BSE पर यह शेयर आज के टॉप गेनर्स में शामिल रहा. शेयर करीब 15 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 83.60 रुपये पर पहुंच गया. ट्रेडिंग के दौरान शेयर में 20 गुना से ज्यादा वॉल्यूम देखने को मिला. शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो LIC के पास 1.56 प्रतिशत हिस्सेदारी है. मौजूदा भाव पर शेयर अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर से करीब 28 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहा है.
प्रमोटर की खरीदारी से अक्सर यह साफ होता है कि मैनेजमेंट को बिजनेस की ग्रोथ, फंडामेंटल्स और लंबी अवधि की संभावनाओं पर भरोसा है. इससे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ता है, क्योंकि ज्यादा प्रमोटर हिस्सेदारी से शेयरहोल्डर्स और मैनेजमेंट के हित एक दिशा में चलते नजर आते हैं.
परफॉर्मेंस की बात करें तो पिछले एक हफ्ते में TCS का शेयर करीब 1.37 प्रतिशत चढ़ा है. बीते तीन महीनों में इसमें 7.66 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि पिछले एक साल में शेयर करीब 23.57 प्रतिशत टूटा है. 13 जनवरी 2026 तक कंपनी का मार्केट कैप करीब 11,79,605 करोड़ रुपये है.
मार्केट ब्रेड्थ मजबूत रही, जहां 1671 शेयरों में तेजी, 625 शेयरों में गिरावट और 135 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया. निफ्टी पर ONGC, HDFC Bank, Tech Mahindra, Hindalco और HCL Tech टॉप गेनर्स रहे, जबकि L&T, Max Healthcare, Tata Steel, InterGlobe Aviation और Cipla के शेयरों में दबाव देखने को मिला.
Websol Energy का मौजूदा मार्केट कैप करीब 3,500 करोड़ रुपये है. लंबी अवधि की बात करें तो इस शेयर ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. पिछले 5 साल में इस स्टॉक ने करीब 1,610 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. पिछले एक हफ्ते में शेयर 5.09 प्रतिशत फिसला है. वहीं बीते तीन महीनों में इसमें 29.66 प्रतिशत और एक साल में करीब 51.76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. यह शेयर अपने 52-वीक हाई से करीब 51.85 प्रतिशत नीचे है.
एपीडा (APEDA) के आंकड़ों के अनुसार, 2024–25 में ईरान ने भारत से करीब 6,374 करोड़ रुपये का बासमती चावल खरीदा था, जो कुल निर्यात का 12.6 फीसदी है. ऐसी बड़ी आय पर ये संकट अगर लगातार बने रहे तो निर्यातकों का वित्तीय ढांचा डगमगा सकता है.
दिसंबर 2025 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 65.52 प्रतिशत है. एफआईआई के पास 0.11 प्रतिशत और डीआईआई के पास 2.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है. वहीं पब्लिक शेयरहोल्डिंग 32.04 प्रतिशत है, जिसमें कुल 858 शेयरधारक शामिल हैं. Adcounty Media का मार्केट कैप करीब 296 करोड़ रुपये है. कंपनी ने पिछले 5 साल में करीब 66 प्रतिशत सीएजीआर से मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की है. कंपनी का पीई रेशियो करीब 19 गुना है.
शेयर बाजार में आज कई स्टॉक्स निवेशकों की नजर में रहने वाले हैं. तिमाही नतीजों से लेकर बड़े ऑर्डर, निवेश और कॉरपोरेट ऐलानों के चलते इन शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है. आइए जानते हैं 13 जनवरी के कारोबार में किन शेयरों पर खास नजर रहेगी.
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के बयान के बाद बाजार में तेजी से रिकवरी हुई. गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड को लेकर बातचीत सक्रिय रूप से चल रही है और अगली बातचीत मंगलवार को होगी. उनके इस बयान के बाद सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर से 600 अंकों से ज्यादा की रिकवरी की और करीब 83,454.62 के आसपास कारोबार करता नजर आया.
Jio के टेलीकॉम बिजनेस को आम तौर पर Reliance Industries (RIL) के प्रति शेयर 550–650 रुपये का कंजर्वेटिव वैल्यू दिया जाता है. इससे साफ है कि Jio, RIL के कुल वैल्यूएशन में सबसे बड़े वैल्यू क्रिएटर्स में से एक है. Jio IPO से वैल्यू अनलॉकिंग की जबरदस्त संभावना है, जिसे इसकी मार्केट लीडरशिप, स्केल इकोनॉमी और लॉन्ग-टर्म कैश फ्लो विजिबिलिटी सपोर्ट करती है.