डर गया रिटेल निवेशक? मिडकैप-स्मॉलकैप ने तोड़ा भरोसा, डीमैट अकाउंट्स की रफ्तार पर लगा ब्रेक

NSDL और CSDL के आंकड़ों के अनुसार साल 2025 में कुल 3 करोड़ 6 लाख 30 हजार नए डीमैट अकाउंट खुले. यह संख्या 2024 के मुकाबले करीब 33 प्रतिशत कम है. साल 2024 में रिकॉर्ड 4 करोड़ 60 लाख नए अकाउंट खुले थे. यानी एक साल में ही 1 करोड़ 50 लाख से ज्यादा अकाउंट कम जुड़े.

डीमैट अकाउंट Image Credit: Canva, tv9

Demat Accounts: शेयर बाजार में निवेश करने वालों की संख्या हर साल तेजी से बढ़ती रही है. लेकिन साल 2025 में यह रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई. बाजार की तेज उठापटक, कमजोर रिटर्न और नए निवेशकों के डर ने डीमैट अकाउंट खोलने की गति पर ब्रेक लगा दिया. लंबे समय बाद ऐसा हुआ है जब एक पूरे साल में नए डीमैट अकाउंट की संख्या घटी है. बाजार में भरोसे की कमी और मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में भारी गिरावट ने नए निवेशकों को दूरी बनाने पर मजबूर किया. साल 2025 का यह ट्रेंड साफ संकेत देता है कि रिटेल निवेशक अब बिना सोचे-समझे बाजार में कदम नहीं रख रहे हैं.

2025 में डीमैट अकाउंट खुलने की रफ्तार धीमी

NSDL और CSDL के आंकड़ों के अनुसार साल 2025 में कुल 3 करोड़ 6 लाख 30 हजार नए डीमैट अकाउंट खुले. यह संख्या 2024 के मुकाबले करीब 33 प्रतिशत कम है. साल 2024 में रिकॉर्ड 4 करोड़ 60 लाख नए अकाउंट खुले थे. यानी एक साल में ही 1 करोड़ 50 लाख से ज्यादा अकाउंट कम जुड़े. यह 2021 के बाद पहली बार है जब नए डीमैट अकाउंट की संख्या सालाना आधार पर घटी है.

बाजार की चाल ने बिगाड़ा निवेशकों का मूड

साल 2025 में शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. सेंसेक्स और निफ्टी ने साल के अंत तक करीब 10 प्रतिशत की बढ़त जरूर दर्ज की. लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेश करने वालों को निराशा हाथ लगी. BSE मिडकैप इंडेक्स सिर्फ करीब 1 प्रतिशत बढ़ पाया. वहीं BSE स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 5 प्रतिशत टूट गया. इन तेज गिरावटों ने नए निवेशकों का जोखिम लेने का हौसला कमजोर कर दिया.

क्यों घटा रिटेल निवेशकों का भरोसा

कई वजहों ने मिलकर नए डीमैट अकाउंट खोलने की रफ्तार कम की. बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा. वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली देखने को मिली. कंपनियों के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे. साथ ही शेयरों के ऊंचे वैल्यूएशन ने भी निवेशकों को सतर्क बना दिया.

IPO का असर भी फीका

हालांकि साल 2025 में IPO बाजार एक्टिव रहा. मेनबोर्ड और SME दोनों सेगमेंट में कई कंपनियां बाजार में आईं. लेकिन कई IPO लिस्टिंग के बाद अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए. कुछ शेयर तो लिस्टिंग के बाद नुकसान में चले गए. इससे नए निवेशकों का उत्साह और कमजोर हुआ. नए अकाउंट कम खुलने के बावजूद कुल डीमैट अकाउंट की संख्या बढ़ती रही. NSDL और CSDL को मिलाकर 2025 में कुल डीमैट अकाउंट की संख्या 21 करोड़ 59 लाख 30 हजार हो गई. यह आंकड़ा एक साल पहले 18 करोड़ 53 लाख था. यानी पुराने निवेशक बाजार में टिके रहे.

ब्रोकरेज कंपनीदिसंबर 2024 (लाख)दिसंबर 2025 (लाख)घटे हुए क्लाइंट (लाख)
Zerodha81.2068.52-12.68
Groww131.59121.27-10.32
Angel One77.5467.59-9.96
Upstox28.8720.78-8.09
Mirae Asset Capital5.532.83-2.70
Sharekhan7.045.38-1.66
5paisa Capital4.903.50-1.40
Kotak Securities15.0513.65-1.40
Motilal Oswal Financial10.309.11-1.19
PhonePe Wealth Broking3.222.49-0.73
Finvasia Securities1.651.05-0.60
Alice Blue Fin1.470.94-0.53
Fyers Securities2.482.03-0.45
Samco Securities0.900.53-0.36
SMC Global Securities1.901.58-0.31

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