलरी (सोना-चांदी) में है, जिसमें लगभग 40.75 लाख रुपये का निवेश है. खास बात यह है कि इसमें केवल गोल्ड में ही करीब 40 लाख रुपये लगाए गए हैं.
भारतीय IT कंपनियों का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है. ऐसे में US इकोनॉमी, टेक सेक्टर और ग्लोबल हालात में सुधार सीधे इनके बिजनेस पर असर डालता है. ग्लोबल बाजार में स्थिरता और डिमांड में सुधार की उम्मीद IT कंपनियों के लिए अच्छी खबर है.
Sejal Glass का शेयर सोमवार को 4.99 प्रतिशत की तेजी के साथ 648.7 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. पिछले एक हफ्ते में स्टॉक 46.71 प्रतिशत चढ़ चुका है. हालांकि, पिछले तीन महीनों में यह 17.24 प्रतिशत गिरा है, जबकि एक साल में 62.28 प्रतिशत की तेजी दिखा चुका है.
सिर्फ ये तीन स्टॉक्स ही नहीं, बल्कि हाल के महीनों में कई कंपनियों में प्रमोटर्स हिस्सेदारी घटा रहे हैं. Nifty 500 में कुल प्रमोटर हिस्सेदारी 2026 की शुरुआत में घटकर करीब 48–50 प्रतिशत के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है. यह ट्रेंड मजबूत बाजार रैली के साथ देखा गया है.
कंपनी के शेयर 13 अप्रैल को 0.03 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 114.54 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. पिछले एक हफ्ते में स्टॉक में 0.7 प्रतिशत की हल्की तेजी आई है. तिमाही आधार पर यह 10.63 प्रतिशत गिरा है, जबकि एक साल में 9.6 प्रतिशत का रिटर्न दिया है.
बाजार में भारी उठापटक है. ऐसे माहौल में ऐसे बिजनेस ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं जिनका सीधा असर एनर्जी कीमतों या ग्लोबल सप्लाई चेन से नहीं होता. डिपॉजिटरी बिजनेस इसी तरह का एक सेक्टर है, जहां भारत में दो बड़े खिलाड़ी हैं. आइए इन्हें एक-एक कर जानते हैं.
निफ्टी के लिए 23,950–23,980 का जोन अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है और अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकता है तो शॉर्ट टर्म में 24,100 और उसके बाद 24,230 तक की तेजी देखने को मिल सकती है. वहीं नीचे की तरफ 23,700–23,650 का जोन मजबूत सपोर्ट रहेगा.
AI के बढ़ते इस्तेमाल के चलते पारंपरिक एयर कूलिंग अब पर्याप्त नहीं रह गई है. हाई-डेंसिटी वर्कलोड ज्यादा हीट पैदा करते हैं, जिसकी वजह से अब लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी की ओर तेजी से शिफ्ट हो रहा है. आने वाले समय में डेटा सेंटर ग्रोथ का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा AI से आने की उम्मीद है.