मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला. ब्रेंट क्रूड 3 फीसदी से ज्यादा उछलकर 97.29 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड भी 3.42 फीसदी बढ़कर 91.71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. Gift Nifty 50 करीब 2 फीसदी गिरकर 23,580 के स्तर तक पहुंच गया, जो भारतीय बाजार में गैप-डाउन ओपनिंग का संकेत दे रहा है.
भारत में तेजी से बढ़ती डिजिटल इकॉनमी, AI अपनाने की रफ्तार और क्लाउड सर्विसेज की बढ़ती मांग के कारण डाटा सेंटर इंडस्ट्री आने वाले वर्षों में और तेजी से बढ़ सकती है. ऐसे में सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां ही नहीं, बल्कि कूलिंग, फाइबर नेटवर्क और सपोर्ट सिस्टम देने वाली कंपनियां भी इस बूम की बड़ी लाभार्थी बन सकती हैं.
बुधवार को JK Tyre & Industries का शेयर 4.86 फीसदी की तेजी के साथ 413.3 रुपये पर कारोबार करता नजर आया. पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 14.47 फीसदी चढ़ा है. हालांकि, पिछले तीन महीनों में इसमें 17.52 फीसदी की गिरावट रही है. वहीं पिछले एक साल में शेयर ने करीब 9.95 फीसदी का रिटर्न दिया है.
Diamond Power Infrastructure Ltd का शेयर 27 मई 2026 को 203 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था. हालांकि बुधवार को शेयर में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली और यह करीब 4.09 फीसदी गिरकर 198.2 रुपये पर ट्रेड करता नजर आया. दिलचस्प बात यह है कि पिछले 3 साल में शेयर करीब 8,827 फीसदी तक चढ़ चुका है.
इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर सरकार के फोकस ने इन सेक्टर्स को मजबूत सपोर्ट दिया है. साथ ही बेहतर नतीजों और बढ़ती निवेशक दिलचस्पी ने भी इन शेयरों में तेजी को बढ़ावा दिया. आइए जानते हैं ऐसे 4 शेयरों के बारे में जिन्होंने अपने 52 हफ्ते के लो से 161 फीसदी से लेकर 467 फीसदी तक का रिटर्न दिया है.
Adani Power का शेयर 3.3 फीसदी चढ़कर 252.65 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया. NSE के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 4,76,524.81 करोड़ रुपये हो गया है. इसके साथ ही कंपनी ने मार्केट वैल्यू के मामले में Infosys को भी पीछे छोड़ दिया, जिसका मार्केट कैप करीब 4,70,780.87 करोड़ रुपये है.
वर्तमान में HRA शहर की श्रेणी के अनुसार बेसिक सैलरी का 10 फीसदी से 30 फीसदी तक मिलता है, जबकि ट्रांसपोर्ट अलाउंस 1,350 से 7,200 रुपये तक निर्धारित है. ये दोनों भत्ते बेसिक सैलरी से जुड़े हुए हैं. महंगाई भत्ता (DA) के 50 फीसदी तक पहुंचने पर इन भत्तों में 25 फीसदी की वृद्धि हो चुकी है.
NIFTY50 शेयरों को छोड़ दें तो कई मिडकैप कंपनियों में FIIs ने अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ाई है. विदेशी निवेशकों ने खासतौर पर मजबूत फंडामेंटल, तेज ग्रोथ और भविष्य की संभावनाओं वाली कंपनियों पर भरोसा दिखाया है. आइए जानते हैं उन प्रमुख कंपनियों के बारे में जहां FIIs ने भारी खरीदारी की.
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए 1 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 0.01 रुपये का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है. हालांकि डिविडेंड को आगामी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है. कंपनी ने कहा कि डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट और AGM की तारीख की जानकारी बाद में दी जाएगी.
कंपनी ने Q4FY26 में 6,649.97 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो सालाना आधार पर सिर्फ 3 फीसदी ज्यादा रहा. हालांकि ग्लोबल बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, लेकिन उत्पादन में गिरावट की वजह से कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा.