कंपनी का 52 हफ्ते का हाई 33.15 रुपये और लो 13.00 रुपये रहा है. मौजूदा भाव 13.24 रुपये पर यह शेयर अपने 52 हफ्तों के लो से करीब 1.85 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहा है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 691 करोड़ रुपये है. वहीं, दिसंबर 2025 तिमाही में FII/FPI की हिस्सेदारी 0.96 प्रतिशत से बढ़कर 1.21 प्रतिशत हो गई है.
निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमजोर बना हुआ है. इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज और 22,471 के स्तर के नीचे ट्रेड कर रहा है. ऊपर की तरफ 22,800 अब बड़ा रेजिस्टेंस बन चुका है. वहीं नीचे की तरफ 21,700–21,900 का जोन मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है.
सबसे ज्यादा नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 87,690 करोड़ रुपये घटकर 18.24 लाख करोड़ रुपये रह गया. शेयर में दो दिन में 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई है. इसके बाद SBI और HDFC बैंक का नंबर आता है, जिनके मार्केट कैप में 70,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है.
इन दिनों बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिल रही है. अब सवाल है कि ऐसे बाजार में किन शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है? Choice Broking के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने 3 स्टॉक सुझाए हैं, जिनमें एक हफ्ते में तेजी देखने को मिल सकती है.
30 मार्च यानी आज की गिरावट के बावजूद, पिछले एक हफ्ते में यह शेयर करीब 10.12 प्रतिशत चढ़ा था. पिछली तिमाही में इसमें 4 प्रतिशत और एक साल में करीब 2.76 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है. कंपनी का मार्केट कैप 30 मार्च तक 2,480.74 रुपये था.
रुपये में इस साल अब तक 5 प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी आ चुकी है. RBI पहले ही डॉलर बेचकर बाजार को संभालने की कोशिश कर चुका है, लेकिन अब उसने रणनीति बदलते हुए बैंकों की सट्टेबाजी पर लगाम लगाने का रास्ता चुना है.
शेयर अपने 52-वीक लो से करीब 30 फीसदी चढ़ चुका है. हालांकि, हाल के दिनों में स्टॉक में थोड़ी कमजोरी दिखी है, लेकिन बड़े ऑर्डर मिलने से आने वाले समय में इसमें पॉजिटिव ट्रिगर देखने को मिल सकता है. Life Insurance Corporation of India का इस स्टॉक में 6.21 फीसदी की हिस्सेदारी है. वहीं, विदेशी निवेशकों ने इसमें 6.29 फीसदी की हिस्सेदारी अपने पास रखी है.
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 2.68 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 2.66 फीसदी गिरकर बंद हुए. सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा दबाव में रहे. वहीं निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयल एंड गैस में थोड़ी कम गिरावट दर्ज की गई.
बाजार में कमजोरी के बीच 30 मार्च के लिए कुछ शेयर फोकस में रह सकते हैं. कोल इंडिया ने ज्वाइंट वेंचर बनाया, जेएसडब्ल्यू स्टील अधिग्रहण की तैयारी में है, गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स की सब्सिडियरी ने फंड जुटाया. रेलटेल को बड़ा ऑर्डर मिला और जी आर इंफ्रा को हाईवे प्रोजेक्ट मिला है.
FY26 में 8 पेनी स्टॉक्स में भारी गिरावट देखने को मिली है. इनमें 50 फीसदी से लेकर 90 फीसदी तक की गिरावट आई. कम कीमत और ज्यादा रिटर्न के लालच में निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है. पेनी स्टॉक्स में कम लिक्विडिटी, ज्यादा वोलैटिलिटी के चलते मैनिपुलेशन का खतरा रहता है, जिससे अचानक गिरावट आ सकती है.