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Tejas Chaturvedi

पूर्वांचल की मिट्टी से निकले तेजस चतुर्वेदी की कहानी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं! JNU, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और IIMC जैसे भारत के टॉप संस्थानों को फतह करने के बाद तेजस सीधे न्यूजरूम के अखाड़े में कूद पड़े. फिलहाल TV9 में उपसंपादक हैं.


संवाद लिए जुड़ें- https://www.instagram.com/tejas_jnu/

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Tejas Chaturvedi

कंपनी के शेयर आज, 2 मार्च के कारोबार में 15 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 483.80 रुपये पर ट्रेड करते दिखे. इंट्राडे में यह 503 रुपये तक पहुंच गया, जबकि प्रीवियस क्लोजिंग प्राइस 435.60 रुपये था. पिछले चार कारोबारी सत्र में शेयर 60 प्रतिशत तक उछल चुका है. हालांकि लंबी अवधि की बात करें तो एक साल में शेयर अभी भी 33 प्रतिशत नीचे है.

कतर यूरोप को सीधे तौर पर पूरी गैस सप्लाई नहीं करता, लेकिन वह यूरोप के LNG आयात का लगभग 12 से 14 प्रतिशत हिस्सा देता है. अगर एशिया को जाने वाली सप्लाई प्रभावित होती है, तो वहां के खरीदार दूसरी जगह से गैस खरीदेंगे. इससे दुनिया भर में LNG की मांग बढ़ेगी और दाम और ऊपर जा सकते हैं.

इन तीनों शेयरों में बड़े संस्थागत निवेशकों की एंट्री या हिस्सेदारी में बदलाव यह दिखाता है कि बाजार के बड़े खिलाड़ी चुनिंदा स्टॉक्स में लंबी अवधि का दांव लगा रहे हैं. अक्सर देखा जाता है कि ऐसे शेयरों में हलचल देखने को मिलती है.

निफ्टी के लिए 24,730 से 24,700 का जोन निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट है. अगर 24,700 के नीचे निर्णायक ब्रेकडाउन आता है तो अगला डाउनसाइड टारगेट 24,550 के पास दिख सकता है. वहीं ऊपर की तरफ 24,950 से 25,000 का जोन मजबूत रेजिस्टेंस रहेगा. 25,000 के ऊपर टिकाऊ मूव ही बाजार में दोबारा तेजी की धार ला सकता है.

हाल के जीडीपी आंकड़ों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया. तीसरी तिमाही में यह सेक्टर सालाना आधार पर 13.3 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछली तिमाही के 13.2 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा है. फरवरी में मैन्युफैक्चरिंग PMI 56.9 के चार महीने के हाई पर पहुंचा.

ब्रेंट क्रूड पहले ही 80 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जा चुका है. अगर होर्मुज में बाधा आती है तो कीमत 90 डॉलर से ऊपर और बड़े युद्ध की स्थिति में 100 डॉलर के पार जा सकती है. हर 1 डॉलर की तेजी से भारत का सालाना इंपोर्ट बिल करीब 2 अरब डॉलर बढ़ जाता है.

इस लिमिट का उद्देश्य बॉट व्यवहार को रोकना और प्लेटफॉर्म पर बेहतर यूजर एक्सपीरियंस सुनिश्चित करना है. बहुत अधिक संख्या में अकाउंट फॉलो करना अक्सर ऑटोमेटेड टूल्स या स्पैम गतिविधियों से जुड़ा होता है. 7,500 की सीमा तय करके प्लेटफॉर्म मास फॉलो जैसी रणनीतियों को कम करना चाहता है.

गिरावट वाले टॉप शेयरों में Larsen & Toubro, InterGlobe Aviation, Adani Ports, Jio Financial Services और Adani Enterprises शामिल रहे. वहीं मजबूती दिखाने वाले शेयरों में Bharat Electronics Limited, Sun Pharmaceutical, ONGC और Bharti Airtel शामिल रहे. मेटल सेक्टर को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए. ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स करीब 3 फीसदी तक फिसले.

बीते एक हफ्ते में शेयर करीब 3.56 प्रतिशत गिरा है. हालांकि तिमाही आधार पर 1.93 प्रतिशत की तेजी रही है. पिछले एक साल में शेयर ने करीब 97.26 प्रतिशत का जबरदस्त रिटर्न दिया है. 52 हफ्तों के निचले स्तर से 106.21 प्रतिशत उछल चुका है.

जब बिटकॉइन गिरता है तो आम तौर पर पूरा क्रिप्टो बाजार दबाव में आ जाता है. इस बार भी वही हुआ. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum करीब 60.69 डॉलर टूटकर 1869 डॉलर के आसपास ट्रेड करती दिखी, यानी लगभग 3.14 प्रतिशत की गिरावट. वहीं Solana भी करीब 4 प्रतिशत गिरकर 78.94 डॉलर पर ट्रेड कर रही थी.