Tejas Chaturvedi

पूर्वांचल की मिट्टी से निकले तेजस चतुर्वेदी की कहानी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं! JNU, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और IIMC जैसे भारत के टॉप संस्थानों को फतह करने के बाद तेजस सीधे न्यूजरूम के अखाड़े में कूद पड़े. फिलहाल TV9 में उपसंपादक हैं.


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Tejas Chaturvedi

ट्रेड डील के बाद कमोडिटी बाजार में भी तेजी दिखी. हालिया गिरावट के बाद सोना और चांदी की कीमतों में मजबूत रिकवरी आई. MCX पर सोने के दाम करीब 4 प्रतिशत चढ़कर 149485 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गए. वहीं MCX पर चांदी के भाव 250436 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद एक्सपोर्ट बेस्ड कंपनियों के लिए माहौल काफी पॉजिटिव हो गया है. इसका असर निफ्टी के सभी इंडेक्स में देखने को मिला है. हालांकि, कुछ समय पहले जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ बढ़ाया था, तब इन शेयरों में भारी गिरावट आई थी. लेकिन अब टैरिफ में कटौती के बाद निवेशकों का भरोसा लौटा है और इन स्टॉक्स में तेज खरीदारी देखने को मिल रही है.

शुरुआती कारोबार में तेजी सभी सेक्टरों में फैलती दिखी. निफ्टी के सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे. निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 4 फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा. इसके अलावा ऑटो, इंफ्रास्ट्रक्चर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, आईटी और मेटल शेयरों में भी मज़बूत खरीदारी देखने को मिली.

पिछले एक तिमाही में इसमें 24.23 प्रतिशत और पिछले एक साल में करीब 34.77 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि लंबी अवधि की बात करें तो इस स्टॉक ने 5 साल में करीब 300 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है. 2 फरवरी 2026 के मुताबिक कंपनी का मार्केट कैप करीब 82.37 करोड़ रुपये है. मार्च 2021 में यही शेयर 15 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था, जो अब 60 रुपये पार निकल चुका है.

ट्रेड डील से कई सेक्टरों को फायदा मिलने की उम्मीद है. टेक्सटाइल कंपनियां जैसे Gokaldas Exports, सीफूड सेक्टर की कंपनियां जैसे Avanti Feeds और Apex Frozen Foods, और ऑटो सेक्टर की बड़ी कंपनी Bharat Forge जैसे शेयर फोकस में रह सकते हैं.

बाजार में इन दिनों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. हालिया गिरावट के बाद कई शेयरों ने रिकवरी की है. हालांकि, कई शेयर अभी भी जूझ रहे हैं. 2026 की शुरुआत से यानी 33 दिन में अब तक करीब 40 प्रतिशत तक टूट चुके हैं. आइए ऐसे ही तीन अंडर-परफॉर्मिंग स्टॉक्स के बारे में जानते हैं.

आज शेयर बाजार में कई बड़े नतीजे, डील्स और कॉरपोरेट अपडेट्स के चलते कई स्टॉक्स फोकस में रहने वाले हैं. इसके अलावा, अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 50 से घटाकर 18 फीसदी किया. इसका असर भी बाजार पर देखने को मिलेगा निवेशकों की नजर खास तौर पर PB Fintech, Thermax, Indus Towers से लेकर RailTel और Adani Enterprises पर रहेगी.

सरकार का कहना है कि STT बढ़ाने का मकसद डेरिवेटिव ट्रेडिंग में बढ़ती सट्टेबाजी पर लगाम लगाना और टैक्स कलेक्शन को मजबूत करना है. पिछले कुछ सालों में ऑप्शंस ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है, जिससे बाजार में उतार चढ़ाव भी ज्यादा देखने को मिला है. अब जब 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू होंगी, तो ट्रेडर्स को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ेगा. ज्यादा बार ट्रेड करने की जगह क्वालिटी ट्रेड और लॉन्ग टर्म पोजिशन पर फोकस बढ़ सकता है.

यह IPO पूरी तरह सेकेंडरी सेल होगा, यानी इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. कुल इक्विटी का करीब 4 से 4.5 प्रतिशत हिस्सा ऑफर के जरिए बाजार में लाया जा सकता है. अनलिस्टेड मार्केट में NSE का शेयर करीब 2150 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है. इस आधार पर एक्सचेंज का वैल्यूएशन करीब 5.3 लाख करोड़ रुपये आंका जा रहा है.

ज्यादा प्लेज शेयर होना कंपनी के लिए रिस्क का संकेत माना जाता है, क्योंकि बाजार में गिरावट के समय जबरन शेयर बिकवाली का खतरा बढ़ जाता है. वहीं अगर प्रमोटर्स लगातार प्लेज घटा रहे हैं, तो इसे पॉजिटिव सिग्नल माना जाता है. इससे कंपनी की फाइनेंशियल सेहत बेहतर होने, प्रमोटर्स के भरोसे और निवेशकों के लिए रिस्क कम होने का संकेत मिलता है.