डिविडेंड और बोनस शेयर पर अक्सर निवेशकों की पैनी नजर होती है. अगले कारोबारी हफ्ते बाजार में दो ऐसे शेयर हैं जो एक्स डिविडेंड और एक्स बोनस के चलते फोकस में रह सकते हैं. आइए इन्हें एक-एक कर जानते हैं.
शुक्रवार को Biopol Chemicals का शेयर 100.65 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था. इस दौरान निफ्टी में 400 अंकों की गिरावट थी. पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 9.76 प्रतिशत चढ़ा है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 108.76 करोड़ रुपये है, जबकि इसका पीई रेशियो करीब 25.12 के आसपास है.
ICICI Securities के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट Vinod Karki का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती हैं, तो Nifty 50 करीब 22,660 के स्तर तक गिर सकता है. यह स्तर प्री-कॉन्फ्लिक्ट लेवल 25,178 से लगभग 10 फीसदी नीचे होगा.
हाल के दिनों में शेयर में थोड़ी कमजोरी भी देखने को मिली है. पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 5.32 प्रतिशत गिरा है. वहीं पिछले तीन महीनों में यह करीब 9.66 प्रतिशत चढ़ा है और पिछले एक साल में लगभग 33.85 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर चुका है.
केडिया के पोर्टफोलियो की कुल वैल्यू 1,028 करोड़ रुपये से ज्यादा है. केडिया के पोर्टफोलियो में तीन ऐसे शेयर हैं जिनमें उनकी हिस्सेदारी है और जिनका RoE और RoCE 20 प्रतिशत से ज्यादा हैं. सबसे अहम बात ये है कि इन शेयरों पर कर्ज नामात्र के बराबर है.
बाजार में इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. 11 मार्च को बाजार में भयंकर गिरावट देखने को मिली. अब 12 मार्च को बाजार का क्या रुख होगा, इस पर निवेशकों की नजर रहने वाली है. इसके साथ ही कई ऐसे चुनिंदा शेयर हैं, जो खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं.
इस कमजोरी के बीच कुछ कंपनियों के प्रमोटरों ने अपने ही शेयरों में खरीदारी कर बाजार को मजबूत संकेत दिया है. 11 मार्च 2026 को जारी इनसाइडर ट्रेडिंग डिस्क्लोजर के मुताबिक प्रमोटर से जुड़ी खरीदारी Premier Polyfilm Limited, Zensar Technologies Limited और STEL Holdings Limited में देखने को मिली.
आने वाले सत्रों में निफ्टी के लिए 23,750 से 23,700 का रेंज अहम सपोर्ट जोन रहेगा. अगर निफ्टी इस स्तर के नीचे टिकता है तो बाजार में कमजोरी और बढ़ सकती है. ऐसी स्थिति में निफ्टी पहले 23,500 और उसके बाद 23,300 तक फिसल सकता है. वहीं ऊपर की तरफ 23,950 से 24,000 का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा.
एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव से आईटी सेक्टर पर दबाव है, वहीं दूसरी ओर टैरिफ वार और पश्चिम एशिया में तनाव जैसे जियो पॉलिटिकल घटनाक्रम निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर कर रहे हैं. करीब एक साल पहले तक तेजी से भाग रहे बाजार के लिए यह स्थिति बिल्कुल उलट है.
कंपनी का कुल मार्केट कैप करीब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा है. कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 9.62 प्रतिशत चढ़कर 49 रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 44.70 रुपये पर बंद हुआ था. तेज खरीदारी के चलते शेयर 10 प्रतिशत के अपर सर्किट पर भी लॉक हो गया. हालांकि, पिछले एक साल में इस शेयर में करीब 29.24 प्रतिशत की गिरावट आई है.