इस तेजी की वजह कंपनी की ओर से 1:10 स्टॉक स्प्लिट, प्रमोटर री-क्लासिफिकेशन और बोर्ड स्तर पर कई बड़े बदलावों का ऐलान रहा. कंपनी के शेयरों ने पिछले एक साल में निवेशकों को करीब 241 फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. इसी वजह से कंपनी के कॉरपोरेट ऐलानों पर बाजार की नजर बनी हुई है.
Lux Industries भारत की प्रमुख इनरवियर कंपनियों में शामिल है और वॉल्यूम के लिहाज से देश की सबसे बड़ी इनरवियर कंपनी मानी जाती है. पुरुष इनरवियर बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी है. कंपनी का 95 फीसदी फिल रेट है, जो इंडस्ट्री के औसत 80 फीसदी से काफी बेहतर है.
वित्त वर्ष 2026 के दौरान Exato Technologies की वित्तीय स्थिति में सुधार देखने को मिला. कंपनी का कुल कर्ज घटकर 21 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 32 करोड़ रुपये था. वहीं कंपनी का रिजर्व बढ़कर 79 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 43 करोड़ रुपये था.
Elara Capital ने TCS पर "Accumulate" रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस 2,780 रुपये से घटाकर 2,300 रुपये कर दिया है. ब्रोकरेज ने वैल्यूएशन मल्टीपल को 18 गुना से घटाकर 15 गुना किया है. कंपनी का अनुमान है कि दूसरी तिमाही से ऑपरेटिंग मार्जिन में धीरे-धीरे सुधार शुरू होगा. TCS का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के अंत तक करीब 25 फीसदी मार्जिन हासिल करना है.
बाजार की तेजी की सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी रही. निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 फीसदी तक चढ़ गया. TCS के जून तिमाही के नतीजे और मैनेजमेंट की पॉजिटिव टिप्पणी के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा. कंपनी की आय बाजार के अनुमान से बेहतर रही और ब्रोकरेज हाउसों ने भी शेयर पर पॉजिटिव रुख बनाए रखा.
निफ्टी में Tech Mahindra, HCLTech और Tata Consultancy Services (TCS) सबसे अधिक बढ़त वाले शेयर रहे. बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जहां 232 शेयरों में तेजी, 60 शेयरों में गिरावट, जबकि 14 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार करते नजर आए. सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे ज्यादा तेजी आईटी शेयरों में देखने को मिली.
इस फैसले से भारत में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की लागत कम होगी. हालांकि इससे कंपनियों की कमाई पर तुरंत असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जो कंपनियां पहले से इन क्षेत्रों में निवेश कर रही हैं, उन्हें राहत मिल सकती है और लंबे समय में मुनाफा बढ़ने की संभावना है.
BofA Securities Europe SA ने Knack Packaging में 7.17 लाख इक्विटी शेयर खरीदे हैं, जो कंपनी की कुल हिस्सेदारी का 0.58 प्रतिशत है. यह खरीद 185.93 रुपये प्रति शेयर के भाव पर की गई. इस डील की कुल कीमत करीब 13.34 करोड़ रुपये रही.
पिछले एक महीने में शेयर करीब 15 प्रतिशत चढ़ा है. हालांकि, तीन महीनों में इसमें 8 प्रतिशत और छह महीनों में 19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं, पिछले एक साल में शेयर करीब 29 प्रतिशत टूटा है. इसके बावजूद, पांच साल के नजरिए से देखें तो इस शेयर ने निवेशकों को 429 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है.
निफ्टी में Eternal, Titan और Shriram Finance टॉप गेनर शेयर रहे. ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी का रुख देखने को मिला. Nifty MidCap 0.68 फीसदी और Nifty SmallCap 0.41 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.