Nvidia के डेटा सेंटर बिजनेस ने तिमाही के दौरान 75.2 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया, जो बाजार अनुमान 73.5 अरब डॉलर से ज्यादा रहा. वहीं कंपनी के नेटवर्किंग बिजनेस ने 14.8 अरब डॉलर की सेल्स दर्ज की, जिसने भी बाजार अनुमान को पीछे छोड़ दिया.
पिछले कुछ समय में इन फंड्स ने 10 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक के मजबूत रिटर्न दिए हैं, जिसके चलते निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है. थीमैटिक निवेश अब उन निवेशकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है जो हाई-ग्रोथ सेक्टर्स में लंबी अवधि के अवसर तलाश रहे हैं.
इस कंपनी के शेयरों में मंगलवार को खरीदारी देखने को मिली. कंपनी को राजस्थान के पावर प्रोजेक्ट्स से जुड़ा बड़ा ऑर्डर मिला है. मंगलवार को TARIL का शेयर 1.68 प्रतिशत चढ़कर 297.35 रुपये पर पहुंच गया. बीते 3 साल में इसने निवेशकों के 700 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है.
शेयर की बात करें तो Australian Premium Solar का स्टॉक मंगलवार को करीब 357 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा. हालांकि, पिछले एक साल में शेयर करीब 24 प्रतिशत कमजोर रहा है. कंपनी को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से बड़ा सोलर ऑर्डर मिलने के बाद शेयर में तेजी आई. मंगलवार को APS का शेयर 8.58 प्रतिशत उछलकर 363.15 रुपये तक पहुंच गया.
Elara Capital का मानना है कि भले ही तिमाही नतीजे कमजोर रहे हों, लेकिन कंपनी का लॉन्ग टर्म ग्रोथ आउटलुक मजबूत बना हुआ है. ट्रांसमिशन सेक्टर में बढ़ते निवेश, मजबूत ऑर्डरबुक और लगातार बढ़ते कैपेक्स से आने वाले समय में कंपनी की कमाई को सहारा मिल सकता है.
बाजार में आईटी शेयरों में खरीदारी के चलते Infosys, TCS, Wipro, HCL Technologies और Tech Mahindra जैसे दिग्गज शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान 4 प्रतिशत तक उछले और निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में शामिल रहे.
सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी शेयर सबसे बड़े गेनर रहे. निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 फीसदी उछल गया. इसके अलावा ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी का माहौल नजर आया. इसके अलावा, रुपये की शुरुआत आज हल्की कमजोरी के साथ हुई और यह नए रिकॉर्ड लो पर आ गया. मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 96.37 पर खुला, जबकि सोमवार को यह 96.35 पर बंद हुआ था.
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 9.14 रुपये के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है. हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी. कंपनी ने डिविडेंड के लिए 24 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है.
मार्केट में IPO को लेकर अच्छी दिलचस्पी देखने को मिल रही है. Q-Line Biotech SME IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP करीब 69 रुपये चल रहा है. अपर प्राइस बैंड 343 रुपये के हिसाब से संभावित लिस्टिंग प्राइस करीब 412 रुपये माना जा रहा है. यानी निवेशकों को करीब 20 प्रतिशत तक की संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है.
यह दूसरी बार है जब अमेरिका ने रूसी तेल कार्गो के लिए यह अस्थायी राहत बढ़ाई है. इससे पहले दी गई छूट 16 मई को खत्म हो गई थी. अमेरिका ने पहली बार मार्च में समुद्र में मौजूद रूसी तेल कार्गो पर प्रतिबंधों में राहत दी थी, ताकि सप्लाई चेन पर दबाव कम किया जा सके.