IPO 23 जून 2026 को खुला है और 25 जून 2026 को बंद होगा. शेयर अलॉटमेंट 29 जून 2026 को होने की संभावना है, जबकि कंपनी के शेयर 1 जुलाई 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं. कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 130 रुपये से 138 रुपये प्रति शेयर तय किया है. रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन 100 शेयरों का है. ऊपरी प्राइस बैंड के अनुसार एक लॉट के लिए कम से कम 13,800 रुपये का निवेश करना होगा.
South Korea के फाइनेंशियल रेगुलेटर भी बाजार में बढ़ती अस्थिरता को लेकर चिंतित हैं. Samsung Electronics और SK Hynix से जुड़े लीवरेज्ड ETF में बढ़ते निवेश ने बाजार की चाल को और ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला बना दिया है. Kiwoom Securities के एनालिस्ट Han Ji-young के मुताबिक हालिया गिरावट मुख्य रूप से चिप सेक्टर में निवेशकों की अत्यधिक एकाग्रता और विदेशी निवेशकों की मुनाफावसूली का परिणाम है.
मार्च 2026 तिमाही में कंपनी के वित्तीय नतीजे दबाव में रहे. कंपनी की आय 37.24 करोड़ रुपये से घटकर 33.51 करोड़ रुपये रह गई, जो करीब 10 फीसदी की गिरावट को दर्शाती है. वहीं, नेट प्रॉफिट 60 लाख रुपये से घटकर 26 लाख रुपये रह गया. हालांकि कमजोर वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद निवेश और विस्तार से जुड़ी खबरों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है.
Piramal Pharma में मंगलवार को करीब 348.8 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जबकि इसका 20 दिनों का औसत वॉल्यूम करीब 43 लाख शेयर है. यानी ट्रेडिंग वॉल्यूम सामान्य स्तर से 8 गुना से ज्यादा रहा. बढ़ता वॉल्यूम आमतौर पर निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और मजबूत भागीदारी का संकेत माना जाता है.
सुबह 9:39 बजे Nifty Pharma इंडेक्स 1.88 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था. इसके मुकाबले Nifty 50 और Sensex में केवल 0.05 फीसदी के आसपास की बढ़त देखने को मिली. इस तरह फार्मा इंडेक्स दिन का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स बन गया.
Va Tech Wabag का मार्केट कैप करीब 12,844 करोड़ रुपये है. कंपनी का शेयर सोमवार को 3.92 फीसदी की तेजी के साथ 2,061.15 रुपये पर बंद हुआ. पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,983.40 रुपये पर बंद हुआ था. शेयर ने हाल के समय में शानदार रिटर्न दिए हैं.
निफ्टी पर टॉप गेनर वाले शेयरों में Dr. Reddy's Laboratories, Adani Ports and Special Economic Zone, Tata Consumer Products, Apollo Hospitals Enterprise और Cipla शामिल रहे. वहीं, दबाव में रहने वाले शेयरों में Infosys, Hindalco Industries, HCL Technologies, TCS और Tech Mahindra शामिल थे.
मार्च 2026 तिमाही में कंपनी के नतीजों में भी दबाव देखने को मिला. कंपनी की आय 339 करोड़ रुपये से घटकर 181 करोड़ रुपये रह गई. यह सालाना आधार पर 46.66 फीसदी की गिरावट है. वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट 24 करोड़ रुपये से फिसलकर 57 करोड़ रुपये के घाटे में पहुंच गया. कमजोर नतीजों के बीच लाइसेंस से जुड़ी नेगेटवि खबर ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है.
मार्च 2026 तिमाही के आंकड़ों के अनुसार कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 33.76 फीसदी थी. वहीं म्यूचुअल फंड्स के पास 7.1 फीसदी हिस्सेदारी थी. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की हिस्सेदारी 4.5 फीसदी रही. रिटेल निवेशकों के पास कंपनी की 26.2 फीसदी हिस्सेदारी है.
शेयर में तेजी के साथ-साथ कारोबार का वॉल्यूम भी काफी मजबूत रहा. सोमवार सुबह तक करीब 18 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जबकि पिछले एक सप्ताह का एवरेज वॉल्यूम करीब 5 लाख शेयर और पिछले एक महीने का औसत वॉल्यूम करीब 4 लाख शेयर रहा था.