नए वित्त वर्ष में कंपनी को अक्षय तृतीया और अन्य त्योहारों से डिमांड बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही FY27 में 20 से 25 नए स्टोर खोलने की योजना है, जिसमें फ्रेंचाइजी मॉडल पर ज्यादा फोकस रहेगा. पिछले एक हफ्ते में शेयर में 1.24 प्रतिशत की तेजी आई है, लेकिन तिमाही आधार पर करीब 10.93 प्रतिशत और एक साल में करीब 5.59 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है.
ये कंपनी भारत की प्रमुख यार्न मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक है. कंपनी पॉलिएस्टर फिलामेंट यार्न, कॉटन यार्न और टेक्निकल टेक्सटाइल्स में काम करती है. कंपनी की कुल क्षमता 4,79,250 MTPA है. शुक्रवार को इसके शेयर 7 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ बंद हुए थे.
पिछले एक महीने में इसमें करीब 4 प्रतिशत की गिरावट भी देखने को मिली है. पांच साल पहले, अप्रैल 2021 में यह शेयर करीब 51 रुपये के आसपास था, जो अब 678 रुपये तक पहुंच चुका है. इसका मतलब है कि अगर किसी निवेशक ने 5 साल पहले 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू करीब 13 लाख रुपये हो जाती.
अगर कोई निवेशक 2001 से हर साल 1 लाख रुपये निवेश करता और 25 साल तक यह सिलसिला जारी रखता, तो उसका पैसा काफी बढ़ सकता था. कोविड के दौरान 2020 में भी बाजार ने करीब 16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की. इसके बाद तेजी जारी रही और 2026 की शुरुआत में सेंसेक्स 86,159 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया.
पिछले 3 महीने में निफ्टी बुरी तरह टूटा है. इस दौरान निफ्टी करीब 14 फीसदी टूट चुका है. बिकवाली का आलम ऐसा रहा है कि निफ्टी का कोई सेक्टर इससे अछूता नहीं रहा है. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को बुरी तरह से झटका दिया है. विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार को तगड़ा झटका दिया है.
निफ्टी हाल की तेज गिरावट के बाद शॉर्ट टर्म चार्ट पर ओवरसोल्ड जोन में पहुंच गया है, ऐसे में पुलबैक की संभावना बनी हुई है. अगर इंडेक्स बुधवार के हाई 22,941 के ऊपर निकलता है, तो 23,200 तक की तेजी देखने को मिल सकती है. हालांकि मौजूदा डाउनट्रेंड में ठहराव के लिए जरूरी है कि निफ्टी डेली चार्ट पर लगातार हायर हाई और हायर लो बनाए.
Vijay Kedia और उनकी कंपनी Kedia Securities के पास कुल 20.91 प्रतिशत हिस्सेदारी है. शेयर में 30.90 रुपये की तेजी के चलते उनके 58,02,017 शेयरों की वैल्यू बढ़ गई, जिससे एक दिन में ही करीब 174.58 करोड़ रुपये की दौलत बढ़ गई.
Oracle ने यह कदम तब उठाया है जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है, जिसके लिए लागत कम करने की दिशा में संरचनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं. Oracle का FY2025 में सालाना रेवेन्यू लगभग 5.13 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि FY2012 से अब तक रिसर्च और डेवलपमेंट पर 8.1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किया गया है.
इस तेजी की मुख्य वजह कंपनी की बिक्री में आई तेज रिकवरी है. मार्च 2026 के दौरान कंपनी के ऑर्डर में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली. महीने के आखिरी हफ्ते में रोजाना ऑर्डर 1,000 यूनिट के पार पहुंच गए. 1 अप्रैल के कारोबार में शेयर करीब 25.74 रुपये पर 12.89 प्रतिशत की तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा. पिछले एक हफ्ते में इसमें 10.71 प्रतिशत की बढ़त रही है.
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो फार्मा सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए. फार्मा इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत गिरा. वहीं डिफेंस इंडेक्स में 5 प्रतिशत से ज्यादा की जोरदार तेजी रही. इसके अलावा कैपिटल गुड्स, मीडिया और पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 3-3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई.