सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी शेयर सबसे बड़े गेनर रहे. निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 फीसदी उछल गया. इसके अलावा ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी का माहौल नजर आया. इसके अलावा, रुपये की शुरुआत आज हल्की कमजोरी के साथ हुई और यह नए रिकॉर्ड लो पर आ गया. मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 96.37 पर खुला, जबकि सोमवार को यह 96.35 पर बंद हुआ था.
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 9.14 रुपये के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है. हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी. कंपनी ने डिविडेंड के लिए 24 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है.
मार्केट में IPO को लेकर अच्छी दिलचस्पी देखने को मिल रही है. Q-Line Biotech SME IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP करीब 69 रुपये चल रहा है. अपर प्राइस बैंड 343 रुपये के हिसाब से संभावित लिस्टिंग प्राइस करीब 412 रुपये माना जा रहा है. यानी निवेशकों को करीब 20 प्रतिशत तक की संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है.
यह दूसरी बार है जब अमेरिका ने रूसी तेल कार्गो के लिए यह अस्थायी राहत बढ़ाई है. इससे पहले दी गई छूट 16 मई को खत्म हो गई थी. अमेरिका ने पहली बार मार्च में समुद्र में मौजूद रूसी तेल कार्गो पर प्रतिबंधों में राहत दी थी, ताकि सप्लाई चेन पर दबाव कम किया जा सके.
19 मई के कारोबार में TCS, Eicher Motors, Vodafone Idea, JSW Energy, IRCTC, GNFC और DOMS Industries जैसे शेयर फोकस में रहेंगे. मजबूत तिमाही नतीजे, बड़ी ब्लॉक डील, नए ऑर्डर, निवेश योजनाएं और नेटवर्क विस्तार से जुड़े अपडेट इन कंपनियों में हलचल बढ़ा सकते हैं. बाजार में इन स्टॉक्स पर निवेशकों की खास नजर रहने की संभावना है.
कंपनी के मुताबिक मार्च तिमाही में ग्रोथ को Room Air Conditioner बिजनेस, इलेक्ट्रॉनिक्स डिविजन के विस्तार और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस से मजबूत सपोर्ट मिला. Amber Enterprises लगातार बैकवर्ड इंटीग्रेशन, प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन और कैपेसिटी एक्सपेंशन पर फोकस कर रही है.
हालांकि मजबूत आउटलुक के बावजूद HAL के शेयर में शुक्रवार को कमजोरी देखने को मिली. Hindustan Aeronautics का शेयर करीब 3.13 प्रतिशत गिरकर 4,249 रुपये पर ट्रेड करता दिखा. पिछले एक हफ्ते में स्टॉक करीब 11 प्रतिशत टूटा है. वहीं, पिछले एक साल में शेयर में करीब 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.
कच्चे तेल की महंगी कीमतों और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. सोमवार को रुपया 21 पैसे की गिरावट के साथ 96.17 प्रति डॉलर पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.96 पर बंद हुआ था. शुक्रवार को पहली बार रुपया 96 प्रति डॉलर के अहम लेवल के नीचे फिसला था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान जल्द फैसला नहीं लेता, तो उसके पास कुछ नहीं बचेगा. इस बयान के बाद ग्लोबल मार्केट में तनाव बढ़ गया. कच्चे तेल की कीमतों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड का मई वायदा भाव 1.78 प्रतिशत बढ़कर 111.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
यह रोलआउट 2028 तक खिंच सकता है. इस बदलाव का मकसद AT&C लॉस कम करना, बिलिंग सिस्टम को बेहतर बनाना और पावर ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना है. ऐसे में स्मार्ट मीटर, ट्रांसमिशन, कम्युनिकेशन और यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के लिए आने वाले साल बड़े मौके लेकर आ सकते हैं.