ये कंपनियां अलग-अलग सेक्टर की हैं. हालिया टारगेट प्राइस के आधार पर इन शेयरों में मौजूदा स्तर से करीब 22 प्रतिशत से लेकर 57 प्रतिशत तक की तेजी की संभावना जताई गई है. आइए इन शेयरों को एक-एक कर जानते हैं.
मल्टीबैगर स्टॉक्स इन दिनों फोकस में हैं. इस सेक्टर के कई स्टॉक्स ने निवेशकोंं को बंपर रिटर्न दिया है. भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग थीम तेजी से उभर रही है. इस थीम में सीधे तौर पर जुड़े कुछ बड़े नाम हैं. HCL Technologies, Bharat Electronics Limited, Vedanta Limited, CG Power and Industrial Solutions और Dixon Technologies.
निवेशकों को डर है कि सख्त कोलैटरल नियमों से बैंकों की फंडिंग कम हो सकती है और ब्रोकरेज कंपनियों की ट्रेडिंग वॉल्यूम और मार्जिन पर असर पड़ सकता है. गिरावट की मुख्य वजह Reserve Bank of India यानी RBI द्वारा बैंकों की कैपिटल मार्केट एक्सपोजर से जुड़े नियमों में बदलाव है. आइए जानते हैं कि ऐसा कौन सा बदलाव हुआ जिससे इन शेयरों में इस तरह की गिरावट देखने को मिली है.
निफ्टी पर विप्रो, पावर ग्रिड कॉर्प, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे शेयरों में बढ़त दिखी. वहीं अडानी पोर्ट्स, टाटा कंज्यूमर, अडानी एंटरप्राइजेज, श्रीराम फाइनेंस और जियो फाइनेंशियल में कमजोरी रही. आज के कारोबार में भी IT इंडेक्स लाल निशान में नजर आया. वहीं, मजबूत तिमाही नतीजों के बाद इस शेयर में तेजी देखने को मिली है. आज के शुरुआती कारोबार में Azad Engineering के शेयर 2.79 फीसदी की बढ़त के साथ 1,623.10 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे.
NSE 2016 से ही पब्लिक होने की कोशिश कर रहा है, लेकिन रेगुलेटरी जांच और पुराने विवादों के चलते यह योजना बार बार टलती रही है. दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले पर सोमवार या इसी हफ्ते सुनवाई कर सकता है. कोर्ट का फैसला NSE की लिस्टिंग की आगे की दिशा तय कर सकता है.
इस दौरान कई फैक्टर एक साथ काम कर रहे हैं. भारत अमेरिका ट्रेड डील को लेकर नई जानकारियां, खासकर कृषि उत्पादों से जुड़ी शर्तों में बदलाव, निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं. इसके अलावा जियो-पॉलिटिकल टेंशन और आगे और नीतिगत ढील की उम्मीद के चलते निवेशकों का रुझान गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ, बॉन्ड फंड्स और हाइब्रिड फंड्स की ओर भी बढ़ा है.
गिरते बाजार में भी एक्सपर्ट इन शेयरों में बुलिश नजर आ रहे हैं. इन शेयरों के लिए शानदार टारगेट दिया है. आने वाले हफ्ते में इसमें हलचल देकने को मिल सकती है. ये कंपनियां अलग-अलग सेक्टर की हैं. इस बीच चॉइस ब्रोकिंग के वाइस प्रेसिडेंट सचिन गुप्ता ने इस हफ्ते के लिए कुछ शेयरों में खरीदारी की राय दी है.
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी आज के कारोबार में कई शेयर खबरों और तिमाही नतीजों के चलते फोकस में रह सकते हैं. निवेशकों की नजर रिजल्ट्स, डील्स, ऑर्डर विन और रेगुलेटरी मंजूरी जैसी बड़ी अपडेट्स पर रहेगी. आइए जानते हैं किन शेयरों में हलचल दिख सकती है.
मंथली फिबोनाची चार्ट के अनुसार, इस महीने सेंसेक्स 80000 से 85200 के दायरे में घूम सकता है. सेंसेक्स का 20 DMA करीब 82850 और 200 DMA करीब 82700 के स्तर पर है. फिलहाल इंडेक्स अपने 50 DMA और 100 DMA से नीचे कारोबार कर रहा है, जो 83780 और 84045 के आसपास हैं.
आमतौर पर RSI 70 से ऊपर होने पर शेयर को ओवरबॉट माना जाता है जहां मुनाफावसूली आ सकती है जबकि RSI 30 से नीचे जाने पर शेयर ओवरसोल्ड माना जाता है और वहां से उछाल की संभावना बनती है. इसी आधार पर बाजार में ऐसे शेयरों पर नजर रखी जाती है.