इस तेजी की वजह कंपनी द्वारा Aequitas Healthcare Private Limited में 85 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान रहा. इस अधिग्रहण के जरिए Jagsonpal ने तेजी से बढ़ रहे हॉस्पिटल फार्मा कारोबार में कदम रखा है. कंपनी पर नामात्र का कर्ज है. एक मजे की बात ये है कि इसमें FIIs की हिस्सेदारी 2.46 फीसदी है.
Vedanta Iron & Steel की लिस्टिंग 15 जून 2026 को NSE और BSE पर Vedanta Group के डीमर्जर के बाद हुई थी. कंपनी का शेयर 20 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ था, जिसके साथ इसका मार्केट कैप करीब 7,821 करोड़ रुपये था. लगातार तेजी के चलते अब कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब 13,941 करोड़ रुपये पहुंच गया है, यानी लिस्टिंग के बाद कंपनी की वैल्यू लगभग दोगुनी हो चुकी है.
सोमवार को Bajaj Auto का शेयर 2.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 9,630 रुपये पर बंद हुआ. पिछले एक महीने में शेयर करीब 8 प्रतिशत टूटा है, जबकि 6 महीने में इसमें लगभग 6 प्रतिशत की तेजी आई है. वहीं, पिछले एक साल में शेयर ने करीब 15 प्रतिशत का रिटर्न दिया है.
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 396 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 368 करोड़ रुपये से अधिक है. इसी दौरान EBITDA बढ़कर 86.85 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 76.97 करोड़ रुपये था. EBITDA मार्जिन भी 21.1 फीसदी से बढ़कर 22.57 फीसदी पर पहुंच गया.
MSTC के शेयरों में पिछले एक महीने में करीब 50 फीसदी की तेजी आ चुकी है. शेयर में तेजी की शुरुआत जून की शुरुआत में हुई थी, जब केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रक और बसों को बदलने की योजना को मंजूरी दी थी. अब दिल्ली की नई EV पॉलिसी ने इस तेजी को और मजबूती दी है.
निफ्टी के टॉप गेनर्स में Maruti Suzuki, InterGlobe Aviation, Adani Ports, TVS Motor और Power Grid Corp शामिल रहे. वहीं Eicher Motors, Tata Consumer, Hindalco, Dr Reddy's Laboratories और Max Healthcare के शेयर दबाव में कारोबार करते दिखे. अमेरिका और ईरान के बीच दोहा में संभावित वार्ता की उम्मीदों के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतों में मंगलवार सुबह गिरावट दर्ज की गई.
30 जून के कारोबार में HDFC Bank, Yes Bank, Bandhan Bank, Sterling & Wilson Renewable Energy, RITES, Jagsonpal Pharmaceuticals, Juniper Hotels और SJVN के शेयर फोकस में रह सकते हैं. इन कंपनियों से जुड़े CFO नियुक्ति और इस्तीफे, फंड जुटाने की योजना, बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर, अधिग्रहण, MOU और पावर परचेज एग्रीमेंट जैसी अहम खबरें बाजार की चाल तय कर सकती हैं.
कंपनी का अनुमान है कि सभी प्रोजेक्टएं पूरी तरह शुरू होने और स्थिर होने के बाद हॉस्पिटैलिटी कारोबार से हर साल करीब 1,000 करोड़ रुपये तक की आय हो सकती है. हालांकि यह अनुमान प्रोजेक्टओं के समय पर पूरा होने, ऑक्यूपेंसी, बाजार की स्थिति और जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा.
यह ऑर्डर केवल रकम के लिहाज से ही नहीं, बल्कि कंपनी के लिए नए इंटरनेशनल बाजार में एंट्री के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. इस सौदे के जरिए कंपनी की अबू धाबी के एनर्जी मार्केट में मौजूदगी मजबूत होगी. मार्च 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक 850 करोड़ रुपये से अधिक थी.
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे BSNL ने Captive Non-Public Network (CNPN) Provider के रूप में कैटेगरी-III के तहत एम्पैनल किया है. इसके लिए दोनों कंपनियों के बीच एक औपचारिक समझौता भी हो चुका है. इसके बावजूद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे शेयर दबाव में आ गया. शुरुआती कारोबार में शेयर 7.66 प्रतिशत गिरकर 19.42 रुपये पर कारोबार करता दिखा.