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Tejas Chaturvedi

पूर्वांचल की मिट्टी से निकले तेजस चतुर्वेदी की कहानी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं! JNU, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और IIMC जैसे भारत के टॉप संस्थानों को फतह करने के बाद तेजस सीधे न्यूजरूम के अखाड़े में कूद पड़े. फिलहाल TV9 में उपसंपादक हैं.


संवाद लिए जुड़ें- https://www.instagram.com/tejas_jnu/

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Tejas Chaturvedi

30 मार्च को बाजार में भारी गिरावट रही, जहां निफ्टी 22,331 पर बंद हुआ. सभी सेक्टर्स में बिकवाली दिखी. अब 1 अप्रैल को Bharti Airtel, Sammaan Capital, Hindustan Copper Limited समेत कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रहेंगे, जिनमें निवेश, ऑर्डर और डील्स से जुड़े अपडेट शामिल हैं.

F&O में शामिल होने के बाद किसी भी शेयर की लिक्विडिटी बढ़ जाती है. इससे उसमें ट्रेडिंग आसान हो जाती है और खरीद-बिक्री में ज्यादा दिक्कत नहीं होती. इसके अलावा, प्राइस डिस्कवरी बेहतर होती है क्योंकि निवेशक तेजी और मंदी दोनों पर दांव लगा सकते हैं.

निवेशकों के लिए कंपनी ने 129 प्रतिशत इंटरिम डिविडेंड का ऐलान किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 89.5 प्रतिशत से काफी ज्यादा है. सोमवार के कारोबार में Garden Reach Shipbuilders & Engineers Limited का शेयर 4.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,972.8 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 7.65 प्रतिशत गिरा है.

जब फरवरी में ये नियम घोषित किए गए थे, तब बाजार ने नेगेटिव रिएक्शन दिया था. BSE का शेयर करीब 7 प्रतिशत गिरा था, जबकि Angel One सहित अन्य ब्रोकिंग कंपनियों में भी कमजोरी देखने को मिली थी. कैपिटल मार्केट से जुड़े कई शेयरों में 2 से 10 प्रतिशत तक गिरावट आई थी.

31 मार्च तक इसके शेयरों का भाव 1,686 रुपये था. पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों ने 54 फीसदी का रिटर्न दिया है. 5 साल में इसने निवेशकों को 6300 फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. आशीष कचौलिया की इसमें 2.06 फीसदी की हिस्सेदारी है.

मौजूदा भाव पर यह शेयर अपने हाई से करीब 59.65 प्रतिशत नीचे है. पिछले एक हफ्ते में करीब 8.21 प्रतिशत गिरावट आई, पिछली तिमाही में 3.35 प्रतिशत कमजोरी रही और एक साल में करीब 47.54 प्रतिशत गिरावट दर्ज हुई.

इस नए नियम के बाद गोल्ड और सिल्वर ETF की NAV ज्यादा पारदर्शी और सटीक होगी. अलग-अलग स्कीम्स के रिटर्न में जो छोटे-मोटे अंतर आते थे, वो कम हो सकते हैं. इससे निवेशकों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी. पहले अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतों में फर्क होने से ETF की वैल्यू में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता था. लेकिन नए सिस्टम से अब यह अंतर घटता हुआ देखने को मिल सकता है.

पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 11.57 प्रतिशत टूटा है, तिमाही में 19.57 प्रतिशत और साल भर में करीब 5.95 प्रतिशत की गिरावट आई है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 37.73 करोड़ रुपये है. इस लिहाज से कंपनी माइक्रोकैप है. हाल ही में शेयर ने नया 52 हफ्ते का निचला स्तर भी छुआ है.

कंपनी का 52 हफ्ते का हाई 33.15 रुपये और लो 13.00 रुपये रहा है. मौजूदा भाव 13.24 रुपये पर यह शेयर अपने 52 हफ्तों के लो से करीब 1.85 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहा है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 691 करोड़ रुपये है. वहीं, दिसंबर 2025 तिमाही में FII/FPI की हिस्सेदारी 0.96 प्रतिशत से बढ़कर 1.21 प्रतिशत हो गई है.

निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमजोर बना हुआ है. इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज और 22,471 के स्तर के नीचे ट्रेड कर रहा है. ऊपर की तरफ 22,800 अब बड़ा रेजिस्टेंस बन चुका है. वहीं नीचे की तरफ 21,700–21,900 का जोन मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है.