Tejas Chaturvedi

पूर्वांचल की मिट्टी से निकले तेजस चतुर्वेदी की कहानी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं! JNU, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और IIMC जैसे भारत के टॉप संस्थानों को फतह करने के बाद तेजस सीधे न्यूजरूम के अखाड़े में कूद पड़े. फिलहाल TV9 में उपसंपादक हैं.


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Tejas Chaturvedi

सरकार का कहना है कि STT बढ़ाने का मकसद डेरिवेटिव ट्रेडिंग में बढ़ती सट्टेबाजी पर लगाम लगाना और टैक्स कलेक्शन को मजबूत करना है. पिछले कुछ सालों में ऑप्शंस ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है, जिससे बाजार में उतार चढ़ाव भी ज्यादा देखने को मिला है. अब जब 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू होंगी, तो ट्रेडर्स को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ेगा. ज्यादा बार ट्रेड करने की जगह क्वालिटी ट्रेड और लॉन्ग टर्म पोजिशन पर फोकस बढ़ सकता है.

यह IPO पूरी तरह सेकेंडरी सेल होगा, यानी इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. कुल इक्विटी का करीब 4 से 4.5 प्रतिशत हिस्सा ऑफर के जरिए बाजार में लाया जा सकता है. अनलिस्टेड मार्केट में NSE का शेयर करीब 2150 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है. इस आधार पर एक्सचेंज का वैल्यूएशन करीब 5.3 लाख करोड़ रुपये आंका जा रहा है.

ज्यादा प्लेज शेयर होना कंपनी के लिए रिस्क का संकेत माना जाता है, क्योंकि बाजार में गिरावट के समय जबरन शेयर बिकवाली का खतरा बढ़ जाता है. वहीं अगर प्रमोटर्स लगातार प्लेज घटा रहे हैं, तो इसे पॉजिटिव सिग्नल माना जाता है. इससे कंपनी की फाइनेंशियल सेहत बेहतर होने, प्रमोटर्स के भरोसे और निवेशकों के लिए रिस्क कम होने का संकेत मिलता है.

निफ्टी 50 पर L&T, Bharat Electronics, Asian Paints, InterGlobe Aviation और Adani Ports टॉप गेनर्स रहे, जबकि Shriram Finance, ITC, NTPC, Bajaj Finserv और Max Healthcare दबाव में नजर आए. वहीं, रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला. सोमवार को रुपया 91.80 प्रति डॉलर पर खुला, जबकि शुक्रवार को इसका क्लोजिंग भाव 91.99 प्रति डॉलर रहा था.

कंपनी अब तक देशभर में 12,500 से ज्यादा AC और DC EV चार्जर इंस्टॉल कर चुकी है. इसके क्लाइंट नेटवर्क में BPCL, HPCL, Indian Oil और Nayara Energy जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं. मजबूत ऑर्डर बुक और बड़े क्लाइंट बेस की वजह से निवेशकों को कंपनी के फ्यूचर ग्रोथ को लेकर भी उम्मीदें नजर आ रही हैं.

सोने और चांदी में आई हालिया गिरावट भी बाजार का मूड बिगाड़ रखा है. कमोडिटी से जुड़े शेयरों पर इसका असर देखने को मिल सकता है. कुल मिलाकर कहें तो, Budget 2026 के बाद बाजार में उतार चढ़ाव का दौर जारी रहने की उम्मीद है. निवेशकों के लिए आने वाले सत्रों में ग्लोबल संकेतों, FII की एक्टिविटी और सेक्टोरल मूवमेंट पर नजर रखना बेहद जरूरी रहेगा.

इस कदम को सेमी हाई स्पीड डे टाइम रेल सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है. इस फैसले से रेलवे से जुड़ी कई कंपनियों के लिए नए ऑर्डर और बिजनेस के मौके खुल सकते हैं, जिसका असर इनके शेयरों पर देखने को मिल सकता है.

आज शेयर बाजार में कई अहम खबरों और कॉरपोरेट अपडेट्स के चलते कुछ स्टॉक्स फोकस में रह सकते हैं. नतीजों से लेकर निवेश, डील और ऑर्डर अपडेट तक, आइए जानते हैं आज के ट्रेड में किन शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहने वाली है.

सेक्टरवाइज देखें तो IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए. मेटल इंडेक्स करीब 3 फीसदी, PSU बैंक इंडेक्स 4 फीसदी, ऑयल एंड गैस 2 फीसदी और कैपिटल गुड्स इंडेक्स भी करीब 2 फीसदी गिरकर बंद हुआ. इस गिरावट के बाद निवेशकों को करीब 10 लाख करोड़ का नुकसान हुआ.

12:31 बजे तक सेंसेक्स 1770 अंकों की गिरावट के साथ 80,352 वहीं, निफ्टी 600 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 24,672 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार 1 फरवरी को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में डेरिवेटिव सेगमेंट के निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस दोनों पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है.