21 जनवरी के कारोबार में Eternal का शेयर मजबूत खरीदारी के साथ हरे निशान में रहा और करीब 5.16 प्रतिशत की तेजी के साथ 283.5 रुपये पर ट्रेड करता दिखा. हालांकि पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 5.26 प्रतिशत टूटा है. वहीं तीन महीनों में इसमें करीब 16.15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. बीते एक साल में शेयर ने करीब 32.14 प्रतिशत का रिटर्न दिया है और यह अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर से करीब 45.53 प्रतिशत ऊपर है.
शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर 1.60 रुपये से करीब 43.13 प्रतिशत ऊपर है. हालांकि 21 जनवरी के कारोबार में शेयर दबाव में दिखा और करीब 3.95 प्रतिशत गिरकर 2.19 रुपये पर ट्रेड करता नजर आया. बीते एक हफ्ते में शेयर करीब 4.37 प्रतिशत टूटा है. वहीं पिछले तीन महीनों में इसमें 18.59 प्रतिशत की गिरावट आई है और एक साल में शेयर करीब 25.76 प्रतिशत कमजोर हुआ है.
अहम बात ये है कि गिरते बाजार में भी ये स्टॉक निवेशकों के रडार पर आ गया है. 21 जनवरी 2026 तक कंपनी का शेयर 50 रुपये से नीचे कारोबार कर रहा था. शेयर ने 52 हफ्ते के निचले स्तर 3.28 रुपये से बढ़कर 42.55 रुपये तक का सफर तय किया है.
आज के कारोबारी सत्र में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहने वाली है. तिमाही नतीजों, बड़ी डील, निवेश योजनाओं और मैनेजमेंट बदलाव से जुड़े अपडेट के चलते बाजार में हलचल देखने को मिल सकती है. नीचे उन्हीं सबहेड के साथ पूरा अपडेट पैरा के रूप में दिया गया है.
जानकारों का कहना है कि भले ही डिफेंस सेक्टर में मजबूत कैपेक्स बढ़ोतरी की संभावना है, लेकिन मौजूदा समय में जियो पॉलिटिकल टेंशन और वैश्विक अनिश्चितताओं ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है. यही वजह है कि सेक्टर से जुड़ी पॉजिटिव उम्मीदें फिलहाल बाजार को डगमगा रही हैं. इसी वजह से निवेशक मुनाफावसूली को तरजीह दे रहे हैं.
सुबह करीब 10 बजकर 56 मिनट पर Sensex करीब 940 अंक टूटकर 81,235 के आसपास आ गया, जबकि Nifty करीब 285 अंक गिरकर 24950 के स्तर पर फिसल गया. मंगलवार को ही बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. उस दिन Sensex करीब 1.3 प्रतिशत और Nifty करीब 1.4 प्रतिशत टूट गया था.
एडवांस-डिक्लाइन नेगेटिव रही. 819 शेयरों में तेजी, 1517 शेयरों में गिरावट और 182 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया. निफ्टी पर डॉ. रेड्डीज लैब्स, ग्रासिम, कोल इंडिया, JSW स्टील और ONGC टॉप गेनर शेयरों में शामिल रहे. वहीं भारती एयरटेल, श्रीराम फाइनेंस, अपोलो हॉस्पिटल्स, ICICI बैंक और इंफोसिस दबाव में नजर आए. अगर सेक्टोरल इंडेक्स को देखें तो फार्मा और सरकारी बैंक के शेयरों में तेजी रही थी.
जब किसी कंपनी का PE रेशियो उसकी इंडस्ट्री के औसत से कम होता है, तो माना जाता है कि वह शेयर अभी सस्ता मिल रहा है यानी अंडरवैल्यूड हो सकता है. ऐसे शेयरों में आगे चलकर तेजी आने की संभावना रहती है. अगर कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा या बाजार का सेंटीमेंट सुधरा.
Sensex अपने पिछले सत्र की गिरावट को आगे बढ़ाते हुए 1,065.71 अंक यानी 1.28 प्रतिशत टूटकर 82,180.47 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह इंडेक्स 1,235.6 अंक तक फिसलकर 82,010.58 के निचले स्तर तक चला गया. वहीं Nifty में भी जोरदार बिकवाली देखने को मिली. इंडेक्स 353 अंक यानी 1.38 प्रतिशत गिरकर 25,232.50 पर बंद हुआ.
टेक शेयरों वाला Nasdaq Composite 2.39 प्रतिशत टूटकर 22,954.32 के स्तर पर बंद हुआ. तीनों इंडेक्स के लिए यह सत्र अक्टूबर के बाद का सबसे खराब दिन रहा. इस गिरावट के बाद साल 2026 में S&P 500 अब करीब 0.7 प्रतिशत नीचे आ चुका है, जबकि Nasdaq करीब 1.2 प्रतिशत की गिरावट में चला गया है.