इसके शेयरों में अभी दबाव देखने को मिला है. शुक्रवार को इंट्राडे में यह करीब 4.76 प्रतिशत गिरकर 386.15 रुपये तक आ गया. पिछले एक हफ्ते में शेयर 6.14 प्रतिशत गिरा है, जबकि इस साल अब तक इसमें करीब 17.7 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है.
बिकवाली से चौतरफा कोहराम मचा हुआ है. लगातार बिकवाली के चलते बड़े और मिडकैप स्टॉक्स भी इससे अछूते नहीं रहे. 27 मार्च को भी इसका असर साफ नजर आया, जब निफ्टी 500 इंडेक्स 458.05 अंक यानी करीब 2.13 फीसदी गिरकर 21,020.15 के स्तर पर बंद हुआ था.
युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है. ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जो युद्ध से पहले करीब 70 डॉलर था. अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है, जिससे ग्लोबल महंगाई बढ़ने का खतरा है.
कंपनी का मार्केट कैप करीब 7,769.39 करोड़ रुपये है. पिछले एक साल में शेयर में करीब 23 प्रतिशत की गिरावट आई है. हालांकि, 52 हफ्ते के लो से इसमें हल्की रिकवरी देखने को मिली है. म्यूचुअल फंड ने दिसंबर तिमाही तक 19.45 फीसदी तक की हिस्सेदारी अपने पास रखी है.
पिछले 3 साल में शेयर ने करीब 162.49 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है. दिसंबर 2025 तिमाही में एफआईआई की हिस्सेदारी 3.54 प्रतिशत से बढ़कर 3.68 प्रतिशत हो गई, वहीं म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी 0.26 प्रतिशत से बढ़कर 0.30 प्रतिशत हो गई.
कंपनी का मार्केट कैप करीब 77,045.42 करोड़ रुपये है. पिछले 3 साल में शेयर ने करीब 96.67 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. वहीं 52 हफ्ते के लो से इसमें करीब 7.10 प्रतिशत की बढ़त आई है. 5 साल की अवधि में शेयरों ने 227 फीसदा का रिटर्न दिया है.
Jefferies का अनुमान है कि FY26 से FY32 के बीच कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ करीब 15 प्रतिशत और EPS ग्रोथ 20 प्रतिशत रह सकती है. इसी के चलते कंपनी शुरुआती 2030 के दशक तक करीब 2.7 बिलियन डॉलर की सेल्स वाली कंपनी बन सकती है. पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 1.17 प्रतिशत गिरा है, जबकि तिमाही में 7.4 प्रतिशत की कमजोरी रही है.
बाजार में तेजी के बीच एक्सपर्ट्स ने शॉर्ट टर्म के लिए 3 स्टॉक्स पर खरीदारी की सलाह दी है. गोदावरी पावर, एसबीआई और महाराष्ट्र सीमलेस में मजबूत टेक्निकल सेटअप दिख रहा है. ये शेयर ट्रेंड ब्रेकआउट, मजबूत सपोर्ट और पॉजिटिव मोमेंटम के चलते हफ्ते भर में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं.
पिछले 6 महीनों में कई स्टॉक्स ने 85 प्रतिशत से 337 प्रतिशत तक रिटर्न देकर निवेशकों को चौंकाया है. Apollo Ingredients, TeleCanor Global, Surbhi Industries जैसे शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला. मजबूत ग्रोथ और सेक्टर सपोर्ट इसकी वजह रहे, लेकिन इनमें रिस्क भी ज्यादा है.
निफ्टी ने 23,000 के ऊपर टिककर शॉर्ट कवरिंग का संकेत दिया है, जिससे बाजार का सेंटीमेंट सुधरा है. अब 23,000–23,100 का जोन अहम सपोर्ट बन गया है. अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तो 23,600–23,800 तक उछाल आ सकता है. लेकिन अगर 23,000 के नीचे फिसलता है, तो फिर 22,700–22,500 की तरफ दबाव बन सकता है.