इस कंपनी का मार्केट कैप करीब 2,30,163.59 करोड़ रुपये है और इसका पीई रेशियो 70.57 के आसपास है. म्यूचुअल फंड्स ने भी दिसंबर 2025 तिमाही में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ा दी है. पिछले 5 साल में यह शेयर करीब 45 प्रतिशत तक चढ़ चुका है.
मार्च 2026 में कुछ मिड और स्मॉलकैप शेयरों में FIIs की दिलचस्पी बढ़ी है. Sical Logistics में हिस्सेदारी 0 से 3.09 प्रतिशत, Silver Touch Technologies में 0.75 से 1.31 प्रतिशत और NIBE में 5.99 से 8.70 प्रतिशत हुई. यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशक इन कंपनियों में ग्रोथ की संभावना देख रहे हैं, जिससे ये शेयर निवेशकों के रडार पर आ गए हैं.
18 मार्च के कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 5.12 रुपये यानी 2.64 प्रतिशत बढ़कर 199.20 रुपये पर बंद हुआ. पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 5 फीसदी भाग चुका है. साल 2026 में अब तक यह शेयर 30 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दे चुका है, जिससे यह निवेशकों के बीच फोकस में है.
ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं. वहीं, बाजार का डर मापने वाला इंडेक्स Cboe Volatility Index भी बढ़कर करीब 27 के स्तर पर पहुंच गया, जो बढ़ती अनिश्चितता का संकेत है. इसके साथ ही अमेरिकी फेड के चेयरमैन Jerome Powell ने संकेत दिया है. यानी फिलहाल बाजार को ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है.
एक्स बोनस और स्टॉक स्प्लिट जैसे कॉर्पोरेट एक्शन के चलते इन 5 शेयरों में अगले हफ्ते ट्रेडिंग वॉल्यूम और वोलैटिलिटी बढ़ सकती है. ऐसे में शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए मौके बन सकते हैं. इस लिस्ट में शामिल शेयर अलग-अलग सेक्टर के हैं. आइए इन शेयरों को एक-एक कर विस्तार से जानते हैं.
इस लिस्ट में अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां हैं. केडिया के खरीदारी के बाद कंपनी के शेयर चर्चा में आ गए हैं. जब भी बाजार के दिग्गज निवेशक किसी शेयर में पैसा लगाते हैं तो उस शेयर पर बाजार की पैनी नजर होती है.
अगर रिटर्न की बात करें तो पिछले 1 साल में इस शेयर ने 140 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है, जबकि 5 साल में यह 3,023 प्रतिशत तक उछल चुका है. 19 मार्च 2026 को शेयर 3,678 रुपये पर बंद हुआ. अगर किसी निवेशक ने 5 साल पहले इसमें 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू करीब 32 लाख रुपये हो जाती.
बाजार के लिए अभी तक ये हफ्ता काफी अच्छा रहा है. निफ्टी और सेंसेक्स ने दमदार रिकवरी रैली की है. अब निवेशकों की नजरें 19 मार्च के ट्रेड पर है. बाजार में देखना होगा कि क्या तेजी जारी रहती है या गिरावट फिर से आती है. इन सब के बीच कई हॉट स्टॉक्स पर भी निवेशकों की नजरें हैं.
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल है. है.पश्चिम एशिया में तनाव के चलते Strait of Hormuz प्रभावित हुआ है, जहां से दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस सप्लाई गुजरती है. इसी का असर बाजार पर देखने को मिला है.
शेयर का वर्तमान कारोबार FY28E EV/EBITDA के हिसाब से 5.8x पर हो रहा है. वैल्यूएशन को FY28E EV/EBITDA 6.5x पर बरकरार है. इसके आधार पर शेयर का नया टारगेट 348 प्रति शेयर तय किया गया है. 18 मार्च के कारोबार में MOIL का शेयर करीब 1.34 प्रतिशत गिरकर 293.65 रुपये पर ट्रेड करता नजर आया.