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Tejas Chaturvedi

पूर्वांचल की मिट्टी से निकले तेजस चतुर्वेदी की कहानी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं! JNU, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और IIMC जैसे भारत के टॉप संस्थानों को फतह करने के बाद तेजस सीधे न्यूजरूम के अखाड़े में कूद पड़े. फिलहाल TV9 में उपसंपादक हैं.


संवाद लिए जुड़ें- https://www.instagram.com/tejas_jnu/

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Tejas Chaturvedi

आमतौर पर 70 से ऊपर का RSI यह संकेत देता है कि स्टॉक ओवरबॉट जोन में है और उसमें मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है. वहीं 30 से नीचे का RSI यह बताता है कि स्टॉक ओवरसोल्ड जोन में पहुंच चुका है और वहां से रिकवरी या बाउंसबैक की संभावना बन सकती है. आइए ऐसे कुछ Nifty 500 शेयरों पर नजर डालते हैं, जिनका RSI 30 के आसपास या उससे नीचे है.

इस साल की शुरुआत में सॉफ्टवेयर कंपनियों को इस बात की चिंता थी कि AI पारंपरिक टेक्नोलॉजी बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, हाल के दिनों में Nvidia की ओर से AI को अपनाने में सॉफ्टवेयर कंपनियों की बढ़ती भूमिका को लेकर दिए गए पॉजिटिव बयान से सेक्टर को सपोर्ट मिला था.

टॉप लूजर्स में Tata Consultancy Services, HCL Technologies और Tech Mahindra शामिल रहे. कारोबार के दौरान लगभग 1,062 शेयरों में तेजी, 1,163 में गिरावट और 150 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया. ब्रॉडर मार्केट में भी दबाव देखने को मिला. Nifty Midcap 150 में करीब 0.67 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि Nifty Smallcap 250 लगभग 0.48 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था.

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के अधिकारी नई दिल्ली में तीन दिनों की अहम व्यापार वार्ता कर रहे हैं. दोनों देश एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने की कोशिश में हैं. भारत की कोशिश है कि सेक्शन 301 जांच से जुड़े मुद्दों पर राहत मिले और भारतीय उत्पादों पर प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम टैरिफ लगाया जाए

Nippon India Small Cap Fund, Invesco India Small Cap Fund और Edelweiss Small Cap Fund जैसे फंड्स ने लगातार प्रदर्शन के मामले में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. वहीं Quant Small Cap Fund और Bandhan Small Cap Fund ने बेहतर रिटर्न देकर निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है.

भारत अपनी चांदी की जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और चीन से आयात करता है. इन देशों से बड़ी मात्रा में चांदी भारत आती है, जिसका उपयोग ज्वेलरी इंडस्ट्री के अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जाता है.

मंगलवार के कारोबार में Exato Technologies का शेयर 3.11 फीसदी की बढ़त के साथ 338 रुपये पर कारोबार कर रहा था. फिलहाल शेयर लगभग 21 के PE मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है. इसके साथ ही कंपनी लगभग कर्जमुक्त हो गई है. मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने शानदार Revenue Growth दर्ज की.

बाजार में उतार-चढ़ाव वाले माहौल के बीच इन कंपनियों से जुड़े ताजा अपडेट निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे. कारोबारी विस्तार, नए ऑर्डर, फंड जुटाने की योजनाएं और रेगुलेटरी मंजूरियां इन शेयरों में बुधवार को अच्छी-खासी हलचल ला सकती हैं.

ताइवान का इंडेक्स करीब 55 प्रतिशत मजबूत हुआ है, जबकि अमेरिका का Nasdaq Composite लगभग 21 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर चुका है. इसके विपरीत भारतीय शेयर बाजार में करीब 11 प्रतिशत की गिरावट आई है और बाजार एक दशक बाद पहली बार वार्षिक आधार पर नेगेटिव रिटर्न देने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है.

इस तरह कुल फंड जुटाने का आकार 2,800 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. कंपनी ने इश्यू प्राइस 279.50 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जो सोमवार के बंद भाव के मुकाबले करीब 9 फीसदी कम है. वहीं QIP के लिए फ्लोर प्राइस 294.13 रुपये प्रति शेयर रखा गया है.