जून 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार, FII की हिस्सेदारी बढ़कर 3.25 प्रतिशत हो गई, जो मार्च 2026 तिमाही में 3.10 प्रतिशत थी. वहीं, प्रमोटर हिस्सेदारी 48.96 प्रतिशत पर स्थिर रही. दूसरी ओर, DII की हिस्सेदारी 1.05 प्रतिशत से घटकर 0.98 प्रतिशत रह गई.
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि दूसरी तिमाही की शुरुआत भी पॉजिटिव रही है. त्योहारी और शादी के सीजन से पहले ग्राहकों की मांग मजबूत बनी हुई है. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में बेहतर मांग और नए स्टोरों की वजह से कारोबार की रफ्तार बनी रहेगी.
सोमवार के कारोबार में Avenue Supermarts का शेयर करीब 1.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,000.4 रुपये पर कारोबार कर रहा था. पिछले तीन महीनों में इसमें 9.09 प्रतिशत और एक साल में 1.57 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.
शेयरों की बात करें तो निफ्टी में TCS, HCL Tech, ONGC, Apollo Hospitals और Dr Reddy's Laboratories के शेयर बढ़त में कारोबार कर रहे थे. वहीं, InterGlobe Aviation, Maruti Suzuki India, Shriram Finance, Tata Steel और Eternal के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई.
13 जुलाई के कारोबारी सत्र में HCLTech, Avenue Supermarts (DMart), Just Dial, LTM, HDFC Bank, JSW Energy, Sterlite Technologies और Power Grid के शेयर फोकस में रहेंगे. HCLTech के तिमाही नतीजे, DMart के मजबूत Q1 रिजल्ट, HDFC Bank की फंड जुटाने की योजना, JSW Energy के नए ऑर्डर और कच्चे तेल की चाल से जुड़े शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी.
इस तेजी की वजह कंपनी की ओर से 1:10 स्टॉक स्प्लिट, प्रमोटर री-क्लासिफिकेशन और बोर्ड स्तर पर कई बड़े बदलावों का ऐलान रहा. कंपनी के शेयरों ने पिछले एक साल में निवेशकों को करीब 241 फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. इसी वजह से कंपनी के कॉरपोरेट ऐलानों पर बाजार की नजर बनी हुई है.
Lux Industries भारत की प्रमुख इनरवियर कंपनियों में शामिल है और वॉल्यूम के लिहाज से देश की सबसे बड़ी इनरवियर कंपनी मानी जाती है. पुरुष इनरवियर बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी है. कंपनी का 95 फीसदी फिल रेट है, जो इंडस्ट्री के औसत 80 फीसदी से काफी बेहतर है.
वित्त वर्ष 2026 के दौरान Exato Technologies की वित्तीय स्थिति में सुधार देखने को मिला. कंपनी का कुल कर्ज घटकर 21 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 32 करोड़ रुपये था. वहीं कंपनी का रिजर्व बढ़कर 79 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 43 करोड़ रुपये था.
Elara Capital ने TCS पर "Accumulate" रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस 2,780 रुपये से घटाकर 2,300 रुपये कर दिया है. ब्रोकरेज ने वैल्यूएशन मल्टीपल को 18 गुना से घटाकर 15 गुना किया है. कंपनी का अनुमान है कि दूसरी तिमाही से ऑपरेटिंग मार्जिन में धीरे-धीरे सुधार शुरू होगा. TCS का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के अंत तक करीब 25 फीसदी मार्जिन हासिल करना है.
बाजार की तेजी की सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी रही. निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 फीसदी तक चढ़ गया. TCS के जून तिमाही के नतीजे और मैनेजमेंट की पॉजिटिव टिप्पणी के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा. कंपनी की आय बाजार के अनुमान से बेहतर रही और ब्रोकरेज हाउसों ने भी शेयर पर पॉजिटिव रुख बनाए रखा.