निफ्टी में सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयरों में InterGlobe Aviation, Mahindra & Mahindra, Max Healthcare, Maruti Suzuki और Tata Consumer शामिल रहे. दूसरी ओर ONGC, Power Grid Corporation, Hindalco, Bharat Electronics और Tech Mahindra के शेयर दबाव में रहे और गिरावट के साथ बंद हुए.
ब्रोकरेज का मानना है कि कम टैरिफ और भारत द्वारा ब्रिटेन व यूरोपीय यूनियन के साथ किए गए नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का फायदा कंपनी को मिलेगा. FY26-FY28 के दौरान कंपनी की आय में 14 फीसदी CAGR, EBITDA में 43 फीसदी CAGR और PAT में 97 फीसदी CAGR की उम्मीद जताई गई है.
घरेलू बाजार में कमजोरी की बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट रही. अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड सात महीने में पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर से नीचे फिसल गया. अमेरिकी डॉलर में मजबूती और इस उम्मीद ने कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरें बढ़ा सकता है.
मार्च 2026 तक की सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग के अनुसार, उनके पोर्टफोलियो में 505 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 9 शेयर शामिल हैं. ऐसे में जब किसी शेयर से उनका नाम अचानक गायब हो जाए, तो बाजार की नजर उस पर जरूर जाती है. मार्च 2026 की शेयरहोल्डिंग फाइलिंग में दो स्मॉलकैप कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी 1 फीसदी से नीचे चली गई.
Sterlite Technologies का शेयर हाल के महीनों में निवेशकों के लिए मल्टीबैगर साबित हुआ है. कंपनी के शेयर ने पिछले 5 महीनों में करीब 600 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है, जिसके चलते बाजार की नजर इस काउंटर पर बनी हुई है.
InterGlobe Aviation, जो IndiGo एयरलाइन की पैरेंट कंपनी है, के शेयर शुरुआती कारोबार में 2.3 फीसदी चढ़कर 5,328 रुपये पर पहुंच गए. बाजार को उम्मीद है कि एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की लागत घटने से एयरलाइन कंपनियों के मार्जिन में सुधार हो सकता है, जिसका सीधा फायदा IndiGo जैसी कंपनियों को मिलेगा.
निफ्टी में InterGlobe Aviation, Shriram Finance और Mahindra & Mahindra टॉप गेनर वाले शेयर रहे. ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी का रुख देखने को मिला. Nifty MidCap 0.56 प्रतिशत और Nifty SmallCap 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो शेयरों में खरीदारी देखने को मिली.
इस अधिग्रहण के बाद कंपनी का बिजनेस सिर्फ ICT डिस्ट्रीब्यूशन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और डिजिटल सॉल्यूशंस सेक्टर में भी मजबूत एंट्री करेगी. यही वजह है कि निवेशकों ने इस खबर को पॉजिटिव लिया और शेयर में तेज खरीदारी देखने को मिली.
जब किसी शेयर का 50-डे मूविंग एवरेज (50-DMA), 200-डे मूविंग एवरेज (200-DMA) को ऊपर की ओर पार कर जाता है. यह संकेत देता है कि शेयर की हालिया चाल उसके लंबे समय के ट्रेंड से ज्यादा मजबूत हो रही है. ऐसे में बाजार में पॉजिटिव सेंटीमेंट बन सकती है और निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है.
अगर ग्लोबल स्थिति स्थिर होती है और विदेशी निवेश वापस आता है, तो बैंकिंग शेयरों में तेज रिकवरी देखने को मिल सकती है. खासकर प्राइवेट बैंक इस समय बेहतर स्थिति में माने जा रहे हैं क्योंकि ICICI Bank और Axis Bank जैसे शेयरों को मजबूत पोजीशन में माना जा रहा है, जबकि PSU बैंकों में SBI और Bank of Baroda जैसे स्टॉक्स वैल्यू बेसिस पर आकर्षक दिख रहे हैं.