ईरान-अमेरिका तनाव का भारत पर असर, रुपये और फॉरेक्स पर बढ़ा दबाव
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ भारत पर भी दिखाई देने लगा है. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक अनिश्चितता के कारण भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ रहा है. जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है तो भारत को ज्यादा डॉलर खर्च करके आयात करना पड़ता है, जिससे फॉरेक्स रिजर्व और मुद्रा पर असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में विदेशी निवेश का बाहर जाना और वैश्विक बाजार की अस्थिरता भी रुपये को कमजोर कर सकती है. इसी बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) बाजार में हस्तक्षेप कर मुद्रा की अस्थिरता को नियंत्रित करने की कोशिश करता है.
RBI के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा ने भी कहा है कि भविष्य के वैश्विक झटकों से निपटने के लिए भारत को लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर के फॉरेक्स रिजर्व की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए मौजूदा हालात में तेल की कीमतें, डॉलर की मजबूती और पूंजी प्रवाह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अहम कारक बने हुए हैं.
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