शुरुआती कारोबार में सेक्टरल रुझान मिले-जुले रहे. एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस और पीएसयू बैंक शेयरों में हल्की बढ़त ने बाजार को कुछ सहारा दिया, लेकिन मेटल, रियल्टी और फार्मा शेयरों में बिकवाली का दबाव हावी रहा. निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 2 फीसदी टूटकर सबसे कमजोर सेक्टर के रूप में उभरा. ब्रॉडर मार्केट में भी हल्का दबाव देखा गया. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब 0.2 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 0.6 फीसदी नीचे कारोबार करता दिखा.
Ganesh Green Bharat के शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर 221.05 रुपये से अब तक करीब 39.4 प्रतिशत ऊपर आ चुके हैं. यह दिखाता है कि हालिया उतार- चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे लौट रहा है. स्टॉक करीब 6.42 प्रतिशत चढ़कर 289.3 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. बीते एक हफ्ते में शेयर 13.76 प्रतिशत मजबूत हुआ है.
AI से होने वाली संभावित डिसरप्शन, कमजोर कमाई का आउटलुक और ग्लोबल टेक सेक्टर में अनिश्चितता ने भारतीय IT ADRs पर दबाव बना दिया है. इसका असर आने वाले कारोबारी सत्र में घरेलू बाजारों में भी देखने को मिल सकता है. निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनियां AI के बदलते माहौल में अपने बिजनेस मॉडल को कैसे ढालती हैं.
शेयर बाजार में आज कई बड़े नतीजों, डील्स और कॉरपोरेट अपडेट्स के चलते हलचल रहने वाली है. निवेशकों की नजर खासतौर पर FMCG, पावर, रियल्टी, ऑटो और इंफ्रा सेक्टर के शेयरों पर रहेगी. आइए जानते हैं आज के कारोबार में किन शेयरों पर खास नजर रहेगी.
4 फरवरी को स्टॉक में भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला. पिछले एक हफ्ते में HAL का शेयर 3.41 फीसदी गिर चुका है, जबकि बीते तीन महीनों में इसमें 10.54 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई है. हालांकि, लंबी अवधि की बात करें तो शेयर ने पिछले एक साल में 19.03 फीसदी की बढ़त दिखाई है. 4 फरवरी 2026 तक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स का मार्केट कैप लगभग 2,80,885.5 करोड़ रुपये रहा.
GIFT Nifty में सीधे भारतीय रिटेल निवेशकों को ट्रेडिंग की अनुमति नहीं है. इसमें मुख्य रूप से NRI, Foreign Portfolio Investors (FPI) और कुछ योग्य विदेशी संस्थाएं ही ट्रेड कर सकती हैं. इसका मकसद इंटरनेशनल निवेश को भारत की ओर आकर्षित करना है. GIFT City में ट्रेडिंग को टैक्स फ्रेंडली बनाया गया है. यहां आमतौर पर Securities Transaction Tax (STT), Commodity Transaction Tax (CTT) और Capital Gains Tax नहीं लगता.
AI से जुड़ी इस चिंता का असर अमेरिका के बड़े टेक शेयरों पर भी साफ दिखा. Nvidia और Microsoft के शेयर करीब 3 प्रतिशत गिरे, Alphabet में करीब 1.2 प्रतिशत की गिरावट, Amazon के शेयर करीब 1.8 प्रतिशत टूटे वहीं, Salesforce और Adobe में करीब 7 प्रतिशत की भारी गिरावट देखने को मिली.
एडवांस-डिक्लाइन की बात करें तो 1,161 शेयरों में तेजी, 1,148 शेयरों में गिरावट और 201 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया. इस दौरान सबसे ज्यादा गिरावट आईटी शेयरों में देखने को मिला. इंफोसिस 6 फीसदी से ज्यादा टूट गया. निफ्टी पर पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, टाटा स्टील, कोल इंडिया, ओएनजीसी और एनटीपीसी जैसे शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. वहीं दूसरी ओर आईटी सेक्टर में बिकवाली का दबाव दिखा.
Delphi World Money Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर अलॉटमेंट के लिए शनिवार 14 फरवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है. वहीं सोमवार 16 फरवरी 2026 को बोनस और सब डिविजन यानी स्प्लिट शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा.
इस तेज गिरावट के पीछे की वजह Anthropic PBC की ओर से लॉन्च किया गया लीगल ऑटोमेटेड टूल माना जा रहा है. इस टूल के आने के बाद लीगल और डेटा सर्विस टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में सबसे पहले बिकवाली शुरू हुई. इसके बाद Software, Financial Services और Asset Management सेक्टर के शेयरों में भी दबाव बढ़ गया.