MRPL ने जून तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया. कंपनी की ऑपरेशनल इनकम बढ़कर 41,608.96 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 20,988.53 करोड़ रुपये के मुकाबले 98.2 प्रतिशत ज्यादा है. टोटल इनकम भी बढ़कर 41,679.85 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 21,026.69 करोड़ रुपये थी.
Emkay का अनुमान है कि FY26 से FY29 के दौरान कंपनी की आय में करीब 34 फीसदी, EBITDA में 35 फीसदी और नेट मुनाफे (PAT) में 46 फीसदी की सालाना औसत बढ़ोतरी (CAGR) हो सकती है. ब्रोकरेज का मानना है कि FY27 से डिफेंस ऑर्डर में तेजी आने के साथ कंपनी की कमाई में भी मजबूत सुधार देखने को मिलेगा.
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली. वहीं निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स सबसे ज्यादा दबाव में रहा. बड़े शेयरों के साथ-साथ ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.02 फीसदी की बढ़त पर कारोबार कर रहा था.
दोनों कंपनियों ने FY26 में आय और मुनाफे में मजबूत बढ़त दर्ज की है. Thangamayil Jewellery की बैलेंस शीट पहले के मुकाबले मजबूत हुई है और कर्ज का बोझ भी कम हुआ है. वहीं Sky Gold and Diamond ने तेज ग्रोथ दिखाई है.
शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने Rain Industries और Sharda Cropchem में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है. इसलिए अब उनका नाम शेयरहोल्डिंग पैटर्न में नहीं दिख रहा है. इसे निवेशकों के बीच प्रॉफिट बुकिंग या पोर्टफोलियो में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
16 जुलाई के कारोबार में Himadri Speciality Chemical, MRPL, HDFC Life, HDB Financial Services, Angel One, ICICI Lombard, GTPL Hathway और Exide Industries के शेयर फोकस में रहेंगे. इन कंपनियों ने तिमाही नतीजे, मुनाफा, निवेश और कारोबारी अपडेट जारी किए हैं. कुछ कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि कुछ के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे.
बुधवार के कारोबार में Tata Elxsi का शेयर करीब 5.01 फीसदी गिरकर 3,512 रुपये पर कारोबार करता दिखा. पिछले एक सप्ताह में शेयर 5.27 फीसदी, तीन महीने में 20.39 फीसदी और एक साल में 43.16 फीसदी टूट चुका है.
नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में भी दबाव देखने को मिला और यह कारोबार के दौरान 3 फीसदी तक टूट गया. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 424 करोड़ रुपये था, जो इस बार घटकर 104 करोड़ रुपये रह गया. हालांकि, कंपनी की आय में बढ़त दर्ज की गई.
ब्रॉडर मार्केट में खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप दोनों इंडेक्स करीब 0.39 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आया. सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी IT को छोड़कर लगभग सभी सेक्टरों में तेजी रही. IT इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली, जबकि अन्य सेक्टरों में खरीदारी का माहौल बना रहा.
रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के सांसदों के समर्थन वाले इस बिल का मकसद रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है. इसके तहत रूस के अधिकारियों, बैंकों और एनर्जी प्रोजेक्ट पर नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे. पहले प्रस्ताव में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले सभी देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की बात थी.