Tejas Chaturvedi

पूर्वांचल की मिट्टी से निकले तेजस चतुर्वेदी की कहानी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं! JNU, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और IIMC जैसे भारत के टॉप संस्थानों को फतह करने के बाद तेजस सीधे न्यूजरूम के अखाड़े में कूद पड़े. कांग्रेस बीट कवर करते-करते इनकी दिल्ली की राजनीति पर भी पैनी नजर रहती है. फिलहाल TV9 में उपसंपादक हैं.

शेयर बाजार की बात करें तो भैया, सेंसेक्स में जरा-सी छींक भी आए तो तेजस को पहले से पता होता है! निफ्टी का मूड समझने में ये उतने ही माहिर हैं जितना मौसम विभाग बारिश का अंदाजा लगाने में..


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Tejas Chaturvedi

अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के बयान के बाद बाजार में तेजी से रिकवरी हुई. गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड को लेकर बातचीत सक्रिय रूप से चल रही है और अगली बातचीत मंगलवार को होगी. उनके इस बयान के बाद सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर से 600 अंकों से ज्यादा की रिकवरी की और करीब 83,454.62 के आसपास कारोबार करता नजर आया.

Jio के टेलीकॉम बिजनेस को आम तौर पर Reliance Industries (RIL) के प्रति शेयर 550–650 रुपये का कंजर्वेटिव वैल्यू दिया जाता है. इससे साफ है कि Jio, RIL के कुल वैल्यूएशन में सबसे बड़े वैल्यू क्रिएटर्स में से एक है. Jio IPO से वैल्यू अनलॉकिंग की जबरदस्त संभावना है, जिसे इसकी मार्केट लीडरशिप, स्केल इकोनॉमी और लॉन्ग-टर्म कैश फ्लो विजिबिलिटी सपोर्ट करती है.

पिछले एक हफ्ते में शेयर 17.14 प्रतिशत गिर चुका है. बीते तीन महीनों में इसमें 37.44 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि एक साल में यह शेयर करीब 64.63 प्रतिशत टूट चुका है. 12 जनवरी 2026 तक कंपनी का मार्केट कैप करीब 6,667.62 करोड़ रुपये है. 12 जनवरी को करीब 35 लाख शेयरों में कारोबार हुआ, जबकि पिछले एक महीने का एवरेज ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब 12 लाख शेयरों का रहा है.

निफ्टी में HDFC Life, SBI Life Insurance, Hindalco, Asian Paints और Shriram Finance टॉप गेनर्स रहे, वहीं Max Healthcare, Bharat Electronics, Apollo Hospitals, InterGlobe Aviation और Bajaj Finserv में बिकवाली का दबाव दिखा. अगर सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मीडिया शेयरों में भयंकर गिरावट देखने को मिली.

31 मार्च 2025 तक भारत सरकार की कंपनी में करीब 89.93 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. MMTC का कारोबार कई सेगमेंट में फैला हुआ है, जिनमें मिनरल्स, मेटल्स, प्रेशियस मेटल्स, एग्रो प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइजर, केमिकल्स, कोयला और हाइड्रोकार्बन शामिल हैं.

आसान शब्दों में कहें तो RoE यह समझने में मदद करता है कि कारोबार अपनी इक्विटी से कितनी अच्छी कमाई कर पा रहा है. बेसिकली RoE की गणना कंपनी की नेट इनकम आय को कुल शेयरधारक इक्विटी से भाग देकर की जाती है और इसे प्रतिशत में दिखाया जाता है.

पीई रेशियो शेयर की कीमत की तुलना उसकी प्रति शेयर कमाई से करता है. ज्यादा पीई का मतलब भविष्य में तेज ग्रोथ की उम्मीद होती है, जबकि कम पीई यह संकेत दे सकता है कि शेयर अंडरवैल्यूड है या फिर ग्रोथ को लेकर बाजार सतर्क है. फिलहाल कुछ स्मॉलकैप शेयर ऐसे हैं जो अपने 5 साल के एवरेज पीई से नीचे ट्रेड कर रहे हैं.

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही. पिछले पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स कुल मिलाकर 2000 अंकों से ज्यादा यानी करीब 2.5 प्रतिशत टूट चुका है. वहीं निफ्टी 50 में भी करीब 2.3 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है.

Bharat Coking Coal IPO का लेटेस्ट ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 10.05 रुपये बताया जा रहा है. अगर इसे अपर प्राइस बैंड 23 रुपये से जोड़कर देखें तो शेयर की अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब 33.50 रुपये हो सकती है. इस हिसाब से लिस्टिंग पर निवेशकों को करीब 45.65 फीसदी तक का संभावित फायदा मिल सकता है.

ये सभी शेयर मजबूत फंडामेंटल के बावजूद अपने हाई से अच्छी खासी छूट पर मिल रहे हैं. हालांकि बाजार में उतार चढ़ाव बना हुआ है. Newgen Software Technologies का शेयर अपने 52 हफ्ते के हाई 1,795 रुपये से करीब 50 फीसदी टूट चुका है. Enviro Infra Engineers का शेयर 52 हफ्ते के हाई 315 रुपये से करीब 39 फीसदी नीचे है.