बाजार में बिकवाली हावी है. इस समय कौन सा शेयर चलेगा और गिरेगा ये बता पाना मुश्किल है. ऐसे माहौल में Choice Broking के रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कुछ ऐसे शेयर बताए हैं जो अगले एक हफ्ते में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं.
पिछले कुछ सत्रों में निचले स्तर से उछाल दिखा था, लेकिन मंगलवार को कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच बाजार में तेज गिरावट आई. डेली चार्ट पर लंबी बेयर कैंडल बनी है, जो बाजार में कमजोरी का संकेत देती है. निफ्टी में लोअर टॉप बन रहा है और डीसेंडिंग ट्रायंगल जैसा पैटर्न दिख रहा है, जो बुल्स के लिए अच्छा संकेत नहीं है.
इस बार गिरावट सिर्फ मैक्रो कमजोरी की वजह से नहीं है, बल्कि संभावित टेक्नोलॉजी डिसरप्शन का डर भी बड़ा कारण है. AI स्टार्टअप Anthropic ने दावा किया कि उसका Claude टूल COBOL कोड को आसान और तेज बना सकता है. इससे आईटी कंपनियों की पारंपरिक सर्विस रेवेन्यू पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.
निफ्टी के टॉप लूजर्स में टेक महिंद्रा, इटरनल, इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज शामिल रहे, जहां भारी बिकवाली देखने को मिली. वहीं एचयूएल, सन फार्मा, पावर ग्रिड कॉर्प, एनटीपीसी और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे शेयरों में खरीदारी का रुख रहा.
Patel Engineering Ltd की मजबूत मौजूदगी हाइड्रोपावर, टनलिंग और सिंचाई सेगमेंट में है. कंपनी अब तक 85 से ज्यादा डैम, 40 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और 300 किलोमीटर से ज्यादा टनल का काम पूरा कर चुकी है. Q3FY26 तक Vijay Kedia ने अपनी कंपनी Kedia Securities Private Ltd के जरिए इसमें 1.01 प्रतिशत हिस्सेदारी ले रखी है.
हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को बाजार के साथ-साथ कई शेयरों पर निवेशकों की नजरें रहने वाली हैं. निफ्टी 25700 के ऊपर टिके रहने से बाजार का मूड फिलहाल पॉजिटिव नजर आ रहा है. 24 फरवरी के कारोबार में कुछ खास शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं.
ये फंड रेजिडेंट भारतीय व्यक्तियों के साथ-साथ कंपनियों, LLP और पार्टनरशिप फर्म जैसे पात्र निवेशकों के लिए बनाए गए हैं, जो इंटरनेशनल डाइवर्सिफिकेशन चाहते हैं और डॉलर-बेस्ड निवेश करना चाहते हैं. GIFT City के जरिए निवेश करने का फायदा यह है कि निवेशकों को खुद विदेशी अकाउंट संभालने की जरूरत नहीं होगी.
यह ऑफर मुख्य रूप से पैरेंट कंपनी की तरफ से सेकेंडरी शेयर बिक्री के रूप में हो सकता है. यानी कंपनी को सीधे ताजा पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचा जाएगा. लिस्टिंग इसी साल के अंत तक हो सकती है. हालांकि डील का साइज, स्ट्रक्चर और टाइमिंग अभी फाइनल नहीं है और इसमें बदलाव संभव है.
यह 3100 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है, जिसमें 1.14 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है, जिससे 1200 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे. इसके अलावा 1.80 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल है, जिससे 1900 करोड़ रुपये आएंगे. इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर Axis Capital Ltd हैं और रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt Ltd है.
52-वीक हाई 1027.80 रुपये से शेयर करीब 62 प्रतिशत टूट चुका था. RSI 30 से नीचे चला गया था और शेयर सभी अहम मूविंग एवरेज, यहां तक कि 200 दिन की DMA से भी नीचे ट्रेड कर रहा था. ऐसे में शेयर ओवरसोल्ड जोन में पहुंच चुका था. आम तौर पर इस तरह की गहरी गिरावट के बाद तेज रिकवरी देखने को मिलती है, खासकर जब कोई फंडामेंटल ट्रिगर भी मिल जाए.