RBI की घोषणाओं के बाद Nifty Bank इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई. यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र रहा जब बैंकिंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया. इंडेक्स के 14 में से 11 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे.
रिकॉर्ड डेट के बाद नए निवेशकों को बायबैक का लाभ नहीं मिलता, इसलिए बायबैक से जुड़ा अतिरिक्त मूल्य (प्रीमियम) शेयर के भाव से निकल जाता है. इसके अलावा, जो निवेशक केवल बायबैक के लाभ के लिए शेयर खरीदते हैं, वे एक्स-डेट के बाद अपनी होल्डिंग बेचने लगते हैं. इससे शेयर पर बिकवाली का दबाव बढ़ जाता है.
कंपनी ने अपनी सस्टेनेबिलिटी रणनीति के तहत प्लास्टिक रीसाइक्लिंग कारोबार में भी कदम रखा है. इसके लिए आधुनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं, जिनकी मदद से प्लास्टिक कचरे को दोबारा उपयोगी सामग्री में बदला जाएगा. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 4.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5.97 रुपये पर कारोबार कर रहा था. पिछले एक सप्ताह में यह शेयर 32 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है.
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस फैसले से भारतीय कंपनियों में विदेशी निवेश बढ़ सकता है. खासकर उन कंपनियों को फायदा मिल सकता है जिनमें विदेशी निवेशकों की रुचि अधिक है. इसके अलावा यह कदम भारतीय कैपिटल मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाने और निवेशकों के आधार को मजबूत करने में भी मददगार साबित हो सकता है.
निफ्टी 50 में खरीदारी का जोर कुछ चुनिंदा दिग्गज शेयरों में देखने को मिला. Adani Enterprises, Dr. Reddy's Laboratories, Bajaj Finserv, ICICI Bank और Apollo Hospitals शुरुआती कारोबार में प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे. वहीं दूसरी ओर, Cipla और Coal India के शेयर दबाव में रहे और निफ्टी के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे.
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए प्रति शेयर 0.25 रुपये के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है. हालांकि डिविडेंड का अंतिम फैसला आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद होगा. कंपनी के इतिहास में यह पहला मौका है जब शेयरधारकों को डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा गया है.
यूरोप एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा जहां Gold ETFs में निवेश बढ़ा. इस क्षेत्र में 334 मिलियन डॉलर का नेट इंवेस्टमेंट आया. ब्रिटेन और जर्मनी में राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों ने सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में चुना. वहीं बॉन्ड यील्ड में नरमी ने भी गोल्ड ETFs को सपोर्ट दिया.
IIFL Finance ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि कंपनी की फाइनेंस कमेटी ने फिक्स्ड रेट सीनियर सिक्योर्ड नोट्स के इश्यू से जुड़ी कीमत, अवधि और अन्य शर्तों को मंजूरी दे दी है. यह इश्यू कंपनी के 1 अरब डॉलर के Global Medium Term Note (GMTN) Programme के तहत किया जाएगा.
5 जून को कई प्रमुख शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी. Ola Electric ने QIP से 780 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जबकि Wockhardt यूरोप में नई एंटीबायोटिक लॉन्च करने जा रही है. Aurobindo Pharma को US FDA की मंजूरी मिली है. ICICI Bank को SEBI से चेतावनी मिली है. वहीं Tata Motors, CG Power, HDFC AMC और Rajesh Exports भी महत्वपूर्ण कारोबारी अपडेट्स के चलते चर्चा में रहेंगे.
योजना की घोषणा के बाद EV सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली. JBM Auto का शेयर NSE पर करीब 6.25 फीसदी चढ़कर 711.05 रुपये तक पहुंच गया. वहीं, Olectra Greentech का शेयर 3.87 फीसदी की तेजी के साथ 1,372.40 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गया.