मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के मुताबिक, विजय केडिया की निवेश कंपनी Kedia Securities Private Limited के पास SPML Infra में 1.79 प्रतिशत हिस्सेदारी है. पिछली तिमाही यानी Q3FY26 में उनकी हिस्सेदारी 1.88 प्रतिशत थी. यानी उन्होंने अपनी हिस्सेदारी में मामूली कमी की है.
मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार, Ace Investor Mukul Mahavir Agrawal के पास कंपनी में 1.21 प्रतिशत हिस्सेदारी है. उनके पास कुल 20 लाख शेयर हैं. गुरुवार को शेयर में 45.70 रुपये की तेजी आई. इस आधार पर उनकी होल्डिंग का मूल्य लगभग 9.14 करोड़ रुपये बढ़ गया.
कंपनी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि उसका लक्ष्य 5 अरब डॉलर से अधिक का ब्यूटी और लाइफस्टाइल बिजनेस खड़ा करना है. Nykaa को उम्मीद है कि FY30 तक उसका रेवेन्यू 2 से 3 गुना बढ़ सकता है. वहीं EBITDA में 4 से 5 गुना वृद्धि का अनुमान लगाया गया है.
New India Assurance का शेयर कारोबार के दौरान 14 प्रतिशत तक उछल गया. कारोबार के दौरान शेयर 188 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जबकि सुबह करीब 9:45 बजे यह 12.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 186.31 रुपये पर कारोबार कर रहा था. कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब 30,678 करोड़ रुपये पहुंच गया.
DRHP में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि कई सरकारी वित्तीय संस्थानों ने दशकों पहले बेहद कम कीमत पर खरीदे गए शेयरों पर हजारों करोड़ रुपये का संभावित मुनाफा कमाया है. अगर NSE का IPO करीब 2,000 रुपये प्रति शेयर के भाव पर आता है, तो SBI को जोरदार मुनाफा हो सकता है.
फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखा, लेकिन डॉट प्लॉट संकेतों से यह संभावना जताई गई कि 2026 में दरों में बढ़ोतरी हो सकती है. इससे निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर पड़ा. अगर सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी के आईटी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली.
EPS में लगातार वृद्धि यह दर्शाती है कि कंपनी केवल बिक्री ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि मुनाफे को भी बेहतर तरीके से बढ़ा रही है. ऐसे स्टॉक्स अक्सर लंबी अवधि के निवेशकों को आकर्षित करते हैं क्योंकि इनमें बिजनेस की मजबूती, डिमांड और मैनेजमेंट की कार्यक्षमता का संकेत मिलता है.
शेयर ने पिछले 12 महीनों में 101.6 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक करीब 85.9 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. शेयर में आई हालिया गिरावट को कारोबार में कमजोरी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. बाजार का मानना है कि यह तेजी के बाद सामान्य करेक्शन है, जबकि कंपनी के फंडामेंटल पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं.
API कीमतों में गिरावट फार्मा कंपनियों के लिए पॉजिटिव संकेत मानी जा रही है. यदि कच्चे माल की लागत में नरमी का यह रुझान जारी रहता है, तो कंपनियों के मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है. बाजार की नजर अब पश्चिम एशिया की स्थिति और API कीमतों के अगले रुझान पर बनी रहेगी, क्योंकि यही फार्मा सेक्टर की लागत और मुनाफे की दिशा तय करेगा.
पिछले एक साल में BSE के शेयर ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. BSE का शेयर बीते 12 महीनों में 54.31 प्रतिशत चढ़ा है, जबकि साल 2026 की शुरुआत से अब तक इसमें 58.13 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है. इसके मुकाबले बेंचमार्क Nifty 50 इंडेक्स पिछले एक साल में करीब 4 प्रतिशत और इस साल अब तक करीब 8 प्रतिशत कमजोर रहा है.