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Tejas Chaturvedi

पूर्वांचल की मिट्टी से निकले तेजस चतुर्वेदी की कहानी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं! JNU, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और IIMC जैसे भारत के टॉप संस्थानों को फतह करने के बाद तेजस सीधे न्यूजरूम के अखाड़े में कूद पड़े. फिलहाल TV9 में उपसंपादक हैं.


संवाद लिए जुड़ें- https://www.instagram.com/tejas_jnu/

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Tejas Chaturvedi

इस अधिग्रहण के बाद कंपनी का बिजनेस सिर्फ ICT डिस्ट्रीब्यूशन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और डिजिटल सॉल्यूशंस सेक्टर में भी मजबूत एंट्री करेगी. यही वजह है कि निवेशकों ने इस खबर को पॉजिटिव लिया और शेयर में तेज खरीदारी देखने को मिली.

जब किसी शेयर का 50-डे मूविंग एवरेज (50-DMA), 200-डे मूविंग एवरेज (200-DMA) को ऊपर की ओर पार कर जाता है. यह संकेत देता है कि शेयर की हालिया चाल उसके लंबे समय के ट्रेंड से ज्यादा मजबूत हो रही है. ऐसे में बाजार में पॉजिटिव सेंटीमेंट बन सकती है और निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है.

अगर ग्लोबल स्थिति स्थिर होती है और विदेशी निवेश वापस आता है, तो बैंकिंग शेयरों में तेज रिकवरी देखने को मिल सकती है. खासकर प्राइवेट बैंक इस समय बेहतर स्थिति में माने जा रहे हैं क्योंकि ICICI Bank और Axis Bank जैसे शेयरों को मजबूत पोजीशन में माना जा रहा है, जबकि PSU बैंकों में SBI और Bank of Baroda जैसे स्टॉक्स वैल्यू बेसिस पर आकर्षक दिख रहे हैं.

निफ्टी के टॉप गेनर्स में टेक महिंद्रा, अडानी एंटरप्राइजेज, इंफोसिस, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और आईसीआईसीआई बैंक शामिल रहे. वहीं, बजाज ऑटो, हिंदाल्को, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक और ग्रासिम के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली. ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.13 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.03 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.

अलग-अलग देशों की अर्थव्यवस्थाओं में निवेश का मौका देते हैं. ग्लोबल निवेश से पोर्टफोलियो में विविधता आती है. अगर आप अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों, ताइवान के सेमीकंडक्टर सेक्टर, चीन की बड़ी कंपनियों या एशियाई बाजारों की ग्रोथ में हिस्सा लेना चाहते हैं, तो ये 5 अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं.

इस शेयर ने हाल के समय में निवेशकों को शानदार रिटर्न दे चुका है. पिछले एक सप्ताह में शेयर 8.09 फीसदी चढ़ा है. वहीं, तीन महीनों में इसमें 36.34 फीसदी की तेजी आई है. बीते एक साल में यह शेयर 105.26 फीसदी का रिटर्न दे चुका है. इसके अलावा, शेयर अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर से करीब 147.94 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है.

91 रुपये के फ्लोर प्राइस के आधार पर सरकार को इस हिस्सेदारी बिक्री से 2,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलने का अनुमान है. OFS में एक बेस ऑफर के साथ ग्रीनशू विकल्प भी शामिल है. यदि निवेशकों की ओर से मजबूत डिमांड सामने आती है तो सरकार अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेच सकती है.

आज के कारोबार में Infosys, IRFC, YES Bank, NLC India, Vedanta, Delhivery और Honasa Consumer जैसे शेयर फोकस में रह सकते हैं. निवेशक कॉर्पोरेट घोषणाओं, ब्लॉक डील्स, फंड जुटाने की योजनाओं और अधिग्रहण से जुड़ी खबरों के आधार पर इन शेयरों की चाल पर नजर बनाए रखेंगे.

हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली. इस दौरान सेंसेक्स 893 अंक और निफ्टी 278 अंक टूटकर 24000 के नीचे बंद हुआ. इस दौरान निवेशकों के 5 लाख करोड़ डूब गए. कारोबार के दौरान 2,678 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 1,420 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई. मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली.

IPO 23 जून 2026 को खुला है और 25 जून 2026 को बंद होगा. शेयर अलॉटमेंट 29 जून 2026 को होने की संभावना है, जबकि कंपनी के शेयर 1 जुलाई 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं. कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 130 रुपये से 138 रुपये प्रति शेयर तय किया है. रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन 100 शेयरों का है. ऊपरी प्राइस बैंड के अनुसार एक लॉट के लिए कम से कम 13,800 रुपये का निवेश करना होगा.