इन कंपनियों की सबसे बड़ी खासियत इनका कम Debt to Equity रेशियो है. कुछ कंपनियों में यह लगभग शून्य के करीब है. इसका मतलब है कि कंपनी पर कर्ज का दबाव नहीं है, जो गिरते बाजार में एक पॉजिटिव संकेत माना जाता है. आइए इन्हें एक-एक कर जानते हैं.
शेयर में आई इस गिरावट का असर कंपनी के मार्केट कैप पर भी पड़ा. Reliance का मार्केट कैप गिरकर 18 लाख करोड़ रुपये के नीचे आ गया और करीब 17.65 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना. Reliance निफ्टी 50 का सबसे बड़ा लूजर बनकर उभरा. कंपनी का इंडेक्स में वजन ज्यादा होने की वजह से Nifty 50 भी दबाव में आ गया.
हाल के महीनों में शेयर दबाव में था, लेकिन अब कंपनी के मजबूत प्रदर्शन, बेहतर सर्विस ऑपरेशंस और नई रणनीतियों के चलते निवेशकों का भरोसा वापस लौटा है. यही वजह है कि शेयर ने 7 हफ्तों बाद 30 रुपये का स्तर पार कर लिया है.
कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी बड़ा उछाल देखने को मिला. BSE पर करीब 1.44 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जबकि पिछले दो हफ्तों का औसत करीब 63 हजार शेयर था. सुबह 11 बजे के आसपास शेयर करीब 5.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 3,748 रुपये पर ट्रेड कर रहा था
निफ्टी के सेक्टोरल इंंडेक्स में आईटी शेयरों में तेजी देखने को मिली. निफ्टी में टॉप गेनर शेयरों में ट्रेंट, विप्रो, पावर ग्रिड कॉर्प, टेक महिंद्रा और इंफोसिस शामिल रहे. वहीं इंटरग्लोब एविएशन, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, टाटा स्टील और बजाज फाइनेंस में कमजोरी दिखी.
ये तीनों कंपनियां ऐसे सेक्टर में काम कर रही हैं जहां लंबे समय तक ग्रोथ की संभावना है. मजबूत बैलेंस शीट, कम कर्ज, और लगातार मुनाफा इन स्टॉक्स को लॉन्ग टर्म निवेश के लिए आकर्षक बनाता है. ऐसे स्टॉक्स में समय के साथ कंपाउंडिंग का फायदा मिल सकता है.
6 अप्रैल को निवेशकों की नजर बाजार के साथ-साथ कई चुनिंदा शेयरों पर रहने वाली है. Q4 अपडेट, मैनेजमेंट बदलाव, अधिग्रहण और सेक्टर आधारित ग्रोथ जैसे फैक्टर्स के चलते इन स्टॉक्स में 6 अप्रैल को अच्छी हलचल देखने को मिल सकती है. निवेशकों को इन शेयरों पर नजर बनाए रखनी चाहिए.
कंपनी देश की प्रमुख यार्न मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक है. यह पॉलिएस्टर फिलामेंट यार्न, कॉटन यार्न और टेक्निकल टेक्सटाइल्स में काम करती है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 3,568 करोड़ रुपये है. पिछले एक हफ्ते में इसमें करीब 9 फीसदी की तेजी आई है.
कंपनी का रेवेन्यू 363 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 73.3 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ दिखाता है. EBITDA 98 करोड रुपये रहा, जिसमें मार्जिन 27.1 प्रतिशत है, जबकि PAT 68 करोड रुपये रहा और मार्जिन 18.8 प्रतिशत रहा. यह आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनी ग्रोथ के साथ-साथ प्रॉफिटेबिलिटी भी बनाए हुए है.
इथेनॉल गन्ने, मक्का और अन्य अनाज से बनता है और यह पेट्रोल का एक क्लीन विकल्प है. सरकार लगातार इस सेक्टर को बढ़ावा दे रही है. FY27 की पहली तिमाही में 200 KLPD की नई डिस्टिलरी शुरू होने की उम्मीद है, जिससे करीब 6 करोड लीटर सालाना इथेनॉल क्षमता बढ़ेगी.