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Tejas Chaturvedi

पूर्वांचल की मिट्टी से निकले तेजस चतुर्वेदी की कहानी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं! JNU, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और IIMC जैसे भारत के टॉप संस्थानों को फतह करने के बाद तेजस सीधे न्यूजरूम के अखाड़े में कूद पड़े. फिलहाल TV9 में उपसंपादक हैं.


संवाद लिए जुड़ें- https://www.instagram.com/tejas_jnu/

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Tejas Chaturvedi

मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, रेखा झुनझुनवाला के पास कंपनी में 2.42 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो 5.90 करोड़ से ज्यादा शेयरों के बराबर है. वहीं विदेशी निवेशकों (FII/FPI) ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 24.94 प्रतिशत से 26.05 प्रतिशत कर दी है.

Suzlon Energy और Inox Wind दोनों ही रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के मजबूत प्लेयर हैं. Suzlon जहां मजबूत ऑर्डर बुक और ब्रोकरेज के भरोसे के चलते ज्यादा आकर्षक नजर आता है, वहीं Inox Wind भी स्थिर ग्रोथ के साथ अच्छा विकल्प बना हुआ है. आइए जानते हैं कि कौन सा शेयर सबसे ज्यादा रिटर्न दे सकता है.

मिडकैप फंड्स उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं जो लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न के साथ मध्यम जोखिम लेने को तैयार हैं. Motilal Oswal, Edelweiss और Invesco जैसे फंड्स अपने मजबूत फंडामेंटल और लगातार प्रदर्शन के कारण निवेशकों की वॉचलिस्ट में बने रह सकते हैं.

सरकार का E85 और E100 जैसे हाई एथेनॉल फ्यूल को बढ़ावा देने का कदम शुगर और एथेनॉल कंपनियों के लिए लंबी अवधि में बड़ा पॉजिटिव साबित हो सकता है. Balrampur Chini, EID Parry और Dalmia Bharat Sugar जैसे स्टॉक्स को फायदा हो सकता है.

AMC सेक्टर के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव फैक्टर रिटेल निवेश की निरंतरता है, जहां मंथली SIP इनफ्लो फरवरी 2020 के करीब 8,500 करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2026 में 32,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है, वहीं कुल SIP एसेट्स 16 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुके हैं.

गुरुवार को NSDL का शेयर BSE पर 0.19 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ 880.85 रुपये पर बंद हुआ. इंट्राडे में भी शेयर 0.19 प्रतिशत ऊपर ट्रेड करता दिखा. पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 3.27 प्रतिशत गिरा है, जबकि पिछले तीन महीनों में इसमें 10.11 प्रतिशत की कमजोरी आई है.

HFCL की कुल ऑर्डर बुक FY26 के अंत तक 21,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की रही, जो आने वाले सालों के लिए मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी देती है. कंपनी का एक्सपोर्ट रेवेन्यू अब 41.36 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि प्राइवेट सेक्टर का योगदान करीब 84 प्रतिशत है.

यह तीसरी बार है जब सरकार ने एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव किया है. इससे पहले 11 अप्रैल को ड्यूटी बढ़ाई गई थी, जहां डीजल पर 55.5 रुपये और ATF पर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई थी. 27 मार्च को जब पहली बार ड्यूटी लगाई गई थी, तब डीजल पर 21.5 रुपये और ATF पर 29.5 रुपये प्रति लीटर टैक्स लगाया गया था.

इस डीमर्जर के बाद निवेशकों की होल्डिंग एक ही कंपनी में न रहकर कई कंपनियों में बंट जाएगी. Vedanta का मौजूदा शेयर अब सिर्फ बचे हुए बिजनेस की वैल्यू दिखाता है, जबकि बाकी वैल्यू नई कंपनियों में मिलेगी. 29 अप्रैल तक जिन निवेशकों ने Vedanta के शेयर खरीदे हैं, वही डीमर्जर का फायदा पाएंगे.

BSE Midcap Index और BSE Smallcap Index में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई. इस भारी गिरावट से निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपये की कमी आई, क्योंकि BSE लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 468 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 460 लाख करोड़ रुपये रह गया.