निफ्टी हाल की तेज गिरावट के बाद शॉर्ट टर्म चार्ट पर ओवरसोल्ड जोन में पहुंच गया है, ऐसे में पुलबैक की संभावना बनी हुई है. अगर इंडेक्स बुधवार के हाई 22,941 के ऊपर निकलता है, तो 23,200 तक की तेजी देखने को मिल सकती है. हालांकि मौजूदा डाउनट्रेंड में ठहराव के लिए जरूरी है कि निफ्टी डेली चार्ट पर लगातार हायर हाई और हायर लो बनाए.
Vijay Kedia और उनकी कंपनी Kedia Securities के पास कुल 20.91 प्रतिशत हिस्सेदारी है. शेयर में 30.90 रुपये की तेजी के चलते उनके 58,02,017 शेयरों की वैल्यू बढ़ गई, जिससे एक दिन में ही करीब 174.58 करोड़ रुपये की दौलत बढ़ गई.
Oracle ने यह कदम तब उठाया है जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है, जिसके लिए लागत कम करने की दिशा में संरचनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं. Oracle का FY2025 में सालाना रेवेन्यू लगभग 5.13 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि FY2012 से अब तक रिसर्च और डेवलपमेंट पर 8.1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किया गया है.
इस तेजी की मुख्य वजह कंपनी की बिक्री में आई तेज रिकवरी है. मार्च 2026 के दौरान कंपनी के ऑर्डर में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली. महीने के आखिरी हफ्ते में रोजाना ऑर्डर 1,000 यूनिट के पार पहुंच गए. 1 अप्रैल के कारोबार में शेयर करीब 25.74 रुपये पर 12.89 प्रतिशत की तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा. पिछले एक हफ्ते में इसमें 10.71 प्रतिशत की बढ़त रही है.
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो फार्मा सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए. फार्मा इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत गिरा. वहीं डिफेंस इंडेक्स में 5 प्रतिशत से ज्यादा की जोरदार तेजी रही. इसके अलावा कैपिटल गुड्स, मीडिया और पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 3-3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई.
बुधवार के कारोबार में शेयर करीब 262.78 रुपये पर 6.78 प्रतिशत की तेजी के साथ ट्रेड करता देखा गया. पिछले एक हफ्ते में इसमें मामूली 0.3 प्रतिशत की बढ़त रही है. हालांकि पिछले 3 महीनों में शेयर करीब 29.27 प्रतिशत गिरा है और एक साल में करीब 13.14 प्रतिशत की कमजोरी दिखी है.
इस तेजी के बावजूद शेयर साल 2026 की शुरुआत से अब तक करीब 16 प्रतिशत नीचे है. पिछले एक हफ्ते में इसमें हल्की गिरावट रही है, जबकि पिछले एक साल में शेयर ने करीब 6.69 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. यह शेयर अपने 52 हफ्ते के हाई से करीब 25.97 प्रतिशत नीचे बना हुआ है.
इस कंपनी ने कई बड़े ग्लोबल क्लाइंट्स के साथ एआई-बेस्ड प्रोजेक्ट्स पर काम किया है. Rolls-Royce ने MRO प्रोसेस में Infosys के मल्टी एजेंट सॉल्यूशन का इस्तेमाल किया, जिससे इंजीनियरिंग मेहनत में 40 प्रतिशत कमी आई और एफिशिएंसी बढ़ी.
30 मार्च को बाजार में भारी गिरावट रही, जहां निफ्टी 22,331 पर बंद हुआ. सभी सेक्टर्स में बिकवाली दिखी. अब 1 अप्रैल को Bharti Airtel, Sammaan Capital, Hindustan Copper Limited समेत कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रहेंगे, जिनमें निवेश, ऑर्डर और डील्स से जुड़े अपडेट शामिल हैं.
F&O में शामिल होने के बाद किसी भी शेयर की लिक्विडिटी बढ़ जाती है. इससे उसमें ट्रेडिंग आसान हो जाती है और खरीद-बिक्री में ज्यादा दिक्कत नहीं होती. इसके अलावा, प्राइस डिस्कवरी बेहतर होती है क्योंकि निवेशक तेजी और मंदी दोनों पर दांव लगा सकते हैं.