कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए कुल 506 रुपये प्रति इक्विटी शेयर डिविडेंड देने की सिफारिश की है. इसमें 160 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड और 346 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड शामिल है. हालांकि, इस डिविडेंड को आगामी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है.
घोषणा से पहले अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि RBI सरकार को 2.7 लाख करोड रुपये से 3 लाख करोड रुपये के बीच सरप्लस ट्रांसफर कर सकता है. पिछले साल केंद्रीय बैंक ने सरकार को 2.69 लाख करोड रुपये ट्रांसफर किए थे, जो उससे पिछले साल की तुलना में 27 फीसदी ज्यादा था.
शेयर शुक्रवार को इंट्राडे में 1.13 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. हालांकि पिछले एक हफ्ते में इसमें 2.05 फीसदी की गिरावट आई है. वहीं पिछले तीन महीनों में शेयर 26.99 फीसदी चढ़ा है और एक साल में इसमें 17.32 फीसदी की तेजी देखने को मिली है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 8,182 करोड़ रुपये है.
शुक्रवार को PI Industries के शेयर में तेजी देखने को मिली. शेयर 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर बीएसई पर 2,820.10 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया. वहीं दिन का निचला स्तर 2,742.05 रुपये रहा. 22 मई 2026 तक कंपनी का मार्केट कैप 42,227.7 करोड़ रुपये है. हालांकि, पिछले एक हफ्ते में शेयर 10.32 फीसदी टूटा है.
Life Insurance Corp का शेयर आज शुक्रवार को करीब 2.3 फीसदी की तेजी के साथ 818.5 रुपये पर कारोबार करता दिखा. हालांकि पिछले तीन महीनों में शेयर करीब 6 फीसदी कमजोर रहा है, जबकि पिछले एक साल में इसमें करीब 4 फीसदी की गिरावट आई है.
कंपनी के शेयर पिछले एक हफ्ते में करीब 10 फीसदी, एक महीने में 12 फीसदी और तीन महीने में 29 फीसदी चढ़ चुके हैं. पिछले एक साल में स्टॉक में करीब 41 फीसदी की तेजी आई है. दिसंबर 2025 के 52 हफ्ते के लो 248.55 रुपये से शेयर अब करीब 60 फीसदी उछल चुका है.
ब्लॉक डील का फ्लोर प्राइस 1,120.65 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जो 21 मई के क्लोजिंग भाव से करीब 3 फीसदी कम है. खबर सामने आने के बाद One97 Communications का शेयर करीब 4 फीसदी टूटकर 1,112 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा.
सरकार ने कहा कि गैर-रिटेल हिस्से में से कम से कम 25 फीसदी शेयर म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों को आवंटित किए जाएंगे, अगर फ्लोर प्राइस या उससे ऊपर वैध बोलियां मिलती हैं. इस OFS के लिए Goldman Sachs को ब्रोकर नियुक्त किया गया है. पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 7 फीसदी गिरा है, जबकि एक साल में इसमें लगभग 13 फीसदी की कमजोरी आई है.
LIC का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM सालाना आधार पर 5.1 प्रतिशत बढ़कर 57.3 लाख करोड़ रुपये हो गया. वहीं वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस यानी VNB में जोरदार उछाल देखने को मिला. मार्च तिमाही में VNB 41.63 प्रतिशत बढ़कर 14,179 करोड़ रुपये पहुंच गया.
मारुति सुजुकी ने साफ किया है कि कीमतों में बढ़ोतरी सभी मॉडल्स पर एक जैसी नहीं होगी. हर मॉडल की लागत और प्रोडक्शन स्ट्रक्चर अलग होने की वजह से कीमतों में बदलाव भी अलग-अलग रहेगा. यानी कुछ मॉडल्स में मामूली बढ़ोतरी होगी, जबकि कुछ गाड़ियों की कीमत में ज्यादा इजाफा देखने को मिल सकता है.