शेयर बाजार में सोमवार से Closing Auction Session यानी CAS की शुरुआत हुई. इसके बाद सोमवार को कारोबार के आखिरी दो मिनट में निफ्टी में करीब 200 अंकों का अचानक उछाल देखने को मिला. इसके मुकाबले सेंसेक्स पर इस तरह की तेज हलचल का असर काफी कम रहा.
DLF के शेयर बुधवार को करीब 2.91 फीसदी की बढ़त के साथ 662.10 रुपये पर कारोबार कर रहे थे. हालांकि, पिछले एक हफ्ते में शेयर 0.14 फीसदी फिसला है. इसके बावजूद पिछले तीन महीनों में DLF के शेयर ने करीब 9.04 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं, एक साल की अवधि में शेयर करीब 16.49 फीसदी नीचे है. हालांकि, शेयर ने अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर से अच्छी रिकवरी की है और अब यह उस स्तर से करीब 35.29 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है.
आज कई कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी, इनमें Aurobindo Pharma, Berger Paints India, Biocon, Cummins India, GE Vernova T&D India, Power Grid Corporation of India, PB Fintech, Navin Fluorine International, Whirlpool of India, Godrej Agrovet, JK Lakshmi Cement और Shilpa Medicare शामिल हैं.
शेयर में भारी गिरावट के बावजूद ज्यादातर एनालिस्ट्स अभी भी SpaceX के लंबे समय के भविष्य को लेकर पॉजिटिव हैं. Bloomberg के आंकड़ों के मुताबिक SpaceX को कवर करने वाले 39 एनालिस्ट्स में से 30 ने शेयर पर Buy रेटिंग दी है. खास बात यह है कि शेयर IPO के बाद काफी नीचे आ चुका है.
कमजोर हाइड्रो जनरेशन के बावजूद Elara Capital ने SJVN पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखी है. ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 106 रुपये रखा है. 68.62 रुपये के मौजूदा भाव के मुकाबले 106 रुपये का टारगेट करीब 54.5 फीसदी की संभावित तेजी दिखाता है.
Nifty50 में Grasim Industries, HDFC Life, Max Healthcare, Bajaj Auto और Reliance Industries सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे. वहीं, दूसरी तरफ Hindalco, Trent, Apollo Hospitals, Jio Financial और Eternal में खरीदारी देखने को मिली और ये Nifty के टॉप गेनर्स रहे.
फिलहाल बाजार की नजर RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक और अमेरिका-ईरान के बीच जारी बातचीत पर टिकी हुई है. इन दोनों घटनाक्रमों से जुड़ी किसी भी नई खबर का असर बाजार की चाल पर देखने को मिल रहा है, इसलिए निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं.
Ather Energy का नेट लॉस Q1FY27 में घटकर 51 करोड़ रुपये रह गया. पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 178 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. कंपनी के ऑपरेशंस से रेवेन्यू में भी जोरदार ग्रोथ देखने को मिली. Q1 में रेवेन्यू सालाना आधार पर 89 फीसदी बढ़कर 1,217 करोड़ रुपये हो गया.
ब्रॉडर मार्केट में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला. Nifty Midcap 100 में 0.21 फीसदी की गिरावट रही, जबकि Nifty Smallcap 100 में 0.41 फीसदी की तेजी देखने को मिली. सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सबसे ज्यादा गिरावट रियल्टी शेयरों में देखने को मिली.
Ethos ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया. कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 47 फीसदी बढ़कर 28 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 19 करोड़ रुपये था. कंपनी की ऑपरेशंस से आय भी मजबूत रही.