HFCL की कुल ऑर्डर बुक FY26 के अंत तक 21,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की रही, जो आने वाले सालों के लिए मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी देती है. कंपनी का एक्सपोर्ट रेवेन्यू अब 41.36 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि प्राइवेट सेक्टर का योगदान करीब 84 प्रतिशत है.
यह तीसरी बार है जब सरकार ने एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव किया है. इससे पहले 11 अप्रैल को ड्यूटी बढ़ाई गई थी, जहां डीजल पर 55.5 रुपये और ATF पर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई थी. 27 मार्च को जब पहली बार ड्यूटी लगाई गई थी, तब डीजल पर 21.5 रुपये और ATF पर 29.5 रुपये प्रति लीटर टैक्स लगाया गया था.
इस डीमर्जर के बाद निवेशकों की होल्डिंग एक ही कंपनी में न रहकर कई कंपनियों में बंट जाएगी. Vedanta का मौजूदा शेयर अब सिर्फ बचे हुए बिजनेस की वैल्यू दिखाता है, जबकि बाकी वैल्यू नई कंपनियों में मिलेगी. 29 अप्रैल तक जिन निवेशकों ने Vedanta के शेयर खरीदे हैं, वही डीमर्जर का फायदा पाएंगे.
BSE Midcap Index और BSE Smallcap Index में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई. इस भारी गिरावट से निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपये की कमी आई, क्योंकि BSE लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 468 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 460 लाख करोड़ रुपये रह गया.
मार्च तिमाही में Nifty 250 Microcap Index के कई चुनिंदा शेयरों में FIIs और MFs ने एक साथ हिस्सेदारी बढ़ाई. इनमें से 10 माइक्रोकैप शेयरों ने पिछले 6 महीनों में 25 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक का शानदार रिटर्न दिया है. इन शेयरों ने निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया है.
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला. ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के अहम स्तर के ऊपर निकल गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दबाव बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने Kotak Mahindra Bank, Axis Bank और JM Financial समेत करीब पांच इंवेस्टमेंट बैंकों से संपर्क किया है. हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि अभी इस पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है. Parle Products का कहना है कि फिलहाल उसका फोकस बिजनेस को बढ़ाने पर है और वह समय-समय पर वैल्यू क्रिएशन के विकल्पों पर विचार करती रहती है.
कंपनी एक EPC कंपनी है, जो पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर में काम करती है. कंपनी सबस्टेशन, ट्रांसमिशन लाइन, मोनोपोल और इंटरनेशनल ग्रिड प्रोजेक्ट्स पर काम करती है. पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में 30 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है.
मार्केट में कई कंपनियों के नतीजे, ऑर्डर अपडेट और कॉरपोरेट खबरें इन शेयरों को आज फोकस में ला सकती हैं. निवेशकों को इन स्टॉक्स में खबरों के आधार पर तेज मूवमेंट देखने को मिल सकता है. इन शेयरों में Adani Power, IIFL Finance, Navin Fluorine International, Schaeffler India जैसे नाम शामिल हैं.
एक साल के नजरिए से देखें तो स्टॉक करीब 67.21 फीसदी का शानदार रिटर्न दे चुका है. 29 अप्रैल 2026 तक कंपनी का मार्केट कैप 32,833.11 करोड़ रुपये पहुंच गया है. खास बात यह रही कि आज इस स्टॉक ने अपना नया 52 हफ्तों का हाई भी छू लिया.