लैब में बना 24K गोल्ड! क्या 2026 में गिर जाएंगे सोने के दाम
लैब-मेड 24K गोल्ड को लेकर चर्चा तेज हो गई है क्योंकि वैज्ञानिक तकनीक से अब सोने जैसे शुद्ध धातु तैयार करने के प्रयोग आगे बढ़ रहे हैं. यह प्रक्रिया आमतौर पर केमिकल या न्यूक्लियर लेवल पर एलिमेंट बनाने से जुड़ी होती है, जो फिलहाल बहुत महंगी और सीमित स्तर पर संभव है. इसलिए अभी इसे बड़े पैमाने पर ज्वेलरी या निवेश के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करना आसान नहीं है.
जैसे लैब-ग्रोउन डायमंड्स ने मार्केट में बदलाव लाया था, वैसे ही अगर भविष्य में यह तकनीक सस्ती और स्केलेबल हो जाती है, तो सोने की सप्लाई बढ़ सकती है और कीमतों पर दबाव आ सकता है. लेकिन 2026 तक ऐसा बड़ा बदलाव आना मुश्किल माना जा रहा है. निवेश के नजरिए से देखें तो फिलहाल फिजिकल गोल्ड और गोल्ड ETF ज्यादा भरोसेमंद विकल्प बने रहेंगे. लैब-मेड गोल्ड अभी रिसर्च और शुरुआती स्टेज में है, इसलिए इसमें निवेश का स्पष्ट रास्ता नहीं है.
